ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को सर्वसम्मति से दी मंजूरी

खबर है..नई दिल्लीभारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि घोषणापत्र पर किसी भी सदस्य देश ने आपत्ति नहीं जताई। इसे भारत की कूटनीतिक सफलता और सहमति बनाने की क्षमता के रूप में देखा जा रहा है।घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा की गई है। ब्रिक्स नेताओं ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की भी निंदा करते हुए आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया।पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए ब्रिक्स देशों ने अधिकतम संयम बरतने तथा विवादों के समाधान के लिए संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण उपायों को प्राथमिकता देने की अपील की।घोषणापत्र में एकतरफा टैरिफ और व्यापार प्रतिबंधों पर चिंता जताते हुए WTO में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और विकासशील देशों, विशेषकर ग्लोबल साउथ, की भूमिका बढ़ाने का समर्थन किया गया।

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लखनऊ से करें “जन्नत-ए-कश्मीर” की सैर

खबर है..लखनऊभारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम आईआरसीटीसी ने सैलानियों की अत्यधिक मांग पर एक बार फिर लखनऊ से जन्नत-ए-कश्मीर का सैर कराने का निर्णय लिया है। आईआरसीटीसी लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने शुक्रवार को नया हवाई टूर पैकेज लॉन्च किया। यह पैकेज 05 रात एवं 06 दिन का है। इस दौरान सैलानियों को श्रीनगर, सोनमर्ग, पहलगाम, गुलमर्ग का भ्रमण कराया जाएगा । यह टूर पैकेज तीन से आठ अक्टूबर के बीच होगा।यह जानकारी शुक्रवार को आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने दी। उन्होंने बताया कि इस टूर में यात्रियों को लखनऊ से श्रीनगर आने – जाने की व्यवस्था फ्लाइट से की गई है। साथ ही खानपान एवं ठहरने का इंतजाम तीन सितारा होटल एवं हाउस बोट में किया गया है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सैलानियों को डल झील, बर्फीले पहाड़, गोंडोला केबल कार (सीधे भुगतान के आधार पर), खिलनमर्ग, बेताब घाटी, चंदनवारी, अरु घाटी, शंकराचार्य मंदिर, मुगल गार्डन, निशात बाग, चश्मेशाही, शालीमार गार्डन , हजरतबल दरगाह आदि का भ्रमण कराया जाएगा।श्री सिन्हा ने बताया कि इस टूर पैकेज में एक व्यक्ति के ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 49100/-, दो व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 43000/-, तीन व्यक्तियो के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 41500/-, माता-पिता के साथ ठहरने पर प्रति बच्चे का पैकेज मूल्य रू. 33100/-, बेड सहित एवं मूल्य रू. 30500/-, बिना बेड के होगा।उन्होंने बताया कि इस पैकेज की ‘बुकिंग पहले-आओ पहले पाओ’ के आधार पर की जायेगी। यात्रा की बुकिंग पर्यटन भवन गोमती नगर लखनऊ स्थित आईआरसीटीसी कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की बेवसाइट irctctourism.com पर ऑनलाइन बुकिंग भी कराई जा सकती है।

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विद्यार्थी जीवन का अनुशासन आज भी आगे बढ़ने की देता है प्रेरणा : द्विवेदी

