विशेष जांच अभियान में 245 बेटिकट धरे गए

खबर है. लखनऊ। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा के आदेश पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता के निर्देश पर ट्रेनों में बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर शिकंजा करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। लखनऊ-रायबरेली रेलखंड पर विशेष टिकट जांच अभियान के दौरान 245 मुसाफिर बिना टिकट व अनियमित यात्रा करते पकड़े गए। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने बताया कि विशेष जांच अभियान के दौरान 22684 लखनऊ – यशवंतपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस एवं 14241 नौचंदी एक्सप्रेस में बृहस्पतिवार देर शाम तक जांच किया गया। सहायक वाणिज्य प्रबंधक कृष्ण कांत यादव के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में टिकट चेकिंग के 07 तथा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के 06 कर्मियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अभियान के दौरान अनाधिकृत एवं बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 245 यात्रियों को पकड़ा गया जिनसे ₹1,00,800/- किराया तथा ₹82,570/- जुर्माना वसूल किया गया। इस प्रकार अभियान के माध्यम से कुल ₹1,83,370/- का राजस्व अर्जित किया गया। श्री गुप्ता ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट के साथ यात्रा करें तथा रेलवे नियमों का पालन करते हुए रेल प्रशासन का सहयोग करें।

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अश्विनी वैष्णव ने दोहरीघाट-मऊ-औड़िहार यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

नई दैनिक रेल सेवा से मऊ और गाजीपुर जिलों के यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और आरामदायक संपर्क सुविधा मिलेगी रेल मंत्री:यह ट्रेन सेवा वाराणसी तक बढ़ाई जाएगीरेल मंत्री ने पूर्वांचल से राष्ट्रीय राजधानी के लिए जल्द ही एक और ट्रेन शुरू करने का वादा किया खबर है..नई दिल्लीरेल, सूचना एवं प्रसारण एवं इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए दोहरीघाट-औड़िहार यात्री ट्रेन को वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शुभारंभ समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा, सांसद राजीव राय और अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित थे।यह उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रेल यात्रियों की सुविधा और मऊ और गाजीपुर जिलों के लोगों की सीधी दैनिक रेल सेवा की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए यह नई रेल सेवा शुरू की गई है।यह ट्रेन सादत, जखनियां, दुल्लापपुर, मऊ, इंदारा, कोपागंज, घोसी, अमिला और मुरादपुर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन सेवा का विस्तार जल्द ही वाराणसी तक किया जाएगी। इस ट्रेन में 8 कोच होंगे, जिनमें दैनिक यात्रियों और मार्ग पर अन्य यात्रियों के लिए आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए यात्री कोच शामिल हैंपूर्वांचल क्षेत्र से दिल्ली के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए, श्री वैष्णव ने उत्तरी गंगा कॉरिडोर से शुरू की जाने वाली एक नई एक्सप्रेस ट्रेन की घोषणा की। यह ट्रेन छपरा, बलिया, मऊ, आजमगढ़, शाहगंज, जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, गाजियाबाद और आनंद विहार को जोड़ेगी। उन्होंने सभा में उपस्थित लोगों को आश्वासन दिया कि यह सेवा शीघ्र ही शुरू की जाएगी।

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कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) की 49वीं बैठक आयोजित

