एनसीवीईटी ने साक्ष्य-आधारित कौशल विकास को मजबूत करने की दिशा में बढ़ाया कदम

अनुसंधान सलाहकार समिति की पहली बैठक आयोजित खबर है..नई दिल्ली,नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन और ट्रेनिंग (एनसीवीईटी) ने कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं साक्ष्य-आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपनी अनुसंधान सलाहकार समिति (आरएसी) की पहली बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव तथा एनसीवीईटी की अध्यक्ष देबाश्री मुखर्जी ने की।बैठक का उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (वीईटी) प्रणाली में अनुसंधान और डेटा-आधारित नीति निर्माण को संस्थागत स्वरूप देना था। इसमें सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और शोध संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्रमुख संस्थानों में नीति आयोग, सीआईआई, आईआईएम कोलकाता, नेशनल कौंसिल ऑफ़ एप्लाइड इकोनामिक रिसर्च, टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंस और अशोका यूनिवर्सिटी शामिल रहे।बैठक में अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक अनुसंधान प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। समिति ने संस्थागत सहयोग मजबूत करने, अनुसंधान प्रयासों को एकीकृत करने, नियामक प्रभावशीलता बढ़ाने और पत्रिकाओं, सम्मेलनों व व्याख्यान श्रृंखलाओं के माध्यम से ज्ञान साझाकरण को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। राज्यों की अधिक भागीदारी, कौशल अंतर विश्लेषण, उभरती तकनीकों को अपनाने और युवाओं के दृष्टिकोण को कौशल विकास एजेंडे में शामिल करने पर भी चर्चा हुई।एनसीवीईटी के भीतर प्रस्तावित अनुसंधान प्रभाग को व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास के लिए एक राष्ट्रीय ज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह प्रभाग नीति निर्माण, नियामक सुधार, गुणवत्ता आश्वासन, श्रम बाजार विश्लेषण और मूल्यांकन प्रणालियों को विश्वसनीय आंकड़ों पर आधारित शोध के माध्यम से सहयोग प्रदान करेगा।इस अवसर पर देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि भारत के वैश्विक कौशल राजधानी बनने की दिशा में अनुसंधान और डेटा-आधारित अंतर्दृष्टियां भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वहीं, एनसीवीईटी के कार्यकारी सदस्य अशोक कुमार गाबाने कहा कि अनुसंधान सलाहकार समिति की स्थापना देश के कौशल विकास इको-सिस्टम के लिए मजबूत साक्ष्य आधार तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।उल्लेखनीय है कि जनवरी 2026 में आयोजित एनसीवीईटी की 12वीं बैठक में अनुसंधान प्रभाग की स्थापना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी, जिसे बाद में आम सभा ने अनुमोदित किया। समिति अब त्रैमासिक बैठकें कर प्रगति की समीक्षा और भविष्य की प्राथमिकताओं का निर्धारण करेगी।