खबर है..लखनऊकेंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ में शुक्रवार को केन्द्रीय विद्यालय संगठन राज्य भारत भारत स्काउट्स एंड गाइड्स का तीन दिवसीय संभाग स्तरीय तृतीय सोपान प्रशिक्षण शिविर 2026 का शुभारम्भ हुआ। तीन दिनों तक चलने वाले इस शिविर का समापन रविवार को होगा। पहले दिन समारोह के मुख्य अतिथि आरडीएसओ के कार्यकारी निदेशक (फाइनेंस) विनीत द्विवेदी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन का अनुशासन आज भी जीवन को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि द्विवेदी का हरित स्वागत विद्यालय के प्राचार्य एवं शिविर निदेशक राजेश कुमार शुक्ल ने किया एवं स्काउट स्कार्फ पहनाकर उन्हें सम्मान के साथ शिविर में शामिल किया।इस मौके पर द्विवेदी ने शिविर में भाग लेने वाले भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के प्रतिभागियों को अनुशाशन और लगन के महत्त्व के बारे में विस्तृत रूप से बताया। उन्होंने बताया कि अपने विद्यार्थी जीवन उन्होंने एनसीसी में हिस्सा लिया था और उसका अनुशासन का संदेश आज भी उन्हें प्रेरित करता है तथा जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।केंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ की छात्राओं ने मुख्य अतिथि के स्वागत गीत एवं स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। विद्यालय के प्राचार्य एवं शिविर निदेशक राजेश कुमार शुक्ल ने बताया कि इस शिविर में केन्द्रीय विद्यालय संगठन संभाग के कुल 24 विद्यालयों के 173 स्काउट्स, 156 गाइड्स, 45 अनुरक्षक, 11 अधिकारी मुख्य रूप से अजय कुमार वर्मा (प्री एएलटी, एलओसी) तथा श्रीमती वर्षा मलिक (एलटी, एलओसी) इस शिविर के लीडर के रूप में तीन दिन अपनी सेवाएं देंगे। साथ ही एक क्वार्टर मास्टर समेत कुल 386 लोग इसमें हिस्सा ले रहे हैं।इस शिविर के संयोजक विद्यलाय के संस्कृत अध्यापक दिनेश कुमार यादव है, जबकि विद्यालय के उप प्राचार्य महेंद्र कुमार ने समारोह में आए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन की जिम्मेदारी एचएन दुबे और श्रीमती दीपिका ने बखूबी ढंग से निभाया । शिविर के दूसरे दिन शनिवार को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय विद्यालय संगठन लखनऊ संभाग की उपायुक्त श्रीमती सोना सेठ होगी। शिविर का समापन रविवार को होगा।

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IRCTC ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक दिन में 20.06 लाख से अधिक टिकट बुक

