₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन विनिर्माण योजना से भारत में घरेलू ब्रांडों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
खबर है..नई दिल्लीइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, घरेलू मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करने और देश की मोबाइल विनिर्माण क्षमता मजबूत करने के उद्देश्य से ₹62,500 करोड़ के बजट वाली मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) की घोषणा की है।केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस योजना का लक्ष्य भारत में ऐसे मजबूत मोबाइल ब्रांड विकसित करना है, जिनका ब्रांड, डिजाइन और बौद्धिक संपदा (IP) का स्वामित्व भारतीय हो और जो वैश्विक बाजार में सर्वश्रेष्ठ उत्पादों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें।मंत्री ने कहा कि 2027 के मध्य तक भारत को अपना पहला सशक्त घरेलू मोबाइल ब्रांड मिलने की उम्मीद है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए बारीकी से मूल्यांकन करेगी कि संबंधित कंपनियों की बौद्धिक संपदा का वास्तविक स्वामित्व भारतीय है।करीब 60,000 प्रत्यक्ष रोजगारसरकार के अनुसार, मोबाइल फोन विनिर्माण योजना से लगभग 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। योजना के तहत कुल मोबाइल फोन उत्पादन का मूल्य लगभग ₹39 लाख करोड़ तक पहुंचने की आशा है।घरेलू मूल्य संवर्धन पर जोरयोजना के प्रमुख उद्देश्यों में बड़े पैमाने पर उत्पादन के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना, मोबाइल विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और Domestic Value Addition (DVA) बढ़ाना शामिल है।इसके अलावा योजना भारतीय कंपनियों को:मोबाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता हासिल करने,भारतीय डिजाइन और अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने, भारतीय पेटेंट और बौद्धिक संपदा विकसित करने, घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने औररोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद करेगी।सरकार उद्योग के साथ परामर्श कर गैर-वित्तीय एवं अन्य सहायता उपाय भी तैयार करेगी, ताकि भारतीय स्वामित्व वाले मोबाइल ब्रांड वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।