Read More

दिल्ली एनसीआर में व्यावसायिक वाहनों की बुधवार आधी रात से चक्का जाम

जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित होने का आशंका सरकार को अपनी बात पहुंचानी है, चक्का जाम हमारी मजबूरी है : सभरवाल खबर है..नई दिल्लीऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और यूनाइटेड फ्रंट का ऑल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के आह्वान पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क बढ़ोतरी के विरोध में बुधवार आधी रात से व्यावसायिक वाहनों का चक्का जाम का ऐलान किया है। दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में 21 से 23 में तक तीन दिवसीय चक्का जाम के ऐलान से जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इस तीन दिन दिवसीय चक्का जाम आंदोलन में ट्रांसपोर्टेशन के संयुक्त मोर्चा में दिल्ली एनसीआर की 68 संगठन शामिल हैं।ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ हरीश सभरवाल कहा है कि हम प्रभावित वाहन चालकों एवं वाहन व्यवसायिक के सामने सरकार तक अपनी बात पहुंचने के लिए चक्का जाम का रास्ता तैयार करना पड़ा है पूर्ण ग्राम यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में 21 दिन की नोटिस देकर देशव्यापी चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में कहा कि वैसे तो ट्रांसपोर्टों की कई मुद्दों की पर लंबी लड़ाई है लेकिन मौजूदा तीन दिवसीय चक्का जाम में प्रमुख तौर पर बीएस वाहनों की दिल्ली में एक नवम्बर से प्रवेश पर पाबंदी और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क में बढ़ोतरी का ही मुद्दा उठाया गया है।उन्होंने बताया कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क में 55% की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट कारोबारी की कमर टूट गई। उनका कहना है कि दिल्ली में प्रवेश करने वाले हल्के कमर्शियल वाहनों पर शुल्क 1400 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये तथा भारी ट्रकों पर 2600 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये कर दिया गया है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का दावा है कि देशभर के लगभग 95 लाख ट्रक चालक, 50 लाख बस, टैक्सी और मैक्सी कैब ऑपरेटर तथा 3500 से अधिक ट्रांसपोर्ट संगठन आंदोलन से जुड़े हैं। उनका कहना है कि तीन दिन के दौरान 16 से 20 लाख वाहनों के पहिए थम सकते हैं, जिनमें मंडियों से जुड़ी करीब 10 हजार गाड़ियां शामिल हैं।उन्होंने कहा कि यदि ट्रांसपोर्ट वाहनों से 12% दिल्ली में प्रदूषण बढ़ता है तो सरकार 88% से बढ़ाने वाले प्रदूषण के कारणों को दूर क्यों नहीं? ट्रांसपोर्टरों पर ही प्रदूषण को लेकर भारी भरकम शुल्क लगाने का काम किया जा रहा है। सरकार इस क्षति पूर्ति शुल्क के नाम पर वर्ष 2023 तक 1500 करोड रुपए ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों से वसूल चुकी है। लेकिन उनका अभी तक कोई ऐसा काम नहीं किया गया है जिससे ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों को और प्रदूषण से राहत मिले। सरकार को ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों को सहुलियत देने का काम करना चाहिए ना कि उन्हें परेशान करने का।

Read More

रेलमंत्री बेंगलुरु-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर किया रवानाबेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा जल्द होगी शुरू

खबर है..नई दिल्लीकेंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने 17 मई रविवार को बेंगलुरु-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि इससे कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा तथा बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा जल्द शुरू होने की उम्मीद है।रेल मंत्री ने बताया कि कर्नाटक में रेलवे ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 61 स्टेशनों का पुनर्विकास जारी है, जबकि बेंगलुरु कैंटोनमेंट और यशवंतपुर स्टेशनों का बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण किया जा रहा है। 2014 के बाद राज्य में लगभग 1,750 किमी नई रेल लाइनें बिछाई गई हैं।उन्होंने कहा कि बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे परियोजना के चारों कॉरिडोर पर काम प्रगति पर है और यह नेटवर्क एयरपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक सिटी व अन्य प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगा। साथ ही बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर वंदे भारत सेवा का परीक्षण जारी है।रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना ने नई ट्रेन सेवा के लिए रेल मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इससे व्यस्त बेंगलुरु-मुंबई मार्ग के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि कर्नाटक में रेलवे परियोजनाओं, सिग्नलिंग, दोहरीकरण और विद्युतीकरण कार्य तेजी से चल रहे हैं तथा राज्य को रिकॉर्ड ₹7,748 करोड़ का रेलवे बजट आवंटन मिला है।