बैठक में शामिल हुए देशभर के शीर्ष कर्मचारी नेता शिव गोपाल मिश्रा और राघवैय्या ने रखी कर्मचारी पक्ष की बात खबर है..नई दिल्लीसंयुक्त परामर्श तंत्र (जेसीएम) की राष्ट्रीय परिषद की 49वीं बैठक सोमवार को सेवा तीर्थ के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव ने की। इस बैठक में कर्मचारी पक्ष के नेता राघवैय्या और कर्मचारी पक्ष के सचिव शिव गोपाल मिश्रा के साथ-साथ कर्मचारी पक्ष के 28 अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सरकारी पक्ष का प्रतिनिधित्व प्रमुख मंत्रालयों और विभागों के सचिवों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने किया जिनमें सचिव (कार्मिक) और व्यय विभाग के सचिव शामिल थे।बैठक की शुरुआत में, अध्यक्ष ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और सदस्यों, विशेष रूप से कर्मी पक्ष को, जेसीएम योजना के 60 गौरवशाली वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह योजना 1966 में शुरू की गई थी और वर्ष 2026 में अपना हीरक जयंती वर्ष मना रही है।जेसीएम तंत्र के महत्व की जानकारी देते हुए, अध्यक्ष ने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से ही, संयुक्त परामर्श तंत्र ने सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच संवाद और परामर्श को संस्थागत रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब तक राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) की कुल 48 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।इसके अतिरिक्त, यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय परिषद की बैठकें कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में, कर्मचारी पक्ष और सरकारी पक्ष दोनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित की जाती हैं, जैसा कि इस योजना के अंतर्गत परिकल्पित है। राष्ट्रीय परिषद की 48वीं बैठक 26 जून 2021 को आयोजित की गई थी, जिसके बाद स्थायी समिति की तीन बैठकें भी बुलाई गईं। इसके अलावा, कर्मचारियों के कल्याण और सेवा शर्तों से संबंधित मामलों पर विचार-विमर्श करने के लिए मंत्रालय स्तर पर विभागीय परिषद की बैठकें भी निरंतर आयोजित की जा रही हैं।चेयरमैन ने कहा कि जेसीएम व्यवस्था के तहत लगातार चर्चाओं से कर्मचारियों के कई मुद्दों और शिकायतों को सुलझाने में मदद मिली है। इससे उनके हित में विभिन्न निर्देशों और दिशानिर्देशों में बदलाव किए गए हैं।49वीं बैठक के दौरान, कर्मचारी पक्ष द्वारा पेश किए गए 24 एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। हर बिंदु पर स्वस्थ और रचनात्मक चर्चा हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने कर्मचारियों के हित में सौहार्दपूर्ण समाधान तक पहुँचने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास किए। कई मुद्दे पहले से ही संबंधित मंत्रालयों और विभागों के सक्रिय विचाराधीन हैं।बैठक में सरकार की इस प्रतिबद्धता को दोहराया गया कि वह रचनात्मक परामर्श व्यवस्था बनाए रखेगी और लगातार बातचीत तथा सहयोग के माध्यम से कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देगी।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाएंनागपुर में 17 और 18 मई को ‘जल-संवाद’ और ‘जलक्रांति’ सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे

खबर है..नई दिल्लीकेंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि विदर्भ को किसान आत्महत्या के क्षेत्र के कलंक से मुक्त करने और विदर्भ के गाँवों में जल समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए यहां जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना चाहिए।विदर्भ में जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत पूर्ति सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था के रजत जयंती समारोह के अवसर पर 17 और 18 मई को नागपुर में “जलसंवाद” (जल संवाद) और “जलक्रांति” (जल क्रांति) सम्मेलनों का आयोजन किया गया है।गडकरी आज आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे, जिसमें विधायक चरणसिंह ठाकुर और उमेश यावलकर भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि देश में जल की कमी नहीं है; बल्कि जल संसाधनों की उचित योजना और प्रबंधन की कमी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई और कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से जल प्रबंधन संभव है।उन्होंने बताया कि फार्म तालाबों से निकाली गई मिट्टी का उपयोग अकोला, वाशिम और बुलढाणा जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में किया गया है, जिससे पश्चिमी विदर्भ में भूजल स्तर बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि क्षेत्र के किसानों ने अपनी फसल पैटर्न बदल ली है। श्री गडकरी ने यह जोर दिया कि गैर सरकारी संगठनों की जल संरक्षण में भागीदारी महत्वपूर्ण है, लेकिन जनता की सक्रिय भागीदारी समान रूप से मूल्यवान है, इसलिए जल संरक्षण को जन आंदोलन बनना चाहिए । उन्होंने आगे कहा कि वारूड-मोरशी और कटोल-नरखेड़ के भूजल-कमी वाले “डार्क जोन” क्षेत्रों में नदियों और नालों के गहनकरण संबंधी संरक्षण कार्य जनभागीदारी से किए जा रहे हैं और इन प्रयासों से क्षेत्र में जल संरक्षण परियोजनाएँ चलाई जा रही हैं। गडकरी ने स्थानीय स्वशासन निकायों से इन पहलों में महत्वपूर्ण योगदान देने की अपील भी की।पूर्ति सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था पिछले 25 वर्षों से जल संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। संगठन द्वारा विकसित ‘तमस्वदा मॉडल’ को देशभर में मान्यता मिल रही है। संगठन के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में नागपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन किया गया है। रजत जयंती समारोह दो चरणों में होंगे 17 मई 2026 को “नागपुर जलसंवाद-2026” और 18 मई 2026 को “जलक्रांति सम्मेलन”। देशभर से प्रमुख जल विशेषज्ञ, पद्म पुरस्कार विजेता और सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ इन आयोजनों में भाग लेने वाली हैं।

