विदेशी पैसे के बल पर सामाजिक एकता खंडित करना चाहती है कांग्रेसः सीएम योगी

खबर है..लखनऊ/रायबरेलीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में रायबरेली, बछरावां और हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 879 करोड़ रुपये की 346 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। उन्होंने कांग्रेस पर देश-समाज को बांटने और विदेशी पैसे के बल पर सामाजिक एकता को खंडित करने का आरोप लगाया।सीएम योगी ने कहा कि रायबरेली अब विकास की नई पहचान बना रहा है। मॉडर्न कोच फैक्ट्री ने पिछले वर्ष रिकॉर्ड 2,156 कोच बनाए, जबकि मई 2026 में यहां वंदे भारत ट्रेनशेड का रोलआउट भी हुआ। उन्होंने कहा कि रायबरेली में वीरा पासी का भव्य स्मारक और प्रतिमा बनाई जाएगी।मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा ने लंबे समय तक रायबरेली-अमेठी को वोटबैंक की राजनीति का माध्यम बनाया। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत है और विकास योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच रहा है।मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी पर तंज कसते हुए योगी ने कहा कि सनातन परंपरा की कालगणना को लेकर गलत तथ्य नहीं बताए जाने चाहिए। उन्होंने अयोध्या और राम मंदिर के मुद्दे पर भी कांग्रेस और सपा पर निशाना साधा।सीएम ने पूर्व विधायक मनोज पांडेय की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रभु राम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने पर उन्हें सपा से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा, “जो राम का, वह हमारे काम का।”योगी ने कहा कि प्रदेश में 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और 10 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रायबरेली में एम्स, सड़क, आवास, शौचालय और रोजगार जैसी सुविधाओं से विकास को गति मिली है।कार्यक्रम में खादी व ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, खाद्य व रसद मंत्री मनोज पांडेय, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, विधायक अदिति सिंह, अशोक कोरी, विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, अवनीश सिंह, जिला पंचायत प्रशासक रंजना चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी, अपना दल जिलाध्यक्ष सत्येंद्र पटेल, पूर्व विधायक राकेश सिंह, रामलाल अकेला, राजाराम त्यागी, धीरेंद्र बहादुर सिंह और पूर्व एमएलसी राकेश प्रताप सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।

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भारत-जापान व्यापारिक संबंधों को नई गति देने जापान रवाना हुए पीयूष गोयल

200 से अधिक सदस्यीय अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का करेंगे नेतृत्व खबर है..नई दिल्लीकेंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त 2026 तक जापान की चार दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे टोक्यो, नागोया और ओसाका का दौरा करेंगे तथा भारत के अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में 200 से अधिक कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं, जो विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, इस्पात, ऑटोमोबाइल, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप सहित विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।टोक्यो में प्रमुख जापानी कंपनियों से बातचीत : टोक्यो में श्री गोयल जापान के प्रमुख औद्योगिक समूहों और भारत के विकास में लंबे समय से भागीदार जापानी कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। वे कीडानरेन (Japan Business Federation) के साथ गोलमेज बैठक में भी शामिल होंगे, जो 1,500 से अधिक प्रमुख जापानी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है।यात्रा के दौरान सेमीकंडक्टर एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप और विदेशी संस्थागत निवेश जैसे क्षेत्रों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन बैठकों का उद्देश्य भारत में निवेश और नवाचार की संभावनाओं को जापानी उद्योग के सामने प्रस्तुत करना है।गोयल जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री अकाज़ावा रयोसेई के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इसके अलावा वे जापान सरकार और संसद के वरिष्ठ सदस्यों तथा जापान में भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे।नागोया में ऑटोमोबाइल और इस्पात क्षेत्र पर फोकस : मध्य जापान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र नागोया में मंत्री चूकेरेन (मध्य जापान आर्थिक संघ) और नागोया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ रोड शो का नेतृत्व करेंगे। इस दौरान आइची प्रान्त के नेतृत्व के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और इस्पात क्षेत्र के प्रमुख निवेशकों से भारत में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।ओसाका में निवेश एवं व्यापार रोड शो : यात्रा के अंतिम चरण में ओसाका में निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ रोड शो आयोजित होगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक एवं उपभोक्ता क्षेत्रों की प्रमुख जापानी कंपनियों के साथ बैठकें होंगी। इन बैठकों के माध्यम से भारत के विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार में उपलब्ध निवेश अवसरों को जापानी कंपनियों के सामने रखा जाएगा।भारत-जापान साझेदारी को मिलेगी नई गति : जापान भारत के लिए निवेश, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक सहयोग के क्षेत्र में लंबे समय से एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है। जापानी कंपनियों की भारत के ऑटोमोबाइल, इस्पात, इलेक्ट्रॉनिक्स, वित्तीय सेवाओं और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण भागीदारी है।200 से अधिक व्यापारिक प्रतिनिधियों वाला यह अभूतपूर्व प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेष रूप से उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और अगली पीढ़ी के उद्योगों में सहयोग के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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ईपीएफओ ने कर्मचारी नामांकन अभियान 2026 का लाभ उठाने की अपील की

