सहकार टैक्सी और दिल्ली पुलिस के बीच समझौते से मिलेगा परिचालन का फ्रेमवर्क

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने दी राज्यसभा में जानकारी खबर है..नई दिल्लीदिल्ली के 21 स्थानों पर स्थित 34 प्री-पेड टैक्सी बूथों के प्रबंधन और डिजिटल एकीकरण के लिए एक सहयोगात्मक फ्रेमवर्क स्थापित करने के लिए 4 फरवरी 2026 को सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) और दिल्ली यातायात पुलिस के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे।यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। समझौता ज्ञापन (एमओयू) एक स्पष्ट परिचालन फ्रेमवर्क प्रदान करता है, जिसमें: दिल्ली यातायात पुलिस प्री-पेड बूथों के प्रबंधन और संचालन, बूथ कर्मचारियों की भर्ती, चालक सत्यापन और नियंत्रण कक्ष तंत्र की स्थापना सहित यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी है।एसटीसीएल डिजिटल एकीकरण, वित्तीय प्रबंधन, कर्मचारियों के वेतन का भुगतान सहित , बूथों के रखरखाव, और ब्रांडिंग/विपणन कार्यकलापों के लिए उत्तरदायी है।इस समझौते का उद्देश्य डिजिटल सक्षमता के माध्यम से मौजूदा प्रीपेड टैक्सी प्रणाली का आधुनिकीकरण करते हुए सुरक्षा, पारदर्शिता, यात्रियों की सुगमता और चालक की आय में वृद्धि करना है । भारत टैक्सी ने इन बूथों पर मौजूदा पात्र जनशक्ति को प्रशिक्षित करने और उन्हें नियोजित करने के साथ-साथ अतिरिक्त कर्मियों को काम पर रखा है।सहकारी फ्रेमवर्क के भीतर भर्ती प्रचालनात्मक आवश्यकताओं और सेवाओं के चरणबद्ध विस्तार के अनुसार की जाती है। सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) अपनी अनुमोदित संगठनात्मक संरचना और व्यावसायिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, समय-समय पर नियोजित कर्मियों की संख्या का निर्धारण करता है। दिनांक 23 मार्च, 2026 की स्थिति के अनुसार इस प्लेटफॉर्म पर सहायता और परिचालन संबंधी भूमिकाओं में लगभग 130 कर्मियों को नियोजित किया गया है।

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भारतीय नौसेना को मिली समुद्री सहयोग को सुदृढ़करने में मददजहाज त्रिकंद ने मोजाम्बिक के मापुटो बंदरगाह पर किया अपना प्रवास पूरा

खबर है..नई दिल्लीभारतीय नौसेना में अग्रिम पंक्ति के निर्देशित मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंद ने 29 मार्च, 2026 को मोजाम्बिक के मापुटो में अपना बंदरगाह प्रवास पूरा किया।बंदरगाह पर ठहरने के दौरान, संयुक्त प्रशिक्षण और व्यावसायिक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिससे भारतीय नौसेना और मोज़ाम्बिक नौसेना के बीच अंतरसंचालनीयता और समुद्री सहयोग को सुदृढ़करने में मदद मिली।भारत से भेजी गई राहत सामग्री मोज़ाम्बिक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. उसेन हिलारियो इस्से, मोज़ाम्बिक में भारत के उच्चायुक्त रॉबर्ट शेटकिंटोंग और अन्य वरिष्ठ सरकारी तथा सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में सौंपी गई। मोज़ाम्बिक नौसेना अस्पताल में एक चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया।कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने मोजाम्बिक में भारत के उच्चायुक्त से मुलाकात की।प्रस्थान के समय, जहाज ने नियोजित परिचालन तैनाती के लिए आगे बढ़ने से पहले, जहाज पर मौजूद मोजाम्बिक नौसेना के कर्मियों के साथ संयुक्त ईईजेड निगरानी और प्रशिक्षण गतिविधियों को अंजाम दिया।ज्मापुटो बंदरगाह पर हुई यह यात्रा भारत के महासागर (क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) के दृष्टिकोण को दर्शाती है और हिंद महासागर क्षेत्र में पसंदीदा सुरक्षा भागीदार और प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता बने रहने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।

