नेपाल त्रासदी के प्रति संवेदना, सादगी के साथ नई ट्रेन का शुभारंभ

बहराइच–नेपालगंज रोड के लिए चली ट्रेन खबर है..बहराइचनेपाल में हुई त्रासदी के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बहराइच से नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन तक नई ट्रेन सेवा का सादगीपूर्ण शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नेपाल त्रासदी में दिवंगत लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा। संवेदना के सम्मान में कार्यक्रम में किसी प्रकार की सजावट या औपचारिक उत्सव नहीं किया गया।बिना हरी झंडी दिखाए और बिना किसी सजावट के ट्रेन को रवाना किया गया। कार्यक्रम में सादगी और संवेदनशीलता के माध्यम से नेपाल के लोगों के प्रति भारत की एकजुटता और मानवीय संवेदना का संदेश दिया गया।

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श्रद्धांजलि सभा में पुष्पलता मिश्रा को याद कर सजल हुईं आंखें

नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन/ हिंद मजदूर सभा की ओर से 40 क्वार्टर सामुदायिक केंद्र में श्रद्धांजलि सभा खबर है..लखनऊहिन्द मजदूर सभा के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर मिश्रा की धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पलता मिश्रा की आत्मा की शांति के लिए शनिवार को 40 क्वार्टर सामुदायिक केंद्र आलमबाग लखनऊ सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसका आयोजन नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन और हिंद मजदूर सभा ने किया था जिसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने ब्रह्मलीन श्रीमती पुष्पलता मिश्रा के चित्र पर सैकड़ों लोगों ने पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मालूम हो कि 26 अगस्त को श्रीमती पुष्पलता मिश्रा का लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान देहावसान हो गया था और वह ब्रह्मलीन हो गयीं थीं।श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता HMS, उप्र के अध्यक्ष और ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन/ नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने की। श्रद्धांजलि सभा को अध्यक्ष शिवगोपाल मिश्रा , शोकाकुल उमाशंकर मिश्रा, उनके ज्येष्ठ पुत्र राजीव मिश्रा (वरिष्ठ अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय), एलएन पाठक (कार्यवाहक महामंत्री), आरके पाण्डेय, अरुण गोपाल मिश्रा, एसयू शाह (सभा संचालक), ताड़नी कुमार पासवान , श्रीमती प्रवीणा सिंह एवं अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।इस मौके पर नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के मंडल मंत्री विभूति मिश्रा, राजाराम यादव, अरविन्द सिंह राठौर , जितेन्द्र तिवारी, चन्द्रमोहन लोहानी, पीयूष मिश्रा (पुत्र), टिटू मिश्रा (पौत्र), हिंद मजदूर सभा के प्रदेश संगठन मंत्री विद्याकांत तिवारी, सीटू के प्रदेश महामंत्री प्रेमनाथ राय , सेवा की महिला नेत्रियों, हर्ष यादव, फूलचंद्र चौरसिया, हर्षवर्धन, उत्तम यादव, कुबेर यादव, राष्ट्रीय सहारा अखबार के स्टेट हेड कलानिधि मिश्रा वह उनकी टीम के सदस्यों, पत्रकार साथियों, रेलवे एवं HMS के सैकड़ों कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। अंत मे हिन्द मजदूर सभा ( शुगर फेडरेशन) ओर से भी दिवंगत पुण्यात्मा को विनम्र श्रद्धांजलि दी गई।

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भारत की प्रगति के लिए अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग जरूरी: उपराष्ट्रपति

