उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने माल ढुलाई को दी नई गति

श्रीराज नगर रेलवे स्टेशन स्थित प्राइवेट साइडिंग पर प्रथम माल रेक का सफल प्लेसमेंटइस रेक में 42 BCN वैगनों के माध्यम से 2,751 टन गेहूँ का किया गया परिवहनमाल परिवहन से उत्तर रेलवे को को 27 लाख 76 हजार से अधिक माल भाड़े के रूप में मिला खबर है..लखनऊउत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने शुक्रवार को माल ढुलाई को नई गति देते हुए श्रीराज नगर रेलवे स्टेशन स्थित प्राइवेट साइडिंग पर प्रथम माल रेक का सफल प्लेसमेंट किया। इसी के साथ लखनऊ मंडल ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक और उपलब्धि अपने नाम कर लिया।उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को श्रीराज नगर स्थित निजी साइडिंग पर प्रथम माल रेक (First Rake) का सफल प्लेसमेंट किया गया। यह उपलब्धि डीआरएम सुनील कुमार वर्मा के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट) प्रशांत कुमार एवं वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक रजनीश कुमार श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व एवं समन्वित प्रयासों से हासिल हुई है। यह रेक उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल के बरवाला (BXC) स्टेशन से लोड होकर श्रीराज नगर स्थित निजी साइडिंग तक पहुँची। इस रेक में 42 BCN वैगनों के माध्यम से 2,751 टन गेहूँ का परिवहन किया गया। भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने गेहूं भेजा था और यहां प्राप्त भी किया । इस माल परिवहन से उत्तर रेलवे को ₹27,76,475 (सत्ताईस लाख छिहत्तर हजार चार सौ पचहत्तर रुपये) का मालभाड़ा प्राप्त हुआ है।गुप्ता ने बताया कि श्रीराज नगर स्थित यह नया गति शक्ति कार्गो टर्मिनल अत्यंत कम समय में विकसित एवं परिचालन के लिए तैयार किया गया है। टर्मिनल के शीघ्र निर्माण एवं प्रथम रेक की सफल प्लेसमेंट से क्षेत्र में माल ढुलाई के लिए आधुनिक एवं सुदृढ़ आधारभूत संरचना उपलब्ध हुई है, जिससे ग्राहकों को तेज, सुविधाजनक एवं दक्ष लॉजिस्टिक सेवाएँ प्राप्त होंगी। उन्होंने बताया कि “ग्राहक संतुष्टि हमारी प्राथमिकता, राजस्व वृद्धि हमारा लक्ष्य” के संकल्प के साथ मंडल भविष्य में भी माल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

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वंदे भारत एक्सप्रेस से पहली बार जीवित हृदय का सफल परिवहन, भारतीय रेल ने रचा इतिहास

खबर है..नई दिल्लीभारतीय रेल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से जीवित हृदय (Live Heart) का सफलतापूर्वक परिवहन किया। सूरत से अहमदाबाद तक यह जीवनरक्षक मिशन ट्रेन संख्या 20901 मुंबई सेंट्रल–गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस से निर्धारित समय के भीतर पूरा किया गया। हृदय को अहमदाबाद स्थित यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में प्रत्यारोपण के लिए पहुंचाया गया।यह अत्यंत संवेदनशील और समयबद्ध अभियान भारतीय रेल, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), गुजरात पुलिस और चिकित्सा टीमों के बीच उत्कृष्ट समन्वय का शानदार उदाहरण बना। अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 से अस्पताल तक हृदय को सुरक्षित और बिना किसी बाधा के पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिससे प्रत्यारोपण प्रक्रिया समय पर शुरू हो सकी।अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा कि यह भारतीय रेल के लिए गर्व और संतोष का विषय है कि वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से एक जीवित हृदय को सुरक्षित एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे जीवनरक्षक अभियानों में हर पल महत्वपूर्ण होता है और भारतीय रेल, RPF, गुजरात पुलिस तथा चिकित्सा टीमों के उत्कृष्ट समन्वय ने इस मिशन को सफल बनाया। उन्होंने इसे सेवा और मानवता के प्रति भारतीय रेल की सर्वोच्च प्रतिबद्धता बताया।इस मिशन में वंदे भारत एक्सप्रेस की उच्च गति, समयपालन और विश्वसनीयता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय रेल अब केवल यात्रियों और माल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और अंग प्रत्यारोपण जैसे जीवनरक्षक अभियानों में भी एक भरोसेमंद सहयोगी बनकर उभर रही है।इस ऐतिहासिक सफलता में भारतीय रेल के विभिन्न विभागों, RPF, गुजरात पुलिस, चिकित्सकों, अंग प्रत्यारोपण समन्वयकों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी एजेंसियों के प्रभावी एवं त्वरित समन्वय ने इस चुनौतीपूर्ण मिशन को सफल बनाया।यह उपलब्धि भारतीय रेल की सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय सेवाओं के साथ-साथ मानव जीवन की रक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का भी सशक्त प्रमाण है।

