तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान एप्लिकेशन का पायलट लॉन्च

युवाओं को निकोटीन की लत से बचाने पर जोर खबर है..नई दिल्लीतंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान एप्लिकेशन के पायलट संस्करण के शुभारंभ के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि देशभर में जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, डेंटल कॉलेजों, आयुष संस्थानों, गैर-संचारी रोग (एनसीडी) क्लीनिकों तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं में 2,000 से अधिक तंबाकू त्याग केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों और परिसरों से तंबाकू मुक्त प्रथाओं को अपनाने तथा बनाए रखने की अपील की। साथ ही, हितधारकों और भागीदार संस्थानों से पायलट चरण के दौरान एप्लिकेशन का सक्रिय उपयोग कर सुझाव देने का आग्रह किया ताकि पहल को और प्रभावी बनाया जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियों सहित कई गैर-संचारी रोगों का प्रमुख कारण है और यह देश में मृत्यु एवं दिव्यांगता का बड़ा कारण बना हुआ है। उन्होंने राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य पेशेवरों, प्रवर्तन एजेंसियों, नागरिक समाज संगठनों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए भावी पीढ़ियों को तंबाकू और निकोटीन की लत से बचाने के लिए सामूहिक सतर्कता और एकजुटता का आह्वान किया। संयुक्त सचिव प्रभाकर ने साक्ष्य-आधारित तंबाकू नियंत्रण नीतियों को बढ़ावा देने और युवाओं को उभरते निकोटीन एवं तंबाकू उत्पादों से सुरक्षित रखने में भारत की अग्रणी भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं उप महानिदेशक डॉ. एल. स्वास्तिचरण ने बच्चों, किशोरों और युवाओं को तंबाकू तथा निकोटीन की लत से बचाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।कार्यक्रम में “तंबाकू निषेध की शपथ” भी दिलाई गई, जिसके माध्यम से तंबाकू मुक्त और स्वस्थ भारत के निर्माण के प्रति सामूहिक संकल्प दोहराया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एनटीसीपी वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन शपथ की सुविधा उपलब्ध कराते हुए राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य हितधारकों से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए नई दिल्ली स्थित HRIDAY के सहयोग से स्कूली छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें तंबाकू सेवन और निकोटीन की लत के दुष्प्रभावों को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्वास्थ्य पेशेवरों, नागरिक समाज संगठनों और तंबाकू नियंत्रण क्षेत्र के अन्य हितधारकों ने भाग लिया।

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पर्यावरण के अनुकूल पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन जल्द दौड़ेगी, भारतीय रेलवे ने दी मंजूरी

खबर है..नई दिल्लीभारतीय रेलवे ने देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन को पटरियों पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उत्तरी रेलवे के जिंद–सोनीपत खंड पर 10 डिब्बों वाली हाइड्रोजन ट्रेन को चलाने की मंजूरी दे दी गई है। यह ट्रेन 1200 किलोवाट इंजन से संचालित होगी और अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी।रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित होगी, जिसमें हाइड्रोजन गैस की रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली पैदा होती है और उत्सर्जन के रूप में केवल जलवाष्प निकलती है। इससे यह पारंपरिक डीजल आधारित रेल प्रणालियों की तुलना में अधिक स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल विकल्प मानी जा रही है।इस पहल के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जो स्वच्छ रेल परिवहन के लिए हाइड्रोजन तकनीक का परीक्षण या उपयोग कर रहे हैं। इनमें जर्मनी, जापान, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं।हरियाणा के जिंद–सोनीपत रेलखंड को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। जिंद में हाइड्रोजन भंडारण और ईंधन भरने की स्वदेशी सुविधा तैयार की गई है, जिसे सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक लाइसेंस भी मिल चुके हैं। ट्रेन के सुरक्षित संचालन के लिए हाइड्रोजन रिसाव और आग का पता लगाने वाले सेंसर, आपातकालीन कंप्रेसर यूनिट और 24×7 निगरानी प्रणाली की व्यवस्था की गई है।भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक चरण में प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी ट्रेन के साथ रहेंगे, ताकि संचालन पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध बना रहे। यह परियोजना ऊर्जा दक्षता, हरित परिवहन और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों की दिशा में भारत का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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पीएनजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: सरकार ने एलपीजी कनेक्शन नियमों में किया बदलाव

