भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार आईआरसीटीसी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त

भ्रष्टाचार एवं अवैध रिश्वतखोरी के विरुद्ध आईआरसीटीसी की जीरो टॉलरेंस नीतिआईआरसीटीसी की यह कार्रवाई कर्मचारियों के लिए स्पष्ट संदेश, सेवा में ईमानदारी जरूरी खबर है..नई दिल्लीभारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने भ्रष्टाचार और अवैध रिश्वतखोरी के विरुद्ध अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) नीति को दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि संगठन में किसी भी प्रकार के भ्रष्ट आचरण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।हाल ही में एक मामले में निगम के एक कर्मचारी को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामले के तथ्यों पर विधिवत विचार करने तथा निगम के लागू नियमों एवं विनियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारी को आईआरसीटीसी की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि आईआरसीटीसी भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी तथा किसी भी प्रकार के अनैतिक आचरण के प्रति पूर्णतः शून्य सहनशीलता की नीति का पालन करता है।निगम के प्रत्येक कर्मचारी से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा उच्चतम पेशेवर मानकों के अनुरूप करे। जनता का विश्वास संगठन की सबसे बड़ी पूंजी है और प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से किसी भी प्रकार की अवैध रिश्वत या अनुचित लाभ स्वीकार करना गंभीर कदाचार है, जो देश के लागू कानूनों के तहत दंडनीय अपराध भी है।आईआरसीटीसी समय-समय पर अपने कर्मचारियों को निर्देशित करता है कि वे सभी कार्य केवल लागू कानूनों, निर्धारित प्रक्रियाओं तथा उच्चतम नैतिक मूल्यों के अनुरूप करें। यदि कोई कर्मचारी भ्रष्ट आचरण में संलिप्त पाया जाता है या भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आचरण नियमों अथवा अन्य लागू प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध सक्षम जांच एजेंसियों द्वारा आपराधिक कार्रवाई के साथ-साथ निगम द्वारा भी कठोर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।भ्रष्टाचार के विरुद्ध आईआरसीटीसी की यह सख्त कार्रवाई सभी कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि सार्वजनिक सेवा के दौरान पूर्ण ईमानदारी, निष्पक्षता और नैतिक आचरण बनाए रखना प्रत्येक कर्मचारी का सर्वोच्च दायित्व है।

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कानपुर-कबराई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड को मिलेगा विकास का नया मार्ग

खबर है..नई दिल्लीसड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा विकसित किया जाने वाला 117.7 किलोमीटर लंबा कानपुर-कबराई (4/6 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड) ग्रीनफील्ड राजमार्ग बुंदेलखंड और मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला साबित होगा। लगभग ₹7,145 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे का अहम हिस्सा है और खनन, उद्योग तथा कृषि क्षेत्रों को सीधे राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ेगी। प्रमुख विशेषताएंलंबाई: 117.7 किमीलागत: ₹7,145 करोड़प्रकार: 4/6 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्गक्रियान्वयन एजेंसी: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)लॉजिस्टिक्स को मिलेगी नई ताकतयह राजमार्ग कबराई के खनन क्षेत्र को कानपुर और भोपाल जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से तेज और निर्बाध संपर्क प्रदान करेगा। इससे खनिज, निर्माण सामग्री और औद्योगिक उत्पादों का परिवहन अधिक तेज, सुरक्षित और कम लागत वाला होगा। ईंधन की बचत होगी, माल ढुलाई की लागत घटेगी तथा आपूर्ति श्रृंखला अधिक मजबूत बनेगी।यात्रा समय में होगी बड़ी कमीवर्तमान में कानपुर से कबराई तक की यात्रा में लगभग 3.5 घंटे लगते हैं, जो इस परियोजना के पूरा होने पर घटकर करीब 1.5 घंटे रह जाएगी। इससे माल परिवहन के साथ-साथ सामान्य यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।किसानों को मिलेगा सीधा फायदायह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड के किसानों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा।कृषि उपज तेजी से मंडियों और प्रसंस्करण इकाइयों तक पहुंचेगी।फलों एवं सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों का नुकसान कम होगा।परिवहन लागत घटने से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा।बीज, उर्वरक और कृषि मशीनरी की उपलब्धता आसान होगी।क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावाकानपुर-कबराई राजमार्ग से बुंदेलखंड में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना पीएम गति शक्ति के विजन को मजबूत करते हुए खनन, उद्योग और कृषि क्षेत्रों को एकीकृत कर संतुलित क्षेत्रीय विकास का आधार तैयार करेगी।यह परियोजना केवल एक राजमार्ग नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की खदानों, खेतों और उद्योगों को देश के बड़े बाजारों से जोड़ने वाली विकास की नई जीवनरेखा है।