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आईआईटी दिल्ली में 3 अगस्त को होगा हथकरघा प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन

खबर है..नई दिल्लीभारत के हथकरघा क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह 3 अगस्त 2026 को आईआईटी दिल्ली में हथकरघा प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence for Handloom Technology – CoE-HT) का उद्घाटन करेंगे।इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, वस्त्र सचिव श्रीमती नीलम शमी राव, विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना तथा वस्त्र मंत्रालय और आईआईटी दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।11.99 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित केंद्र :केंद्र सरकार द्वारा 11.99 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित यह उत्कृष्टता केंद्र भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा को अत्याधुनिक अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और नवाचार से जोड़ने का कार्य करेगा। इसका उद्देश्य हथकरघा क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता, स्थिरता और वैश्विक पहुंच को मजबूत करना है।अगले पांच वर्षों की प्रमुख योजनाएं :यह केंद्र अगले पांच वर्षों में—राष्ट्रीय डिजिटल हैंडलूम नॉलेज रिपॉजिटरी विकसित करेगा।एआई आधारित स्मार्ट उपकरण तैयार करेगा।आधुनिक करघा तकनीकों का विकास करेगा।अनुसंधान एवं पेटेंट को बढ़ावा देगा।स्टार्टअप और उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगा।देशभर के बुनकरों, शिक्षकों और पेशेवरों को प्रशिक्षण देगा।35 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ:भारत का हथकरघा क्षेत्र 35 लाख से अधिक बुनकरों एवं संबद्ध श्रमिकों को रोजगार देता है, जिनमें लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। यह केंद्र उत्पादकता, तकनीक अपनाने, उत्पाद प्रमाणीकरण, स्थिरता और बाजार प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का समाधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।पांच नई पहलें भी होंगी लॉन्च :उद्घाटन समारोह के दौरान हथकरघा क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए पांच महत्वपूर्ण पहलें शुरू की जाएंगी—

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भारत गौरव पर्यटक ट्रेन से चार ज्योतिर्लिंग के साथ स्टेचू ऑफ़ यूनिटी की यात्रा