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प्रधानमंत्री तेलंगाना में लगभग ₹1,535 करोड़ की रेल परियोजनाएं करेंगे राष्ट्र को समर्पित

इससे रेल संपर्क मज़बूत होगा, भीड़ कम होगी और यात्रियों की आवाजाही बेहतर होगी खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 मई 2026 को तेलंगाना में लगभग ₹1,535 करोड़ की प्रमुख रेलवे अवसंरचना परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह इस क्षेत्र में रेल संपर्क को मज़बूत करने, परिचालन दक्षता में सुधार करने और यात्रियों व माल की आवाजाही को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।ये परियोजनाएँ भारतीय रेल के उन लगातार प्रयासों का हिस्सा हैं जिनका उद्देश्य महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर को आधुनिक बनाना, भीड़भाड़ वाले खंडों को भीड़-मुक्त करना और यात्रियों को तेज़, सुरक्षित व अधिक विश्वसनीय यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।इन परियोजनाओं का एक प्रमुख घटक काज़ीपेट-विजयवाड़ा मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना के कई खंड हैं, जो 118 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। इनमें वारंगल-काज़ीपेट, नेकोंडा-महबूबाबाद और एर्रुपालेम-डोर्नकल जंक्शन रेल खंड शामिल हैं। इस परियोजना से तेलंगाना के हनुमकोंडा, वारंगल, महबूबाबाद और खम्मम जैसे प्रमुख ज़िलों को फ़ायदा होगा।यह कॉरिडोर व्यस्त ‘ग्रैंड ट्रंक’ मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण यात्री और माल यातायात को संभालता है। मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना लाइन की क्षमता में काफ़ी वृद्धि करेगी। इससे रेलगाड़ियों का परिचालन अधिक सुचारू और तेज़ हो सकेगा। इसके साथ ही अधिक उपयोग वाले मार्गों पर भीड़ भी कम होगी। इससे रेलगाड़ियों के समय की पाबंदी में सुधार होने, मालगाड़ियों के ठहराव में कमी आने और पूरे क्षेत्र में माल की अधिक कुशल आवाजाही संभव होने की आशा है।प्रधानमंत्री 21 किलोमीटर लंबा काज़ीपेट रेल अंडर रेल बाईपास भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र के सबसे व्यस्त रेल जंक्शनों में से एक, काज़ीपेट जंक्शन पर भीड़भाड़ को कम करना है।यह बाईपास हैदराबाद, बल्हारशाह और विजयवाड़ा की ओर रेलगाड़ियों की एक साथ आवाजाही को संभव बनाएगा। इससे परिचालन में लचीलापन काफ़ी बढ़ जाएगा और रेलगाड़ियों का प्रतीक्षा समय कम हो जाएगा। यह परियोजना इस व्यस्त जंक्शन पर परिचालन संबंधी टकरावों और क्रॉसिंग में होने वाली देरी को कम करेगी। इससे रेलगाड़ियों की समय की पाबंदी बेहतर होगी और उनका परिचालन सुव्यवस्थित हो जाएगा।कुल मिलाकर, ये रेल अवसंरचना परियोजनाएं भारतीय रेल का उच्च क्षमता वाला और भविष्य के लिए तैयार रेल नेटवर्क बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह नेटवर्क आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा, यात्रियों की सुविधा में सुधार करेगा है और तेलंगाना तथा पड़ोसी राज्यों के बीच क्षेत्रीय संपर्क को मज़बूत बनाएगा।

