खबर है..
नई दिल्ली
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने दावा किया है कि ट्रांसपोर्ट विरोधी नीतियों के विरोध में तीन दिवसीय चक्का जाम को व्यापक समर्थन मिल रहा है। चक्का जाम के पहले दिन दिल्ली में ट्रकों की आवाजाही करीब लगभग बंद रही। इस आंदोलन को लेकर आज दिल्ली सरकार के साथ हुई बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला है। लिहाजा अगले दो दिन भी चक्का जाम जारी रहेगा।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार और CAQM की अन्यायपूर्ण एवं परिवहन विरोधी नीतियों के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर में चल रही तीन दिवसीय परिवहन हड़ताल को ट्रांसपोर्टरों, ट्रक ऑपरेटरों, ड्राइवरों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े सभी वर्गों का भारी समर्थन मिला है। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में करीब 70,000 ट्रक विभिन्न प्रवेश बिंदुओं से प्रतिदिन दिल्ली में प्रवेश करते हैं। लेकिन आज विरोध प्रदर्शन के दौरान केवल लगभग 100–200 ट्रक ही दिल्ली में प्रवेश कर पाए, जिनमें से अधिकांश पहले से रास्ते में थे या हड़ताल शुरू होने से पहले चल चुके थे। यह इस आंदोलन की बड़ी सफलता और परिवहन बिरादरी में अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ भारी रोष को दर्शाता है।
एआईएमटीसी में जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह आंदोलन उन नीतियों के खिलाफ शुरू किया गया है, जो छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, ट्रक मालिकों, ड्राइवरों और परिवहन क्षेत्र पर निर्भर लाखों परिवारों की आजीविका पर गंभीर प्रभाव डाल रही हैं। लगातार बढ़ते संचालन खर्च, बढ़े हुए ECC शुल्क, कमर्शियल वाहनों पर प्रतिबंध और अव्यावहारिक नीतियां परिवहन उद्योग को आर्थिक संकट की ओर धकेल रही हैं।
इस सिलसिले में आज मनजिंदर सिंह सिरसा मंत्री, खाद्य, आपूर्ति एवं पर्यावरण, दिल्ली सरकार द्वारा एक बैठक बुलाई गई। बैठक से हमें उम्मीद थी कि परिवहन बिरादरी द्वारा उठाए गए मुद्दों, विशेष रूप से कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशों और अन्य संबंधित समस्याओं का कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा। बैठक में उनके मंत्रालय और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेतृत्व में दिल्ली-एनसीआर की विभिन्न परिवहन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया और माननीय मंत्री जी को परिवहन क्षेत्र की गंभीर समस्याओं और परेशानियों से अवगत कराया।
मंत्री जी ने सभी बातों को गंभीरता और धैर्यपूर्वक सुना तथा माना कि परिवहन बिरादरी की मांगें और समस्याएं वास्तविक एवं जायज़ हैं। हालांकि, बैठक में किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। मंत्री ने कहा कि सरकार परिवहन बिरादरी के साथ है, लेकिन कुछ मामलों में राहत के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ेगा। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो परिवहन बिरादरी पूरे देश में अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने के लिए मजबूर हो सकती है।