युवाओं को बुनियादी शिक्षा से आगे बढ़कर अनुसंधान-उन्मुख शिक्षा की ओर बढ़ना चाहिएकृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और क्वांटम प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए युवाओं को तैयार रहने का आह्वानइरोड में कोंगू वेल्लालर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ट्रस्ट के संस्थापक दिवस समारोह में शामिल हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन खबर है..नई दिल्लीउपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारत की निरंतर प्रगति के लिए अनुसंधान, नवाचार तथा उद्योग और अकादमिक जगत के बीच मजबूत सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से बुनियादी शिक्षा प्रदान करने से आगे बढ़कर ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित होने का आह्वान किया।उपराष्ट्रपति आज 29 अगस्त को तमिलनाडु के पेरुंदुरई, इरोड में कोंगू वेल्लालर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KVIT) ट्रस्ट के संस्थापक दिवस समारोह एवं ‘अरिवुकुडम’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संस्थान की स्थापना में योगदान देने वाले 41 संस्थापकों की दूरदृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि KVIT संस्थानों के माध्यम से लगभग एक लाख लोगों ने शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने कोंगू क्षेत्र में शिक्षा के विकास में संस्थान के योगदान तथा जर्मनी, अमेरिका, फ्रांस और जापान सहित विभिन्न देशों के साथ उसके वैश्विक संबंधों की भी प्रशंसा की।उभरती तकनीकों के लिए युवाओं को तैयार होने का आह्वान : राधाकृष्णन ने युवाओं से अपने ज्ञान और कौशल को लगातार विकसित करने तथा बुनियादी शिक्षा से आगे बढ़कर अनुसंधान-उन्मुख शिक्षा अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं को अनुसंधान, नवाचार और पेटेंट गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के लिए स्वयं को तैयार करना चाहिए।तुलना नहीं, अपनी क्षमता पहचानकर लक्ष्य तय करें : उपराष्ट्रपति ने कहा कि “परिवर्तन ही एकमात्र स्थिर चीज है।” उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमताओं और खूबियों को पहचानने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा दूसरों से अपनी तुलना किए बिना निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने मानसिक शांति और बुद्धि को तेज करने में योग एवं ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध विचार “आप जैसा सोचते हैं, वैसे ही बन जाते हैं” का उल्लेख किया।अरिवुकुडम को वैश्विक ज्ञान केंद्र बनाने की उम्मीद : राधाकृष्णन ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘अरिवुकुडम’ अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान सृजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि इससे संस्थानों को वैश्विक ज्ञान केंद्रों के रूप में मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्रीय विकास को भी गति मिलेगी। उपराष्ट्रपति ने कोंगू इंजीनियरिंग कॉलेज के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का भी दौरा किया, जहां विभिन्न नवोन्मेषी परियोजनाओं और तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया गया।कार्यक्रम के दौरान उनकी उपस्थिति में एंकर इंडस्ट्रीज और अरिवुकुडम अनुसंधान पार्क के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। इससे उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग को और मजबूत करने तथा अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कॉलेज और ट्रस्ट से जुड़े विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने अरिवुकुडम अनुसंधान पार्क, फार्मेसी कॉलेज, कोंगू नेचुरोपैथी एवं योग मेडिकल कॉलेज तथा KVITT के क्लाउड किचन की आधारशिला रखे जाने के अवसर पर पट्टिकाओं का भी अनावरण किया। कार्यक्रम में तमिलनाडु एवं केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश, KVIT ट्रस्ट के अध्यक्ष देवराजन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी बहु-उद्देशीय पोत ‘समर्थक’ सौंपा गया

खबर है..नई दिल्लीभारतीय नौसेना की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता को बढ़ावा देते हुए लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T), कट्टुपल्ली द्वारा निर्मित पहला स्वदेशी बहु-उद्देशीय पोत (MPV) ‘समर्थक’ आज भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया।‘समर्थक’ में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसे विभिन्न परीक्षण एवं मूल्यांकन कार्यों के लिए बहु-उपयोगी प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है।यह पोत समुद्री निगरानी एवं टोह, अपतटीय गश्त तथा आवश्यकता पड़ने पर मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम होगा।‘समर्थक’ नाम का अर्थ ‘समर्थन करने वाला’ है। इसका नामकरण पोत की बहु-भूमिकीय प्रकृति और विभिन्न अभियानों में एक भरोसेमंद सहयोगी के रूप में इसकी भूमिका को दर्शाता है।‘समर्थक’ की नौसेना को सुपुर्दगी आत्मनिर्भर भारत और देश में मजबूत स्वदेशी रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह भारतीय नौसेना की स्वदेशी जहाज निर्माण यात्रा को भी और मजबूती प्रदान करती है।

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वैष्णव ने उच्च घनत्व वाले रेल नेटवर्क को चार-लेन करने की योजना पेश की

