राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी अब AI की मदद, गड्ढों और खराबी की पहले होगी पहचान

पूर्वानुमानित परिसंपत्ति प्रबंधन मॉडल अपनाने का फैसला

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नई दिल्ली
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने देश के राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक सुरक्षित, बेहतर और टिकाऊ बनाने के लिए रखरखाव व्यवस्था में बड़ा बदलाव शुरू किया है। अब राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन और आधुनिक तकनीकों की मदद से की जाएगी, जिससे सड़कों में खराबी की पहले ही पहचान हो सकेगी।
एनएचएआई ने पारंपरिक रखरखाव पद्धति से आगे बढ़ते हुए पूर्वानुमानित परिसंपत्ति प्रबंधन मॉडल अपनाने का फैसला किया है। इसके तहत सड़क पर गड्ढे, दरारें, खराब क्रैश बैरियर, जलभराव और खराब रोशनी जैसी समस्याओं का समय रहते पता लगाया जाएगा, ताकि मरम्मत कार्य तुरंत कराया जा सके।
इसके लिए नेटवर्क सर्वे व्हीकल (NSV), ड्रोन एनालिटिक्स मॉनिटरिंग सिस्टम और AI आधारित डैशकैम तकनीक का उपयोग किया जाएगा। साथ ही विशेष परीक्षणों के जरिए सड़क की मजबूती और संभावित क्षति का आकलन भी पहले से किया जाएगा।
एनएचएआई के मुताबिक, सभी आंकड़ों को एक केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली में जोड़ा जाएगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति की लगातार निगरानी संभव होगी और जोखिम वाले हिस्सों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी। इस नई पहल से राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता बेहतर होगी, उनकी उम्र बढ़ेगी और यात्रियों को देशभर में अधिक सुरक्षित, आरामदायक और विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव मिल सकेगा।

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