₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन विनिर्माण योजना से भारत में घरेलू ब्रांडों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

खबर है..नई दिल्लीइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, घरेलू मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करने और देश की मोबाइल विनिर्माण क्षमता मजबूत करने के उद्देश्य से ₹62,500 करोड़ के बजट वाली मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) की घोषणा की है।केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस योजना का लक्ष्य भारत में ऐसे मजबूत मोबाइल ब्रांड विकसित करना है, जिनका ब्रांड, डिजाइन और बौद्धिक संपदा (IP) का स्वामित्व भारतीय हो और जो वैश्विक बाजार में सर्वश्रेष्ठ उत्पादों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें।मंत्री ने कहा कि 2027 के मध्य तक भारत को अपना पहला सशक्त घरेलू मोबाइल ब्रांड मिलने की उम्मीद है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए बारीकी से मूल्यांकन करेगी कि संबंधित कंपनियों की बौद्धिक संपदा का वास्तविक स्वामित्व भारतीय है।करीब 60,000 प्रत्यक्ष रोजगारसरकार के अनुसार, मोबाइल फोन विनिर्माण योजना से लगभग 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। योजना के तहत कुल मोबाइल फोन उत्पादन का मूल्य लगभग ₹39 लाख करोड़ तक पहुंचने की आशा है।घरेलू मूल्य संवर्धन पर जोरयोजना के प्रमुख उद्देश्यों में बड़े पैमाने पर उत्पादन के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना, मोबाइल विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और Domestic Value Addition (DVA) बढ़ाना शामिल है।इसके अलावा योजना भारतीय कंपनियों को:मोबाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता हासिल करने,भारतीय डिजाइन और अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने, भारतीय पेटेंट और बौद्धिक संपदा विकसित करने, घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने औररोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद करेगी।सरकार उद्योग के साथ परामर्श कर गैर-वित्तीय एवं अन्य सहायता उपाय भी तैयार करेगी, ताकि भारतीय स्वामित्व वाले मोबाइल ब्रांड वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।

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आधार ऐप के 5 करोड़ डाउनलोड पूरे, डिजिटल आधार सेवाओं को मिला बड़ा बढ़ावा

खबर है..नई दिल्लीआधार ऐप ने पांच करोड़ डाउनलोड का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि देशभर में निवासियों के बीच सुविधाजनक, सुरक्षित और निवासी-केंद्रित डिजिटल आधार सेवाओं के बढ़ते उपयोग को दर्शाती है।यूआईडीएआई के अनुसार, आधार ऐप अब आधार नंबर धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल इंटरफेस बन गया है। इसके माध्यम से लोग अपने स्मार्टफोन से मोबाइल नंबर, पता और ईमेल अपडेट, बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक तथा ई-आधार डाउनलोड जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।60 लाख से अधिक मोबाइल नंबर अपडेट :आधार ऐप के माध्यम से अब तक 60 लाख से अधिक लोगों ने अपना मोबाइल नंबर, 15 लाख से अधिक लोगों ने अपना पता और 23 लाख से अधिक लोगों ने अपना ईमेल अपडेट किया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि लोग आधार केंद्र पर जाने के बजाय डिजिटल माध्यम से आधार से जुड़ी सेवाएं प्राप्त करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।‘दिखाएं, साझा करें और सत्यापित करें’ पर आधारित ऐप : आधार ऐप को “दिखाएं, साझा करें और सत्यापित करें” के सिद्धांत पर विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य आधार धारकों को अपनी पहचान संबंधी जानकारी के उपयोग पर अधिक नियंत्रण देना तथा सुविधाजनक और सुरक्षित पहचान सत्यापन उपलब्ध कराना है।200 से अधिक संस्थाएं ऑफलाइन सत्यापन व्यवस्था से जुड़ीं : यूआईडीएआई ने आधार के सुरक्षित ऑफलाइन सत्यापन के लिए भी इकोसिस्टम का विस्तार किया है। जनवरी में इसकी शुरुआत के बाद से 200 से अधिक संस्थाएं ‘ऑफलाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाओं’ (OVSEs) के रूप में शामिल हो चुकी हैं।इन संस्थाओं के माध्यम से आधार की सहमति-आधारित, सुरक्षित और कागज रहित ऑफलाइन सत्यापन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। क्यूआर कोड आधारित सत्यापन और सुरक्षित डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेजों के माध्यम से संस्थाएं यूआईडीएआई के केंद्रीय डेटाबेस से रियल-टाइम कनेक्टिविटी के बिना भी पहचान संबंधी जानकारी का सत्यापन कर सकेंगी। यह व्यवस्था इस बात को सुनिश्चित करती है कि आधार धारक केवल आवश्यक जानकारी ही साझा करें, जिससे उनकी गोपनीयता और डेटा पर नियंत्रण मजबूत होता है। यूआईडीएआई की ये पहल डिजिटल इंडिया के विजन के अनुरूप सुरक्षित, सुलभ, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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सेमीकॉन इंडिया 2026: भारत के सेमीकंडक्टर भविष्य का वैश्विक मंच

