कोलकाता मेट्रो की पर्पल लाइन पर टीबीएम ‘दिव्या’ ने हासिल की बड़ी सफलता

खबर है..कोलकाता।कोलकाता मेट्रो ने शहरी परिवहन अवसंरचना के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘दिव्या’ ने सोमवार को पर्पल लाइन पर विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू कर लिया। इसके साथ ही जोका–एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के तहत खिदिरपुर और विक्टोरिया के बीच दूसरी भूमिगत सुरंग का निर्माण पूरा हो गया है।टीबीएम ‘दिव्या’ ने खिदिरपुर से विक्टोरिया तक 1.72 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह उपलब्धि कोलकाता के शहरी जन परिवहन नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।प्रमुख विशेषताएं:टीबीएम ‘दिव्या’ ने विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर सफल ब्रेकथ्रू किया।यह 6.60 मीटर व्यास वाली अर्थ प्रेशर बैलेंस (EPB) प्रकार की मशीन है, जिसे कोलकाता की नरम मिट्टी और अधिक भूजल स्तर की परिस्थितियों में काम करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।लगभग 95 मीटर लंबी और 600 टन वजनी इस मशीन से सुरंग निर्माण कार्य किया गया।सुरंग की आंतरिक संरचना के लिए एम-50 ग्रेड के प्रीकास्ट कंक्रीट सेगमेंट का उपयोग किया गया।घनी आबादी वाले क्षेत्र में सामान्य यातायात और दैनिक गतिविधियों को प्रभावित किए बिना सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्च मानकों के साथ यह कार्य पूरा किया गया।इस सफलता से पहले 10 जुलाई 2026 को टीबीएम ‘दुर्गा’ ने खिदिरपुर और विक्टोरिया के बीच पहली सुरंग का निर्माण पूरा करते हुए ब्रेकथ्रू हासिल किया था।रेल अधिकारियों के अनुसार, टीबीएम ‘दिव्या’ की यह उपलब्धि इंजीनियरिंग दक्षता, सूक्ष्म योजना और विभिन्न टीमों के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे जोका–एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य को और गति मिलेगी तथा भविष्य में कोलकाता के यात्रियों को बेहतर और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

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किसानों-मजदूरों ने परिवर्तन चौक से निकाला पैदल मार्च

श्रम संहिताओं की वापसी समेत 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन खबर है..लखनऊराज्य व केन्द्रीय कर्मचारियों की स्वतंत्र फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को प्रदेशभर में किसानों और मजदूरों ने धरना-प्रदर्शन किया। राजधानी लखनऊ में प्रदर्शनकारियों ने परिवर्तन चौक से राजभवन के लिए पैदल मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पास मार्च रोक दिया। इसके बाद वहीं सभा आयोजित की गई और मांगों को लेकर आवाज बुलंद की गई।प्रदर्शनकारियों ने चारों श्रम संहिताएं वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी ₹42 हजार करने, काम के घंटे आठ करने, फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य C2+50 प्रतिशत तय करने और खरीद की गारंटी की मांग की। इसके अलावा अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता रद्द करने, बिजली संशोधन विधेयक-2025 और बीज संशोधन विधेयक-2025 वापस लेने, स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी देने तथा न्यूनतम मजदूरी सलाहकार बोर्ड गठित करने की मांग भी उठाई गई।प्रदर्शनकारियों ने शुगर उद्योग में वेतन पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी करने, पूर्वांचल और मध्यांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण पर रोक लगाने, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने, किसानों की कर्जमाफी और सस्ती खाद उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही मनरेगा को कमजोर करने के प्रयास रोकने और नई शिक्षा नीति-2020 वापस लेने की मांग भी प्रमुख रही।सभा को एटक के महामंत्री चन्द्रशेखर, इण्टक के महामंत्री एचएन तिवारी, एचएमएस के महामंत्री उमाशंकर मिश्र, सीटू के महामंत्री प्रेमनाथ राय, टीयूसीसी के महामंत्री डॉ. आरसी, सेवा की सीता बहन, एआईयूटीयूसी के महामंत्री बालेन्द्र कटियार, एक्टू नेता केएमएस मगन तथा किसान संगठनों के नेताओं ने संबोधित किया।प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, अलीगढ़, मिर्जापुर, बस्ती, गोण्डा समेत कई जिलों में भी धरना-प्रदर्शन कर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए।प्रदर्शन के बाद पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल कार्यालय पहुंचकर उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में चन्द्रशेखर, उमाशंकर मिश्र, एचएन तिवारी, सत्येन्द्र कुमार मौर्या और अनिल कुमार शुक्ला शामिल रहे।वहीं, भारतीय किसान यूनियन अवध, संबद्ध हिंद मजदूर सभा के सैकड़ों सदस्यों ने राजेंद्र यादव और राधेश्याम यादव के नेतृत्व में लखनऊ विकास प्राधिकरण के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। इससे पहले बेगम हजरत महल पार्क के सामने उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे के नेतृत्व में विद्युत कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया।