खबर है..नई दिल्लीभारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग व्यवस्था को लगातार आधुनिक और मजबूत बनाने के प्रयासों के बीच IRCTC ने नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। 7 सितंबर 2026 को एक ही दिन में 20,06,353 आरक्षित टिकटों की बुकिंग दर्ज की गई। यह IRCTC की अब तक की सबसे अधिक एक-दिवसीय टिकट बुकिंग है।वर्तमान में कुल आरक्षित टिकटों में से करीब 89 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक किए जा रहे हैं। त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग के बावजूद टिकटिंग सिस्टम ने लगातार भारी लोड को सफलतापूर्वक संभाला। इसका प्रमाण अगले दिन 8 सितंबर को 19,50,699 टिकटों की बुकिंग से भी मिलता है।पिछले वर्ष त्योहारी सीजन में 19 अगस्त को 18,40,203 टिकट एक दिन में बुक हुए थे। इस लिहाज से इस वर्ष की नई उपलब्धि टिकटिंग सिस्टम की बढ़ी क्षमता को दर्शाती है।पहले घंटे में ही नहीं होती अधिकांश बुकिंग : वर्तमान ट्रेंड के अनुसार दिन की कुल बुकिंग में से केवल 8.43 से 14.14 प्रतिशत बुकिंग सुबह 8 से 9 बजे के बीच होती है। यानी 85 प्रतिशत से अधिक टिकटों की बुकिंग दिन के बाकी समय में सफलतापूर्वक पूरी होती है। सुबह 8 से 8:15 बजे के बीच लगातार सबसे अधिक बुकिंग दर्ज होती है, जो इस अवधि में अत्यधिक समवर्ती मांग को दर्शाती है।सर्वर क्षमता लगभग दोगुनी : इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे NGeT सिस्टम के रिफ्रेश को महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। पुराने सर्वरों की जगह नए सर्वर लगाए गए हैं, जिससे पूरे सिस्टम की क्षमता लगभग दोगुनी हो गई है। इसके अलावा सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन और आर्किटेक्चर में सुधार के माध्यम से भी सिस्टम की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।नया यूजर इंटरफेस बना अधिक सुविधाजनक : 15 जुलाई 2026 से IRCTC के नए यूजर इंटरफेस का बीटा वर्जन शुरू किया गया। ग्लासमॉर्फिज्म जैसे आधुनिक ग्लोबल डिजाइन ट्रेंड से प्रेरित यह नया इंटरफेस लॉगिन से लेकर टिकट कन्फर्मेशन तक यात्रियों को अधिक व्यवस्थित अनुभव प्रदान करता है। नए इंटरफेस में स्लीपर, AC 3-Tier और AC 2-Tier जैसी विभिन्न श्रेणियों की उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर देखने की सुविधा दी गई है। इससे यात्री विभिन्न विकल्पों की आसानी से तुलना कर तेजी से निर्णय ले सकते हैं।Anti-BOT से फर्जी ट्रैफिक पर लगाम : IRCTC ने Anti-BOT और CDN (Content Delivery Network) क्षमताओं को लागू करने के लिए एक प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ काम किया है। इसके परिणामस्वरूप हाल के महीनों में दुर्भावनापूर्ण BOT ट्रैफिक में 55 से 65 प्रतिशत तक कमी आई है। CDN के इस्तेमाल से स्टैटिक कंटेंट का लोड NGeT सिस्टम पर कम हुआ है, जिससे वास्तविक और सत्यापित यात्रियों के लिए बुकिंग अनुभव बेहतर हुआ है। साथ ही नेटवर्क सुरक्षा टीम फर्जी वेबसाइटों और IRCTC की नकल करने वाले मोबाइल ऐप्स के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है। लगातार सर्वर अपग्रेड, नए यूजर इंटरफेस, सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन, Anti-BOT और CDN जैसी तकनीकी पहलों के चलते IRCTC का NGeT सिस्टम त्योहारी सीजन की रिकॉर्ड मांग को संभालने में सक्षम साबित हो रहा है।

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती देने की दिशा में भारत की बड़ी पहल