खबर है..नई दिल्लीकर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने प्रतिष्ठानों और नियोक्ताओं से कर्मचारी नामांकन अभियान (EEC) 2026 का लाभ उठाने की अपील की है। इस अभियान के माध्यम से ऐसे पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने का अवसर दिया जा रहा है, जो 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच ईपीएफ कवरेज से बाहर रह गए थे।29 जून 2026 से प्रभावी यह विशेष अभियान 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसका उद्देश्य नियोक्ताओं को स्वैच्छिक अनुपालन का अवसर देना तथा पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जोड़ना है।पात्र कर्मचारियों का हो सकेगा नामांकन : ईईसी 2026 के तहत पात्र नियोक्ता उन कर्मचारियों की घोषणा कर सकते हैं, जो निर्धारित अवधि के दौरान ईपीएफ के दायरे से बाहर रहे हों। ऐसे कर्मचारी घोषणा की तारीख को जीवित होने के साथ-साथ संबंधित प्रतिष्ठान में कार्यरत होने चाहिए।अभियान के तहत पूर्व अनुपालन को नियमित करने के लिए कुछ विशेष छूट भी दी गई हैं। इनमें, निर्धारित शर्तों के अधीन, यदि पहले कर्मचारी के हिस्से की कटौती नहीं की गई थी तो उस हिस्से से संबंधित छूट का प्रावधान भी शामिल है।ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा नामांकन : नियोक्ताओं को निर्धारित ऑनलाइन माध्यम के जरिए नामांकन और भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। प्रत्येक घोषित कर्मचारी के लिए उमंग ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन आधारित यूएएन तैयार किया जाएगा। इसके बाद संबंधित अंशदान इलेक्ट्रॉनिक चालान -कम -रिटर्न (ECR) के माध्यम से जमा किया जाएगा।रोजगार और वेतन रिकॉर्ड की समीक्षा करने की अपील : ईपीएफओ ने नियोक्ताओं से अपने रोजगार और वेतन रिकॉर्ड की समीक्षा करने तथा ऐसे पात्र कर्मचारियों की पहचान करने का आग्रह किया है, जो निर्धारित अवधि में ईपीएफ कवरेज से बाहर रह गए थे। ईपीएफओ द्वारा अभियान के संबंध में नियोक्ताओं, कर्मचारियों, प्रतिष्ठानों, ठेकेदारों और अन्य हितधारकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक संपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है।केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों एवं विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और अन्य संगठनों से भी अपने प्रशासनिक नियंत्रण वाले प्रतिष्ठानों एवं सेवा प्रदाताओं के बीच ईईसी 2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का आग्रह किया गया है। ईपीएफओ ने नियोक्ताओं से इस एक बार मिलने वाले अवसर का लाभ उठाते हुए 31 अक्टूबर 2026 को अभियान समाप्त होने से पहले पात्र कर्मचारियों का नामांकन पूरा करने की अपील की है।

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भारत की पहली ब्रांडेड ट्रेन ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ रवाना