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स्कूल से स्किल’ को बढ़ावा, अटल आवासीय विद्यालयों में लागू होगा ‘प्रोजेक्ट प्रवीण

योगी सरकार की पहल से 18 विद्यालयों के 3447 विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण खबर है..नई दिल्लीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सरकार द्वारा शिक्षा और कौशल विकास को एकीकृत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा अब प्रदेश के 18 अटल आवासीय विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ लागू किया जाएगा, जिसके तहत 3447 विद्यार्थियों को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।यह कदम प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में बढ़ाया जा रहा है। प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत विद्यार्थियों को आईटी, आईटीईएस, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब तक यह कार्यक्रम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में संचालित था, लेकिन अटल आवासीय विद्यालयों को जोड़ने से इसका दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर कराए गए सर्वे के आधार पर विद्यालयों को चयनित किया गया है। सर्वे के अनुसार आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बस्ती, बांदा, गोंडा, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, बुलंदशहर, मिर्जापुर, प्रयागराज, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, बरेली और मुरादाबाद स्थित 18 अटल आवासीय विद्यालयों के कुल 3447 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण के लिए पात्र पाया गया है। विद्यार्थियों की विशेष रुचि आईटी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अपैरल सेक्टर में देखी गई है।अटल आवासीय विद्यालय प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत संचालित हो रहे हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों, प्रवासी कामगारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के प्रतिभावान बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान करना है। कक्षा 6 से 12 तक संचालित इन विद्यालयों में अब आधुनिक कौशल प्रशिक्षण भी जोड़ा जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बल मिलेगा।मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ एक 210 घंटे का निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें आईटी, ब्यूटी, हेल्थकेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स और इंडस्ट्रियल विजिट भी शामिल हैं। अब इसमें ‘AI for All’ मॉड्यूल को भी जोड़ा गया है, जिससे विद्यार्थी तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें।

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गतिशक्ति विश्वविद्यालय और डीजीसीए के बीच करार

विमान रखरखाव इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय बीएससी पाठ्यक्रम करेंगे तैयारअश्वनी वैष्णव का जीएसवी में विनिर्माण प्रौद्योगिकी के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का आह्वान नई दिल्लीभारत के परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के अग्रणी विश्वविद्यालय, गतिशक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के बीच आज रेल भवन में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस महत्वपूर्ण समझौते पर केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के.राम मोहन नायडू की उपस्थिति में फैज अहमद किदवई (महानिदेशक, डीजीसीए) और प्रो. मनोज चौधरी (कुलपति, जीएसवी) ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार और केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा सहित रेलवे और नागरिक उड्डयन के अन्य शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।यह रणनीतिक सहयोग मानव पूंजी को मजबूत करके और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (एएमई) प्रशिक्षण में सुधार करके भारत में तेजी से बढ़ते मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) क्षेत्र को सक्षम बनाने के उद्देश्य से किया गया है। यह साझेदारीखएएमई शिक्षा के मानकीकरण, गुणवत्ता मानकों को बढ़ाने और ‘एविएशन मेंटेनेंस इंजीनियरिंग’ में स्नातक डिग्री शुरू करके युवाओं के लिए एमआरओ करियर को अधिक आकर्षक बनाने पर केंद्रित होगी।

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देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध

जनता को अफवाहों पर विश्वास न करने की सलाहमार्च में घरेलू, वाणिज्यिक, छात्रावास, मेस और कैंटीन श्रेणियों में 2.9 लाख से अधिक कनेक्शन दिएलगभग 94,000 मीट्रिक टन कार्गो वाले दो एलपीजी वाहक सुरक्षित रूप से बढ़ रहे हैं भारतीय तटों की ओर खबर है..नई दिल्लीपश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के बीच, भारत सरकार प्रमुख क्षेत्रों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी बनाए हुए है और उचित तैयारी एवं प्रतिक्रियात्मक उपाय कर रही है। प्रयासों का मुख्य उद्देश्य निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखना, समुद्री गतिविधियों की सुरक्षा करना और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को जरूरी सहायता प्रदान करना है।कच्चा तेल/रिफाइनरी :सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है।घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ा दिया गया है।रिटेल आउटलेट :देश भर में सभी खुदरा दुकानें सामान्य रूप से चल रही हैं। भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है।इसके अलावा, भारत सरकार ने घरेलू बाजार में इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया है। देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जनता को अफवाहों पर विश्वास न करने की सलाह दी गई है। मार्च महीने के दौरान, घरेलू, वाणिज्यिक, छात्रावास, मेस, कैंटीन आदि सहित 2.9 लाख से अधिक कनेक्शनों का गैसीकरण किया गया है।घरेलू एलपीजी आपूर्ति:एलपीजी वितरकों में आपूर्ति में कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है। कल उद्योग के आधार पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 94 प्रतिशत की वृद्धि हुई।वितरक स्तर पर हेराफेरी को रोकने के लिए, डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी को 53 प्रतिशत (फरवरी-2026) से बढ़ाकर कल 84 प्रतिशत कर दिया गया है। कल 55 लाख से अधिक एलपीजी रिफिल वितरित किए गए। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से हो रही है।एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। अब तक लगभग 2900 छापेमारी की जा चुकी हैं और कल लगभग 1000 सिलेंडर जब्त किए गए।इस युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद, सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी उच्च प्राथमिकता दी है।

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पूरे मोटापे की तुलना में पेट या शरीर के मध्य मोटापा एक बड़ा जोखिम : डॉ. सिंह

भारतीय संदर्भ में जहां दुबले-पतले दिखने वाले व्यक्तियों में भी अक्सर काफी मात्रा में पाया जाता है आंतरिक वसा खबर है..नई दिल्लीकेन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार 29 मार्च को कहा कि पूरे मोटापे की तुलना में पेट या शरीर के मध्य मोटापा एक बड़ा जोखिम है, विशेष रूप से भारतीय संदर्भ में जहां दुबले-पतले दिखने वाले व्यक्तियों में भी अक्सर काफी मात्रा में आंतरिक वसा पाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शरीर के मध्य मोटापा अपने आप में मोटापे से अलग एक जोखिम है।डॉ. सिंह ने यहां एक समारोह में “एडवांसेज इन ओबेसिटी एंड लिपिड मैनेजमेंट इन सीवीडी” नामक कार्डियोलॉजी की एक व्यापक पाठ्यपुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि शरीर के मध्य मोटापा, यहां तक कि देखने में सामान्य दिखने वाले व्यक्तियों में भी, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फैटी लिवर, डिस्लिपिडेमिया आदि सहित कई चयापचय संबंधी विकारों का कारण बन सकता है।भारतीय शारीरिक संरचना की विशिष्टता का उल्लेख करते हुए मंत्री जी ने कहा कि यद्यपि पुरुषों और महिलाओं दोनों में मोटापा बढ़ रहा है, फिर भी पेट के मोटापे की व्यापकता कहीं अधिक है और यह हृदय संबंधी रोगों के जोखिम का एक अलग कारण है। पेट के आसपास आंतरिक वसा की उपस्थिति, सामान्य मोटापे के बिना भी, महत्वपूर्ण नैदानिक निहितार्थ रखती है और इसके लिए शीघ्र पहचान और लक्षित उपचार की आवश्यकता होती है।उन्होंने इस प्रकाशन को सामयिक और प्रासंगिक बताते हुए कहा कि यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के अनुसार मोटापे की बढ़ती समस्या से निपटने की राष्ट्रीय प्राथमिकता के अनुरूप है। प्रधानमंत्री ने जन जागरूकता बढ़ाने और जीवनशैली में बदलाव लाने का आह्वान किया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने संतुलित स्वास्थ्य प्रथाओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला और बताया कि फिटनेस के लिए अत्यधिक या अवैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिसमें पर्याप्त तैयारी या आराम के बिना अत्यधिक परिश्रम करना शामिल है, स्वास्थ्य के लिए जोखिम उत्पन्न कर सकता है। उन्होंने निरंतर जीवनशैली अनुशासन, पर्याप्त नींद और वैज्ञानिक रूप से निर्देशित निवारक देखभाल पर जोर दिया।प्रख्यात हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. एच.के. चोपड़ा द्वारा संपादित यह पाठ्यपुस्तक भारत और विदेश के 300 से अधिक योगदानकर्ताओं के नवीनतम विचारों को एक साथ लाती है। यह पारंपरिक जोखिम आधारित प्रबंधन से हटकर सटीक रोकथाम की ओर एक बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है। इसमें चयापचय संबंधी उपचार, लिपिड प्रबंधन, डिजिटल स्वास्थ्य और एआई-सक्षम नैदानिक निर्णय प्रणालियों में हुई प्रगति को एक किया गया है।