12–13 सितंबर को नई दिल्ली में होगा 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, भारत की अध्यक्षता में विकास, नवाचार और सहयोग पर रहेगा जोर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: ग्लोबल साउथ की आवाज को बुलंद बनाने भारत की बड़ी पहल12–13 सितंबर को नई दिल्ली में होगा 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलनभारत की अध्यक्षता में विकास, नवाचार और सहयोग पर रहेगा जोरखबर है..नई दिल्लीब्रिक्स आज प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक नीतियों के समन्वय और वैश्विक शासन से जुड़े मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। निरंतर संवाद और सहयोग के माध्यम से यह समूह ग्लोबल साउथ के हितों और आकांक्षाओं को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।भारत वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में करेगा। वर्ष 2026 में यह ब्रिक्स की अध्यक्षता करने का भारत का चौथा अवसर है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए “सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण” को मार्गदर्शक विषय बनाया है।भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स के एजेंडे में विकास, वित्त, प्रौद्योगिकी, व्यापार, सतत विकास और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे विषयों को प्रमुखता दी जा रही है। भारत का लक्ष्य ब्रिक्स को एक रचनात्मक, समाधान-केंद्रित और परिणामोन्मुख मंच के रूप में और अधिक प्रभावी बनाना है।11 देशों का मजबूत वैश्विक समूह : वर्तमान में ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात सहित 11 देश शामिल हैं। सामूहिक रूप से ये देश दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, वैश्विक जीडीपी के करीब 40 प्रतिशत और विश्व व्यापार के लगभग 26 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं।ब्रिक्स के विस्तार से इसकी भौगोलिक पहुंच एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका तक मजबूत हुई है। इससे विभिन्न देशों के बड़े बाजार, प्राकृतिक संसाधन, तकनीकी क्षमताएं और विकास के अनुभव एक साझा मंच पर आए हैं।‘ब्रिक’ से ‘ब्रिक्स’ तक का सफर : ‘BRIC’ शब्द वर्ष 2001 में गोल्डमैन सैक्स के शोध-पत्र ‘The World Needs Better Economic BRICs’ में सामने आया था। इसमें ब्राजील, रूस, भारत और चीन की तेजी से बढ़ती आर्थिक क्षमता को रेखांकित किया गया था। बाद में इन चार देशों के बीच संवाद और सहयोग बढ़ा तथा 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के साथ BRIC, BRICS बन गया।आज ब्रिक्स केवल आर्थिक सहयोग का मंच नहीं है, बल्कि राजनीतिक, आर्थिक और विकासात्मक सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।साझा चुनौतियों के समाधान पर जोर : ब्रिक्स के सहयोग का दायरा लगातार बढ़ा है। आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, कृषि, श्रम एवं रोजगार, दूरसंचार, अंतरराष्ट्रीय वित्त और वैश्विक आर्थिक स्थिति जैसे महत्वपूर्ण विषय इसके एजेंडे में शामिल हैं। ब्रिक्स देश विश्व व्यापार संगठन और वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व, समानता और विकासशील देशों की बेहतर भागीदारी की वकालत करते हैं। इसका उद्देश्य वैश्विक शासन व्यवस्था को अधिक समावेशी, संतुलित और वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के प्रति जवाबदेह बनाना है।भारत की अध्यक्षता से नई उम्मीदें : भारत की 2026 की अध्यक्षता ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीकी बदलाव और विकास से जुड़ी नई चुनौतियां सामने हैं। ऐसे में नई दिल्ली शिखर सम्मेलन से ग्लोबल साउथ के हितों को नई मजबूती, आर्थिक सहयोग को नई दिशा और विकास एवं नवाचार के क्षेत्र में नए अवसरों की उम्मीद की जा रही है। ब्रिक्स का बढ़ता प्रभाव इस बात का संकेत है कि उभरती अर्थव्यवस्थाएं अब वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रभावी और संतुलित भूमिका निभाने के लिए एकजुट हो रही हैं।

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मध्यप्रदेश में रेल कनेक्टिविटी को नई सौगात

मोदी ने वडोदरा से धार के टांडा रोड स्टेशन के बीच नई ट्रेन सेवा का किया शुभारंभमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई रेल सुविधाओं के लिए प्रधानमंत्री और रेलमंत्री का आभार जताया खबर है..भोपालप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान धार जिले के टांडा रोड स्टेशन और वडोदरा के बीच नई यात्री ट्रेन सेवा तथा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) नेटवर्क पर चार मालगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने वडोदरा-रतलाम के बीच तीसरी एवं चौथी रेल लाइन के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई रेल सुविधाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई रेल सेवा से मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच यात्री एवं माल परिवहन संपर्क मजबूत होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे रेल परिवहन की क्षमता बढ़ेगी तथा रेल मार्ग पर भीड़ और अन्य बाधाएं कम होंगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से उद्योग, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान होगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी परिवहन के विभिन्न क्षेत्रों में जनता के लिए सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री और केंद्रीय रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया।

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राष्ट्रपति एकता नगर में करेंगी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान

खबर है..नई दिल्लीराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। इस समारोह में देश भर के फिल्म निर्माता, अभिनेता, तकनीशियन और अन्य कलाकार एक साथ उपस्थित होंगे। इस अवसर वर्ष 2024 में भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए यह पुरस्‍कार प्रदान किए जाएंगे।वर्ष 1954 में स्थापित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए देश के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान हैं। सात दशकों से अधिक समय से, ये पुरस्कार फीचर फिल्मों, गैर-फीचर फिल्मों और सिनेमा पर लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट रचनात्मक और तकनीकी उपलब्धियों को मान्यता देते आ रहे हैं, साथ ही भारतीय फिल्म निर्माण की समृद्ध भाषाई, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विविधता को भी दर्शाते हैं।एक महत्वपूर्ण नीतिगत पहल के अंतर्गत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस वर्ष एकता नगर में आयोजित होने वाला यह समारोह देश भर की सिनेमाई प्रतिभाओं को एक साथ लाएगा और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मूर्त रूप देगा।72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विभिन्न भाषाओं, विधाओं और सिनेमा के विभिन्‍न रूपों में व्‍यापक विविधता का उत्‍सव मनाते हैं। ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया जाएगा। ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म और ‘राम-नामी’ को जूरी द्वारा सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र चुना गया है। ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए ममूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेता का पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेत्री का पुरस्कार मिलेगा। रणदीप हुड्डा को ‘स्वतंत्र वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार मिलेगा।ये पुरस्कार मराठी, संथाली, तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, तुलु और गढ़वाली सहित विभिन्न भाषाओं और विधाओं की उत्कृष्ट फिल्मों को भी सम्मानित करते हैं। ‘कल्कि 2898 ईस्वी’, ‘अमरन’, ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02’, ‘भूल भुलैया 3’ और ‘स्त्री 2’ सहित कई फिल्मों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार मिलेंगे। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के गैर-फीचर फिल्म वर्ग में पहली बार किसी संथाली फिल्म को सम्मानित किया जाएगा।सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन श्रेणी में संजीव श्रीवास्तव को सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक का पुरस्कार डॉ. प्रदीप केंचनुरु द्वारा लिखित और मिरर बुक्‍स द्वारा प्रकाशित ‘नानिरुवुदे निमगागी, नादिरुवुदे ननगागी: कन्नड सिनेमाद तात्विक मत्तु राजकीय’ (आई स्टैंड फॉर यू, द स्टेट स्टैंड्स फॉर अस: पॉलिटिकल एंड फिलॉसॉफिकल डाइमेंशन्स ऑफ कन्नड़ सिनेमा) को दिया जाएगा।

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मोदी 8 सितंबर को करेंगे पश्चिमी समर्पित माल गलियारे के खंड राष्ट्र को समर्पित

खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 8 सितंबर 2026 को पश्चिमी समर्पित माल गलियारे (Western Dedicated Freight Corridor–WDFC) के तीन महत्वपूर्ण खंड राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके साथ भारत में समर्पित माल ढुलाई अवसंरचना के विकास के एक महत्वपूर्ण चरण का समापन होगा।केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल गलियारे देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की महत्वपूर्ण रीढ़ हैं। इन परियोजनाओं का पूरा होना देश में उच्च क्षमता वाले समर्पित माल परिवहन नेटवर्क के निर्माण की दिशा में वर्षों से किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रमुख बिंदु : पश्चिमी समर्पित माल गलियारे के तीन खंड : सानंद (उत्तर)–मकरपुरा, न्यू उमरगाम–न्यू सफाले न्यू सफाले–जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (JNPT) है। इन तीनों खंडों की कुल लंबाई 326 रूट किलोमीटर है और इनके निर्माण पर ₹20,700 करोड़ से अधिक की लागत आई है।इन खंडों के पूरा होने के साथ JNPT से दादरी तक पूरा पश्चिमी समर्पित माल गलियारा तैयार हो गया है।वहीं, पूर्वी दिशा में लुधियाना से सोननगर तक पूर्वी समर्पित माल गलियारा भी पूरा हो चुका है।रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि 2014 से पहले इस परियोजना पर कोई भौतिक कार्य पूरा नहीं हुआ था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लंबे समय से लंबित चुनौतियों का समाधान करते हुए विभिन्न खंडों से जुड़े मुद्दों को दूर किया गया और परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया गया। प्रधानमंत्री वडोदरा –रतलाम तीसरी और चौथी रेलवे लाइन की आधारशिला भी रखेंगे।माल परिवहन को मिलेगी नई गति : समर्पित माल गलियारों के पूरा होने से भारत के माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूती मिलेगी। माल ढुलाई के लिए अलग एवं उच्च क्षमता वाली रेल अवसंरचना उपलब्ध होने से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, परिवहन अधिक कुशल होगा और देशभर में वस्तुओं की तेज एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