खबर है..लखनऊ।भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की तेजस एक्सप्रेस शुक्रवार को भारत की पहली ब्रांडेड ट्रेन ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ बनकर नए कलेवर के साथ रवाना हुई। तेजस ट्रेन में NFR पालिसी के तहत स्प्राइट ब्रांड की ब्रांडिंग की साझेदारी छह महीने के लिए की गयी है I पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ जंक्शन पर आयोजित समारोह में GGM/T-CO श्रीमती प्रोमिला गुप्ता ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन लखनऊ से नई दिल्ली के बीच अगले छह महीनों तक चलेगी और ट्रेन के पांच कोच के बाहरी हिस्से पर स्प्राइट की ब्रांडिंग भी की गयी है।लखनऊ जंक्शन पर आयोजित फ्लैग ऑफ समारोह में भारतीय रेलवे, आईआरसीटीसी और कोका-कोला इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ को रवाना किया गया। आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि “आईआरसीटीसी में हम प्रासंगिक साझेदारियों एवं पहलों के जरिये अपनी प्रीमियम ट्रेन सेवाओं में यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के अवसर तलाशते रहते हैं। तेजस एक्सप्रेस पर स्प्राइट के साथ हमारी साझेदारी एक स्थापित उपभोक्ता ब्रांड को एकीकृत ऑनबोर्ड अनुभव के माध्यम से यात्रा के माहौल से जोड़ती है। हम लखनऊ-नई दिल्ली रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के सफर को और सुखद बनाने की दिशा में काम करने को लेकर उत्साहित हैं।”शुक्रवार अल सुबह समारोह में पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की एडीआरएम श्रीमती नीतू, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अरिजीत सिंह, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक डॉ शिल्पी कनौजिया समेत कई वरिष्ठ रेल अधिकारी मौजूद रहे ।

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₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन विनिर्माण योजना से भारत में घरेलू ब्रांडों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

खबर है..नई दिल्लीइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, घरेलू मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करने और देश की मोबाइल विनिर्माण क्षमता मजबूत करने के उद्देश्य से ₹62,500 करोड़ के बजट वाली मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) की घोषणा की है।केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस योजना का लक्ष्य भारत में ऐसे मजबूत मोबाइल ब्रांड विकसित करना है, जिनका ब्रांड, डिजाइन और बौद्धिक संपदा (IP) का स्वामित्व भारतीय हो और जो वैश्विक बाजार में सर्वश्रेष्ठ उत्पादों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें।मंत्री ने कहा कि 2027 के मध्य तक भारत को अपना पहला सशक्त घरेलू मोबाइल ब्रांड मिलने की उम्मीद है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए बारीकी से मूल्यांकन करेगी कि संबंधित कंपनियों की बौद्धिक संपदा का वास्तविक स्वामित्व भारतीय है।करीब 60,000 प्रत्यक्ष रोजगारसरकार के अनुसार, मोबाइल फोन विनिर्माण योजना से लगभग 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। योजना के तहत कुल मोबाइल फोन उत्पादन का मूल्य लगभग ₹39 लाख करोड़ तक पहुंचने की आशा है।घरेलू मूल्य संवर्धन पर जोरयोजना के प्रमुख उद्देश्यों में बड़े पैमाने पर उत्पादन के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना, मोबाइल विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और Domestic Value Addition (DVA) बढ़ाना शामिल है।इसके अलावा योजना भारतीय कंपनियों को:मोबाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता हासिल करने,भारतीय डिजाइन और अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने, भारतीय पेटेंट और बौद्धिक संपदा विकसित करने, घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने औररोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद करेगी।सरकार उद्योग के साथ परामर्श कर गैर-वित्तीय एवं अन्य सहायता उपाय भी तैयार करेगी, ताकि भारतीय स्वामित्व वाले मोबाइल ब्रांड वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।

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आधार ऐप के 5 करोड़ डाउनलोड पूरे, डिजिटल आधार सेवाओं को मिला बड़ा बढ़ावा