17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर), द्वारका में आयोजनप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को सम्मेलन के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। खबर है..नई दिल्लीभारत के सबसे बड़े सेमीकंडक्टर सम्मेलन सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर), द्वारका में किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को सम्मेलन के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे।‘सिलिकॉन से सिस्टम तक : इकोसिस्टम का निर्माण’ :इस वर्ष सेमीकॉन इंडिया का विषय “सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण” रखा गया है। तीन दिवसीय आयोजन में दुनिया भर के सेमीकंडक्टर उद्योग के दिग्गज, निवेशक, नीति निर्माता, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, स्टार्टअप, इंजीनियर और विद्यार्थी एक मंच पर आएंगे।इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को गति देने में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) की महत्वपूर्ण भूमिका है। सेमीकॉन 1.0 के तहत अब तक 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 3 परियोजनाओं में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है। इसके साथ ही सरकार ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए सेमीकॉन 2.0 को भी मंजूरी दी है।सम्मेलन में 500 से अधिक प्रदर्शक और 40 से अधिक देशों की भागीदारी होगी। सेमीकॉन इंडिया 2026 मे 240+ अंतरराष्ट्रीय कंपनियां, 150+ अंतरराष्ट्रीय स्तर के वक्ता, 40+ देशों के प्रतिनिधिमंडल होंगे। 15,000 वर्ग मीटर से अधिक प्रदर्शनी क्षेत्र में 6 देशों के पवेलियन, 10 राज्य सरकारों के पवेलियन, स्टार्टअप पवेलियन और इनोवेशन शोकेस, स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता, छात्र हैकाथॉन, वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियनशामिल होंगे।सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के प्रमुख विषय : सम्मेलन में विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी, AI एवं डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सप्लाई चेन, रसायन एवं सामग्री, सरकारी नीतियां, ESG एवं स्थिरता, उत्पाद डिजाइन एवं निर्माण, स्टार्टअप एवं नवाचार, प्रतिभा एवं कौशल विकास तथा भारत के ब्रांड और बाजार विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण एवं नेतृत्व, कार्यबल विकास और छह अंतरराष्ट्रीय देशों के गोलमेज सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। एक विशेष सत्र “एक साथ मजबूत: भारत के ESDM विकास के लिए सहयोग करते उद्योग संघ” विषय पर होगा।भारत के लिए बढ़ते अवसर :आईएसएम के अनुसार, वैश्विक सेमीकंडक्टर मांग लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं भारत में सेमीकंडक्टर की मांग लगभग 100 अरब डॉलर से बढ़कर 200 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। सरकार अनुसंधान और डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए 332 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों और 105 स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक डिजाइन उपकरण उपलब्ध करा रही है। वहीं Design Linked Incentive (DLI) योजना के तहत 24 स्टार्टअप्स को मंजूरी दी गई है।दिग्गज कंपनियों की भागीदारी : सेमीकॉन इंडिया 2026 में ASML, Applied Materials, Teradyne, Infineon, Ebara, Jabil, IBM Research, NXP, Tata Electronics, Micron, Rapidus, Lam Research, CG Power, Advantest, Tokyo Electron सहित दुनिया की प्रमुख सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।यह आयोजन भारत को केवल वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का हिस्सा बनाने के बजाय वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का अभिन्न अंग बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।रजिस्ट्रेशन शुरू : सेमीकॉन इंडिया 2026 के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। सम्मेलन की आधिकारिक जानकारी और पंजीकरण के लिए सेमीकॉन इंडिया पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।

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2047 तक कृषि व ग्रामीण विकास के रोड मैप पर शिवराज करेंगे संवाद