आईआरसीटीसी ने सावन को लेकर लॉन्च किया नया टूर पैकेजउत्तर प्रदेश के 13 रेलवे स्टेशनों से पर्यटकों को भारत गौरव ट्रेन में सफर की सुविधाभारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन 17 से 26 अगस्त के बीच होगासैलानियों को इस यात्रा मे LTC एवं EMI की भी सुविधा खबर है..लखनऊभारतीय रेल खानपान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने सावन को लेकर सैलानियों को भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के जरिए चार ज्योतिर्लिंग के साथ स्टेचू ऑफ़ यूनिटी की यात्रा कराने का निर्णय लिया है। आईआरसीटीसी ने बुधवार को नया टूर प्लान लॉन्च किया।गोरखपुर रेलवे स्टेशन से भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जाएगा। प्रदेश के 13 रेलवे स्टेशनों से पर्यटकों को भारत गौरव ट्रेन में सफर करने की सुविधा मिलेगी।यह जानकारी बुधवार को आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने प्रेसवार्ता में दी। गोमती नगर पर्यटन भवन में स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के जरिए सैलानियों को महाकालेश्वर ज्योतिलिंग, ओमकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (उज्जैन), द्वारकाधीश, भेंट द्वारिका, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, सिग्नेचर ब्रिज, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग (गुजरात), स्टेचू ऑफ़ यूनिटी का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पर्यटक गोरखपुर के अलावा मनकापुर, अयोध्या कैंट, सुल्तानपुर, माँ बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ प्रयागराज संगम, रायबरेली, लखनऊ , कानपुर, उरई, वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी और ललितपुर रेलवे स्टेशन से सफर कर सकते हैं। भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन 17 से 26 अगस्त (09 रात एवं 10 दिन) के बीच किया जाएगा। इस पैकेज में 02 एसी, 03 एसी एवं स्लीपर क्लास में यात्रा, नाश्ता एवं दोपहर व रात्रि का शाकाहारी भोजन, एसी/ नॉन एसी बसों से स्थानीय भ्रमण शामिल है।श्री सिन्हा ने बताया कि भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के इकोनामी श्रेणी (स्लीपर क्लासं) में पैकेज का मूल्य रू0-18,380/- प्रति व्यक्ति, स्टैंडर्ड श्रेणी (3 एसी क्लास) में पैकेज का मूल्य रू0-29,570/- प्रति व्यक्ति और कम्फर्ट श्रेणी (2 एसी क्लास) में ठहरने पर पैकेज मूल्य रू0-38,870/- प्रति व्यक्ति है। इस यात्रा मे LTC एवं EMI की सुविधा भी उपलब्ध है। प्रेसवार्ता में उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता भी मौजूद थे। उक्त यात्रा की बुकिंग पर्यटन भवन, गोमती नगर, लखनऊ स्थित आईआरसीटीसी कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की बेवसाइट www.irctctourism.com से ऑनलाइन बुकिंग भी कराई जा सकती है। साथ ही मोबाइल नम्बरों पर 9305111765, 9236391923, 9236391908, 8287930908, 8303555714, 8287930926, 9415042930 पर संपर्क कर सकते हैं।

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अजय प्रताप सिंह बने ऑपरेटिंग शाखा के सचिव

नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन लखनऊ मंडल की ऑपरेटिंग शाखा का चुनाव सम्पन्न खबर है..लखनऊनॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन (NRMU) लखनऊ मंडल की ऑपरेटिंग शाखा का चुनाव बुधवार को चारबाग स्थित यूनियन के मंडल कार्यालय में संपन्न हुआ। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन/ यूनियन के जोनल अध्यक्ष एसयू शाह को निर्वाचन अधिकारी बनाया गया था। इनकी मौजूदगी में पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई जिसमें अजय प्रताप सिंह को शाखा सचिव निर्वाचित किया गया।नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के मंडल मंत्री विभूति मिश्रा ने बताया कि ऑपरेटिंग शाखा के चुनाव में शाखा सचिव अजय प्रताप सिंह, शाखा अध्यक्ष राजेश कुमार, सहायक शाखा सचिव दिलीप द्विवेदी, सुनील गुप्ता एवं अनुराग शर्मा, उपाध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव, शैलेश पाठक, , सत्येंद्र कुमार एवं संजीव वर्मा और कोषाध्यक्ष बबिता साही को निर्वाचित किया गया।इस मौके पर मंडल अध्यक्ष सुधीर तिवारी ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम ऑपरेटिंग शाखा के कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान, उनके अधिकारों की रक्षा तथा संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेगी।ऑपरेटिंग शाखा चुनाव के दौरान नॉर्दर्न रेलवे मल्टी स्टेट प्राइमरी कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन राकेश कनौजिया समेत यूनियन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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रेलवे में संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, वर्ष 2026-27 में सिर्फ दो रेल दुर्घटनाएं

खबर है..नई दिल्लीभारतीय रेल ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेल दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। रेल मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक केवल दो परिणामी (Consequential) रेल दुर्घटनाएं हुई हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में बड़ा सुधार दर्शाती हैं।रेल मंत्रालय ने बताया कि आधुनिक तकनीक, बेहतर रखरखाव, ट्रैक नवीनीकरण, उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली और ‘कवच’ जैसी स्वदेशी ट्रेन टक्कर-रोधी प्रणाली के विस्तार से रेल सुरक्षा लगातार मजबूत हुई है।मंत्रालय के अनुसार, 20 जुलाई 2026 तक कवच वर्जन 4.0 को 2,569 रूट किलोमीटर पर सफलतापूर्वक चालू किया जा चुका है। इसमें देश के सबसे व्यस्त दिल्ली–मुंबई और दिल्ली–हावड़ा रेल कॉरिडोर के प्रमुख खंड शामिल हैं।इसके अलावा, भारतीय रेल ने 21,858 रूट किलोमीटर पर ट्रैक-साइड कवच प्रणाली के कार्यान्वयन का काम शुरू कर दिया है। साथ ही, 11,253 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल, 1,668 दूरसंचार टावरों सहित अन्य सुरक्षा अवसंरचना का तेजी से विकास किया जा रहा है।रेल मंत्रालय का कहना है कि प्रौद्योगिकी, अवसंरचना उन्नयन और बेहतर रखरखाव के संयुक्त प्रयासों से भारतीय रेल का लक्ष्य यात्रियों को और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय तथा आधुनिक रेल सेवा उपलब्ध कराना है।