खबर है..नई दिल्लीआधार ऐप ने पांच करोड़ डाउनलोड का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि देशभर में निवासियों के बीच सुविधाजनक, सुरक्षित और निवासी-केंद्रित डिजिटल आधार सेवाओं के बढ़ते उपयोग को दर्शाती है।यूआईडीएआई के अनुसार, आधार ऐप अब आधार नंबर धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल इंटरफेस बन गया है। इसके माध्यम से लोग अपने स्मार्टफोन से मोबाइल नंबर, पता और ईमेल अपडेट, बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक तथा ई-आधार डाउनलोड जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।60 लाख से अधिक मोबाइल नंबर अपडेट :आधार ऐप के माध्यम से अब तक 60 लाख से अधिक लोगों ने अपना मोबाइल नंबर, 15 लाख से अधिक लोगों ने अपना पता और 23 लाख से अधिक लोगों ने अपना ईमेल अपडेट किया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि लोग आधार केंद्र पर जाने के बजाय डिजिटल माध्यम से आधार से जुड़ी सेवाएं प्राप्त करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।‘दिखाएं, साझा करें और सत्यापित करें’ पर आधारित ऐप : आधार ऐप को “दिखाएं, साझा करें और सत्यापित करें” के सिद्धांत पर विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य आधार धारकों को अपनी पहचान संबंधी जानकारी के उपयोग पर अधिक नियंत्रण देना तथा सुविधाजनक और सुरक्षित पहचान सत्यापन उपलब्ध कराना है।200 से अधिक संस्थाएं ऑफलाइन सत्यापन व्यवस्था से जुड़ीं : यूआईडीएआई ने आधार के सुरक्षित ऑफलाइन सत्यापन के लिए भी इकोसिस्टम का विस्तार किया है। जनवरी में इसकी शुरुआत के बाद से 200 से अधिक संस्थाएं ‘ऑफलाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाओं’ (OVSEs) के रूप में शामिल हो चुकी हैं।इन संस्थाओं के माध्यम से आधार की सहमति-आधारित, सुरक्षित और कागज रहित ऑफलाइन सत्यापन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। क्यूआर कोड आधारित सत्यापन और सुरक्षित डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेजों के माध्यम से संस्थाएं यूआईडीएआई के केंद्रीय डेटाबेस से रियल-टाइम कनेक्टिविटी के बिना भी पहचान संबंधी जानकारी का सत्यापन कर सकेंगी। यह व्यवस्था इस बात को सुनिश्चित करती है कि आधार धारक केवल आवश्यक जानकारी ही साझा करें, जिससे उनकी गोपनीयता और डेटा पर नियंत्रण मजबूत होता है। यूआईडीएआई की ये पहल डिजिटल इंडिया के विजन के अनुरूप सुरक्षित, सुलभ, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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सेमीकॉन इंडिया 2026: भारत के सेमीकंडक्टर भविष्य का वैश्विक मंच

17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर), द्वारका में आयोजनप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को सम्मेलन के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। खबर है..नई दिल्लीभारत के सबसे बड़े सेमीकंडक्टर सम्मेलन सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर), द्वारका में किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को सम्मेलन के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे।‘सिलिकॉन से सिस्टम तक : इकोसिस्टम का निर्माण’ :इस वर्ष सेमीकॉन इंडिया का विषय “सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण” रखा गया है। तीन दिवसीय आयोजन में दुनिया भर के सेमीकंडक्टर उद्योग के दिग्गज, निवेशक, नीति निर्माता, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, स्टार्टअप, इंजीनियर और विद्यार्थी एक मंच पर आएंगे।इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को गति देने में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) की महत्वपूर्ण भूमिका है। सेमीकॉन 1.0 के तहत अब तक 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 3 परियोजनाओं में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है। इसके साथ ही सरकार ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए सेमीकॉन 2.0 को भी मंजूरी दी है।सम्मेलन में 500 से अधिक प्रदर्शक और 40 से अधिक देशों की भागीदारी होगी। सेमीकॉन इंडिया 2026 मे 240+ अंतरराष्ट्रीय कंपनियां, 150+ अंतरराष्ट्रीय स्तर के वक्ता, 40+ देशों के प्रतिनिधिमंडल होंगे। 15,000 वर्ग मीटर से अधिक प्रदर्शनी क्षेत्र में 6 देशों के पवेलियन, 10 राज्य सरकारों के पवेलियन, स्टार्टअप पवेलियन और इनोवेशन शोकेस, स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता, छात्र हैकाथॉन, वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियनशामिल होंगे।सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के प्रमुख विषय : सम्मेलन में विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी, AI एवं डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सप्लाई चेन, रसायन एवं सामग्री, सरकारी नीतियां, ESG एवं स्थिरता, उत्पाद डिजाइन एवं निर्माण, स्टार्टअप एवं नवाचार, प्रतिभा एवं कौशल विकास तथा भारत के ब्रांड और बाजार विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण एवं नेतृत्व, कार्यबल विकास और छह अंतरराष्ट्रीय देशों के गोलमेज सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। एक विशेष सत्र “एक साथ मजबूत: भारत के ESDM विकास के लिए सहयोग करते उद्योग संघ” विषय पर होगा।भारत के लिए बढ़ते अवसर :आईएसएम के अनुसार, वैश्विक सेमीकंडक्टर मांग लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं भारत में सेमीकंडक्टर की मांग लगभग 100 अरब डॉलर से बढ़कर 200 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। सरकार अनुसंधान और डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए 332 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों और 105 स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक डिजाइन उपकरण उपलब्ध करा रही है। वहीं Design Linked Incentive (DLI) योजना के तहत 24 स्टार्टअप्स को मंजूरी दी गई है।दिग्गज कंपनियों की भागीदारी : सेमीकॉन इंडिया 2026 में ASML, Applied Materials, Teradyne, Infineon, Ebara, Jabil, IBM Research, NXP, Tata Electronics, Micron, Rapidus, Lam Research, CG Power, Advantest, Tokyo Electron सहित दुनिया की प्रमुख सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।यह आयोजन भारत को केवल वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का हिस्सा बनाने के बजाय वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का अभिन्न अंग बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।रजिस्ट्रेशन शुरू : सेमीकॉन इंडिया 2026 के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। सम्मेलन की आधिकारिक जानकारी और पंजीकरण के लिए सेमीकॉन इंडिया पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।