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रेलकर्मियों में संरक्षा नियमों की जागरूकता के लिए पहली बार क्विज प्रतियोगिता

परिचालन विभाग ने किया सामान्य एवं सहायक नियम (G&SR) प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजनक्विज का मुख्य उद्देश्य रेलकर्मियों में संरक्षा नियमों एवं परिचालन प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना : डीआरएमप्रतियोगिता में यातायात निरीक्षक, लखनऊ-द्वितीय की टीम विजेता तो सुलतानपुर द्वितीय की टीम उपविजेता खबर है..लखनऊउत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के परिचालन विभाग ने एक नई पहल करते हुए पहली बार परिचालन कर्मचारियों के लिए सामान्य एवं सहायक नियम (G&SR) प्रश्नोत्तरी (Quiz) प्रतियोगिता का आयोजन किया। डीआरएम सुनील कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य रेलकर्मियों में संरक्षा नियमों एवं परिचालन प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके ज्ञान का मूल्यांकन करना तथा सुरक्षित ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों के प्रभावी ढंग से पालन कराना था।उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने मंडल में संरक्षा और सुरक्षा को लेकर रेलकर्मियों में और जागरूकता लाने के लिए क्विज प्रतियोगिता का खाका खींचा था, जबकि इसके सफल आयोजन एवं क्रियान्वयन का दायित्व वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (सामान्य) पवनीश काटल ने निभाया। प्रतियोगिता के दौरान एडीआरएम श्रीमती नीलिमा सिंह तथा सहायक मंडल परिचालन प्रबंधक सुश्री राशिदा खातून भी मौजूद रहीं और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने बताया कि इस प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के माध्यम से कर्मचारियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हुई तथा निरंतर सीखने की प्रवृत्ति एवं संरक्षा संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में यातायात निरीक्षक, लखनऊ-द्वितीय की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि यातायात निरीक्षक, सुलतानपुर-द्वितीय की टीम उपविजेता (रनर-अप) रही। श्री गुप्ता ने बताया कि भविष्य में भी मंडल में ऐसे ज्ञानवर्धक एवं संरक्षा-केंद्रित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ताकि कर्मचारियों की कार्यकुशलता में निरंतर वृद्धि हो तथा ट्रेनों का सुरक्षित संचालन हो सके।

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सैलानियों के लिए गुजरात और कर्नाटक का नया टूर पैकेज