11,000 किलोमीटर में फैले रेलमार्ग का यह कुल नेटवर्क का केवल 16 प्रतिशत हैं, इन पर 41 प्रतिशत रेल यातायात संचालित खबर है..नई दिल्लीकेंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत के सात उच्च घनत्व वाले रेल मार्गों के विस्तार की व्यापक योजना की जानकारी दी। ये मार्ग देश के कुल रेल यातायात का एक बड़ा हिस्सा वहन करते हैं। लगभग 11,000 किलोमीटर में फैले ये सात मार्ग भारतीय रेल के कुल नेटवर्क का केवल 16 प्रतिशत हैं, लेकिन इन पर करीब 41 प्रतिशत रेल यातायात संचालित होता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप, भारतीय रेल उच्च घनत्व वाले पूरे रेल नेटवर्क को चार-लेन (चार रेल लाइनों) में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसका उद्देश्य यात्री और माल यातायात की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए रेल नेटवर्क की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करना है।प्रमुख बिंदु : सात उच्च घनत्व वाले रेल मार्ग देश के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों को जोड़ते हैं, जिनमें शामिल हैं। दिल्ली–हावड़ा, हावड़ा–चेन्नई, चेन्नई–मुंबई, मुंबई–दिल्ली, दिल्ली–चेन्नई, मुंबई–हावड़ा औरदिल्ली–गुवाहाटी। उच्च घनत्व वाले इन मार्गों पर विस्तार एवं क्षमता बढ़ाने का कार्य जारी है। इसके तहत व्यस्ततम रेल मार्गों पर चार रेल लाइनों की व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य है। इससे इन मार्गों पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी और यात्री एवं माल परिवहन को अधिक गति मिलेगी।अश्विनी वैष्णव ने रेल परिवहन के पर्यावरणीय और आर्थिक लाभों को भी रेखांकित किया। उच्च घनत्व वाले इन रेल मार्गों का विस्तार भारतीय रेल की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यात्री और माल यातायात के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी तथा देश में परिवहन लागत कम करने में मदद मिलेगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, प्रमुख रेल मार्गों का चार-लेनीकरण भारतीय रेल को अधिक क्षमता वाला, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन नेटवर्क बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

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बीएलओ भारत के लोकतंत्र के आधारभूत स्तंभ : सीईसी ज्ञानेश कुमार

उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक बीएलओ और 30 बीएलओ पर्यवेक्षकों ने बातचीत में भाग लिया खबर है..लखनऊभारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ बातचीत की। राज्य के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक बीएलओ और 30 बीएलओ पर्यवेक्षकों ने बातचीत में भाग लिया।अपने उद्घाटन भाषण में, सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का आधारभूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि भारत में मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने का काम भारत के संविधान, कानून और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सख्ती से किया जाता है।सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बीएलओ चुनावी प्रक्रियाओं के विश्वास और पारदर्शिता के भंडार हैं और वे नागरिकों के साथ भारत निर्वाचन आयोग का पहला इंटरफेस हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे उत्तर प्रदेश के बीएलओ ने मतदाता सूची तैयार करने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।इस वर्ष अप्रैल में राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा होने के बाद, उत्तर प्रदेश में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 13.39 करोड़ से अधिक मतदाताओं को शामिल किया गया था। यह कार्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के माध्‍यम से नियुक्त 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) द्वारा समवर्ती लेखा परीक्षा के साथ 1.77 लाख बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) द्वारा किया गया था। बैठक के हिस्से के रूप में बीएलओ ने सीईसी के साथ सवाल-जवाब सत्र भी किया। बीएलओ को बातचीत के माध्यम से सीधे अपनी शंकाओं को स्पष्ट करने का अवसर मिला।

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विदेशी पैसे के बल पर सामाजिक एकता खंडित करना चाहती है कांग्रेसः सीएम योगी

