एनसीवीईटी ने साक्ष्य-आधारित कौशल विकास को मजबूत करने की दिशा में बढ़ाया कदम

अनुसंधान सलाहकार समिति की पहली बैठक आयोजित

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नई दिल्ली,
नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन और ट्रेनिंग (एनसीवीईटी) ने कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं साक्ष्य-आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपनी अनुसंधान सलाहकार समिति (आरएसी) की पहली बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव तथा एनसीवीईटी की अध्यक्ष देबाश्री मुखर्जी ने की।
बैठक का उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (वीईटी) प्रणाली में अनुसंधान और डेटा-आधारित नीति निर्माण को संस्थागत स्वरूप देना था। इसमें सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और शोध संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्रमुख संस्थानों में नीति आयोग, सीआईआई, आईआईएम कोलकाता, नेशनल कौंसिल ऑफ़ एप्लाइड इकोनामिक रिसर्च, टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंस और अशोका यूनिवर्सिटी शामिल रहे।
बैठक में अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक अनुसंधान प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। समिति ने संस्थागत सहयोग मजबूत करने, अनुसंधान प्रयासों को एकीकृत करने, नियामक प्रभावशीलता बढ़ाने और पत्रिकाओं, सम्मेलनों व व्याख्यान श्रृंखलाओं के माध्यम से ज्ञान साझाकरण को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। राज्यों की अधिक भागीदारी, कौशल अंतर विश्लेषण, उभरती तकनीकों को अपनाने और युवाओं के दृष्टिकोण को कौशल विकास एजेंडे में शामिल करने पर भी चर्चा हुई।
एनसीवीईटी के भीतर प्रस्तावित अनुसंधान प्रभाग को व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास के लिए एक राष्ट्रीय ज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह प्रभाग नीति निर्माण, नियामक सुधार, गुणवत्ता आश्वासन, श्रम बाजार विश्लेषण और मूल्यांकन प्रणालियों को विश्वसनीय आंकड़ों पर आधारित शोध के माध्यम से सहयोग प्रदान करेगा।
इस अवसर पर देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि भारत के वैश्विक कौशल राजधानी बनने की दिशा में अनुसंधान और डेटा-आधारित अंतर्दृष्टियां भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वहीं, एनसीवीईटी के कार्यकारी सदस्य अशोक कुमार गाबाने कहा कि अनुसंधान सलाहकार समिति की स्थापना देश के कौशल विकास इको-सिस्टम के लिए मजबूत साक्ष्य आधार तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2026 में आयोजित एनसीवीईटी की 12वीं बैठक में अनुसंधान प्रभाग की स्थापना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी, जिसे बाद में आम सभा ने अनुमोदित किया। समिति अब त्रैमासिक बैठकें कर प्रगति की समीक्षा और भविष्य की प्राथमिकताओं का निर्धारण करेगी।

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