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नई दिल्ली
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तर मैसिडोनिया की अपनी ऐतिहासिक राजकीय यात्रा के दौरान वहां की राष्ट्रपति डॉ. गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ द्विपक्षीय बैठक की और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता का नेतृत्व किया। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की उत्तर मैसिडोनिया की पहली आधिकारिक यात्रा है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आर्थिक सहयोग भारत और उत्तर मैसिडोनिया के द्विपक्षीय संबंधों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने आईटी/आईटीईएस, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, बायोटेक, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
औपचारिक स्वागत और उच्चस्तरीय वार्ता
राष्ट्रपति का उत्तर मैसिडोनिया की राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास विला वोडनो में औपचारिक स्वागत किया गया तथा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों तथा साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर विस्तृत चर्चा की। दोनों पक्षों ने आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सांस्कृतिक और जन-जन के संबंधों पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध और लोगों के बीच संपर्क हमेशा से द्विपक्षीय रिश्तों की मजबूत नींव रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से क्रिएटिव इंडस्ट्री और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।
वैश्विक पहलों में सहयोग : राष्ट्रपति ने कहा कि भारत इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) और ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस जैसी वैश्विक पहलों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने इन पहलों में शामिल होने की उत्तर मैसिडोनिया की इच्छा का स्वागत किया।
आईटीईसी प्रशिक्षण स्लॉट होंगे दोगुने
भारत ने उत्तर मैसिडोनिया के लिए इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (ITEC) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण स्लॉट की संख्या दोगुनी करने की घोषणा की। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल होंगे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य
राष्ट्रपति के साथ इस यात्रा में: निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया, केंद्रीय राज्य मंत्री (उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण), डॉ. दिनेश शर्मा, राज्यसभा सांसद, विजय बघेल, लोकसभा सांसदभी शामिल हैं।
मुख्य संदेश: यह ऐतिहासिक राजकीय यात्रा भारत और उत्तर मैसिडोनिया के बीच आर्थिक, तकनीकी, सांस्कृतिक और वैश्विक सहयोग को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देशों ने आने वाले वर्षों में अपनी बहुआयामी साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया।