आईआरसीटीसी ने लांच किया दो नए हवाई टूर पैकेजलखनऊ के पर्यटकों को दोनों राज्यों के धार्मिक, पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों का कराया जाएगा भ्रमण खबर है..लखनऊभारतीय रेल खानपान और पर्यटन निगम ( आईआरसीटीसी) ने सैलानियों के लिए दो नए हवाई टूर पैकेज लॉन्च किए हैं। गुजरात और कर्नाटक के धार्मिक, पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण पर्यटकों को कराया जाएगा। लखनऊ से आने जाने की व्यवस्था विमान से की गई है।यह जानकारी आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने दी। उन्होंने बताया कि आईआरसीटीसी क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ से ‘’खुशबू गुजरात की’’ हवाई टूर पैकेज का संचालन किया जा रहा है। यह पैकेज 06 रात एवं 07 दिन का है। 1 से 8 अगस्त तक इस टूर पैकेज में सैलानियों को राजकोट, सोमनाथ, पोरबंदर, दीव, द्वारका का भ्रमण कराया जाएगा । इस टूर में यात्रियों को लखनऊ से राजकोट आने – जाने की व्यवस्था फ्लाइट से तथा खानपान और ठहरने की व्यवस्था तीन सितारा होटल में की गई है।श्सिन्हा ने बताया कि यात्रा के दौरान सैलानियों को बाला हनुमान मंदिर, द्वारकाधीश मंदिर, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, बेट द्वारका, रुख्मणी मंदिर, शिवराजपुर बीच, कीर्ति मंदिर (महात्मा गांधी का जन्म स्थान), सुदामा मंदिर, सोमनाथ मंदिर, भालका तीर्थ, दीव किला, दीव समुद्र तट, नायडा गुफाएं और गंगेश्वर महादेव मंदिर आदि का भ्रमण कराया जाएगा। एक व्यक्ति के ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 61900/-, दो व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 49000/-, तीन व्यक्तियो के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 47200/-, माता-पिता के साथ ठहरने पर प्रति बच्चे का पैकेज मूल्य रू. 42700/-, बेड सहित एवं मूल्य रू. 37400/- बिना बेड के होगा। उन्होंने बताया कि इस पैकेज की ‘बुकिंग पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर की जायेगी। उक्त यात्रा की बुकिंग पर्यटन भवन गोमती नगर लखनऊ स्थित आईआरसीटीसी कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की बेवसाइट irctctourism.com पर भी कराई जा सकती है। इस टूर की जानकारी मोबाइल नम्बरों 8287930911/8287930902/9236391911 पर ली जा सकती है।सिन्हा ने बताया कि दूसरा हवाई टूर पैकेज मानसून स्पेशल बदामी विरासत ओडिसी (05 रात/06 दिन) का हैं। यह टूर पैकेज 30 जुलाई से 04 अगस्त के बीच आयोजित होगा। इस विशेष टूर पैकेज में सैलानियों को कर्नाटक की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन मंदिरों, भव्य स्थापत्य कला, ऐतिहासिक स्मारकों तथा विश्व प्रसिद्ध धरोहर स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।उन्होंने बताया कि सैलानियों को लखनऊ से विमान के साथ आने जाने तथा होटल में रुकने और खानपान की व्यवस्था की गई है। यात्रा के दौरान पर्यटकों को अंजनाद्री हिल, विट्ठल मंदिर परिसर, विरुपाक्ष मंदिर, स्टोन चैरियट, हेमकुटा हिल, ससिवेकालु गणेश, बादामी गुफा मंदिर तथा चित्रदुर्ग किला का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने टूर के टैरिफ के बारे में बताया कि (प्रति व्यक्ति): एक व्यक्ति के ठहरने पर पैकेज का मूल्य ₹53,100/- प्रति व्यक्ति, दो व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर ₹43,100/- प्रति व्यक्ति तथा तीन व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर ₹40,600/- प्रति व्यक्ति होगा। माता-पिता के साथ ठहरने पर 5 से 11 वर्ष तक के बच्चों का पैकेज मूल्य ₹35,500/- (बेड सहित) एवं ₹32,100/- (बिना बेड) होगा। 2 से 4 वर्ष तक के बच्चों के लिए बिना बेड पैकेज मूल्य ₹17,600/- प्रति बच्चा निर्धारित है। उक्त यात्रा की बुकिंग पर्यटन भवन, गोमती नगर, लखनऊ स्थित आईआरसीटीसी कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर भी कराई जा सकती है। इस पैकेज की बुकिंग की जानकारी मोबाइल नंबरों से 9236391909 / 9305111765/ 9236391911 ले सकते हैं।

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कैबिनेट ने बल्लारी–गुंटकल रेलखंड पर मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना को दी मंजूरी

