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अलीगढ़ के आरटीओ, एआरटीओ समेत तीन निलंबित

शनिवार को अलीगढ़ में स्कूल बस का फर्श टूटने से एक बच्ची की हो गई थी मौत खबर है..लखनऊ परिवहन विभाग के जिम्मेदारों की अनदेखी से शनिवार को अलीगढ़ में स्कूल बस फर्श टूटने से एक लड़की की गिरकर मौत हो गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए रविवार को चम्पालाल तत्कालीन सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) अलीगढ़, सम्प्रति सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सिद्धार्थनगर, श्रीमती बन्दना सिंह, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), अलीगढ़ को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। इस सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव परिवहन श्रीमती अर्चना अग्रवाल ने आदेश जारी किए गए हैं।परिवहन आयुक्त श्रीमती किंजल सिंह ने बताया कि शनिवार को जनपद अलीगढ़ सीमा से सटे कासगंज के ग्राम-नगला साधु में स्कूल बस संख्या- यूपी-81 बीटी-8873 का फर्श टूटने से एक बच्ची की सड़क पर गिरने एवं टायर चढ़ जाने के कारण मृत्यु हो गयी। उक्त वाहन अलीगढ़ दादो अवस्थित माउण्ट देवा इण्टरनेशनल स्कूल में संचालित हो रही थी, जिसका बीमा एवं परमिट की वैधता समाप्त हो चुकी थी।उक्त दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र), आगरा, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), अलीगढ़, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन), अलीगढ़, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन), कासगंज, यात्रीकर अधिकारी, अलीगढ़ से 03 दिवस में स्पष्टीकरण देने हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त प्रकरण में चम्पालाल तत्कालीन सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) अलीगढ़, सम्प्रति सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सिद्धार्थनगर, शासकीय कार्यों में उदासीनता व शिथिलता के दृष्टिगत निलम्बित किया गया है। इसके अतिरिक्त श्रीमती बन्दना सिंह, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), अलीगढ़ को शासकीय कार्यों में शिथिलता व पर्यवेक्षणीय दायित्वों का निर्वहन न करने के दृष्टिगत निलम्बित किया गया है। साथ ही साथ स्कूल प्रबन्धन के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत करने हेतु तहरीर दी गयी है।श्री सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश है कि समस्त क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में त्योहार के दृष्टिगत लगातार भ्रमण पर रहे। साथ ही साथ मुख्यालय पर सड़क दुर्घटनाओं की त्वरित सूचना प्राप्त करने एवं आम जनमानस के सुगम परिवहन के दृष्टिगत कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए चक्रानुक्रम में अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगायी गयी है।

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मुकदमेबाजी के कुशल और प्रभावी प्रबंधन पर सम्मेलन आयोजित