केंद्रीय मंत्री के साथ कृषि तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय के कर्मचारी-अधिकारी, किसान, लखपति दीदियां, निर्यातक व फूड प्रोसेसर्स लेंगे संकल्प खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को घोषित “शक्ति की सप्त धारा” के तहत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 18 अगस्त को पूसा परिसर, नई दिल्ली में अपने दोनों मंत्रालयों के विभागीय अधिकारियों को संकल्प दिलाएंगे। इस संवाद में विभागों के रोडमैप, लखपति दीदी योजना के विस्तार और किसानों-ग्रामीणों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। बैठक का उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के विजन में कृषि व ग्रामीण विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तय करना है। इस कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान, लखपति दीदियां, कृषि क्षेत्र के निर्यातक एवं फूड प्रोसेसर्स भी शामिल होंगे।केंद्रीय मंत्री चौहान का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में घोषित ‘शक्ति की सप्त धारा’ कृषि और ग्रामीण भारत के लिये मार्गदर्शक सिद्धांत है। हम इसे जन-आधारित कार्यक्रमों, पारदर्शी निगरानी और मजबूत क्रियान्वयन से आकार देंगे। हमारा लक्ष्य है कि किसान और ग्रामीण महिलाएं सीधे लाभान्वित हों और 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार हो। इसी परिप्रेक्ष्य में विभागीय रोडमैप पर चर्चा कर और तेजी लाई जाएगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से दिए गए उद्बोधन में “शक्ति की सप्त धारा” प्रस्तुत की गई हैं, जिसके मुख्य एजेंडा और प्राथमिकताओं में कृषि और खाद्य उत्पादन की मजबूती के लिए कृषि का विस्तार, खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देना और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने की अहम बात भी शामिल हैं। साथ ही उर्वरक मूल्य का जिक्र करते हुए वैश्विक संकट और उथल-पुथल के बीच किसानों को रियायती दरों पर खाद उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री जी द्वारा दोहराई गई है। निर्यात के अवसर के बारे में कृषि और समुद्री उत्पादों (सीफूड) के क्षेत्र में किसानों के लिए नए वैश्विक बाजार और अवसरों के विस्तार पर बात की गई, वहीं आत्मनिर्भरता पर फोकस करते हुए वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश को खाद और ईंधन जैसी बुनियादी जरूरतों में सुरक्षित और आत्मनिर्भर रखने के लिए पिछले एक दशक की दीर्घकालिक योजनाओं को रेखांकित किया गया।

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20 हजार स्थानों पर लगेगा ‘टैंक टू टैप’ वाटर फिल्ट्रेशन सिस्टम

रेलवे में सुरक्षित पेयजल के लिए बड़ा अभियान खबर है..नई दिल्लीपेयजल की गुणवत्ता को लेकर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के बाद रेलवे ने यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं CEO तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस विषय पर पूरे दिन समीक्षा बैठक की और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।रेलवे नेटवर्क पर लगभग 20,000 स्थानों पर नए ‘टैंक टू टैप’ वाटर फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाए जाएंगे। इनमें वाटर कूलर सहित विभिन्न पेयजल आपूर्ति बिंदु शामिल हैं। इसके साथ ही व्यापक जल शोधन, गुणवत्ता जांच और निगरानी प्रणाली भी स्थापित की जाएगी।पानी की टंकियों को किया जाएगा रिप्लेस : रेलवे द्वारा पुरानी एवं आवश्यकतानुसार अनुपयुक्त पानी की टंकियों को बदलने की कार्रवाई भी की जाएगी। पेयजल की स्वच्छता बनाए रखने के लिए टंकियों की नियमित सफाई और रखरखाव को अनिवार्य किया जाएगा।जल गुणवत्ता की नियमित जांच होगी : रेलवे ने पेयजल व्यवस्था में कई स्तरों पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। इनमें पानी के स्रोत और आउटलेट दोनों स्थानों पर नियमित गुणवत्ता परीक्षण। जल गुणवत्ता की केंद्रीकृत निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना। पानी की स्टोरेज टंकियों की निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सफाई एवं रखरखाव। जल शोधन एवं आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी शामिल है।रेलवे बोर्ड स्तर से इस पूरे अभियान की सीधी निगरानी की जाएगी। पेयजल की गुणवत्ता और सुधारात्मक कार्रवाई से संबंधित प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर सार्वजनिक की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। रेलवे के अनुसार, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना इस समय सर्वोच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल है। यह पहल CAG की रिपोर्ट में सामने आई टिप्पणियों को दूर करने के साथ-साथ यात्रियों के समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।