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मानसून की धुंध के बीच चिनाब रेल पुल से गुजरी वंदे भारत एक्सप्रेस

नई दिल्लीजम्मू-कश्मीर की मनमोहक वादियों में मानसून की धुंध से ढके पहाड़ों के बीच प्रतिष्ठित चिनाब रेल पुल से गुजरती वंदे भारत एक्सप्रेस का अद्भुत दृश्य सामने आया है। यह नज़ारा भारत की आधुनिक रेल तकनीक और प्राकृतिक सौंदर्य का शानदार संगम प्रस्तुत करता है।विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज माना जाने वाला चिनाब रेल पुल दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में भारतीय इंजीनियरिंग की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसने कश्मीर घाटी को देश के शेष हिस्सों से रेल मार्ग द्वारा जोड़ने का सपना साकार किया है।इस मार्ग पर संचालित वंदे भारत एक्सप्रेस से जम्मू-कश्मीर में आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ है। इसके माध्यम से पर्यटन को नई गति मिलने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। यह परियोजना क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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अमृतसर बना अंतरराष्ट्रीय एविएशन नेटवर्क का नया स्पोक, वैश्विक संपर्क को मिलेगी नई उड़ान

खबर है..नई दिल्लीभारत के विमानन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत अमृतसर को अंतरराष्ट्रीय हब-एंड-स्पोक नेटवर्क में एक अहम स्पोक हवाई अड्डे के रूप में शामिल किया गया है। यह कदम देशभर में भारतीय हब एयरपोर्ट्स के माध्यम से निर्बाध अंतरराष्ट्रीय संपर्क स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सरकार के अनुसार, कई अन्य स्पोक हवाई अड्डे भी संचालन के लिए तैयार किए जा रहे हैं और उन्हें चरणबद्ध तरीके से इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, किफायती और बेहतर वैश्विक हवाई संपर्क उपलब्ध होगा। यह पहल विकसित भारत @2047 के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भारत का विमानन तंत्र अधिक प्रतिस्पर्धी और विश्वस्तरीय बनेगा।कार्यक्रम में नागर विमानन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा, अतिरिक्त सचिव पुनीत कंसल, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के चेयरमैन विपिन कुमार, एएआई के मुख्य परामर्शदाता शरद कुमार, एयर इंडिया के ग्रुप हेड–गवर्नेंस पी. बालाजी, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, कस्टम्स तथा सीआईएसएफ के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।इसके अलावा विमानन उद्योग, होटल एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र, ट्रैवल इंडस्ट्री, पर्यटन क्षेत्र तथा व्यापारिक जगत के अनेक प्रमुख हितधारक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।इस अवसर पर विभिन्न प्रतिनिधियों और विमानन एवं व्यापारिक क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों के साथ हुई चर्चा में अमृतसर से अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए ठोस सहयोग पर विशेष बल दिया गया। सरकार का मानना है कि इस पहल से पंजाब सहित उत्तर भारत के यात्रियों, पर्यटन और व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा तथा भारत की वैश्विक कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

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भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार आईआरसीटीसी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त