Read More

गर्मी की छुट्टियों में लखनऊ से करें सिंगापुर और मलेशिया की सैर

खबर है.. लखनऊ। भारतीय रेल खानपान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने गर्मी की छुट्टियों को सैलानियों के लिए नया इंटरनेशनल टूर पैकेज लॉन्च किया है। आईआरसीटीसी लखनऊ कार्यालय की ओर से इंटरनेशनल टूर पैकेज के तहत लखनऊ से पर्यटकों को सिंगापुर एवं मलेशिया की यात्रा कराने का निर्णय लिया है। स्पेशल टूर में सैलानियों को सिंगापुर एवं मलेशिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि यह टूर 12 से 19 जून के बीच आयोजित होगा जिसमें पर्यटकों को 07 दिवसीय विदेशी यात्रा का अद्भुत अनुभव प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि इस यात्रा में यात्रियों को लखनऊ से इंडिगो की उड़ान से कुआलालंपुर ले जाया जाएगा। यात्रा के दौरान यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था तीन सितारा होटलों में की जाएगी। पैकेज में भारतीय भोजन (06 नाश्ता, 06 दोपहर का भोजन एवं 07 रात्रि भोजन), ट्रैवल इंश्योरेंस एवं अनुभवी गाइड की सुविधा शामिल है। श्री सिन्हा ने बताया कि यात्रा के दौरान सैलानियों को मलेशिया एवं सिंगापुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे, जिसमें कुआलालंपुर का प्रसिद्ध पुतराजाया, किंग पैलेस, नेशनल मॉन्यूमेंट, नेशनल मस्जिद, ओल्ड रेलवे स्टेशन, इंडिपेंडेंस स्क्वायर, ट्विन टावर्स, केएल टॉवर ऑब्जर्वेटरी डेक एवं बुकीत बिंटांग मार्केट शामिल हैं। इसके अलावा जेंटिंग हाईलैंड्स की मनोरम केबल कार राइड एवं बाटू केव्स का सैर कराया जाएगा। सिंगापुर में नाइट सफारी, सिंगापुर फ्लायर, सेंटोसा आइलैंड, केबल कार राइड, मैडम तुसाद, विंग्स ऑफ टाइम शो, नेशनल ऑर्किड गार्डन, मरीना बे, मेरलियन पार्क, थियान हॉक केंग मंदिर, चाइनाटाउन, लिटिल इंडिया, बुगिस मार्केट तथा प्रसिद्ध गार्डन्स बाय द बे (02 डोम्स सहित) का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति के ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 157000/-, दो व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 131000/-, तीन व्यक्तियो के एक साथ ठहरने पर पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति रू. 130000/-, माता-पिता के साथ ठहरने पर प्रति बच्चे का पैकेज मूल्य रू. 127000/- बेड सहित एवं मूल्य रू. 98000/- बिना बेड के होगा। इस पैकेज की बुकिंग ‘पहले आओ- पहले पाओ’ के आधार पर होगी। उक्त यात्रा की बुकिंग पर्यटन भवन गोमती नगर लखनऊ स्थित आईआरसीटीसी कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की बेवसाइट www.irctctourism.com पर भी कराई जा सकती है। हेल्पलाइन नंबरों 8287930922/9236391909/8287930902 से सैलानी इंटरनेशनल टूर पैकेज की जानकारी ले सकते हैं।

Read More

विशेष जांच अभियान में 245 बेटिकट धरे गए

खबर है. लखनऊ। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा के आदेश पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता के निर्देश पर ट्रेनों में बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर शिकंजा करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। लखनऊ-रायबरेली रेलखंड पर विशेष टिकट जांच अभियान के दौरान 245 मुसाफिर बिना टिकट व अनियमित यात्रा करते पकड़े गए। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने बताया कि विशेष जांच अभियान के दौरान 22684 लखनऊ – यशवंतपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस एवं 14241 नौचंदी एक्सप्रेस में बृहस्पतिवार देर शाम तक जांच किया गया। सहायक वाणिज्य प्रबंधक कृष्ण कांत यादव के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में टिकट चेकिंग के 07 तथा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के 06 कर्मियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अभियान के दौरान अनाधिकृत एवं बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 245 यात्रियों को पकड़ा गया जिनसे ₹1,00,800/- किराया तथा ₹82,570/- जुर्माना वसूल किया गया। इस प्रकार अभियान के माध्यम से कुल ₹1,83,370/- का राजस्व अर्जित किया गया। श्री गुप्ता ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट के साथ यात्रा करें तथा रेलवे नियमों का पालन करते हुए रेल प्रशासन का सहयोग करें।

Read More

यूआइडीएआई की ऑफलाइन वेरिफिकेशन सेवाएं नागरिकों को सुरक्षित, सहज एवं गोपनीयता-सम्मत पहचान सत्यापन : विवेक