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देश का भविष्य युवाओं के कंधे पर : शुक्ल

खबर है..लखनऊकेंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ के प्राचार्य राजेश कुमार शुक्ल ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के कंधे पर है और युवाओं की ज़िम्मेदारी है कि देश की अपेक्षाओं और सपनों को साकार करें।श्री शुक्ल शनिवार को विद्यालय परिसर में आयोजित 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने झण्डारोहण किया। प्राचार्य ने अपने संदेश में विद्यार्थियों का आह्वान किया कि सभी में अच्छी शिक्षा के साथ-साथ अच्छा संस्कार भी होना अति आवश्यक है। देशप्रेम की भावना सभी में भरी होनी चाहिए तभी देश आगे बढ़ेगा।इस मौके पर श्री शुक्ल ने बीते 3-5 अगस्त के मध्य संम्पन्न हुए भारत स्काउट एवं गाइड के चतुर्थ चरण के कब एवं बुलबुल हीरक पंख (गोल्डन ऐरो) परीक्षण शिविर में सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर उन्हें सम्मसनित किया एवं उत्साहवर्धन किया।केंद्रीय विद्यालय परिसर में आयोजित 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस उमंग व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश प्रेम से प्रेरित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पेश कर लोगों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, योग आदि को बखूबी ढंग से प्रस्तुत किया। मंच संचालन की जिम्मेदारी श्रीमती दीपिका ने बहुत सलीके से संभाली, जबकि विद्यालय के उप प्राचार्य महेंद्र कुमार ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया ।इस मौके पर श्रीमती वंदना चौहान पीजीटी रसायनशास्त्र, हृदय नारायण दुबे, पीजीटी हिंदी, बशिष्ठ सिंह, पीजीटी अर्थशास्त्र, आशुतोष पांडेय, पीजीटी भूगोल, रामजी प्रसाद,पीजीटी अंग्रेजी, मनोज कुमार,पीजीटी इतिहास, अंजू अरोड़ा, मुख्य अधपिका, मनोज कुमार, सुनील कुमार, श्रीमती आस्था ओमर, श्रीमती अनामिका इत्यादि प्राथिमक शिक्षक/शिक्षिकाएं के अलावा विद्यार्थी और उनके अभिवाहक भी उपस्थित रहे।

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रेल कोच फैक्टरी कपूरथला में निर्मित यात्री ट्रेन बांग्लादेश में भरेगी फर्राटा