₹1,264 करोड़ की परियोजना से कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बढ़ेगी रेल क्षमता, 2028–29 तक होगा कार्य पूरा खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बल्लारी–गुंटकल रेलखंड पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। ₹1,264 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना को वर्ष 2028–29 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य बहु-माध्यमीय परिवहन नेटवर्क को मजबूत बनाना, लॉजिस्टिक क्षमता बढ़ाना और लोगों, वस्तुओं तथा सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है।प्रमुख विशेषताएंपरियोजना लागत: ₹1,264 करोड़पूर्णता का लक्ष्य: 2028–29रेल नेटवर्क में वृद्धि: लगभग 46 किलोमीटरप्रभावित जिले: कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तीन जिलेलाभान्वित गांव: लगभग 99लाभान्वित आबादी: करीब 7 लाख लोगपर्यटन और उद्योग को मिलेगा बढ़ावापरियोजना पूरी होने के बाद बल्लारी किला, श्री कुमार स्वामी मंदिर सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा। साथ ही यह रेलखंड लौह अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर, लोहा एवं इस्पात, कोयला, उर्वरक और अनाज जैसी महत्वपूर्ण वस्तुओं की ढुलाई का प्रमुख मार्ग होने के कारण औद्योगिक गतिविधियों को भी गति देगा।माल ढुलाई क्षमता में बड़ा इजाफानई रेल लाइनों के निर्माण से इस मार्ग पर प्रतिवर्ष लगभग 16.22 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होगी, जिससे लॉजिस्टिक लागत कम होगी और माल परिवहन अधिक तेज एवं कुशल बनेगा।पर्यावरण संरक्षण में भी योगदानपरियोजना के पूरा होने पर:1.32 करोड़ लीटर तेल की बचत होगी।6.67 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी।यह कमी लगभग 27 लाख (0.27 करोड़) वृक्ष लगाने के बराबर पर्यावरणीय लाभ प्रदान करेगी।यात्रियों को होगा सीधा लाभलाइन क्षमता बढ़ने से रेल परिचालन अधिक सुचारु होगा, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा, भीड़भाड़ कम होगी और यात्रियों को अधिक विश्वसनीय एवं सुविधाजनक रेल सेवाएं उपलब्ध होंगी।केंद्र सरकार के अनुसार यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नए भारत’ के विज़न के अनुरूप क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन, स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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देशभर में मॉनसून पर गृह मंत्रालय की कड़ी नजर, प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता

खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय देशभर में मॉनसून की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।गृह मंत्रालय का एकीकृत नियंत्रण कक्ष (ICT) भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), केंद्रीय जल आयोग (CWC) और भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) सहित अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर राज्यों और जिला आपदा संचालन केंद्रों को समय पर अलर्ट जारी कर रहा है। यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी भी कर रहा है।पिछले सप्ताह 52 लोगों को बचाया, 2,206 को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचायाराष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), राज्य पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चला रहा है। पिछले एक सप्ताह में:52 लोगों का सफलतापूर्वक बचाव किया गया।2,206 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमें पहले से तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।रक्षा मंत्रालय भी राहत कार्यों में सक्रिय रक्षा मंत्रालय ने भी अपने संसाधनों को त्वरित रूप से तैनात कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान, राहत सामग्री वितरण और लोगों के सुरक्षित परिवहन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।असम और अरुणाचल में नुकसान का आकलनकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों ने 7 से 10 जुलाई 2026 के बीच अरुणाचल प्रदेश और असम के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन किया। यह प्रक्रिया राष्ट्रीय आपदा सहायता कोष (NDRF) से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए की गई।इसके अलावा, 25 जुलाई 2026 से एक अन्य अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लगातार बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का मूल्यांकन करेगा।पहले से की गई थी तैयारियों की समीक्षागृह मंत्रालय ने 10 मई 2026 को लू और मॉनसून पूर्व बाढ़ की तैयारियों तथा 3 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर में भारी वर्षा, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की थी। चारधाम यात्रा मार्ग की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की भी नियमित समीक्षा की जा रही है।बारिश से वर्षा की कमी में सुधारहालांकि कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है, लेकिन देशभर में हुई वर्षा के कारण पहले अनुमानित 30 प्रतिशत वर्षा की कमी घटकर लगभग 15 प्रतिशत रह गई है, जिससे खरीफ फसलों और जल संसाधनों की स्थिति में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।