खबर है.. लखनऊ। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक चंद्र वर्मा ने कहा कि यूआइडीएआई की ऑफलाइन वेरिफिकेशन सेवाएं नागरिकों को सुरक्षित, सहज एवं गोपनीयता-सम्मत पहचान सत्यापन सुविधा प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था विभिन्न संस्थाओं को बिना आधार संख्या साझा किए पहचान सत्यापित करने में सक्षम बनाती है, जिससे उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित होती है। श्री वर्मा शुक्रवार को क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ दौरा के दौरान आधार से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए क्षेत्रीय कार्यालय आए निवासियों से संवाद के दौरान बातें कही। उन्होंने प्रतिनिधियों को प्रमाणपत्र प्रदान करते हुए उम्मीद जताई कि अधिक से अधिक संस्थाएं यूआइडीएआई की डिजिटल एवं सुरक्षित पहचान सत्यापन सेवाओं को अपनाएंगी, जिससे नागरिकों को बेहतर एवं विश्वसनीय सेवाएं प्राप्त हो पाएगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री वर्मा ने आधार से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए क्षेत्रीय कार्यालय आए निवासियों से आधार नामांकन और अपडेट सेवाओं से संबंधित उनकी समस्याओं को भी सुना। श्री वर्मा ने त्वरित, पारदर्शी एवं नागरिक-अनुकूल सेवा प्रदान करने के महत्व पर बल देते हुए सभी निवासियों को सहज एवं निर्बाध आधार सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए यूआइडीएआई की प्रतिबद्धता दोहराई। इस मौके पर क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के उप महानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह ने कहा की निवासी आधार संबंधित सेवाओं के निवारण के लिए क्षेत्रीय कार्यालय आने के लिए https://generatetoken.page/index.html पर लॉग इन करके या क्यूआर कोड को स्कैन करके ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर सकते है और निर्धारित तिथि और समय पर आकर जानकारी प्राप्त कर सकते है। *सीईओ ने एआई ट्रान्सफॉर्मैशन कान्क्लैव में भी लिया हिस्सा :* भारतीय विशेष पहचान पत्र प्राधिकरण के सीईओ ने राजधानी के एक होटल में आयोजित एआई ट्रान्सफॉर्मैशन कान्क्लैव में भी हिस्सा लिया जहां उन्होंने आधार ऐप के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि यह डिजिटल पहचान सत्यापन को सरल बनाने के साथ-साथ गोपनीयता और उपयोगकर्ता की सहमति को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि आधार ऐप को “डेटा मिनिमाइजेशन” के सिद्धांत पर विकसित किया गया है, जिससे उपयोगकर्ता केवल वही जानकारी साझा करते हैं जो किसी विशेष सेवा के लिए आवश्यक हो। इससे निजता की सुरक्षा बढ़ती है और व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग की संभावना कम होती है।

Read More

अमृत भारत स्टेशन योजना में राजस्थान में 85 स्टेशनों का पुनर्विकास : अश्विनी

राज्य के लिए रेलवे बजट बढ़कर ₹10,228 करोड़ हुआ खबर है..नई दिल्लीकेंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजस्थान में 85 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से 15 स्टेशन पूरे हो चुके हैं। जैसलमेर, बाड़मेर, बूंदी, मंडलगढ़ और सोमेसर सहित कई स्टेशन अब आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों की सेवा कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि अलवर रेलवे स्टेशन का ₹112 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। परियोजना के तहत दो साइड एंट्री, अतिरिक्त हाई लेवल प्लेटफॉर्म, 6 मीटर चौड़ाई के दो फुट ओवरब्रिज, 9 लिफ्ट, आधुनिक पार्किंग और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था विकसित की जा रही है। स्टेशन का निर्माण राजस्थान की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और राज्य मंत्री संजय शर्मा भी शामिल हुए।रेल मंत्री ने बताया कि राजस्थान में वर्तमान में 5 वंदे भारत ट्रेनें और एक अमृत भारत एक्सप्रेस संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए रेलवे बजट बढ़कर ₹10,228 करोड़ हो गया है तथा 2014 के बाद लगभग 3,900 किलोमीटर नई रेलवे लाइन और दोहरीकरण कार्य किए गए हैं।

Read More

आईआरएफसी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में किया शानदार प्रदर्शन

