हिन्द मजदूर सभा राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक
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लखनऊ
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन, नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन और हिंद मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि 44 श्रम के पुराने कानूनों को समाप्त कर केंद्र सरकार द्वारा लागू किये गये चारों श्रम कानूनों में जहां तमाम मजदूर विरोधी प्राविधान हैं, वहीं तमाम प्राविधान श्रमिकों के बेहतरी के भी हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि हर चुनौती सफलता के नए रास्ते खोलती है ।
श्री मिश्रा रविवार को चारबाग स्थित नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के मंडल में कार्यालय में आयोजित हिन्द मजदूर सभा की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि कानूनों का लाभ श्रमिकों को कैसे दिलाया जाय, विपरीत प्रभावों को कैसे निष्प्रभावी किया जाए। इसके लिए श्रम संगठनों व कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कराना जरूरी है।
हिंद मजदूर सभा के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर मिश्रा ने यूपी के संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं, हिंद मजदूर सभा द्वारा किये जा रहे प्रयासों और संगठन की स्थिति पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। नोएडा के श्रमिकों के आंदोलन की पृष्ठिभूमि, शासन, प्रशासन और श्रम विभाग की कार्य प्रणाली पर अपनी बात रखते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि यदि शासन हिन्द मजदूर सभा द्वारा समय समय पर सरकार को दिये प्रतिवेदनों और श्रमिकों की स्थिति पर गंभीरता से कार्यवाही की होती तो कभी ऐसी अप्रिय घटना का कारण नहीं होता। पिछले 12 सालों से मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी की दरों के पुनरीक्षण में सरकार टाल मटोल करती रही, हिन्द मजदूर सभा और अन्य श्रम संगठनों के बार बार ज्ञापन दिए जाने पर भी ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि जब आंदोलन उग्र हो गया तो तत्काल पूरी मशीनरी सक्रिय हो गई और एडहॉक वृद्धि करके शांत करने का प्रयास किया गया । इतना ही नहीं,मजदूरी की दरें पुनरीक्षित करने के लिए सलाहकार समिति का गठन तक नहीं किया। यही हाल चीनी, डिस्टलरी, होटल, इंजीनियरिंग, बीड़ी और अन्य उद्योगों का है, जिनकी मजदूरी की दरें वर्षों पहले पुनरीक्षित होनी थी पर सरकार ध्यान नहीं दे रही। श्री मिश्र ने राष्ट्रीय सहारा सहित अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों के नियोजकों द्वारा समय से मजदूरी का भुगतान न करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि बिना वैधानिक प्रावधानों के भुगतान किये कर्मचारियों की सेवा समाप्ति किए जाने की प्रवृत्ति पर श्रम विभाग को कठोर कार्यवाही करना चाहिए।
इसके अलावा बैठक को एचएमएस के प्रदेश उपाध्यक्ष आरके पाण्डेय, वसंत चतुर्वेदी, तारणी कुमार पासवान, रविपाल शिरोही, कार्यवाहक महामंत्री एल एन पाठक, एआईआरएफ के जोनल सेक्रेटरी एस यू शाह, मंडल मंत्री विभूति मिश्र, उपेंद्र सिंह, शैलेन्द्र सिंह, अनूप बाजपेई, प्रदेश मंत्री अरुण गोपाल मिश्रा, अविनाश पांडे, राघवेंद्र प्रताप सिंह, राकेश कुमार, संगठन मंत्री पीयूष मिश्रा , विद्याकांत तिवारी, अश्वनी पांडेय, कुंजलता कौशिक, जितेंद्र तिवारी, कोषाध्यक्ष आरपी सिंह, आरके ।मिश्रा, आर एन गर्ग, नीलम पाण्डेय आदि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आये कार्यकारिणी सदस्यों ने संबोधित किया।