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6जी की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है भारत

90 सदस्यों वाला भारत 6जी गठबंधन, स्पेक्ट्रम रोडमैप जारी खबर..नई दिल्लीभारत सरकार ने देश में 6जी तकनीक के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत 6जी गठबंधन (Bharat 6G Alliance – B6GA) को मजबूत किया है। 15 जुलाई 2026 तक इस गठबंधन में 90 सदस्य शामिल हो चुके हैं, जो दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, उपकरण निर्माताओं, स्टार्टअप्स, अनुसंधान एवं विकास संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य हितधारकों का व्यापक प्रतिनिधित्व करते हैं।भारत 6जी गठबंधन ने सात कार्य-समूह गठित किए हैं, जो 6जी तकनीक, स्पेक्ट्रम, एप्लिकेशन एवं उपयोग के मामले, उपकरण एवं कलपुर्जे, हरित एवं सतत प्रौद्योगिकी तथा आउटरीच जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर कार्य कर रहे हैं। गठबंधन का उद्देश्य उद्योग, अकादमिक जगत और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाकर स्वदेशी अनुसंधान, नवाचार और बौद्धिक संपदा (IPR) को बढ़ावा देना है।6जी के लिए स्पेक्ट्रम रोडमैप जारीभारत 6जी गठबंधन के स्पेक्ट्रम कार्य-समूह ने “भारत में 6जी के लिए स्पेक्ट्रम रोडमैप” रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इसके अतिरिक्त, दूरसंचार विभाग (DoT) ने विभिन्न हितधारकों से परामर्श के बाद 6जी सेवाओं के लिए आधिकारिक स्पेक्ट्रम रोडमैप भी जारी किया है।कोलकाता में बनेगा 6जी टेराहर्ट्ज टेस्टबेडडिजिटल भारत निधि के तहत दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष (TTDF) से तीन वर्ष की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत सोसायटी फॉर अप्लाइड माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च (SAMEER), कोलकाता में 6जी टेराहर्ट्ज टेस्टबेड स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में आईआईटी मद्रास, आईआईटी गुवाहाटी और आईआईटी पटना भी साझेदार हैं।इस परियोजना के तहत इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 में हाई डेटा रेट लाइन-ऑफ-साइट लिंक का सफल प्रदर्शन किया जा चुका है।वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत भागीदारीभारत ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के IMT-2030 (6G) फ्रेमवर्क में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भारत ने 6जी के उपयोग परिदृश्यों में ‘सर्वव्यापी संचार-संपर्क’, व्यापक कवरेज, अंतर-संचालन (Interoperability) और स्थिरता (Sustainability) को शामिल कराने में अहम भूमिका निभाई है।सरकार 3GPP, ITU और oneM2M जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठनों में भारतीय उद्योग, स्टार्टअप्स और एमएसएमई की सक्रिय भागीदारी को भी बढ़ावा दे रही है। प्रौद्योगिकी विकास एवं निवेश संवर्धन (TDIP) योजना के तहत सदस्यता शुल्क, अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भागीदारी, भारत में बैठकों की मेजबानी, पायलट परीक्षण और प्रमाणन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।यह जानकारी केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तर मैसिडोनिया दौरे पर, द्विपक्षीय संबंधों को मिली नई मजबूती