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2029 तक ‘नशामुक्त भारत’ का संकल्प: अमित शाह

खबर है..नई दिल्लीकेन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने 2029 तक ‘नशामुक्त भारत’ बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि जैसे नक्सलवाद को समाप्त करने में सफलता मिली, उसी दृढ़ता से ड्रग्स की समस्या भी खत्म की जाएगी।गोवा की राजधानी पणजी में नारकोटिक्स नियंत्रण पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने बताया कि जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक का तीन वर्षीय रोडमैप तैयार किया गया है। इसकी रणनीति चार स्तंभों—इंटेलिजेंस एवं ऑपरेशन आधारित एन्फोर्समेंट, प्रीकर्सर व सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण, डिमांड एवं हार्म रिडक्शन तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय—पर आधारित है।उन्होंने कहा कि 2014-2026 के दौरान 1.19 करोड़ किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त किए गए, जिनका मूल्य लगभग ₹1.89 लाख करोड़ है। इसी अवधि में 48.68 लाख किलोग्राम ड्रग्स नष्ट किए गए।‘नशामुक्त भारत’ अभियान के तहत 25 करोड़ नागरिकों को शपथ दिलाई गई और 5.70 लाख लोगों को उपचार व पुनर्वास के माध्यम से नशामुक्त किया गया। नशामुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 1,751 की जाएगी। शाह ने कहा कि सरकार ड्रग तस्करी के नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों पर कार्रवाई करते हुए 2029 तक लक्ष्य हासिल करेगी।

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एनसीपीसीआर ने विशेष अभियान में 3800 से ज़्यादा बच्चों को बाल मज़दूरी से मुक्त कराया

खबर है..नई दिल्लीमहिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत एक वैधानिक संस्था, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने 12 जून 2026 को एक विशेष “अखिल भारतीय बचाव और पुनर्वास” अभियान शुरू किया, जो 31 अगस्त 2026 तक चला। एनसीपीसीआर ने बाल मज़दूरी में लगे बच्चों और तस्करी व शोषण के शिकार होने वाले बच्चों की पहचान, बचाव और पुनर्वास के काम को तेज़ करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, जिलाधिकारियों, श्रम विभागों, पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम किया।एनसीपीसीआर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर बाल मजदूरी और तस्करी वाले स्थानों पर गहन और लक्षित बचाव अभियान चलाने का अनुरोध किया। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से बचाव अभियान, बचाए गए बच्चों, दर्ज एफआईआर, पुनर्वास, पुनर्स्थापना, मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने, मुआवज़े और अन्य फ़ॉलो-अप उपायों आदि के बारे में नियमित डेटा उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया।कार्यान्वयन की निगरानी करने और क्षेत्रीय स्तर की समस्याओं का समाधान करने के लिए, एनसीपीसीआर ने जिला प्रशासनों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य बचाव अभियानों की समीक्षा करना, परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करना, कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) का समय पर जमा होना सुनिश्चित करना तथा संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।एनसीपीसीआर ने सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए जागरूकता और जनसंपर्क अभियान भी चलाया, जिसके तहत इस विशेष अभियान, बाल श्रम की रिपोर्टिंग करने तथा बचाव के बाद बच्चों के पुनर्वास एवं उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के महत्व के बारे में जानकारी प्रसारित की गई।उपरोक्त अभियान की निरंतर और सक्रिय निगरानी से, एनसीपीसीआर ने राज्य अधिकारियों के सहयोग से 3,800 से अधिक बच्चों को सफलतापूर्वक मुक्त कराया। इसके अलावा, अभियान के दौरान 575 से अधिक प्राथमिकियां (एफआईआर) दर्ज की गईं।

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