अब टोल प्लाजा जाए बिना घर बैठे बनेगा लोकल पास, 22 भाषाओं में मिलेगी डिजिटल सहायता
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नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने डिजिटल इंडिया और ईज़ ऑफ लिविंग अभियान को आगे बढ़ाते हुए ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप पर दो नई नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाएं—डिजिटल लोकल पास और ‘मार्गमित्र’ हेल्प सेंटर—शुरू की हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा को अधिक सरल, तेज़, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है।
घर बैठे बन सकेगा डिजिटल लोकल पास
नई ‘लोकल पास’ सुविधा के माध्यम से पात्र यात्री अब टोल प्लाजा पर जाए बिना ही राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए डिजिटल रूप से लोकल टोल पास खरीद सकेंगे। इसकी शुरुआत दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (यूईआर-II) स्थित मुंडका–बक्करवाला टोल प्लाजा से की गई है। आने वाले महीनों में इसे देश के अन्य टोल प्लाजा पर भी लागू किया जाएगा।
टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निवासी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। एक बार लोकल पास बनने के बाद वे संबंधित टोल प्लाजा से पूरे महीने असीमित यात्रा कर सकेंगे।
अब नहीं लगेगा दस्तावेज़ जमा करने का झंझट
पहले लोकल पास बनवाने के लिए यात्रियों को टोल प्लाजा जाकर दस्तावेज़ जमा करने पड़ते थे। अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है। ऐप डिजीलॉकर और वाहन (VAHAN) जैसे सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म से सहमति-आधारित सत्यापित जानकारी प्राप्त करेगा, जबकि जीआईएस आधारित सत्यापन के माध्यम से पात्रता की पुष्टि होगी। इससे कागजी कार्रवाई समाप्त होगी और पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी।
‘मार्गमित्र’ देगा 22 भाषाओं में सहायता
एनएचएआई ने ‘मार्गमित्र’ हेल्प सेंटर भी शुरू किया है, जो राजमार्गयात्रा ऐप के भीतर एक एकीकृत डिजिटल सहायता मंच है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सिंगल विंडो इंटरफेस के रूप में कार्य करेगा।
यात्री अपनी समस्या, शिकायत या प्रश्न भारत की 22 भाषाओं में टाइप या बोलकर दर्ज कर सकेंगे। प्लेटफॉर्म उन्हें तत्काल जानकारी देगा या संबंधित सेवा तक मार्गदर्शन करेगा।
इन सेवाओं की मिलेगी सुविधा
मार्गमित्र के जरिए उपयोगकर्ता:
फास्टैग रिचार्ज और केवाईसी संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
रिफंड की स्थिति जान सकेंगे।
वार्षिक और लोकल पास से जुड़ी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
शिकायत दर्ज कर उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग कर सकेंगे।
समाधान से असंतुष्ट होने पर अपील भी कर सकेंगे।
फास्टैग ब्लैकलिस्ट स्थिति, लंबित ई-नोटिस देख सकेंगे
सड़क पर बंद वाहन, अतिक्रमण और अन्य सुरक्षा संबंधी समस्याओं की रिपोर्ट भी कर सकेंगे।
80 लाख से अधिक एनुअल पास पहले ही जारी
एनएचएआई के अनुसार, राजमार्गयात्रा ऐप के माध्यम से अब तक 80 लाख से अधिक एनुअल पास रियल-टाइम एक्टिवेशन के साथ जारी किए जा चुके हैं। नई डिजिटल सुविधाएं इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाएंगी।
एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे एंड्रॉइड और आईओएस पर उपलब्ध राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप डाउनलोड कर इन डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाएं। यह पहल राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रा को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
