विमान रखरखाव इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय बीएससी पाठ्यक्रम करेंगे तैयार
अश्वनी वैष्णव का जीएसवी में विनिर्माण प्रौद्योगिकी के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का आह्वान
नई दिल्ली
भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के अग्रणी विश्वविद्यालय, गतिशक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के बीच आज रेल भवन में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस महत्वपूर्ण समझौते पर केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के.राम मोहन नायडू की उपस्थिति में फैज अहमद किदवई (महानिदेशक, डीजीसीए) और प्रो. मनोज चौधरी (कुलपति, जीएसवी) ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार और केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा सहित रेलवे और नागरिक उड्डयन के अन्य शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
यह रणनीतिक सहयोग मानव पूंजी को मजबूत करके और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (एएमई) प्रशिक्षण में सुधार करके भारत में तेजी से बढ़ते मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) क्षेत्र को सक्षम बनाने के उद्देश्य से किया गया है। यह साझेदारीखएएमई शिक्षा के मानकीकरण, गुणवत्ता मानकों को बढ़ाने और ‘एविएशन मेंटेनेंस इंजीनियरिंग’ में स्नातक डिग्री शुरू करके युवाओं के लिए एमआरओ करियर को अधिक आकर्षक बनाने पर केंद्रित होगी।