खबर है..नई दिल्लीकेंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस (पीएनजी) और एलपीजी कनेक्शन के बीच अधिक सुविधा और लचीलापन देने के उद्देश्य से लीक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति एवं वितरण का विनियमन) संशोधन आदेश, 2026 की अधिसूचना जारी की है। इस संशोधन के तहत अब पीएनजी कनेक्शन लेने वाले एलपीजी उपभोक्ताओं को भविष्य में गैर-पीएनजी क्षेत्रों में एलपीजी कनेक्शन दोबारा प्राप्त करने का विकल्प मिलेगा।सरकार द्वारा 25 मई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन घरेलू उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन ले लिया है, वे 30 दिनों के भीतर अपने एलपीजी कनेक्शन को हटाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें ट्रांसफर वाउचर प्राप्त करने का विकल्प भी दिया जाएगा, जिससे भविष्य में यदि वे किसी ऐसे क्षेत्र में स्थानांतरित होते हैं जहां पीएनजी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो एलपीजी कनेक्शन पुनः बहाल कराया जा सकेगा।सरकार का कहना है कि यह संशोधन उपभोक्ताओं को अतिरिक्त राहत और सुविधा प्रदान करेगा। विशेष रूप से यह व्यवस्था तबादला-प्रभावित कर्मचारियों, प्रवासी परिवारों, किरायेदारों और छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगी, जिन्हें अक्सर शहर बदलना पड़ता है और हर स्थान पर पीएनजी सुविधा उपलब्ध नहीं होती।विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन स्थायी रूप से समाप्त कराने की चिंता से राहत मिलेगी और वे जरूरत के अनुसार भविष्य में दोबारा इसका लाभ उठा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे ऊर्जा उपभोग प्रणाली अधिक उपभोक्ता-अनुकूल बनेगी और शहरी व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गैस वितरण व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

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सीबीएसई की तकनीकी खामियों की जांच करेगी आईआईटी मद्रास की टीम

खबर है..नई दिल्लीपरीक्षोत्तर पुनर्मूल्यांकन सेवाओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पोर्टल में आई तकनीकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञों की मदद लेने के निर्देश दिए हैं। अब इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मद्रास के प्रोफेसरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम सीबीएसई को तकनीकी चुनौतियों से निपटने में सहायता करेगी।शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष की परीक्षोत्तर पुनर्मूल्यांकन सेवाओं की घोषणा के बाद सामने आई तकनीकी खामियों की विस्तृत जांच आईआईटी मद्रास की टीम करेगी। यह निर्णय सीबीएसई के परिणामोत्तर सेवा पोर्टल में लॉगिन, सर्वर और अन्य तकनीकी दिक्कतों की शिकायतों के बाद लिया गया है।विशेषज्ञ टीम पोर्टल की स्थिरता, सर्वर प्रदर्शन और तकनीकी कार्यप्रवाहों की समीक्षा कर लक्षित सुधार लागू करेगी। साथ ही, आईटी अवसंरचना की मजबूती का आकलन कर लॉगिन प्रमाणीकरण, उपयोगकर्ता पहुंच प्रणाली और भुगतान गेटवे की सटीक एवं सुचारू कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय सुझाए जाएंगे।प्रधान ने स्पष्ट किया कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और सीबीएसई को एक पारदर्शी, कुशल और छात्र-हितैषी प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाने चाहिए। यह पहल पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक भरोसेमंद और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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दिल्ली-एनसीआर में “चक्का जाम” का दूसरा दिन भी प्रभावी रहने का दावाट्रकों की आवाजाही लगभग ठप, कीमतों पर दिखने लगा असर