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संकट का सामना धैर्य और एकजुटता के साथ : मोदी

प्रधानमंत्री जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का किया उद्घाटन खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से उपजे मौजूदा वैश्विक संकट का सामना हमें पूरे धैर्य और एकजुटता के साथ करना है। इसी को लेकर सभी राजनीतिक दलों से मेरा यह विनम्र आग्रह है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार 28 मार्च को जेवर उत्तर प्रदेश में नवनिर्मित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य केंद्रीय नागर विमानन मंत्री भी उनके साथ थे।इस अवसर पर गर्व और खुशी व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत अभियान में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारत का सबसे बड़ा राज्य अब अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों की सर्वाधिक संख्या वाले राज्यों में शामिल हो गया है।एक्‍स पर पोस्ट की श्रृंखला ‍में मोदी ने कहा कि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन में अत्याधुनिक सुविधाओं को देखकर मन को बहुत संतोष हुआ। इस एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी, निवेश और विकास को एक नई गति मिलेगी। नोएडा के कार्यक्रम में अपार संख्या में जुटे मेरे परिवारजनों का जोश साफ बता रहा है कि यूपी सहित देशभर में हो रहे तेज विकास को लेकर वे कितने उत्साहित हैं।हाल ही में हमारी सरकार ने उड़ान योजना को और विस्तार दिया है, जिसके तहत आने वाले वर्षों में छोटे-छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड बनाने की योजना है। यूपी को भी इससे बहुत अधिक लाभ होगा। हमारी सरकार हवाई जहाजों की Maintenance, Repair and Overhaul यानि MRO सुविधाओं को बहुत बड़े पैमाने पर भारत में ही विकसित करने में जुटी है। इससे देश को कमाई भी होगी और युवाओं को अनेक रोजगार भी मिलेंगे।

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केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में दस रुपए प्रति लीटर की कटौती की