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महाराष्ट्र में ड्रग निर्माण की गुप्त इकाई का भंडाफोड़, 2 लाख प्रतिबंधित दर्द निवारक गोलियां जब्त

खबर है..नई दिल्लीराजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने महाराष्ट्र में ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड और टैपेंटाडोल के अवैध निर्माण एवं अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एक सप्ताह तक चले अभियान में 1 लाख ट्रामाडोल और 1 लाख टैपेंटाडोल टैबलेट जब्त की गईं। इनके अलावा गुप्त निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और बड़ी मात्रा में कच्चा माल भी बरामद हुआ है।DRI ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, 2 अगस्त को मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में नाइजीरिया भेजी जा रही एक खेप की जांच के दौरान यह कार्रवाई सामने आई। खेप में प्रेगाबालिन कैप्सूल घोषित किए गए थे, लेकिन जांच में छिपाकर रखी गई करीब 25 किलोग्राम ट्रामाडोल और 20 किलोग्राम टैपेंटाडोल की गोलियां बरामद हुईं।जांच में पता चला कि ट्रामाडोल की गोलियां महाराष्ट्र के अंबरनाथ स्थित एक कारखाने में गुप्त रूप से तैयार की जाती थीं। बाद में उन्हें मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के निकट एक गोदाम में ले जाकर दोबारा पैक किया जाता था और नाइजीरिया भेजने की तैयारी की जाती थी।DRI ने निर्माता, निर्यातक, आपूर्तिकर्ता, परिवहनकर्ता और गोदाम से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। कारखाने से टैबलेट निर्माण मशीनरी और बड़ी मात्रा में कच्चा माल बरामद किया गया। ट्रामाडोल NDPS Act, 1985 के तहत एक अधिसूचित साइकोट्रॉपिक पदार्थ है, जबकि टैपेंटाडोल Drugs and Cosmetics Act एवं संबंधित नियमों के तहत विनियमित है। अधिकारियों के अनुसार, इन दवाओं का अवैध निर्माण और अंतरराष्ट्रीय तस्करी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। मुख्य तथ्य:1 लाख ट्रामाडोल टैबलेट1 लाख टैपेंटाडोल टैबलेटकुल लगभग 45 किलोग्राम गोलियांअंबरनाथ में गुप्त निर्माण इकाई का खुलासानाइजीरिया भेजी जा रही खेप पकड़ी गई3 मुख्य आरोपी गिरफ्तारमशीनरी और कच्चा माल जब्त

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टिकट चेकिंग अभियान में 206 मामलों में 1.24 लाख की वसूली

— उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के नेतृत्व में उतरेटिया पर चला जांच अभियान खबर है..लखनऊउत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा के निर्देश पर शनिवार को राजधानी के निकटवर्ती रेलवे स्टेशन उतरेटिया में टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता के नेतृत्व में इस अभियान में 206 मामले पकड़े गए जिसे मौके पर ₹1.24 लाख की वसूली की गई। इसके अलावा जुर्माना अदा न करने वाले 14 यात्रियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए रेलवे के समक्ष भेजा गया।उतरेटिया रेलवे स्टेशन पर चल जांच अभियान के दौरान आरपीएफ, जीआरपी की मौजूदगी में टिकट चेकिंगकर्मियों ने नौचंदी एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस, लखनऊ-प्रयागराज संगम इंटरसिटी एक्सप्रेस, वाराणसी- लखनऊ शटल सुपरफास्ट, बेगमपुरा एक्सप्रेस समेत कई अन्य ट्रेनों की जांच की गई। चेकिंग के दौरान 206 अनियमित टिकट/यात्रा के मामले पकड़े गए। इन मामलों में किराए के रूप में ₹20,870 तथा जुर्माने के रूप में ₹1,03,000, कुल ₹1,23,870 की राशि वसूल की गई। श्री गुप्ता ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान वैध टिकट लेकर ही सफर करें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।

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IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में PM मोदी का युवाओं को संदेश

“जो सीखेगा, वो जीतेगा”, चुनौतियों को अवसर में बदलने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का किया आह्वान खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों से बदलती दुनिया और तकनीक के बीच लगातार सीखते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “जो सीखेगा, वो जीतेगा।” बड़ी चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर समाधान खोजने की सलाह दी।प्रधानमंत्री ने कहा कि “IIT की परीक्षा में सिलेबस होता है, लेकिन जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ Out of Syllabus होता है।” उन्होंने युवाओं से curiosity, learning instinct और समस्याओं के समाधान की क्षमता बनाए रखने को कहा।उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की बड़ी भूमिका है। AI, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, क्वांटम कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, डीप सी एक्सप्लोरेशन और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़े अवसर हैं।प्रधानमंत्री ने रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए एक लाख करोड़ रुपये तक की फंडिंग और One Nation One Subscription जैसी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नौकरी, पैकेज और सफलता की दूसरों से तुलना करने से बचने की सलाह देते हुए कहा, “जिंदगी कोई लीडर-बोर्ड नहीं है, आपकी असली दौड़ किसी और से नहीं, खुद अपने आप से है।” प्रधानमंत्री ने सभी स्नातकों, उनके माता-पिता, शिक्षकों और संस्थान से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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‘रेलवन ऐप’ के प्रयोग के लिए यात्रियों को किया गया जागरूक

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने इंटरसिटी एक्सप्रेस में किया औचक टिकट जांच खबर है..लखनऊउत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने गुरुवार को लखनऊ – प्रयागराज संगम इंटरसिटी एक्सप्रेस में लखनऊ से प्रयागराज संगम तक टिकट जांच स्क्वाड एवं आरपीएफ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ औचक टिकट जांच अभियान चलाया। उन्होंने जांच अभियान के दौरान रेलवन (RailOne) ऐप के प्रयोग के लिए मुसाफिरों को जागरूक किया। साथ ही यात्रियों को सदैव वैध टिकट लेकर यात्रा करने के लिए अपील की।विशेष जांच अभियान के दौरान विभिन्न कोचों में टिकट जांच की गई तथा बिना टिकट एवं अनियमित रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों के विरुद्ध रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। जांच के दौरान श्री गुप्ता ने यात्रियों से संवाद कर रेलवे की डिजिटल सेवाओं का अधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रेलवन (RailOne) ऐप के माध्यम से आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट सहित अन्य रेलवे सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने बताया कि रेलवन ऐप के उपयोग से टिकट प्राप्त करना अधिक सरल, त्वरित एवं सुविधाजनक हो जाता है तथा यात्रियों का समय भी बचता है।

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हर चुनौती खोलती है सफलता के नए रास्ते : शिव गोपाल मिश्रा