खबर है..नई दिल्लीदिल्ली-एनसीआर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के नेतृत्व में चल रहे तीन दिवसीय “चक्का जाम” आंदोलन का दूसरा दिन शुक्रवार को भी पूरी तरह प्रभावी रहने का दावा किया गया है। ट्रांसपोर्टरों के अनुसार, राजधानी में ट्रकों की आवाजाही लगभग ठप रही, जिससे फल और सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है तथा कीमतों पर भी असर दिखाई देने लगा है।ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) की प्रेस विज्ञप्ति में ट्रांसपोर्ट संगठनों का दावा किया गया है कि सामान्य दिनों में करीब 70 हजार ट्रक विभिन्न प्रवेश बिंदुओं से प्रतिदिन दिल्ली में प्रवेश करते हैं, लेकिन आंदोलन के दूसरे दिन राजधानी में ना के बराबर ट्रक पहुंच सके। दिल्ली की मंडियों में मालवाहक वाहनों की कमी के चलते फल-सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन दिल्ली की जनता के खिलाफ नहीं, बल्कि परिवहन व्यवसाय को प्रभावित करने वाली नीतियों के विरोध में है। संगठन ने दिल्ली सरकार और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) की नीतियों को ट्रांसपोर्ट कारोबार विरोधी बताते हुए कहा कि बढ़े हुए ईसीसी शुल्क, कमर्शियल वाहनों पर प्रतिबंध और बढ़ती परिचालन लागत ने छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, ट्रक मालिकों और ड्राइवरों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। संगठन के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में जारी हड़ताल को ट्रांसपोर्टरों, ट्रक ऑपरेटरों, ड्राइवरों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। आंदोलन को लेकर परिवहन बिरादरी में सरकार की नीतियों के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है। इस बीच, दिल्ली सरकार में खाद्य, आपूर्ति एवं पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की मध्यस्थता से कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) के साथ बैठक की संभावना जताई जा रही है। ट्रांसपोर्ट संगठनों को उम्मीद है कि सरकार बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाएगी। हालांकि, अब तक किसी ठोस समाधान के अभाव में परिवहन बिरादरी में निराशा बढ़ रही है। ट्रांसपोर्ट संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को देशव्यापी अनिश्चितकालीन “चक्का जाम” में बदला जा सकता है।

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जोधपुर से रेलवे को बड़ी सौगात

वंदे भारत अब 20 कोच के साथ, साबरमती एक्सप्रेस जैसलमेर तक खबर है..नई दिल्लीरेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को जोधपुर रेलवे स्टेशन से कई महत्वपूर्ण रेल सेवाओं और परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोच के साथ संचालित करने और साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस को जैसलमेर तक विस्तार देने की घोषणा की गई। साथ ही जैसलमेर में ₹67 करोड़ की लागत से बने नए कोच केयर कॉम्पलेक्स का उद्घाटन भी किया गया।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गाड़ी संख्या 04871 जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस उद्घाटन स्पेशल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि नियमित गाड़ी संख्या 26481/26482 जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस में 24 मई 2026 से 20 कोच लगाए जाएंगे। इसमें दो एग्जीक्यूटिव चेयरकार, 16 एसी चेयरकार और दो ड्राइवर पावर कार शामिल होंगी। इससे यात्रियों को अधिक सीटें और बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी।कार्यक्रम के दौरान साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस रेल सेवा का विस्तार जैसलमेर तक करने की भी घोषणा की गई। गाड़ी संख्या 20486 साबरमती-जैसलमेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 23 मई से प्रतिदिन सुबह 7 बजे साबरमती से रवाना होकर दोपहर 2:40 बजे जोधपुर पहुंचेगी और रात 8:30 बजे जैसलमेर पहुंचेगी। वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 20485 जैसलमेर-साबरमती एक्सप्रेस सुबह 6:30 बजे रवाना होकर रात 8 बजे साबरमती पहुंचेगी।रेल मंत्री ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के प्रवासियों की लंबे समय से नई रेल सेवाओं की मांग रही है, जिसे देखते हुए चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और मुंबई जैसे शहरों के लिए नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने बताया कि जोधपुर में नया कोचिंग टर्मिनल और भगत की कोठी में वंदे भारत स्लीपर टर्मिनल विकसित किया जा रहा है। अगले 10 महीनों में जोधपुर से हरिद्वार के लिए नई रेल सेवा शुरू करने की तैयारी भी चल रही है।केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे में अभूतपूर्व बदलाव आए हैं और राजस्थान को रेलवे विकास की कई बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि रेल केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि देश की जीवनरेखा है। इस अवसर पर जैसलमेर में बने अत्याधुनिक कोच केयर कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया गया, जिससे ट्रेनों की मेंटेनेंस क्षमता बढ़ेगी और अधिक रेल सेवाओं के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। रेल मंत्री ने बताया कि राजस्थान में इस समय लगभग ₹10,000 करोड़ के रिकॉर्ड बजट से रेलवे परियोजनाओं पर काम हो रहा है। साथ ही राज्य में कई रेलखंडों पर डबलिंग, गेज कन्वर्जन और नई रेल लाइन परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।उन्होंने कहा कि जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास पूरा हो चुका है, जबकि जयपुर स्टेशन को पिंक सिटी थीम पर विकसित किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन अब पर्यटन केंद्रों के रूप में भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

