श्रम संहिताओं की वापसी समेत 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन
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लखनऊ
राज्य व केन्द्रीय कर्मचारियों की स्वतंत्र फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को प्रदेशभर में किसानों और मजदूरों ने धरना-प्रदर्शन किया। राजधानी लखनऊ में प्रदर्शनकारियों ने परिवर्तन चौक से राजभवन के लिए पैदल मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पास मार्च रोक दिया। इसके बाद वहीं सभा आयोजित की गई और मांगों को लेकर आवाज बुलंद की गई।
प्रदर्शनकारियों ने चारों श्रम संहिताएं वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी ₹42 हजार करने, काम के घंटे आठ करने, फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य C2+50 प्रतिशत तय करने और खरीद की गारंटी की मांग की। इसके अलावा अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता रद्द करने, बिजली संशोधन विधेयक-2025 और बीज संशोधन विधेयक-2025 वापस लेने, स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी देने तथा न्यूनतम मजदूरी सलाहकार बोर्ड गठित करने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने शुगर उद्योग में वेतन पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी करने, पूर्वांचल और मध्यांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण पर रोक लगाने, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने, किसानों की कर्जमाफी और सस्ती खाद उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही मनरेगा को कमजोर करने के प्रयास रोकने और नई शिक्षा नीति-2020 वापस लेने की मांग भी प्रमुख रही।
सभा को एटक के महामंत्री चन्द्रशेखर, इण्टक के महामंत्री एचएन तिवारी, एचएमएस के महामंत्री उमाशंकर मिश्र, सीटू के महामंत्री प्रेमनाथ राय, टीयूसीसी के महामंत्री डॉ. आरसी, सेवा की सीता बहन, एआईयूटीयूसी के महामंत्री बालेन्द्र कटियार, एक्टू नेता केएमएस मगन तथा किसान संगठनों के नेताओं ने संबोधित किया।
प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, अलीगढ़, मिर्जापुर, बस्ती, गोण्डा समेत कई जिलों में भी धरना-प्रदर्शन कर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए।
प्रदर्शन के बाद पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल कार्यालय पहुंचकर उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में चन्द्रशेखर, उमाशंकर मिश्र, एचएन तिवारी, सत्येन्द्र कुमार मौर्या और अनिल कुमार शुक्ला शामिल रहे।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन अवध, संबद्ध हिंद मजदूर सभा के सैकड़ों सदस्यों ने राजेंद्र यादव और राधेश्याम यादव के नेतृत्व में लखनऊ विकास प्राधिकरण के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। इससे पहले बेगम हजरत महल पार्क के सामने उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे के नेतृत्व में विद्युत कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया।