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भारतीय रेल ने उत्तर रेलवे के 1,478 रूट किलोमीटर पर दी कवच प्रणाली के विस्तार को मंजूरी

खबर है..नई दिल्लीरेल सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में भारतीय रेल ने उत्तर रेलवे के अहम मार्गों पर स्वदेशी कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम के विस्तार को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर लगभग ₹362 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके तहत फिरोजपुर और जम्मू मंडल के करीब 1,478 रूट किलोमीटर पर कवच प्रणाली स्थापित की जाएगी।परियोजना के अंतर्गत फिरोजपुर मंडल के शेष 1,012 रूट किलोमीटर पर लगभग ₹241 करोड़ की लागत से कवच लगाया जाएगा। वहीं जम्मू मंडल में जलंधर सिटी जंक्शन-जम्मू तवी-श्री माता वैष्णो देवी कटरा, बटाला जंक्शन-पठानकोट जंक्शन और बनिहाल-बारामूला सेक्शनों के लगभग 466 रूट किलोमीटर पर करीब ₹121 करोड़ की लागत से कवच प्रणाली स्थापित की जाएगी।इसके तहत रेलवे ट्रैक के किनारे स्थायी कवच सिस्टम लगाए जाएंगे। साथ ही, 40 मीटर ऊंचे संचार टावर और एंटीना इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा, ताकि सुरक्षा प्रणाली बेहतर और निर्बाध तरीके से कार्य कर सके।कवच भारत में विकसित एक स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जो किसी भी आपात स्थिति में स्वतः ब्रेक लगाकर ट्रेन टक्कर जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करता है। यह तकनीक लोको पायलट को सुरक्षित ट्रेन संचालन में सहयोग देती है, क्योंकि इसके माध्यम से लोकोमोटिव, सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक पर लगे उपकरणों के बीच लगातार संपर्क बना रहता है।इन महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर कवच प्रणाली लागू होने से ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और सुगम बनेगा। भारतीय रेल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के तहत देशभर में कवच प्रणाली का तेजी से विस्तार कर रही है, जिससे रेलवे नेटवर्क को सुरक्षित, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके।

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अगस्त से बदली मिलेगी रेल यात्री आरक्षण प्रणाली