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रेलयात्रियों से यात्रा के दौरान सतर्क और सावधान रहने का आग्रह

किसी भी संदिग्ध गतिविधि या उसमें लिप्त व्यक्ति की सूचना हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें रेलमंत्री ने नई दिल्ली में फील्ड अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की खबर है..नई दिल्ली रेलवे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ड्रोन, सीसीटीवी जैसे नवीनतम तकनीकी उपकरणों का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहा है। रेलगाड़ियों, यात्रियों, स्टेशन परिसर और विशाल रेल नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह कार्य मिशन मोड में किया जा रहा है। इसके अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के बीट स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में रेल मंत्रालय ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में देश भर के फील्ड अधिकारियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। रेल भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू के अलावा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष भी इस बैठक में उपस्थित थे।हाल ही में हुई आगजनी की कुछ घटनाओं सहित कई मामलों की प्रारंभिक जांच में असामाजिक तत्वों की संलिप्तता सामने आई है। भारतीय रेलवे ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) इनकी सक्रिय रूप से जांच कर रहा है। कई मामलों में, रेलवे की त्वरित और सक्रिय कार्रवाई से बड़ी दुर्घटनाओं को टालने में मदद मिली है। खुफिया प्रणालियों को मजबूत करने और सूचनाओं को तेजी से संसाधित करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के अलावा, रेलवे मंत्रालय यात्रियों को यात्रा के दौरान और स्टेशन परिसर में प्रतीक्षा करते समय असामाजिक गतिविधियों को रोकने के प्रयासों में सक्रिय रूप से सहयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा के दौरान सतर्क और सावधान रहने का आग्रह किया है। रेलवे परिसर में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना देने को कहा गया है।सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान हुई चर्चाओं में, बेहतर रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से जमीनी स्तर से खुफिया जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर बल दिया गया। प्रौद्योगिकी आधारित सुरक्षा प्रणालियों को बेहतर बनाने, रेलवे नेटवर्क में सीसीटीवी कवरेज का विस्तार करने और रेलवे बोर्ड मुख्यालय तथा फील्ड जोन के बीच परिचालन सुरक्षा तालमेल को सुधारने पर भी बल दिया गया। बैठक में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने, कैमरों की विशिष्टताओं को उन्नत करने और एआई-आधारित निगरानी प्रणालियों को तैनात करने पर भी विचार किया गया। बैठक में रेलवे नेटवर्क में अधिक प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन के लिए आरपीएफ और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के बीच सूचना साझाकरण तंत्र को बेहतर बनाकर आपसी तालमेल को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

