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नई दिल्ली
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा विकसित किया जाने वाला 117.7 किलोमीटर लंबा कानपुर-कबराई (4/6 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड) ग्रीनफील्ड राजमार्ग बुंदेलखंड और मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला साबित होगा। लगभग ₹7,145 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे का अहम हिस्सा है और खनन, उद्योग तथा कृषि क्षेत्रों को सीधे राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ेगी।
प्रमुख विशेषताएं
लंबाई: 117.7 किमी
लागत: ₹7,145 करोड़
प्रकार: 4/6 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग
क्रियान्वयन एजेंसी: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)
लॉजिस्टिक्स को मिलेगी नई ताकत
यह राजमार्ग कबराई के खनन क्षेत्र को कानपुर और भोपाल जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से तेज और निर्बाध संपर्क प्रदान करेगा। इससे खनिज, निर्माण सामग्री और औद्योगिक उत्पादों का परिवहन अधिक तेज, सुरक्षित और कम लागत वाला होगा। ईंधन की बचत होगी, माल ढुलाई की लागत घटेगी तथा आपूर्ति श्रृंखला अधिक मजबूत बनेगी।
यात्रा समय में होगी बड़ी कमी
वर्तमान में कानपुर से कबराई तक की यात्रा में लगभग 3.5 घंटे लगते हैं, जो इस परियोजना के पूरा होने पर घटकर करीब 1.5 घंटे रह जाएगी। इससे माल परिवहन के साथ-साथ सामान्य यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड के किसानों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा।
कृषि उपज तेजी से मंडियों और प्रसंस्करण इकाइयों तक पहुंचेगी।
फलों एवं सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों का नुकसान कम होगा।
परिवहन लागत घटने से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा।
बीज, उर्वरक और कृषि मशीनरी की उपलब्धता आसान होगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
कानपुर-कबराई राजमार्ग से बुंदेलखंड में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना पीएम गति शक्ति के विजन को मजबूत करते हुए खनन, उद्योग और कृषि क्षेत्रों को एकीकृत कर संतुलित क्षेत्रीय विकास का आधार तैयार करेगी।
यह परियोजना केवल एक राजमार्ग नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की खदानों, खेतों और उद्योगों को देश के बड़े बाजारों से जोड़ने वाली विकास की नई जीवनरेखा है।