हिन्द मजदूर सभा राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक खबर है..लखनऊऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन, नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन और हिंद मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि 44 श्रम के पुराने कानूनों को समाप्त कर केंद्र सरकार द्वारा लागू किये गये चारों श्रम कानूनों में जहां तमाम मजदूर विरोधी प्राविधान हैं, वहीं तमाम प्राविधान श्रमिकों के बेहतरी के भी हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि हर चुनौती सफलता के नए रास्ते खोलती है ।श्री मिश्रा रविवार को चारबाग स्थित नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के मंडल में कार्यालय में आयोजित हिन्द मजदूर सभा की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि कानूनों का लाभ श्रमिकों को कैसे दिलाया जाय, विपरीत प्रभावों को कैसे निष्प्रभावी किया जाए। इसके लिए श्रम संगठनों व कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कराना जरूरी है।हिंद मजदूर सभा के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर मिश्रा ने यूपी के संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं, हिंद मजदूर सभा द्वारा किये जा रहे प्रयासों और संगठन की स्थिति पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। नोएडा के श्रमिकों के आंदोलन की पृष्ठिभूमि, शासन, प्रशासन और श्रम विभाग की कार्य प्रणाली पर अपनी बात रखते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि यदि शासन हिन्द मजदूर सभा द्वारा समय समय पर सरकार को दिये प्रतिवेदनों और श्रमिकों की स्थिति पर गंभीरता से कार्यवाही की होती तो कभी ऐसी अप्रिय घटना का कारण नहीं होता। पिछले 12 सालों से मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी की दरों के पुनरीक्षण में सरकार टाल मटोल करती रही, हिन्द मजदूर सभा और अन्य श्रम संगठनों के बार बार ज्ञापन दिए जाने पर भी ध्यान नहीं दिया गया।उन्होंने कहा कि जब आंदोलन उग्र हो गया तो तत्काल पूरी मशीनरी सक्रिय हो गई और एडहॉक वृद्धि करके शांत करने का प्रयास किया गया । इतना ही नहीं,मजदूरी की दरें पुनरीक्षित करने के लिए सलाहकार समिति का गठन तक नहीं किया। यही हाल चीनी, डिस्टलरी, होटल, इंजीनियरिंग, बीड़ी और अन्य उद्योगों का है, जिनकी मजदूरी की दरें वर्षों पहले पुनरीक्षित होनी थी पर सरकार ध्यान नहीं दे रही। श्री मिश्र ने राष्ट्रीय सहारा सहित अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों के नियोजकों द्वारा समय से मजदूरी का भुगतान न करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि बिना वैधानिक प्रावधानों के भुगतान किये कर्मचारियों की सेवा समाप्ति किए जाने की प्रवृत्ति पर श्रम विभाग को कठोर कार्यवाही करना चाहिए।इसके अलावा बैठक को एचएमएस के प्रदेश उपाध्यक्ष आरके पाण्डेय, वसंत चतुर्वेदी, तारणी कुमार पासवान, रविपाल शिरोही, कार्यवाहक महामंत्री एल एन पाठक, एआईआरएफ के जोनल सेक्रेटरी एस यू शाह, मंडल मंत्री विभूति मिश्र, उपेंद्र सिंह, शैलेन्द्र सिंह, अनूप बाजपेई, प्रदेश मंत्री अरुण गोपाल मिश्रा, अविनाश पांडे, राघवेंद्र प्रताप सिंह, राकेश कुमार, संगठन मंत्री पीयूष मिश्रा , विद्याकांत तिवारी, अश्वनी पांडेय, कुंजलता कौशिक, जितेंद्र तिवारी, कोषाध्यक्ष आरपी सिंह, आरके ।मिश्रा, आर एन गर्ग, नीलम पाण्डेय आदि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आये कार्यकारिणी सदस्यों ने संबोधित किया।

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व्यापारियों की आवश्यकताओं का त्वरित निदान करें : नीलिमा