रणनीतिक विविधीकरण के पहले पूर्ण वर्ष में रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल कीकंपनी की एसेट अंडर मैनेजमेंट बढ़कर रिकॉर्ड 4.85 लाख करोड़ रुपये पहुंची खबर है..नई दिल्लीरेल मंत्रालय के अंतर्गत नवरत्न सीपीएसई भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईआरएफसी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का वार्षिक शुद्ध लाभ 7.80 प्रतिशत बढ़ा, साथ ही राजस्व में भी सकारात्मक वृद्धि हुई। विविधीकरण आधारित विस्तार के कारण कंपनी के स्प्रेड और नेट इंटरेस्ट मार्जिन में लगातार सुधार हुआ तथा कंपनी ने अपना शून्य एनपीए का रिकॉर्ड बरकरार रखा।कंपनी ने संकेत दिया कि मेट्रो, बंदरगाह और अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में उभरते अवसरों तथा मजबूत परियोजना पाइपलाइन के चलते आने वाले वित्त वर्ष में विकास और तेज होने की उम्मीद है। इस अवसर पर कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे ने कहा‌ कि वित्तीय वर्ष 2025-26 आईआरएफसी के लिए एक निर्णायक वर्ष रहा है। हमने रेलवे इकोसिस्टम के बुनियादी ढांचे को समर्थन देने की अपनी मूल जिम्मेदारी निभाते हुए एक विविधीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया है। हमारी विविधीकरण रणनीति अब बेहतर स्प्रेड, उच्च मार्जिन और शेयरधारकों के लिए अधिक मूल्य के रूप में दिखाई दे रही है। आईआरएफसी ने व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की अपनी क्षमता साबित की है, साथ ही वित्तीय अनुशासन और शून्य एनपीए की परंपरा भी कायम रखी है।उन्होंने आगे कहा कि 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और वित्त वर्ष के ऑडिटेड वित्तीय परिणाम आईआरएफसी के बिजनेस मॉडल में एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाते हैं, जिसमें कंपनी पारंपरिक रेलवे फाइनेंसर से एक विविधीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग संस्था के रूप में विकसित हुई है, जबकि रेलवे अभी भी उसके केंद्र में है।वर्ष 1986 में मुख्य रूप से भारतीय रेल के लिए धन जुटाने हेतु स्थापित आईआरएफसी ने पिछले एक वर्ष में अपने पारंपरिक ऋण मॉडल पर निर्भरता कम होने के बाद अपनी रणनीति में बदलाव किया है। वित्तीय वर्ष 24 से भारतीय रेल द्वारा नए ऋण वितरण नहीं लेने के कारण कंपनी ने बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन, उर्वरक तथा रेलवे से जुड़े बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में विस्तार किया है।वित्तीय वर्ष 26 के दौरान आईआरएफसी ने 72,949 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी और लगभग 35,067 करोड़ रुपये का वितरण किया, जो उसके वार्षिक लक्ष्य से अधिक रहा। कंपनी ने प्रतिस्पर्धी और द्विपक्षीय वित्तपोषण अवसरों में सक्रिय भागीदारी करते हुए लगभग 56,251 करोड़ रुपये की बोलियां हासिल कीं। प्रमुख सौदों में कंपनी ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन लिमिटेड के विश्व बैंक ऋण को 9,821 करोड़ रुपये की दीर्घकालिक रुपये सुविधा के माध्यम से पुनर्वित्त किया, जिससे लगभग 2,700 करोड़ रुपये की बचत हुई।इसके अलावा, आईआरएफसी ने हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के लिए 12,842 करोड़ रुपये का पुनर्वित्त सौदा किया, जो उर्वरक क्षेत्र में बड़े पुनर्वित्त सौदों में कंपनी की एंट्री मानी जा रही है। कंपनी ने बाहरी वाणिज्यिक उधार सौदों के माध्यम से वैश्विक बाजारों में भी अपनी उपस्थिति मजबूत की, जहां निवेशकों की मजबूत भागीदारी देखने को मिली और उधारी लागत को कम करने में मदद मिली।विविधीकरण रणनीति के चलते कंपनी की लाभप्रदता में भी सुधार हुआ है। उच्च प्रतिफल वाले एसेट्स के कारण वित्तीय वर्ष 26 में नेट इंटरेस्ट मार्जिन बढ़कर 1.50 प्रतिशत पहुंच गया।मजबूत बैलेंस शीट, विविधीकृत पोर्टफोलियो और उभरते इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों के साथ आईआरएफसी अब देश के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसर के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है, जबकि कंपनी जोखिम प्रबंधन और ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ रही है।

Read More

अहमदाबाद (सरखेज) – धोलेरा सेमी हाई-स्पीड दोहरी लाइन परियोजना को मंजूरी

खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आज रेल मंत्रालय की लगभग 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाली अहमदाबाद (सरखेज) – धोलेरा सेमी हाई-स्पीड दोहरी लाइन परियोजना को मंजूरी दी है। स्वदेशी रूप से विकसित तकनीक से निर्मित भारतीय रेलवे की यह पहली सेमी हाई-स्पीड परियोजना होगी।इस परियोजना खंड से अहमदाबाद, धोलेरा एसआईआर, धोलेरा का आगामी हवाई अड्डा और लोथल राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर (एनएचएमसी) के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। अहमदाबाद को धोलेरा से जोड़ने से यात्रियों का यात्रा समय कम होगा, जिससे दैनिक आवागमन आरामदायक होगा और एक ही दिन में वापसी यात्रा संभव हो सकेगी। यह सेमी हाई-स्पीड रेलवे न केवल दो शहरों को करीब लाएगा, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर दूर रहने वाले लोगों को भी एक-दूसरे के करीब लाएगा।भारत की पहली सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना के रूप में यह परियोजना एक अग्रणी परियोजना के रूप में काम करेगी और देश भर में सेमी हाई-स्पीड रेल के चरणबद्ध विस्तार के लिए एक संदर्भ मॉडल के रूप में कार्य करेगी।इस नये रेल लाइन प्रस्ताव से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी और आवागमन में सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की कार्यकुशलता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। इससे उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।इस परियोजना को प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से मल्‍टीमॉडल संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।गुजरात के अहमदाबाद जिले को शामिल करने वाली इस परियोजना से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 134 किलोमीटर की वृद्धि होगी। प्रस्तावित परियोजनाओं से लगभग 284 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 5 लाख है।