अपग्रेडेड यात्री आरक्षण प्रणाली में अगस्त से रेल गाड़ियों की होगी शिफ्टिंग40 वर्ष पुरानी इस प्रणाली से अपग्रेडेड सिस्टम पर होगी गाड़ियों की शिफ्टिंगयात्रियों को परेशानी न हो इसलिए रेल मंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश खबर है..नई दिल्लीरेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेल भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में 40 साल पुरानी आरक्षण प्रणाली में अपग्रेडेड सिस्टम पर गाड़ियों की शिफ्टिंग होते समय यात्रियों को परेशानी न हो इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिए । इस बैठक में रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू भी उपस्थित थे।1986 में शुरू हुई इस प्रणाली में पिछले 40 साल में कई छोटे बदलाव किए गए । लेकिन अब इसमें आमूलचूल परिवर्तन किया गया है । अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इसके क्षमता का विस्तार किया गया है । रेल आरक्षण प्रणाली ने कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखें है I वर्ष 2002 में भारतीय रेलवे ने ticketing में internet का प्रयोग शुरू किया। आज ये प्रणाली इतनी लोकप्रिय है कि देश की ज्यादातर आबादी खिड़की की ओर रुख नहीं करती। देश में आज जितनी भी ticketing की माँग है उसका बड़ा हिस्सा (~88%) online माध्यम से होता है।भारतीय रेल का मोबाइल ऐप रेलवन यात्रियों के बीच बड़ी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रेलवन ऐप की शुरुआत पिछले साल जुलाई में हुई थी। एक साल से कम समय में ही देशभर में अब तक 3.5 करोड़ डाउनलोड हो चुके हैं।इस ऐप के लोकप्रिय होने के कई कारणों में से सबसे बड़ा कारण यह है कि यह ऐप देश के आम आदमी को रेल संबंधी सभी जानकारियाँ तो देता ही है, टिकटिंग तथा अन्य सेवाओं से जुड़ी उनकी शिकायतों का भी निपटारा करता है। आज जब आप अपनी टिकट बनाते हैं, तो रेलवन ऐप आपको यह बताता है कि आपकी वेटिंग में दिख रही टिकट कन्फर्म होगी या नहीं। टिकट के कन्फर्म होने की सटीक संभावना भी अब आपको एआई के माध्यम से रेलवन ऐप बताने लगा है। यह नई सुविधा इस साल की शुरुआत से ही लागू की गई है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। रेलवन ऐप पर वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने के अनुमान की सटीकता पहले के 53 प्रतिशत से बढ़कर अब 94 प्रतिशत तक पहुँच गई है।रेलवन ऐप में इस तरह की कई एकीकृत एवं आधुनिक सुविधाएँ हैं, जो रेल संबंधी अन्य सभी सेवाओं को भी अपने में समाहित किए हुए हैं। जैसे – आरक्षित, अनारक्षित तथा प्लेटफॉर्म आदि विभिन्न प्रकार के टिकटों की बुकिंग, रद्दीकरण तथा रिफंड।इस के साथ साथ आपके हमारे मौजूदा टिकट की वेटिंग status की ताजा स्थिति, ट्रेन के आने जाने का समय, ट्रेन की मौजूदा स्थिति, ट्रेन के आने-जाने का platform, आप के coach की position, रेल मदद जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ रेलवन (RailOne) app पे हैं। अपनी यात्रा के दौरान आप अपना food भी रेलवन (RailOne) app पर order कर सकते हैं। App आपको ये विकल्प देता है कि आप की seat तक आपका मनपसंद खाना पहुंच सके। आरामदायक व सेवापरक सुविधाओं से लैस यह रेलवन (RailOne) app तेजी से लोकप्रिय हो रहा है ।इसके साथ-साथ आपके मौजूदा टिकट की वेटिंग स्थिति की ताज़ा जानकारी, ट्रेन के आने-जाने का समय, ट्रेन की वर्तमान स्थिति, ट्रेन के आने-जाने का प्लेटफॉर्म, आपके कोच की स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी रेलवन ऐप पर उपलब्ध हैं। अपनी यात्रा के दौरान आप रेलवन ऐप पर भोजन भी ऑर्डर कर सकते हैं। यह ऐप आपको यह सुविधा देता है कि आपकी सीट तक आपका मनपसंद खाना पहुँच सके। आरामदायक एवं सेवापरक सुविधाओं से लैस यह रेलवन ऐप तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।रोज़ाना इस app के माध्यम से देश भर में 9.29 लाख टिकिटे book हो रही हैं। इसमें 7.2 लाख टिकटें अनारक्षित तथा अन्य 2.09 लाख आरक्षित टिकटें हैं। अनारक्षित टिकटों में platform टिकट भी शामिल है। Android तथा IOS पर रेलवन (RailOne) app को लोग काफी पसंद कर रहे है। जहाँ 3 करोड़ 16 लाख लोगो ने इसे गूगल प्लेस्टोर से अब तक डाउनलोड किया है, वहीं 33.17 लाख लोगो ने इसे ऐपल phones में डाउनलोड किया है।देश में यात्रियों के लिए भारतीय रेल एक जीवन रेखा है – भारतीय रेल ने 2024-25 में यात्रियों के टिकटों पर 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी। यह रेलवे पर यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 43% की छूट के बराबर है। दूसरे शब्दों में, यदि सेवा प्रदान करने की लागत 100 रुपये है, तो टिकट की कीमत केवल 57 रुपये है।