खबर है..नई दिल्लीभारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तर मैसिडोनिया की अपनी ऐतिहासिक राजकीय यात्रा के दौरान वहां की राष्ट्रपति डॉ. गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ द्विपक्षीय बैठक की और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता का नेतृत्व किया। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की उत्तर मैसिडोनिया की पहली आधिकारिक यात्रा है।राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आर्थिक सहयोग भारत और उत्तर मैसिडोनिया के द्विपक्षीय संबंधों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने आईटी/आईटीईएस, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, बायोटेक, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।औपचारिक स्वागत और उच्चस्तरीय वार्ताराष्ट्रपति का उत्तर मैसिडोनिया की राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास विला वोडनो में औपचारिक स्वागत किया गया तथा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों तथा साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर विस्तृत चर्चा की। दोनों पक्षों ने आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।सांस्कृतिक और जन-जन के संबंधों पर जोरराष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध और लोगों के बीच संपर्क हमेशा से द्विपक्षीय रिश्तों की मजबूत नींव रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से क्रिएटिव इंडस्ट्री और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।वैश्विक पहलों में सहयोग : राष्ट्रपति ने कहा कि भारत इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) और ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस जैसी वैश्विक पहलों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने इन पहलों में शामिल होने की उत्तर मैसिडोनिया की इच्छा का स्वागत किया।आईटीईसी प्रशिक्षण स्लॉट होंगे दोगुनेभारत ने उत्तर मैसिडोनिया के लिए इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (ITEC) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण स्लॉट की संख्या दोगुनी करने की घोषणा की। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल होंगे।प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्यराष्ट्रपति के साथ इस यात्रा में: निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया, केंद्रीय राज्य मंत्री (उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण), डॉ. दिनेश शर्मा, राज्यसभा सांसद, विजय बघेल, लोकसभा सांसदभी शामिल हैं।मुख्य संदेश: यह ऐतिहासिक राजकीय यात्रा भारत और उत्तर मैसिडोनिया के बीच आर्थिक, तकनीकी, सांस्कृतिक और वैश्विक सहयोग को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देशों ने आने वाले वर्षों में अपनी बहुआयामी साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया।

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एनएचएआई ने ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप पर लॉन्च की डिजिटल लोकल पास और ‘मार्गमित्र’ हेल्प सेंटर सुविधा

अब टोल प्लाजा जाए बिना घर बैठे बनेगा लोकल पास, 22 भाषाओं में मिलेगी डिजिटल सहायता खबर है..नई दिल्लीराष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने डिजिटल इंडिया और ईज़ ऑफ लिविंग अभियान को आगे बढ़ाते हुए ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप पर दो नई नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाएं—डिजिटल लोकल पास और ‘मार्गमित्र’ हेल्प सेंटर—शुरू की हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा को अधिक सरल, तेज़, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है।घर बैठे बन सकेगा डिजिटल लोकल पासनई ‘लोकल पास’ सुविधा के माध्यम से पात्र यात्री अब टोल प्लाजा पर जाए बिना ही राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए डिजिटल रूप से लोकल टोल पास खरीद सकेंगे। इसकी शुरुआत दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (यूईआर-II) स्थित मुंडका–बक्करवाला टोल प्लाजा से की गई है। आने वाले महीनों में इसे देश के अन्य टोल प्लाजा पर भी लागू किया जाएगा।टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निवासी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। एक बार लोकल पास बनने के बाद वे संबंधित टोल प्लाजा से पूरे महीने असीमित यात्रा कर सकेंगे।अब नहीं लगेगा दस्तावेज़ जमा करने का झंझटपहले लोकल पास बनवाने के लिए यात्रियों को टोल प्लाजा जाकर दस्तावेज़ जमा करने पड़ते थे। अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है। ऐप डिजीलॉकर और वाहन (VAHAN) जैसे सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म से सहमति-आधारित सत्यापित जानकारी प्राप्त करेगा, जबकि जीआईएस आधारित सत्यापन के माध्यम से पात्रता की पुष्टि होगी। इससे कागजी कार्रवाई समाप्त होगी और पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी।‘मार्गमित्र’ देगा 22 भाषाओं में सहायताएनएचएआई ने ‘मार्गमित्र’ हेल्प सेंटर भी शुरू किया है, जो राजमार्गयात्रा ऐप के भीतर एक एकीकृत डिजिटल सहायता मंच है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सिंगल विंडो इंटरफेस के रूप में कार्य करेगा।यात्री अपनी समस्या, शिकायत या प्रश्न भारत की 22 भाषाओं में टाइप या बोलकर दर्ज कर सकेंगे। प्लेटफॉर्म उन्हें तत्काल जानकारी देगा या संबंधित सेवा तक मार्गदर्शन करेगा।इन सेवाओं की मिलेगी सुविधामार्गमित्र के जरिए उपयोगकर्ता:फास्टैग रिचार्ज और केवाईसी संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।रिफंड की स्थिति जान सकेंगे।वार्षिक और लोकल पास से जुड़ी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।शिकायत दर्ज कर उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग कर सकेंगे।समाधान से असंतुष्ट होने पर अपील भी कर सकेंगे।फास्टैग ब्लैकलिस्ट स्थिति, लंबित ई-नोटिस देख सकेंगेसड़क पर बंद वाहन, अतिक्रमण और अन्य सुरक्षा संबंधी समस्याओं की रिपोर्ट भी कर सकेंगे।80 लाख से अधिक एनुअल पास पहले ही जारीएनएचएआई के अनुसार, राजमार्गयात्रा ऐप के माध्यम से अब तक 80 लाख से अधिक एनुअल पास रियल-टाइम एक्टिवेशन के साथ जारी किए जा चुके हैं। नई डिजिटल सुविधाएं इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाएंगी।एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे एंड्रॉइड और आईओएस पर उपलब्ध राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप डाउनलोड कर इन डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाएं। यह पहल राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रा को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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रेल दुर्घटनाओं को टालने वाले आठ रेलकर्मी सम्मानित