खबर है..लखनऊ/रायबरेलीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में रायबरेली, बछरावां और हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 879 करोड़ रुपये की 346 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। उन्होंने कांग्रेस पर देश-समाज को बांटने और विदेशी पैसे के बल पर सामाजिक एकता को खंडित करने का आरोप लगाया।सीएम योगी ने कहा कि रायबरेली अब विकास की नई पहचान बना रहा है। मॉडर्न कोच फैक्ट्री ने पिछले वर्ष रिकॉर्ड 2,156 कोच बनाए, जबकि मई 2026 में यहां वंदे भारत ट्रेनशेड का रोलआउट भी हुआ। उन्होंने कहा कि रायबरेली में वीरा पासी का भव्य स्मारक और प्रतिमा बनाई जाएगी।मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा ने लंबे समय तक रायबरेली-अमेठी को वोटबैंक की राजनीति का माध्यम बनाया। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत है और विकास योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच रहा है।मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी पर तंज कसते हुए योगी ने कहा कि सनातन परंपरा की कालगणना को लेकर गलत तथ्य नहीं बताए जाने चाहिए। उन्होंने अयोध्या और राम मंदिर के मुद्दे पर भी कांग्रेस और सपा पर निशाना साधा।सीएम ने पूर्व विधायक मनोज पांडेय की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रभु राम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने पर उन्हें सपा से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा, “जो राम का, वह हमारे काम का।”योगी ने कहा कि प्रदेश में 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और 10 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रायबरेली में एम्स, सड़क, आवास, शौचालय और रोजगार जैसी सुविधाओं से विकास को गति मिली है।कार्यक्रम में खादी व ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, खाद्य व रसद मंत्री मनोज पांडेय, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, विधायक अदिति सिंह, अशोक कोरी, विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, अवनीश सिंह, जिला पंचायत प्रशासक रंजना चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी, अपना दल जिलाध्यक्ष सत्येंद्र पटेल, पूर्व विधायक राकेश सिंह, रामलाल अकेला, राजाराम त्यागी, धीरेंद्र बहादुर सिंह और पूर्व एमएलसी राकेश प्रताप सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।

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भारत-जापान व्यापारिक संबंधों को नई गति देने जापान रवाना हुए पीयूष गोयल

200 से अधिक सदस्यीय अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का करेंगे नेतृत्व खबर है..नई दिल्लीकेंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त 2026 तक जापान की चार दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे टोक्यो, नागोया और ओसाका का दौरा करेंगे तथा भारत के अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में 200 से अधिक कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं, जो विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, इस्पात, ऑटोमोबाइल, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप सहित विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।टोक्यो में प्रमुख जापानी कंपनियों से बातचीत : टोक्यो में श्री गोयल जापान के प्रमुख औद्योगिक समूहों और भारत के विकास में लंबे समय से भागीदार जापानी कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। वे कीडानरेन (Japan Business Federation) के साथ गोलमेज बैठक में भी शामिल होंगे, जो 1,500 से अधिक प्रमुख जापानी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है।यात्रा के दौरान सेमीकंडक्टर एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप और विदेशी संस्थागत निवेश जैसे क्षेत्रों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन बैठकों का उद्देश्य भारत में निवेश और नवाचार की संभावनाओं को जापानी उद्योग के सामने प्रस्तुत करना है।गोयल जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री अकाज़ावा रयोसेई के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इसके अलावा वे जापान सरकार और संसद के वरिष्ठ सदस्यों तथा जापान में भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे।नागोया में ऑटोमोबाइल और इस्पात क्षेत्र पर फोकस : मध्य जापान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र नागोया में मंत्री चूकेरेन (मध्य जापान आर्थिक संघ) और नागोया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ रोड शो का नेतृत्व करेंगे। इस दौरान आइची प्रान्त के नेतृत्व के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और इस्पात क्षेत्र के प्रमुख निवेशकों से भारत में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।ओसाका में निवेश एवं व्यापार रोड शो : यात्रा के अंतिम चरण में ओसाका में निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ रोड शो आयोजित होगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक एवं उपभोक्ता क्षेत्रों की प्रमुख जापानी कंपनियों के साथ बैठकें होंगी। इन बैठकों के माध्यम से भारत के विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार में उपलब्ध निवेश अवसरों को जापानी कंपनियों के सामने रखा जाएगा।भारत-जापान साझेदारी को मिलेगी नई गति : जापान भारत के लिए निवेश, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक सहयोग के क्षेत्र में लंबे समय से एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है। जापानी कंपनियों की भारत के ऑटोमोबाइल, इस्पात, इलेक्ट्रॉनिक्स, वित्तीय सेवाओं और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण भागीदारी है।200 से अधिक व्यापारिक प्रतिनिधियों वाला यह अभूतपूर्व प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेष रूप से उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और अगली पीढ़ी के उद्योगों में सहयोग के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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ईपीएफओ ने कर्मचारी नामांकन अभियान 2026 का लाभ उठाने की अपील की