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2047 तक कृषि व ग्रामीण विकास के रोड मैप पर शिवराज करेंगे संवाद

केंद्रीय मंत्री के साथ कृषि तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय के कर्मचारी-अधिकारी, किसान, लखपति दीदियां, निर्यातक व फूड प्रोसेसर्स लेंगे संकल्प खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को घोषित “शक्ति की सप्त धारा” के तहत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 18 अगस्त को पूसा परिसर, नई दिल्ली में अपने दोनों मंत्रालयों के विभागीय अधिकारियों को संकल्प दिलाएंगे। इस संवाद में विभागों के रोडमैप, लखपति दीदी योजना के विस्तार और किसानों-ग्रामीणों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। बैठक का उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के विजन में कृषि व ग्रामीण विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तय करना है। इस कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान, लखपति दीदियां, कृषि क्षेत्र के निर्यातक एवं फूड प्रोसेसर्स भी शामिल होंगे।केंद्रीय मंत्री चौहान का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में घोषित ‘शक्ति की सप्त धारा’ कृषि और ग्रामीण भारत के लिये मार्गदर्शक सिद्धांत है। हम इसे जन-आधारित कार्यक्रमों, पारदर्शी निगरानी और मजबूत क्रियान्वयन से आकार देंगे। हमारा लक्ष्य है कि किसान और ग्रामीण महिलाएं सीधे लाभान्वित हों और 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार हो। इसी परिप्रेक्ष्य में विभागीय रोडमैप पर चर्चा कर और तेजी लाई जाएगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से दिए गए उद्बोधन में “शक्ति की सप्त धारा” प्रस्तुत की गई हैं, जिसके मुख्य एजेंडा और प्राथमिकताओं में कृषि और खाद्य उत्पादन की मजबूती के लिए कृषि का विस्तार, खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देना और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने की अहम बात भी शामिल हैं। साथ ही उर्वरक मूल्य का जिक्र करते हुए वैश्विक संकट और उथल-पुथल के बीच किसानों को रियायती दरों पर खाद उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री जी द्वारा दोहराई गई है। निर्यात के अवसर के बारे में कृषि और समुद्री उत्पादों (सीफूड) के क्षेत्र में किसानों के लिए नए वैश्विक बाजार और अवसरों के विस्तार पर बात की गई, वहीं आत्मनिर्भरता पर फोकस करते हुए वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश को खाद और ईंधन जैसी बुनियादी जरूरतों में सुरक्षित और आत्मनिर्भर रखने के लिए पिछले एक दशक की दीर्घकालिक योजनाओं को रेखांकित किया गया।

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20 हजार स्थानों पर लगेगा ‘टैंक टू टैप’ वाटर फिल्ट्रेशन सिस्टम