डीआरएम ने सतर्क रेलकर्मियों को संरक्षा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया रेल संरक्षा प्रत्येक रेलकर्मी की सर्वोच्च प्राथमिकता है : डीआरएम खबर है..लखनऊउत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के ड्यूटी पर सतर्क रेलकर्मियों ने रेल दुर्घटनाओं को टाल दिया। डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने सोमवार को संभावित रेल दुर्घटनाओं को टालने वाले आठ रेलकर्मियों को संरक्षा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सभी कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई।पुरस्कृत कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान माल एवं यात्री ट्रेनों में विभिन्न प्रकार की तकनीकी एवं संरक्षा संबंधी असामान्यताओं जैसे वैगन का खुला दरवाजा, हैंगिंग पार्ट, असामान्य आवाज तथा लोको में ब्रेक बाइंडिंग जैसी गंभीर कमियों को समय रहते पहचानकर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचित किया। उनकी त्वरित कार्रवाई से ट्रेनों को सुरक्षित रूप से रोककर आवश्यक जांच एवं सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जिससे संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सका।वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अरुण कुमार दोहरे, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक रजनीश कुमार श्रीवास्तव की मौजूदगी में डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने रेलकर्मियों को सम्मानित किया। इस मौके पर डीआरएम ने कहा कि रेल संरक्षा प्रत्येक रेलकर्मी की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से सदैव सतर्क एवं सजग रहकर कार्य करने तथा किसी भी प्रकार की असामान्यता दिखाई देने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया।उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने बताया कि संरक्षा पुरस्कार पाने वाले कर्मचारियों में रिंकू कुमार (पॉइंट्समैन, बाबतपुर), सुभाष यादव (पॉइंट्समैन, ब्लॉक हट-बी), श्यामू (पॉइंट्समैन, रोजागांव), अमित वर्मा (पॉइंट्समैन, रहमत नगर), राज नारायण (की-मैन, हरौनी), राजेन्द्र कुमार (ब्लैकस्मिथ-I, अजगैन), सुजीत कुमार (शंटिंग मास्टर, शिवपुर) तथा सोनू कुमार (पॉइंट्समैन, ब्लॉक हट-बी/वाराणसी) शामिल है।

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