विभिन्न गुड्स टर्मिनलों/साइडिंगों से जुड़े औद्योगिक एवं व्यापारिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकरेल माल परिवहन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए उठाए जाएंगे आवश्यक कदम : प्रशांतगुड्स ट्रैफिक को गति देने के मंडल में किया जा रहे कई प्रयास : रजनीश खबर है..लखनऊउत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की एडीआरएम श्रीमती नीलिमा सिंह ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित निदान होने के साथ ही माल परिवहन अधिक सुगम, त्वरित एवं ग्राहक-अनुकूल बनाने पर विशेष बल दिया।श्रीमती सिंह बुधवार को बुधवार को डीआरएम कार्यालय के सभागार में आयोजित विभिन्न गुड्स टर्मिनल के अपग्रेडेशन पर व्यापारियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की जरूरतों के अनुरूप गुड्स साइडिंगों के अपग्रेडेशन और आधुनिक सुविधाओं के विकास के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही उन्होंने व्यापारियों की आवश्यकताओं को सुन संबंधित अधिकारियों को त्वरित निदान के निर्देश दिए।बैठक में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट) प्रशांत कुमार ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि Merchants की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा तथा रेल माल परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।इस मौके पर वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने गुड्स ट्रैफिक को गति देने के मंडल में किया जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में माल ढुलाई को नई गति देने के लिए श्रीराज नगर रेलवे स्टेशन पर प्राइवेट साइडिंग पर प्रथम माल रेक का सफल प्लेसमेंट किया गया था। इस रेक में 42 BCN वैगनों के माध्यम से 2,751 टन गेहूँ परिवहन किया गया जिससेउत्तर रेलवे के खजाने में 27 लाख 76 हजार से अधिक की धनराशि माल भाड़े के रूप में मिली है।उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने बताया कि बैठक में लखनऊ मंडल की फूलपुर, गौरीगंज, टांडा, ऊँचाहार, अमौसी, जैतीपुर, कुंदनगंज एवं सिंदुरवा गुड्स टर्मिनल से जुड़े प्रमुख उद्योगों एवं व्यापारिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव (IFFCO), इंडोरामा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एसोसिएटेड सीमेंट कंपनी (ACC), टांडा थर्मल पावर हाउस, फिरोज गांधी थर्मल पावर प्रोजेक्ट, आरसीसीपीएल प्रा. लि., अल्ट्राटेक सीमेंट, भारतीय खाद्य निगम (FCI), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, एचपीसीएल तथा अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि शामिल रहे। बैठक के दौरान प्रत्येक गुड्स साइडिंग से संबंधित लंबित (Outstanding) मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की गई। व्यापारियों द्वारा लोडिंग-अनलोडिंग, परिचालन सुविधा, आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, प्रकाश व्यवस्था, वैगन उपलब्धता तथा अन्य परिचालन संबंधी आवश्यकताओं से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए गए।

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यूपी रोडवेज बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को मिलेगी नि:शुल्क यात्रा सुविधा

लोक कल्याण संकल्प पत्र में किया था वादा, अनुपुरक बजट में दिए ₹100 करोड़योगी सरकार का महिला सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और सम्मान पर विशेष फोकसमहिला सशक्तिकरण के लिए अनुपूरक बजट में महिला कल्याण विभाग को मिले 1094.40 करोड़ खबर है..लखनऊमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब प्रदेश की 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को अब यूपी रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को इस व्यवस्था के लिए प्रतिकर भुगतान के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। भाजपा ने अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में इसका वादा किया था। इसके साथ ही महिला कल्याण विभाग के लिए 1094.40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराते हुए निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना तथा महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को भी सुदृढ़ किया गया है।उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अनुपूरक बजट पेश किया। अनुपूरक बजट में राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की नि:शुल्क यात्रा व्यवस्था के लिए प्रतिकर भुगतान का प्रावधान किया गया है। इस निर्णय से प्रदेश की लाखों वरिष्ठ महिलाओं को धार्मिक, सामाजिक, पारिवारिक तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के लिए यात्रा करने में आर्थिक राहत मिलेगी। यह पहल उनके सम्मान, सुविधा और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती प्रदान करेगी।प्रदेश सरकार ने महिला कल्याण विभाग के लिए भी अनुपूरक बजट में 1094.40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। पति की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट का सामना कर रही महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए 930 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे प्रदेश की बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलता रहेगा।मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को मिला 110 करोड़ रुपये का प्रावधान : अनाथ तथा विशेष परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के शिक्षा, भरण-पोषण और समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के लिए 54.30 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे पीड़ित महिलाओं और बच्चों को समयबद्ध सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