रेलवे में सुरक्षित पेयजल के लिए बड़ा अभियान खबर है..नई दिल्लीपेयजल की गुणवत्ता को लेकर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के बाद रेलवे ने यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं CEO तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस विषय पर पूरे दिन समीक्षा बैठक की और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।रेलवे नेटवर्क पर लगभग 20,000 स्थानों पर नए ‘टैंक टू टैप’ वाटर फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाए जाएंगे। इनमें वाटर कूलर सहित विभिन्न पेयजल आपूर्ति बिंदु शामिल हैं। इसके साथ ही व्यापक जल शोधन, गुणवत्ता जांच और निगरानी प्रणाली भी स्थापित की जाएगी।पानी की टंकियों को किया जाएगा रिप्लेस : रेलवे द्वारा पुरानी एवं आवश्यकतानुसार अनुपयुक्त पानी की टंकियों को बदलने की कार्रवाई भी की जाएगी। पेयजल की स्वच्छता बनाए रखने के लिए टंकियों की नियमित सफाई और रखरखाव को अनिवार्य किया जाएगा।जल गुणवत्ता की नियमित जांच होगी : रेलवे ने पेयजल व्यवस्था में कई स्तरों पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। इनमें पानी के स्रोत और आउटलेट दोनों स्थानों पर नियमित गुणवत्ता परीक्षण। जल गुणवत्ता की केंद्रीकृत निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना। पानी की स्टोरेज टंकियों की निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सफाई एवं रखरखाव। जल शोधन एवं आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी शामिल है।रेलवे बोर्ड स्तर से इस पूरे अभियान की सीधी निगरानी की जाएगी। पेयजल की गुणवत्ता और सुधारात्मक कार्रवाई से संबंधित प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर सार्वजनिक की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। रेलवे के अनुसार, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना इस समय सर्वोच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल है। यह पहल CAG की रिपोर्ट में सामने आई टिप्पणियों को दूर करने के साथ-साथ यात्रियों के समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।

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देश का भविष्य युवाओं के कंधे पर : शुक्ल

खबर है..लखनऊकेंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ के प्राचार्य राजेश कुमार शुक्ल ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के कंधे पर है और युवाओं की ज़िम्मेदारी है कि देश की अपेक्षाओं और सपनों को साकार करें।श्री शुक्ल शनिवार को विद्यालय परिसर में आयोजित 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने झण्डारोहण किया। प्राचार्य ने अपने संदेश में विद्यार्थियों का आह्वान किया कि सभी में अच्छी शिक्षा के साथ-साथ अच्छा संस्कार भी होना अति आवश्यक है। देशप्रेम की भावना सभी में भरी होनी चाहिए तभी देश आगे बढ़ेगा।इस मौके पर श्री शुक्ल ने बीते 3-5 अगस्त के मध्य संम्पन्न हुए भारत स्काउट एवं गाइड के चतुर्थ चरण के कब एवं बुलबुल हीरक पंख (गोल्डन ऐरो) परीक्षण शिविर में सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर उन्हें सम्मसनित किया एवं उत्साहवर्धन किया।केंद्रीय विद्यालय परिसर में आयोजित 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस उमंग व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश प्रेम से प्रेरित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पेश कर लोगों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, योग आदि को बखूबी ढंग से प्रस्तुत किया। मंच संचालन की जिम्मेदारी श्रीमती दीपिका ने बहुत सलीके से संभाली, जबकि विद्यालय के उप प्राचार्य महेंद्र कुमार ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया ।इस मौके पर श्रीमती वंदना चौहान पीजीटी रसायनशास्त्र, हृदय नारायण दुबे, पीजीटी हिंदी, बशिष्ठ सिंह, पीजीटी अर्थशास्त्र, आशुतोष पांडेय, पीजीटी भूगोल, रामजी प्रसाद,पीजीटी अंग्रेजी, मनोज कुमार,पीजीटी इतिहास, अंजू अरोड़ा, मुख्य अधपिका, मनोज कुमार, सुनील कुमार, श्रीमती आस्था ओमर, श्रीमती अनामिका इत्यादि प्राथिमक शिक्षक/शिक्षिकाएं के अलावा विद्यार्थी और उनके अभिवाहक भी उपस्थित रहे।

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