भ्रष्टाचार एवं अवैध रिश्वतखोरी के विरुद्ध आईआरसीटीसी की जीरो टॉलरेंस नीतिआईआरसीटीसी की यह कार्रवाई कर्मचारियों के लिए स्पष्ट संदेश, सेवा में ईमानदारी जरूरी खबर है..नई दिल्लीभारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने भ्रष्टाचार और अवैध रिश्वतखोरी के विरुद्ध अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) नीति को दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि संगठन में किसी भी प्रकार के भ्रष्ट आचरण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।हाल ही में एक मामले में निगम के एक कर्मचारी को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामले के तथ्यों पर विधिवत विचार करने तथा निगम के लागू नियमों एवं विनियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारी को आईआरसीटीसी की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि आईआरसीटीसी भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी तथा किसी भी प्रकार के अनैतिक आचरण के प्रति पूर्णतः शून्य सहनशीलता की नीति का पालन करता है।निगम के प्रत्येक कर्मचारी से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा उच्चतम पेशेवर मानकों के अनुरूप करे। जनता का विश्वास संगठन की सबसे बड़ी पूंजी है और प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से किसी भी प्रकार की अवैध रिश्वत या अनुचित लाभ स्वीकार करना गंभीर कदाचार है, जो देश के लागू कानूनों के तहत दंडनीय अपराध भी है।आईआरसीटीसी समय-समय पर अपने कर्मचारियों को निर्देशित करता है कि वे सभी कार्य केवल लागू कानूनों, निर्धारित प्रक्रियाओं तथा उच्चतम नैतिक मूल्यों के अनुरूप करें। यदि कोई कर्मचारी भ्रष्ट आचरण में संलिप्त पाया जाता है या भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आचरण नियमों अथवा अन्य लागू प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध सक्षम जांच एजेंसियों द्वारा आपराधिक कार्रवाई के साथ-साथ निगम द्वारा भी कठोर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।भ्रष्टाचार के विरुद्ध आईआरसीटीसी की यह सख्त कार्रवाई सभी कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि सार्वजनिक सेवा के दौरान पूर्ण ईमानदारी, निष्पक्षता और नैतिक आचरण बनाए रखना प्रत्येक कर्मचारी का सर्वोच्च दायित्व है।

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कानपुर-कबराई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड को मिलेगा विकास का नया मार्ग

खबर है..नई दिल्लीसड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा विकसित किया जाने वाला 117.7 किलोमीटर लंबा कानपुर-कबराई (4/6 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड) ग्रीनफील्ड राजमार्ग बुंदेलखंड और मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला साबित होगा। लगभग ₹7,145 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे का अहम हिस्सा है और खनन, उद्योग तथा कृषि क्षेत्रों को सीधे राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ेगी। प्रमुख विशेषताएंलंबाई: 117.7 किमीलागत: ₹7,145 करोड़प्रकार: 4/6 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्गक्रियान्वयन एजेंसी: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)लॉजिस्टिक्स को मिलेगी नई ताकतयह राजमार्ग कबराई के खनन क्षेत्र को कानपुर और भोपाल जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से तेज और निर्बाध संपर्क प्रदान करेगा। इससे खनिज, निर्माण सामग्री और औद्योगिक उत्पादों का परिवहन अधिक तेज, सुरक्षित और कम लागत वाला होगा। ईंधन की बचत होगी, माल ढुलाई की लागत घटेगी तथा आपूर्ति श्रृंखला अधिक मजबूत बनेगी।यात्रा समय में होगी बड़ी कमीवर्तमान में कानपुर से कबराई तक की यात्रा में लगभग 3.5 घंटे लगते हैं, जो इस परियोजना के पूरा होने पर घटकर करीब 1.5 घंटे रह जाएगी। इससे माल परिवहन के साथ-साथ सामान्य यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।किसानों को मिलेगा सीधा फायदायह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड के किसानों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा।कृषि उपज तेजी से मंडियों और प्रसंस्करण इकाइयों तक पहुंचेगी।फलों एवं सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों का नुकसान कम होगा।परिवहन लागत घटने से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा।बीज, उर्वरक और कृषि मशीनरी की उपलब्धता आसान होगी।क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावाकानपुर-कबराई राजमार्ग से बुंदेलखंड में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना पीएम गति शक्ति के विजन को मजबूत करते हुए खनन, उद्योग और कृषि क्षेत्रों को एकीकृत कर संतुलित क्षेत्रीय विकास का आधार तैयार करेगी।यह परियोजना केवल एक राजमार्ग नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की खदानों, खेतों और उद्योगों को देश के बड़े बाजारों से जोड़ने वाली विकास की नई जीवनरेखा है।

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