Read More

एम्स दिल्ली चिकित्सा नवाचार का उत्कृष्ट केंद्र : उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने एम्स के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया खबर है..नई दिल्लीउपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान -एम्स, नई दिल्ली के 51वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में एम्स के योगदान का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह संस्थान चिकित्सा नवाचार और स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्टता में देश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, जो रोगी देखभाल और आधुनिक चिकित्सा के उच्चतम मानक स्थापित करते हुए आम लोगों के लिए काफी सस्ते दर पर इलाज प्रदान करने वाला बना हुआ है। उन्होंने कहा कि महामारी से निपटने की क्षमता से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच तक, “एम्स ब्रांड” समूचे भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में भरोसे और सत्यनिष्ठा का पर्याय बन गया है।उपराष्ट्रपति ने शैक्षणिक मानकों से समझौता किए बिना बड़ी संख्या में रोगियों के कुशल चिकित्सा प्रबंधन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और एम्स के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, संस्थान के निदेशक और संकाय सदस्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एम्स दशकों से ऐसे विशेषज्ञ तैयार करता आ रहा है जिनमें चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ ही नैतिकता और सहानुभूति की भावना प्रबल है। इसी भावना के साथ संस्थान के पूर्व छात्र विश्व भर के प्रतिष्ठित संस्थानों में अग्रणी पदों पर आसीन हैं।इस वर्ष के आरंभ में अंटार्कटिका में दूरस्थ रोबोटिक अल्ट्रासाउंड आयोजित करने में एम्स की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि इसने सिद्ध कर दिया है कि भौगोलिक स्थिति अब भारतीय चिकित्सा उत्कृष्टता में बाधक नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग के लिए भारत-फ्रांस केंद्र सहित संस्थान के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सहयोगों का भी उल्लेख किया।उपराष्ट्रपति ने कहा कि एम्स अब स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा दोनों ही क्षेत्रों में वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है। क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग का उल्लेख करते हुए श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि एम्स ने केवल दो वर्षों में 40 पायदान ऊपर चढ़कर वैश्विक स्तर पर 105वां स्थान हासिल कर लिया है। उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान शीघ्र ही इस रैंकिंग में शीर्ष 100 संस्थानों में शामिल हो जाएगा और एक दिन दुनिया का अग्रणी संस्थान बनेगा। उन्होंने कहा कि एम्स ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत मेडिकल कॉलेजों को दी जाने वाली वार्षिक श्रेणी में 2018 से 2025 तक लगातार शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।उपराष्ट्रपति ने संस्थान के संकाय सदस्यों और अनुसंधानकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि एम्स की उत्कृष्टता वर्षों से इसके संकाय सदस्यों को मिले असंख्य पद्म पुरस्कारों में परिलक्षित होती है। उन्होंने कहा कि इस विशिष्ट सूची में 2 पद्म विभूषण, 15 पद्म भूषण और 51 पद्म श्री पुरस्कार विजेता शामिल हैं, जबकि 57 संकाय सदस्य विश्व स्तर पर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल हैं।उत्तीर्ण डॉक्टरों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके द्वारा धारण किया गया सफेद कोट व्यक्तिगत सफलता से कहीं अधिक अपेक्षाएं वहन करता है। उन्होंने छात्रों से विनम्रता, उत्कृष्टता और सहानुभूति के साथ समाज की सेवा करने और यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि उनका कार्य पेशेवर कौशल और व्यापक कल्याण की प्रतिबद्धता दोनों को प्रतिबिंबित करे।इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और एम्स नई दिल्ली के अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा; एम्स नई दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर निखिल टंडन; संस्थान की डीन प्रोफेसर राधिका टंडन; संस्थान के रजिस्ट्रार प्रोफेसर गिरिजा प्रसाद रथ; संकाय सदस्य, स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञ, मेडिकल छात्र-छात्राएं और विशिष्ट जन उपस्थित थे।

Read More