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दिल्ली एनसीआर में व्यावसायिक वाहनों की बुधवार आधी रात से चक्का जाम

जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित होने का आशंका सरकार को अपनी बात पहुंचानी है, चक्का जाम हमारी मजबूरी है : सभरवाल खबर है..नई दिल्लीऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और यूनाइटेड फ्रंट का ऑल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के आह्वान पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क बढ़ोतरी के विरोध में बुधवार आधी रात से व्यावसायिक वाहनों का चक्का जाम का ऐलान किया है। दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में 21 से 23 में तक तीन दिवसीय चक्का जाम के ऐलान से जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इस तीन दिन दिवसीय चक्का जाम आंदोलन में ट्रांसपोर्टेशन के संयुक्त मोर्चा में दिल्ली एनसीआर की 68 संगठन शामिल हैं।ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ हरीश सभरवाल कहा है कि हम प्रभावित वाहन चालकों एवं वाहन व्यवसायिक के सामने सरकार तक अपनी बात पहुंचने के लिए चक्का जाम का रास्ता तैयार करना पड़ा है पूर्ण ग्राम यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में 21 दिन की नोटिस देकर देशव्यापी चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में कहा कि वैसे तो ट्रांसपोर्टों की कई मुद्दों की पर लंबी लड़ाई है लेकिन मौजूदा तीन दिवसीय चक्का जाम में प्रमुख तौर पर बीएस वाहनों की दिल्ली में एक नवम्बर से प्रवेश पर पाबंदी और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क में बढ़ोतरी का ही मुद्दा उठाया गया है।उन्होंने बताया कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क में 55% की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट कारोबारी की कमर टूट गई। उनका कहना है कि दिल्ली में प्रवेश करने वाले हल्के कमर्शियल वाहनों पर शुल्क 1400 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये तथा भारी ट्रकों पर 2600 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये कर दिया गया है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का दावा है कि देशभर के लगभग 95 लाख ट्रक चालक, 50 लाख बस, टैक्सी और मैक्सी कैब ऑपरेटर तथा 3500 से अधिक ट्रांसपोर्ट संगठन आंदोलन से जुड़े हैं। उनका कहना है कि तीन दिन के दौरान 16 से 20 लाख वाहनों के पहिए थम सकते हैं, जिनमें मंडियों से जुड़ी करीब 10 हजार गाड़ियां शामिल हैं।उन्होंने कहा कि यदि ट्रांसपोर्ट वाहनों से 12% दिल्ली में प्रदूषण बढ़ता है तो सरकार 88% से बढ़ाने वाले प्रदूषण के कारणों को दूर क्यों नहीं? ट्रांसपोर्टरों पर ही प्रदूषण को लेकर भारी भरकम शुल्क लगाने का काम किया जा रहा है। सरकार इस क्षति पूर्ति शुल्क के नाम पर वर्ष 2023 तक 1500 करोड रुपए ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों से वसूल चुकी है। लेकिन उनका अभी तक कोई ऐसा काम नहीं किया गया है जिससे ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों को और प्रदूषण से राहत मिले। सरकार को ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों को सहुलियत देने का काम करना चाहिए ना कि उन्हें परेशान करने का।

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रेलमंत्री बेंगलुरु-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर किया रवानाबेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा जल्द होगी शुरू