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सात ज्योर्तिलिंग एवं दक्षिण भारत की करें यात्रा

खबर है.. लखनऊ भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने गर्मी की छुट्टियों को लेकर भारत गौरव पर्यटक ट्रेनों को चलाने का निर्णय लिया है। सैलानियों को सात ज्योर्तिलिंग के दर्शन और दक्षिण भारत की यात्रा के लिए आईआरसीटीसी ने टूर पैकेज लॉन्च किया है। दो भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के जरिए मुसाफिरों को सैर कराया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए आईआरसीटीसी ने LTC और EMI की भी सुविधा दी है ताकि अधिक से अधिक लोग यात्रा का लाभ उठा सके। भारत गौरव पर्यटक ट्रेनों में ‘पहले आओ- पहले पाओ’ के आधार पर बुकिंग की जाएगी । यह जानकारी बुधवार को आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक (CRM) अजीत कुमार सिन्हा ने संवाददाताओं को दी।आईआरसीटीसी के पर्यटन भवन गोमती नगर स्थित कार्यालय में पत्रकार वार्ता में श्री सिन्हा ने बताया कि भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से 12 से 28 जून के बीच 11 रात एवं 12 दिन की यात्रा के दौरान 7 ज्योतिर्लिंग की यात्रा होगी। इस दौरान पर्यटकों को भारत गौरव पर्यटक ट्रेन से उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर व ओंमकारेश्वर, गुजरात में द्वारकाधीश, भेंट द्वारिका, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, सिग्नेचर ब्रिज, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, नासिक में त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, पंचवटी, कालाराम मंदिर, भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, संभाजी नगर में घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग एवं स्थानीय मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि भारत गौरव पर्यटक ट्रेन में स्लीपर श्रेणी में 24100/- प्रति व्यक्ति, थर्ड एसी में 40880/- प्रति व्यक्ति और सेकंड एसी में 54300/- प्रति व्यक्ति किराए का निर्धारण किया गया है। 7 ज्योतिर्लिंग यात्रा के लिए यहां से कर सकेंगे सफर: आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि भारत गौरव ट्रेन में योग नगरी ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, लखनऊ, कानपुर, उरई, वीरांगना लक्ष्मीबाई और ललितपुर रेलवे स्टेशन से पर्यटक सफर कर सकते हैं।आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक श्री सिन्हा ने बताया कि दूसरी भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन दक्षिण भारत की यात्रा के लिए 29 जून से 10 जुलाई के बीच किया जाएगा। 11 रात एवं 12 दिन के इस यात्रा के दौरान तिरुपति बालाजी मंदिर (तिरुपति), रामनाथ स्वामी मंदिर (रामेश्वरम), मीनाक्षी मंदिर (मदुरै), स्थानीय दर्शन (कन्याकुमारी) , मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (मरकापुर) का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्लीपर श्रेणी में 24350/_ , थर्ड एसी में 41800/- और सेकंड एसी में 55750/- प्रति व्यक्ति किराए का निर्धारण किया गया है। इस भारत गौरव ट्रेन में पर्यटक योग नगरी ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज और मानिकपुर से सफर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा की बुकिंग आईआरसीटीसी कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की बेवसाइट www.irctctourism.com से आनलाइन भी कराई जा सकती है। प्रेसवार्ता के दौरान उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) समर्थ गुप्ता भी मौजूद रहे।पर्यटक हेल्पलाइन नंबरों से भी ले सकते हैं जानकारी : भारत पर्यटक ट्रेनों में बुकिंग के लिए पर्यटक हेल्पलाइन नंबर 923639 1908, 82879 30908, 82879 301 99, 9717 649 141, 73028 21864, 9415 042930, 9305111764, 82879 30913 और 8595 924 294 से कर सकते हैं।

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पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम 4 मई को, देशभर की नजरें टिकीं