खुदरा पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं, तेल विपणन कंपनियों की अंडररिकवरी में आंशिक मदद खबर है..नई दिल्लीभारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर उत्पाद शुल्क में तत्काल प्रभाव से 10 रुपये प्रति लीटर की कमी कर दी है। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में हुई तीव्र वृद्धि के बाद लिया गया है, जो पिछले एक महीने में लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान के कारण चार सप्ताह से भी कम समय में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।पेट्रोल और डीजल के खुदरा पंप मूल्यों में कोई बदलाव नहीं होगा। उत्पाद शुल्क में कटौती का सीधा असर पंप पर कीमतों में कटौती के रूप में नहीं पड़ रहा है। इसके बजाय, यह सीधे तौर पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन – द्वारा वहन किए जा रहे घाटे (अंडररिकवरी) को कम करता है। ये कंपनियां भारतीय उपभोक्ताओं को आपूर्ति लागत से काफी कम कीमतों पर ईंधन की आपूर्ति जारी रखे हुए हैं। विद्यमान अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर, पेट्रोल पर लगभग 26 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 81.90 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। तेल विपणन कंपनियों द्वारा वहन किया जा रहा कुल दैनिक घाटा लगभग 2,400 करोड़ रुपये है। उत्पाद शुल्क में कटौती से इन घाटे में से 10 रुपये प्रति लीटर की भरपाई हो जाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि तेल विपणन कंपनियां खुदरा कीमतों को अपरिवर्तित रखते हुए बिना किसी रुकावट के ईंधन की आपूर्ति जारी रख सकें।वैश्विक ईंधन बाजारों के साथ तुलना करना महत्वपूर्ण है। वर्तमान संकट की शुरुआत से ही दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में ईंधन की कीमतों में 30 से 50 प्रतिशत, उत्तरी अमेरिका में 30 प्रतिशत और यूरोप में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारत ने संतुलित रुख बनाए रखा है। इस स्थिरता की एक वित्तीय लागत है और सरकार ने इसे वहन करने का विकल्प चुना है।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार के सामने दो विकल्प थे: या तो अन्य सभी देशों की तरह भारत के नागरिकों के लिए कीमतों में भारी वृद्धि करना, या फिर खुद पर वित्तीय बोझ उठाना ताकि भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रह सकें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकारी खजाने पर बोझ डालने का निर्णय लिया। आसमान छूती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के इस दौर में तेल विपणन कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने अपने कर राजस्व में अत्यधिक कमी की है।यह निर्णय 2022 के रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद अपनाई गई रणनीति के अनुरूप है, जब तेल और गैस कंपनियों ने लगातार नुकसान उठाया और सरकार ने वैश्विक मूल्य अस्थिरता से परिवारों और व्यवसायों को बचाने के लिए केंद्रीय करों में कटौती की। आज लिए गए निर्णय में भी यही सिद्धांत लागू होता है : भारत के नागरिकों और उद्योगों को उन व्यवधानों का बोझ नहीं उठाना चाहिए जो उन्होंने उत्पन्न नहीं किए हैं। सरकार वैश्विक ऊर्जा स्थिति पर निरंतर दृष्टि रखेगी और भारतीय उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति स्थिरता और मूल्य संरक्षण बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी।

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वैष्णव ने कवच कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की