खबर है..नई दिल्ली केंद्रीय सचिवों और विधि विभाग के विधि अधिकारियों का राष्ट्रीय सम्मेलन 28 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया। इसका विषय था “सरकारी मुकदमेबाजी के कुशल और प्रभावी मैनेजमेंट”। सम्मेलन में सचिवों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, विधि विभाग के विधि अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने मुकदमेबाजी की परिपाटियों को मजबूत करने और संस्थागत दक्षता बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।इस कार्यक्रम में कानून और न्याय मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल; कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन; भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी; भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता; न्याय विभाग के सचिव डॉ. नीरज वर्मा; और विधि कार्य विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि उपस्थित रहे।सम्मेलन में चार मुख्य विषयों पर मुकदमेबाजी के हालात पर चर्चा हुई: सर्विस, पेंशन और रोज़गार के मामले; अवसंरचना, मुआवज़ा और अनुबंध से जुड़े विवाद; राजकोषीय, कराधान और राजस्व के मामले; और विनियामक, प्रवर्तन और अनुपालन से जुड़ी मुकदमेबाजी। चर्चा में शामिल लोगों ने मुख्य चुनौतियों पर ध्यान दिया। इनमें शामिल हैं – कानूनी स्थिति को एक जैसा लागू न करने के कारण बार-बार सर्विस लिटिगेशन, काउंटर एफिडेविट फाइल करने से पहले सही सलाह-मशविरा न करना, अलग-अलग मंत्रालयों द्वारा अलग-अलग राय लेना, विभाग और पैनल काउंसल के बीच तालमेल की कमी, और सोचे-समझे नीतिगत फैसले के बजाय डिफ़ॉल्ट रिएक्शन के तौर पर अपील फाइल करने की आदत।अवसंरचना और मुआवज़े के मामलों में, ज़मीन के मुआवज़े के बढ़ते मुकदमे और ब्याज की देनदारियों, आर्बिट्रेशन अवॉर्ड में आम चुनौतियों, अवसंरचना अनुबंध में तकनीकी मुश्किलों की वजह से कानूनी जांच ठीक से नहीं हो पाना, तकनीकी डिवीज़न और लीगल टीमों के बीच तालमेल का ठीक से न होना, और एडीआर और मुकदमे से पहले की मध्यस्थता का कम इस्तेमाल होने जैसी चिंताएं प्रकट की गईं।बातचीत का मुख्य ज़ोर मज़बूत फ़िल्टरिंग, बेहतर तालमेल और जल्दी विवाद सुलझाने के ज़रिए टाले जा सकने वाले मुकदमों और मुकदमों को फ़ाइल करने में देरी को कम करने पर था। सम्मेलन ने सर्विस और दूसरे मामलों में अपील-फ़िल्टरिंग के साफ़ क्राइटेरिया, मुकदमों को तालमेल से संभालने के लिए हर विभाग में निर्दिष्ट अधिकारी को नामित करने, और अदालत के फ़ैसलों को समय पर लागू करने के लिए व्यवस्था बनाने की सलाह दी, ताकि बार-बार होने वाले और कंटेम्प्ट वाले मुकदमों को कम किया जा सके। ज़रूरी और नीतिगत-संवेदनशील मामलों के लिए विधि कार्य विभाग और विधि विभाग के विधि अधिकारियों के साथ करीबी और व्यवस्थित तालमेल पर ज़ोर दिया गया, ताकि सभी मंत्रालयों में एक जैसी कानूनी राय बनाई जा सके।सम्मेलन में विशेष रूप से ज़मीन और अवसंरचना के झगड़ों के लिए अवसंरचना, मुआवज़े और अनुबंध वाले मुकदमों के लिए स्ट्रक्चर्ड प्री-लिटिगेशन एडीआर को संस्थागत बनाने का समर्थन किया गया। मुआवज़े के मामलों में व्यवस्थित सेटलमेंट का समर्थन किया गया ताकि लंबी कोर्ट लड़ाइयों से बचा जा सके।कुल मिलाकर, सम्मेलन ने ज़िम्मेदार और अनुशासित मुकदमेबाजी के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की। इसमें टाले जा सकने वाले मामलों को कम करने, समय पर फाइलिंग और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने, और विकसित भारत@2047 के लक्ष्यों को पाने के लिए बिज़नेस करने में आसानी और सरकारी प्रक्रिया में नागरिकों का भरोसा बढ़ाने के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया को मज़बूत करने पर ध्यान दिया गया।

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प्रधानमंत्री ने देश का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट का शुभारंभ कर किया ऐतिहासिक कार्य

गुजरात को रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड ₹17,366 करोड़ का बजट आवंटन खबर है..गांधीनगर रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 28 फरवरी और 01 मार्च 2026 को गुजरात का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांधीनगर स्थित गुजरात सेमीकंडक्टर कॉन्फ्रेंस 2026 में मीडिया को संबोधित किया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए देश के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया है। भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने का जो संकल्प लिया गया था, वह अब साकार हो रहा है।उन्होंने बताया कि स्वीकृत 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में से चार का उद्घाटन एवं उत्पादन वर्ष 2026 में प्रस्तावित है, जिनमें से एक का शुभारंभ हो चुका है तथा तीन अन्य इसी वर्ष प्रारंभ होंगे। अन्य परियोजनाओं पर भी तीव्र गति से कार्य जारी है।धोलेरा में टाटा फैब सहित विकसित हो रहा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम देश के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस दिशा में राज्य सरकार के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों के लिए माननीय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का विशेष आभार व्यक्त किया गया। रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश : मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे द्वारा इस वर्ष गुजरात को रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड ₹17,366 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009–14 के दौरान राज्य को औसतन केवल ₹589 करोड़ प्रतिवर्ष का बजट मिलता था। वर्तमान में राज्य में ₹1,28,748 करोड़ की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। राज्य के 87 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से 20 स्टेशन पूर्ण हो चुके हैं। अहमदाबाद, सूरत, उधना और सोमनाथ सहित अनेक प्रमुख स्टेशनों पर तीव्र गति से कार्य चल रहा है।बुलेट ट्रेन परियोजना में तीव्र प्रगति, 2027 तक संचालन लक्ष्य : मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय घटकर मात्र 1 घंटा 57 मिनट रह जाएगा la