खबर है..नई दिल्लीपश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इन नतीजों को लेकर पूरे देश में उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर किस पार्टी को जनता का जनादेश मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।चुनाव आयोग ने इन राज्यों में मतगणना की तैयारी पूरी कर ली है और सोमवार कल सुबह से मतगणना का कार्य शुरू हो जाएगा। समझा जाता है कि मत करना कुछ घंटे बाद रुझान का सिलसिला शुरू हो जाएगा और दोपहर बाद तक जीत हार के नतीजे आ जाएंगे।पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले गए। वहीं असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ था।अगर प्रमुख मुकाबलों की बात करें तो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है। तमिलनाडु में मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कड़गम गठबंधन, अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम गठबंधन, टीवीके और एनटीके के बीच है।केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बीच मुकाबला है। असम में मुख्य लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के बीच मानी जा रही है, जबकि पुडुचेरी में NDA और कांग्रेस गठबंधन आमने-सामने हैं।इन चुनावों में कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है, जिनमें ममता बनर्जी, सुवेंदु अधिकारी, मोहम्मद सलीम, एम. के. स्टालिन, उद्धयनिधि स्टालिन, पिनारयी विजयन, वी. डी. सतीसन, राजीव चंद्रशेखर, हिमंता बिस्वा सरमा, गौरव गोगोई, एन. रंगास्वामी और वी. वैथिलिंगम शामिल हैं।चुनाव प्रचार के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। अब 4 मई को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि इन राज्यों में सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी।

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भारत की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग प्रणाली की शुरूआतएनएचएआई के गुजरात टोल प्लाजा पर पहले दिन लगभग 41,500 वाहनों ने किया पार

खबर है..नई दिल्लीभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लाते हुए गुजरात के एनएच-48 के सूरत-भरूच खंड पर स्थित चोरायासी टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) आधारित टोल प्रणाली का सफलतापूर्वक शुरुआत की है। इस प्रणाली के लागू होने के पहले ही दिन लगभग 41,500 वाहनों ने एमएलएफएफ टोल प्लाजा को पार किया।एमएलएफएफ प्रणाली न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ बाधा रहित टोल प्रणाली की शुरुआत करती है जिससे वाहन बिना रुके टोल केंद्रों से गुजर सकते हैं और निर्बाध यातायात प्रवाह सुनिश्चित होता है। यह प्रणाली स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) और फास्टैग आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करके स्वचालित और संपर्क रहित टोलिंग संचालन को सक्षम बनाती है। एमएलएफएफ राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के यात्रा अनुभव में एक क्रांतिकारी बदलाव लाती है, जिससे दक्षता और सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर भीड़भाड़ में काफी कमी आएगी, यात्रा का समय बेहतर होगा, ईंधन दक्षता बढ़ेगी और वाहनों से होने वाला उत्सर्जन कम होगा।सुगम यात्रा अनुभव के लिए, एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से अपने फास्टैग खातों में पर्याप्त शेष राशि बनाए रखने का आग्रह किया है। अपर्याप्त फास्टैग शेष राशि, अमान्य या खराब फास्टैग जैसी स्थितियों में, उपयोगकर्ताओं को उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान न करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक नोटिस (ई-नोटिस) जारी किया जाएगा। ऐसे उपयोगकर्ताओं को ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटों के भीतर सामान्य उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करना होगा। 72 घंटों के बाद भी भुगतान न करने पर, वाहन श्रेणी की सामान्य दर से दोगुना उपयोगकर्ता शुल्क लिया जाएगा।ई नोटिस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त और भुगतान किया जा सकता है। उपयोगकर्ता ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटों के भीतर शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। ई-नोटिस का भुगतान न करने पर फास्टैग को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और वाहन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अन्य वाहन संबंधी सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।एमएलएफएफ की शुरुआत से पारदर्शिता बढ़ाकर और टोल प्लाजा स्थापित करने की परिचालन लागत को कम करके टोल संचालन को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। एमएलएफएफ राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर अधिक सुदृढ़, कुशल और लागत प्रभावी टोलिंग प्रणाली के विकास में भी योगदान देगा

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