भारतीय की रेल तकनीक का बांग्लादेश में विस्ताररेल कोच फैक्टरी कपूरथला ने तैयार किया बांग्लादेश रेलवे के लिए 19 कोच पहली एलएचबी ट्रेनयात्री सुविधा, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानकों से लैस कोच भारत की रेल निर्माण क्षमता का प्रमाण खबर है..नई दिल्लीरेल डिब्बा कारखाना (RCF), कपूरथला ने बांग्लादेश रेलवे के लिए 19 LHB ब्रॉड गेज यात्री डिब्बों वाले पहले रेक (ट्रेन) को तैयार कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस रेक का रोल-आउट 12 अगस्त 2026 को निर्धारित था। यह भारत और बांग्लादेश के बीच रेल क्षेत्र में बढ़ते तकनीकी एवं व्यावसायिक सहयोग को भी दर्शाता है।19 कोचों का विशेष रेक : बांग्लादेश रेलवे के लिए तैयार इस रेक में कुल 19 कोच शामिल है। ट्रेन में 03 AC स्लीपर कार, 03 AC चेयर कार, 11 नॉन-AC चेयर कार, 02 पावर कार हैं। इन कोचों को सामान्य भारतीय LHB कोचों से अलग, बांग्लादेश रेलवे की परिचालन परिस्थितियों और यात्रियों की आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष रूप से डिजाइन और कस्टमाइज किया गया है।यात्रियों की सुविधा पर विशेष जोर : कोचों में यात्रियों को आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए कई नई सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनमें विशेष रूप से डिजाइन की गई रिक्लाइनिंग चेयर, स्टेनलेस स्टील आर्मरेस्ट और फुटरेस्ट तथा सीटों को कई पोजीशन में पीछे की ओर झुकाने की सुविधा शामिल है। AC कोचों में यात्रियों की सुविधा के लिए पंखों की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कोचों में इंटीग्रेटेड CCTV सर्विलांस सिस्टम और पैसेंजर अलार्म सिस्टम लगाए गए हैं।बच्चों और यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं : इन आधुनिक कोचों में बेबी केयर रूम और प्रार्थना कक्ष जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों, विशेषकर परिवारों के लिए सुविधा बढ़ेगी। कोचों में आंशिक रूप से खुलने वाली खिड़कियां भी दी गई हैं, जो यात्रियों की सुविधा और परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई हैं।सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों का इस्तेमाल : इन कोचों की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी विशेषताओं में से एक EN 15227 यूरोपीय मानक के अनुरूप Crashworthy Design है। इस डिजाइन को शामिल करने के लिए कोच की कार बॉडी शेल का व्यापक पुनःडिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य दुर्घटना या टक्कर की स्थिति में कोच की संरचनात्मक क्षमता बढ़ाना और यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है।बांग्लादेश की विशेष परिचालन परिस्थितियों के अनुसार डिजाइन : बांग्लादेश रेलवे की विशिष्ट परिचालन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोचों की रूफ स्ट्रक्चर को भी मजबूत किया गया है। इसका उद्देश्य पीक ट्रैफिक के दौरान छत पर यात्रियों के अतिरिक्त भार की स्थिति में बेहतर मजबूती सुनिश्चित करना है।भारत-बांग्लादेश रेल सहयोग को नई मजबूती RCF कपूरथला और बांग्लादेश रेलवे के बीच रेल कोच निर्माण का सहयोग नया नहीं है। दोनों के बीच साझेदारी की शुरुआत 2015-16 में हुई थी, जब RCF ने बांग्लादेश रेलवे को 120 LHB ब्रॉड गेज यात्री कोचों की सफल आपूर्ति की थी।भारत की बढ़ती रेल निर्माण क्षमता : बांग्लादेश के लिए तैयार यह रेक केवल एक निर्यात ऑर्डर नहीं, बल्कि भारतीय रेल की आधुनिक कोच निर्माण क्षमता, तकनीकी दक्षता और वैश्विक मानकों के अनुरूप डिजाइन तैयार करने की क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। RCF कपूरथला द्वारा विकसित ये कोच भारत की “Make in India” क्षमता को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने और पड़ोसी देशों के साथ रेल सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

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दो ज्योतिर्लिंग के साथ महेश्वर, मांडू और इंदौर का करें सैर

सैलानियों की मांग पर आईआरसीटीसी ने लॉन्च किया नया हवाई टूर पैकेजचार रात एवं पांच दिन टूर पैकेज 20 से 24 सितंबर के बीच होगा‘ पहले आओ – पहले पाओ’ के आधार पर सैलानियों की होगी बुकिंग खबर है..लखनऊ।भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने यात्रियों की मांग पर दो ज्योतिर्लिंग के साथ महेश्वर, मांडू और इंदौर का नया हवाई टूर पैकेज लॉन्च किया है। आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के इस टूर में सैलानियों की यात्रा चार रात और पांच दिनों की होगी। यह यात्रा 20 से 24 सितंबर के बीच आयोजित होगी।यह जानकारी आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने दी। उन्होंने बताया कि सैलानियों की अत्यधिक मांग पर नया हवाई टूर पैकेज लॉन्च किया गया है। इस टूर में मुसाफिरों को लखनऊ से इंदौर के बीच फ्लाइट से आवागमन की व्यवस्था की गई है। साथ ही खानपान व ठहरने का इंतजाम तीन सितारा होटल में किया गया है । उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सैलानियों को उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर, चिंतामन गणेश मंदिर, हरसिद्धि मंदिर, मंगलनाथ मंदिर का दर्शन कराया जाएगा। साथ ही ओंकारेश्वर में ओम्कारेश्वर मंदिर के दर्शन, महेश्वर में अहिल्याबाई किला और महल, अखिलेश्वर मंदिर, सहस्त्रधारा और नर्मदा घाट के दर्शन, मांडू में जहाज महल और हिंडोला महल के दर्शन और इंदौर में पितृ पर्वत व गणपति मंदिर खजराना आदि का भी भ्रमण कराया जाएगा।श्री सिन्हा ने बताया कि इस हवाई टूर पैकेज में रू. 48,500/-, एक व्यक्ति के ठहरने पर, रू. 42,500/- दो व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति, रू. 40,300/- तीन व्यक्तियो के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति, रू. 36,100/- माता-पिता के साथ ठहरने पर प्रति बच्चे का पैकेज मूल्य बेड सहित एवं मूल्य रू. 19,500/- बिना बेड के होगा। इस पैकेज की बुकिंग ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर की जायेगी। उक्त यात्रा की बुकिंग पर्यटन भवन गोमती नगर लखनऊ स्थित आईआरसीटीसी कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की बेवसाइट irctctourism.com पर ऑनलाइन भी कराई जा सकती है। अधिक जानकारी मोबाइल नम्बरों 8287930912/ 8287930902/ 9236391909/ 9236391911 पर की जा सकती है।