खबर है..नई दिल्लीकर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने प्रतिष्ठानों और नियोक्ताओं से कर्मचारी नामांकन अभियान (EEC) 2026 का लाभ उठाने की अपील की है। इस अभियान के माध्यम से ऐसे पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने का अवसर दिया जा रहा है, जो 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच ईपीएफ कवरेज से बाहर रह गए थे।29 जून 2026 से प्रभावी यह विशेष अभियान 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसका उद्देश्य नियोक्ताओं को स्वैच्छिक अनुपालन का अवसर देना तथा पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जोड़ना है।पात्र कर्मचारियों का हो सकेगा नामांकन : ईईसी 2026 के तहत पात्र नियोक्ता उन कर्मचारियों की घोषणा कर सकते हैं, जो निर्धारित अवधि के दौरान ईपीएफ के दायरे से बाहर रहे हों। ऐसे कर्मचारी घोषणा की तारीख को जीवित होने के साथ-साथ संबंधित प्रतिष्ठान में कार्यरत होने चाहिए।अभियान के तहत पूर्व अनुपालन को नियमित करने के लिए कुछ विशेष छूट भी दी गई हैं। इनमें, निर्धारित शर्तों के अधीन, यदि पहले कर्मचारी के हिस्से की कटौती नहीं की गई थी तो उस हिस्से से संबंधित छूट का प्रावधान भी शामिल है।ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा नामांकन : नियोक्ताओं को निर्धारित ऑनलाइन माध्यम के जरिए नामांकन और भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। प्रत्येक घोषित कर्मचारी के लिए उमंग ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन आधारित यूएएन तैयार किया जाएगा। इसके बाद संबंधित अंशदान इलेक्ट्रॉनिक चालान -कम -रिटर्न (ECR) के माध्यम से जमा किया जाएगा।रोजगार और वेतन रिकॉर्ड की समीक्षा करने की अपील : ईपीएफओ ने नियोक्ताओं से अपने रोजगार और वेतन रिकॉर्ड की समीक्षा करने तथा ऐसे पात्र कर्मचारियों की पहचान करने का आग्रह किया है, जो निर्धारित अवधि में ईपीएफ कवरेज से बाहर रह गए थे। ईपीएफओ द्वारा अभियान के संबंध में नियोक्ताओं, कर्मचारियों, प्रतिष्ठानों, ठेकेदारों और अन्य हितधारकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक संपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है।केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों एवं विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और अन्य संगठनों से भी अपने प्रशासनिक नियंत्रण वाले प्रतिष्ठानों एवं सेवा प्रदाताओं के बीच ईईसी 2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का आग्रह किया गया है। ईपीएफओ ने नियोक्ताओं से इस एक बार मिलने वाले अवसर का लाभ उठाते हुए 31 अक्टूबर 2026 को अभियान समाप्त होने से पहले पात्र कर्मचारियों का नामांकन पूरा करने की अपील की है।

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भारत की पहली ब्रांडेड ट्रेन ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ रवाना

खबर है..लखनऊ।भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की तेजस एक्सप्रेस शुक्रवार को भारत की पहली ब्रांडेड ट्रेन ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ बनकर नए कलेवर के साथ रवाना हुई। तेजस ट्रेन में NFR पालिसी के तहत स्प्राइट ब्रांड की ब्रांडिंग की साझेदारी छह महीने के लिए की गयी है I पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ जंक्शन पर आयोजित समारोह में GGM/T-CO श्रीमती प्रोमिला गुप्ता ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन लखनऊ से नई दिल्ली के बीच अगले छह महीनों तक चलेगी और ट्रेन के पांच कोच के बाहरी हिस्से पर स्प्राइट की ब्रांडिंग भी की गयी है।लखनऊ जंक्शन पर आयोजित फ्लैग ऑफ समारोह में भारतीय रेलवे, आईआरसीटीसी और कोका-कोला इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ को रवाना किया गया। आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि “आईआरसीटीसी में हम प्रासंगिक साझेदारियों एवं पहलों के जरिये अपनी प्रीमियम ट्रेन सेवाओं में यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के अवसर तलाशते रहते हैं। तेजस एक्सप्रेस पर स्प्राइट के साथ हमारी साझेदारी एक स्थापित उपभोक्ता ब्रांड को एकीकृत ऑनबोर्ड अनुभव के माध्यम से यात्रा के माहौल से जोड़ती है। हम लखनऊ-नई दिल्ली रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के सफर को और सुखद बनाने की दिशा में काम करने को लेकर उत्साहित हैं।”शुक्रवार अल सुबह समारोह में पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की एडीआरएम श्रीमती नीतू, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अरिजीत सिंह, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक डॉ शिल्पी कनौजिया समेत कई वरिष्ठ रेल अधिकारी मौजूद रहे ।

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