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ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में जीवनरक्षक साबित होंगी दोपहिया सड़क एम्बुलेंस

केंद्र सरकार ने जारी किया मसौदा नियम खबर है..नई दिल्लीकेंद्रीख सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने दोपहिया सड़क एम्बुलेंस (Two-Wheeler Road Ambulance) के लिए पहली बार एक नियामक ढांचा तैयार करने की दिशा में केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन का मसौदा अधिसूचना जारी की है। इसका उद्देश्य ग्रामीण, दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।वर्तमान में केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में दोपहिया सड़क एम्बुलेंस को अलग वाहन श्रेणी के रूप में मान्यता नहीं मिली है। इसलिए इनके निर्माण, सुरक्षा, पंजीकरण, फिटनेस परीक्षण और रोगी परिवहन से जुड़े कोई राष्ट्रीय मानक उपलब्ध नहीं हैं। प्रस्तावित संशोधन के तहत एआईएस-209 (भाग-1): 2026 मानक को लागू कर इन सभी पहलुओं को विनियमित किया जाएगा।प्रमुख प्रस्ताव1 अक्टूबर 2027 या उसके बाद निर्मित एल2 श्रेणी की दोपहिया सड़क एम्बुलेंस के लिए एआईएस-209 (भाग-1):2026 का अनुपालन अनिवार्य होगा। एम्बुलेंस पर लगी आपातकालीन शीर्ष (फ्लैश) लाइट भी इसी मानक के अनुरूप होगी। संबंधित राज्य सरकारें तय करेंगी कि इन एम्बुलेंस का संचालन किन क्षेत्रों में किया जाएगा। दोपहिया सड़क एम्बुलेंस को परिवहन वाहन माना जाएगा और इसका फिटनेस प्रमाणपत्र हर दो वर्ष में नवीनीकृत कराना होगा।फिटनेस जांच में क्या होगा शामिल? फिटनेस निरीक्षण के दौरान निम्न बिंदुओं की विशेष जांच की जाएगी। एम्बुलेंस सहायक उपकरण एवं रोगी परिवहन इकाई की सुरक्षित स्थापना। टायर और रिम की स्थिति। आपातकालीन चेतावनी लाइटें। स्ट्रेचर और उसका लॉकिंग सिस्टम। रोगी सुरक्षा (संयम) प्रणाली। रोगी को चढ़ाने और उतारने की व्यवस्थाअग्निशामक यंत्र की उपलब्धता और वैधतासुरक्षा पर विशेष जोर। एआईएस-209 (भाग-1):2026 के अनुसार वाहन की स्थिरता, ब्रेकिंग क्षमता, पार्किंग ब्रेक, पीछे की दृश्यता, कपलिंग की मजबूती, चेतावनी उपकरण, सुरक्षित रोगी परिवहन तथा पर्यावरणीय जोखिमों से सुरक्षा जैसे मानकों का पालन करना होगा।मंत्रालय का मानना है कि यह नया ढांचा दोपहिया सड़क एम्बुलेंस के डिजाइन और संचालन में सुरक्षा तथा जवाबदेही बढ़ाएगा। साथ ही उन क्षेत्रों में भी आपातकालीन चिकित्सा सहायता शीघ्र उपलब्ध कराएगा, जहां पारंपरिक चारपहिया एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती हैं। मसौदा अधिसूचना पर प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर 30 दिनों के बाद विचार किया जाएगा, जिसके उपरांत केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।

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