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रेलवे के ‘वॉर रूम’ में रेल परिचालन की लाइव निगरानी से रूबरू हुए केंद्रीय मंत्री

खबर है..नई दिल्लीरेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू तथा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार एवं युवा कार्य एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया को रेलवे के ‘वॉर रूम’ की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।दौरे के दौरान श्री वैष्णव ने बताया कि लाइव स्टेशन फीड, एआई आधारित सिस्टम और परिचालन संबंधी डेटा के माध्यम से रेलवे गतिविधियों की निगरानी की जाती है और जरूरत पड़ने पर समयबद्ध कार्रवाई में मदद मिलती है।प्रमुख बिंदु:रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म, फुट-ओवर ब्रिज और स्टेशन के बाहर के क्षेत्रों की लाइव फीड की निगरानी।नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन जैसे प्रमुख स्टेशनों की गतिविधियों पर केंद्रीय स्तर से नजर।जरूरत पड़ने पर किसी विशेष कैमरा फीड को जूम करके विस्तृत जानकारी हासिल की जा सकती है।एआई आधारित सिस्टम किसी स्थान पर हुई घटना के बारे में जानकारी उपलब्ध कराकर अधिकारियों को त्वरित विश्लेषण में सहायता करता है।त्योहारों और अधिक भीड़ वाले अवसरों पर यात्रियों की आवाजाही और स्टेशन की स्थिति पर लगातार नजर।ट्रेनों की आवाजाही और देरी की निगरानी कर देरी के कारणों की पहचान।प्राप्त जानकारी के आधार पर रेलवे अधिकारी स्थिति का आकलन कर आगे की आवश्यक कार्रवाई तय कर सकते हैं।रेलवे का यह वॉर रूम आधुनिक तकनीक, एआई और लाइव डेटा के माध्यम से रेल परिचालन की निगरानी एवं यात्री प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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रेलवन ऐप के 4.76 करोड़ डाउनलोड, रोजाना 10 लाख टिकट बुकिंग

ऑनलाइन ई-टिकट बुकिंग का आंकड़ा 89 प्रतिशत पर पहुंचाअनारक्षित रेल टिकट डिजिटल बुकिंग भी 39 प्रतिशत के आंकड़े पर खबर है..नई दिल्लीभारतीय रेलवे के डिजिटल प्लेटफॉर्म रेलवन (RailOne) ने 4.76 करोड़ डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है। 2 अगस्त 2026 तक इस ऐप के जरिए रोजाना औसतन 10 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं, जिनमें 2.79 लाख आरक्षित और 7.24 लाख अनारक्षित टिकट शामिल हैं।रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि रेलवन ऐप को 1 जुलाई 2025 को शुरू किया गया था। इसमें आरक्षित, अनारक्षित और प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग के साथ ट्रेन एवं पीएनआर पूछताछ, यात्रा योजना और रेलमदद जैसी प्रमुख सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। सिंगल-साइन-ऑन सुविधा से यात्रियों को अलग-अलग रेलवे ऐप और पासवर्ड की जरूरत भी कम हुई है।वहीं, राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (NTES) प्रतिदिन 6 करोड़ से अधिक पूछताछ और करीब 80 हजार समवर्ती उपयोगकर्ताओं को संभाल रही है। इससे यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति और समय-सारणी की लगभग वास्तविक समय में जानकारी मिल रही है तथा रेलवे पूछताछ काउंटरों पर कतार और प्रतीक्षा समय में कमी आई है।रेलवे के अनुसार, वर्तमान में करीब 89 प्रतिशत आरक्षित टिकट ऑनलाइन बुक किए जा रहे हैं, जबकि 2013-14 में यह आंकड़ा लगभग 49 प्रतिशत था। अनारक्षित टिकटों में भी डिजिटल बुकिंग की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 39 प्रतिशत हो गई है।

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