रेलवे की कवच के अंतर्गत विकसित स्वदेशी यूनिवर्सल ब्रेकिंग प्रणाली, कवच 4.0 के त्वरित कार्यान्वयन में सहायक होगी खबर है..नई दिल्लीरेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे की स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित रेलगाड़ी सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली कवच की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में तैनाती में तेजी लाने और अधिक कुशल रेलगाड़ी संचालन सुनिश्चित करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।कवच को आगे बढ़ाने वाली तकनीकी प्रगतिभारतीय रेलवे ने कवच में कई अत्याधुनिक सुधार किए हैं। यूनिवर्सल ब्रेकिंग प्रणाली (यूबीए), जो विभिन्न निर्माताओं के ब्रेकिंग कर्व्स को मानकीकृत करता है, अंतरसंचालन सुनिश्चित करता है और बार-बार होने वाले परीक्षणों को समाप्त करता है। बेसलाइन सॉफ्टवेयर, एआई-संचालित डिजाइन स्वचालन और लोकोमोटिव, इंटरलॉकिंग प्रणाली और ट्रैक मशीनों के लिए एकीकरण इंटरफेस में महत्वपूर्ण उन्नयन प्रणाली की मजबूती को और बढ़ा रहे हैं।कवच तैनाती की वास्तविक समय की निगरानी और पूर्वानुमानित रखरखाव को सक्षम करने के लिए एक एकीकृत संचालन प्रबंधन प्रणाली के रूप में एक केंद्रीकृत निगरानी मंच, सुरक्षा, विकसित किया जा रहा है।अब तक की प्रगतिअब तक कवच को 3,103 किलोमीटर मार्ग पर स्थापित किया जा चुका है। उच्च घनत्व और उच्च उपयोग वाले गलियारों सहित 24,427 किलोमीटर मार्ग पर कवच का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।कवच संस्करण 4.0 के कार्यान्वयन के अंतर्गत:दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे प्रमुख गलियारों पर 1,638 किलोमीटर मार्ग पर पहले ही यह प्रणाली चालू हो चुकी है।भारतीय रेलवे ने हाल ही में, दिल्ली-हावड़ा उच्च घनत्व गलियारे के प्रयागराज-कानपुर खंड के 190 किलोमीटर मार्ग पर कवच प्रणाली चालू की है।7,100 किलोमीटर मार्ग पर ट्रैक के किनारे इंस्टॉलेशन का काम चल रहा है।8,921 किलोमीटर पर ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाई जा चुकी है, जिसे 1,183 दूरसंचार टावरों और 767 स्टेशनों पर कवच डेटा सेंटर इंस्टॉलेशन द्वारा सपोर्ट किया जा रहा है।4,277 इंजनों पर कवच प्रणाली लगाई जा चुकी है।8,979 इंजनों पर काम जारी है।विस्तार योजनाएँकवच लगाना एक जटिल प्रक्रिया है। इसके कार्यान्वयन को और आगे बढ़ाने के लिए, रेलवे अगले दो वर्षों में कवच नेटवर्क को 9,000 किलोमीटर तक विस्तारित करने की योजना बना रहा है और उसके बाद प्रति वर्ष 10,000 किलोमीटर तक बढ़ने की संभावना है।

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भारत की सबसे बड़ी ग्रीन फील्ड जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे मोदी

प्रधानमंत्री 28 मार्च को जेवर आएंगे, देंगे सौगात और करेंगे जनसभा खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 28 मार्च शनिवार को जेवर आएंगे। सुबह लगभग 11:30 बजे वे गौतम बुद्ध नगर में जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद दोपहर लगभग 12 बजे प्रधानमंत्री नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करेंगे।नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन भारत के वैश्विक विमानन केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में परिकल्पित यह हवाई अड्डा, देश के हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संपर्क को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के लिए दूसरे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया है, जो इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरक है। ये दोनों हवाई अड्डे मिलकर एक एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में कार्य करेंगे, जिससे भीड़ कम होगी, यात्री क्षमता बढ़ेगी और दिल्ली एनसीआर को वैश्विक विमानन केंद्रों में अग्रणी स्थान प्राप्त होगा।नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये के कुल निवेश से विकसित किया गया है। प्रारंभिक चरण में हवाई अड्डे की यात्री संचालन क्षमता 12 मिलियन यात्री प्रति वर्ष (एमपीपीए) होगी, जो हवाई अड्डे के पूर्ण विकसित होने तक 70 एमपीपीए तक हो जाएगा। इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े आकार के विमानों के संचालन में सक्षम है। इसके साथ ही इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) और उन्नत एयरफील्ड लाइटिंग सहित आधुनिक नेविगेशन सिस्टम हैं, जो हर मौसम में दिन-रात संचालन में कुशल है।इस हवाई अड्डे में एक सुदृढ़ कार्गो प्रणाली भी शामिल है, जिसमें एक मल्टी-मोडल कार्गो हब, इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स जोन शामिल हैं। कार्गो सुविधा को प्रति वर्ष 2.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल ढुलाई के लिए तैयार किया गया है, जिसे लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है और इसमें 40 एकड़ का एक समर्पित रखरखाव, मरम्मत तथा ओवरहाल (एमआरओ) सुविधा क्षेत्र भी शामिल है।यमुना एक्सप्रेसवे पर रणनीतिक रूप से स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन प्रणालियों के निर्बाध जुड़ाव के साथ एक बहु-मोडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जो यात्रियों और माल ढुलाई के लिए कुशल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है।

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