भारत-सेशेल्स संबंध सदियों पुराने सभ्यतागत जुड़ाव पर आधारित: ओम बिरला

प्रधानमंत्री मोदी के सेशेल्स संसद में संबोधन से द्विपक्षीय संबंधों को मिली नई ऊर्जा

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नई दिल्ली
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच संबंध केवल कूटनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सदियों पुराने सभ्यतागत जुड़ाव, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और दोनों देशों के लोगों के बीच आत्मीय संबंधों पर आधारित हैं।
संसद भवन परिसर में सेशेल्स की नेशनल असेंबली की पहली महिला स्पीकर अज़ारेल योलांडा अर्नेस्टा के नेतृत्व में आए संसदीय शिष्टमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक में बिरला ने उनके ऐतिहासिक निर्वाचन पर बधाई दी। उन्होंने सेशेल्स में भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं, विशेषकर योग के प्रति बढ़ती रुचि की सराहना की और भारतीय प्रशिक्षकों के माध्यम से योग को और लोकप्रिय बनाने में सहयोग की पेशकश की।
बिरला ने कहा कि भारत और सेशेल्स इस वर्ष दोनों देशों की स्वतंत्रता और राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का सेशेल्स की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र को संबोधित करना ऐतिहासिक अवसर है। उनके संबोधन ने दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को नई ऊर्जा और गति प्रदान की है।
लोकसभा अध्यक्ष ने दोनों संसदों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए सेशेल्स के सांसदों और अधिकारियों को भारत की संसद का दौरा करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने संसदीय लोकतंत्र अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) के माध्यम से विधायी प्रारूपण, संसदीय प्रक्रियाओं और क्षमता निर्माण के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की पेशकश भी की।
उन्होंने कहा कि भारत की संसद पेपरलेस संसद की दिशा में आगे बढ़ रही है और संसदीय कार्यवाही का 22 भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग किया जा रहा है। स्वास्थ्य, डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-सेशेल्स सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।
बिरला ने संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और मजबूत करने तथा ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने सेशेल्स को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का विश्वसनीय और महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए ‘विजन महासागर’ के संदर्भ में द्विपक्षीय सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर सेशेल्स की नेशनल असेंबली की स्पीकर अज़ारेल अर्नेस्टा ने भारत के आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा, “भारत मेरे दिल के करीब है।” उन्होंने भारत को “लोकतंत्र की जननी” बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सेशेल्स के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने में गहराई से रची-बसी है। उन्होंने संसद के डिजिटलीकरण और तकनीक के इस्तेमाल में भारत की प्रगति की भी सराहना की। बैठक में सांसद डॉ. डी. पुरंदेश्वरी, श्रीमती अपराजिता सारंगी और श्रीमती हिमाद्रि सिंह भी उपस्थित रहीं।

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