खबर है..नई दिल्लीकेंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने 17 मई रविवार को बेंगलुरु-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि इससे कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा तथा बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा जल्द शुरू होने की उम्मीद है।रेल मंत्री ने बताया कि कर्नाटक में रेलवे ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 61 स्टेशनों का पुनर्विकास जारी है, जबकि बेंगलुरु कैंटोनमेंट और यशवंतपुर स्टेशनों का बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण किया जा रहा है। 2014 के बाद राज्य में लगभग 1,750 किमी नई रेल लाइनें बिछाई गई हैं।उन्होंने कहा कि बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे परियोजना के चारों कॉरिडोर पर काम प्रगति पर है और यह नेटवर्क एयरपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक सिटी व अन्य प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगा। साथ ही बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर वंदे भारत सेवा का परीक्षण जारी है।रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना ने नई ट्रेन सेवा के लिए रेल मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इससे व्यस्त बेंगलुरु-मुंबई मार्ग के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि कर्नाटक में रेलवे परियोजनाओं, सिग्नलिंग, दोहरीकरण और विद्युतीकरण कार्य तेजी से चल रहे हैं तथा राज्य को रिकॉर्ड ₹7,748 करोड़ का रेलवे बजट आवंटन मिला है।

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गर्मी की छुट्टियों में लखनऊ से करें सिंगापुर और मलेशिया की सैर

खबर है.. लखनऊ। भारतीय रेल खानपान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने गर्मी की छुट्टियों को सैलानियों के लिए नया इंटरनेशनल टूर पैकेज लॉन्च किया है। आईआरसीटीसी लखनऊ कार्यालय की ओर से इंटरनेशनल टूर पैकेज के तहत लखनऊ से पर्यटकों को सिंगापुर एवं मलेशिया की यात्रा कराने का निर्णय लिया है। स्पेशल टूर में सैलानियों को सिंगापुर एवं मलेशिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि यह टूर 12 से 19 जून के बीच आयोजित होगा जिसमें पर्यटकों को 07 दिवसीय विदेशी यात्रा का अद्भुत अनुभव प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि इस यात्रा में यात्रियों को लखनऊ से इंडिगो की उड़ान से कुआलालंपुर ले जाया जाएगा। यात्रा के दौरान यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था तीन सितारा होटलों में की जाएगी। पैकेज में भारतीय भोजन (06 नाश्ता, 06 दोपहर का भोजन एवं 07 रात्रि भोजन), ट्रैवल इंश्योरेंस एवं अनुभवी गाइड की सुविधा शामिल है। श्री सिन्हा ने बताया कि यात्रा के दौरान सैलानियों को मलेशिया एवं सिंगापुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे, जिसमें कुआलालंपुर का प्रसिद्ध पुतराजाया, किंग पैलेस, नेशनल मॉन्यूमेंट, नेशनल मस्जिद, ओल्ड रेलवे स्टेशन, इंडिपेंडेंस स्क्वायर, ट्विन टावर्स, केएल टॉवर ऑब्जर्वेटरी डेक एवं बुकीत बिंटांग मार्केट शामिल हैं। इसके अलावा जेंटिंग हाईलैंड्स की मनोरम केबल कार राइड एवं बाटू केव्स का सैर कराया जाएगा। सिंगापुर में नाइट सफारी, सिंगापुर फ्लायर, सेंटोसा आइलैंड, केबल कार राइड, मैडम तुसाद, विंग्स ऑफ टाइम शो, नेशनल ऑर्किड गार्डन, मरीना बे, मेरलियन पार्क, थियान हॉक केंग मंदिर, चाइनाटाउन, लिटिल इंडिया, बुगिस मार्केट तथा प्रसिद्ध गार्डन्स बाय द बे (02 डोम्स सहित) का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति के ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 157000/-, दो व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 131000/-, तीन व्यक्तियो के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 130000/-, माता-पिता के साथ ठहरने पर प्रति बच्चे का पैकेज मूल्य रू. 127000/- बेड सहित एवं मूल्य रू. 98000/- बिना बेड के होगा। इस पैकेज की बुकिंग ‘पहले आओ- पहले पाओ’ के आधार पर होगी। उक्त यात्रा की बुकिंग पर्यटन भवन गोमती नगर लखनऊ स्थित आईआरसीटीसी कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की बेवसाइट www.irctctourism.com पर भी कराई जा सकती है। हेल्पलाइन नंबरों 8287930922/9236391909/8287930902 से सैलानी इंटरनेशनल टूर पैकेज की जानकारी ले सकते हैं।

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