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भूपेंद्र यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बोत्सवाना से आए नौ चीतों का किया स्वागत

भारत में चीतों की बढ़ती आबादी 48 तक पहुंची, जिनमें 28 भारत में जन्मे शावक शामिल खबर है..नई दिल्ली केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 28 फरवरी, 2026 को बोत्सवाना से प्राप्त नौ चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बने संगरोध बाड़ों में छोड़ा। इन चीतों को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने से पहले अनुकूलन और स्वास्थ्य निगरानी के चरण से गुजरना होगा।यादव ने अपनी एक एक्‍स सोशल मीडिया पोस्ट में बोत्सवाना से नौ चीतों (6 मादा और 3 नर) के मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में आगमन की घोषणा की। मंत्री महोदय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के पर्यावरण के प्रति जागरूक नेतृत्व में चीता परियोजना को बड़ी सफलता मिली है। भारत में अब 48 चीतों की अच्छी-खासी आबादी है, जिनमें 28 भारत में जन्मे शावक शामिल हैं।यात्रा : दिसंबर 2024 में, भारत सरकार ने चीतों की खरीद के लिए बोत्सवाना गणराज्य की सरकार के साथ औपचारिक बातचीत शुरू की, ताकि भारत के प्रमुख वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम ‘प्रोजेक्ट चीता’ को और मजबूत किया जा सके। यह प्रस्ताव बोत्सवाना गणराज्य के पर्यावरण और पर्यटन मंत्री बोइपुसो विंटर ममोलोत्सी के परामर्श से भूपेंद्र यादव द्वारा औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया गया था।भारत की चीता पुनर्प्रवेश योजना को ध्यान में रखते हुए बोत्सवाना ने भारत के साथ साझेदारी करने पर सहमति जताई। यह सहयोग वैश्विक चीता संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने और अफ्रीका में इसके पारंपरिक क्षेत्र से बाहर इस प्रजाति की एक अतिरिक्त सुरक्षित आबादी बनाने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिससे इसकी दीर्घकालिक सहनशीलता में वृद्धि होगी।नवंबर 2025 में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की बोत्सवाना यात्रा के दौरान, आठ चीतों को औपचारिक रूप से भारत सरकार को सौंप दिया गया। उन्हें मोकोलोडी प्रकृति अभ्यारण्य में संगरोध बाड़ों में छोड़ दिया गया।

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रिटायर्ड 28 रेल कर्मियों को दी गई भावभीनी विदाई

खबर है..लखनऊ उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के 28 कर्मचारी शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए। इन कर्मचारियों ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न विभागों में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं उत्कृष्ट सेवा भाव के साथ रेलवे की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।इस मौके पर मंडल कार्यालय के सभागार में सेवानिवृत्ति समारोह का आयोजन हुआ जिसमें प्रत्येक सेवानिवृत्त कर्मचारी को समापक भुगतान प्रपत्र प्रदान किए गए। संबंधित समस्त देयकों का भुगतान कर्मचारियों के नामांकित बैंक खातों में आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से सीधे प्रेषित किया जाएगा, जिससे राशि स्वतः उनके खातों में जमा हो जाएगी। कार्यक्रम का शुभारंभ मंडल कार्मिक अधिकारी रमेश चंद्र बैरवा ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्वागत के साथ किया गया। एडीआरएम शूरवीर सिंह चौहान ने सभी कर्मचारियों को समापक भुगतान प्रपत्र प्रदान किए। डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की निष्ठापूर्ण सेवाओं की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना की।

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राष्ट्रपति ने स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में भरी उड़ान

खबर है.. नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार 27 फरवरी को राजस्थान के जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी। इससे पहले, उन्होंने क्रमशः 2023 और 2025 में सुखोई 30 एमकेआई और राफेल में उड़ानें भरी थीं।यह मिशन दो विमानों के एलसीएच फॉर्मेशन के रूप में क्रियान्वित किया गया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ के साथ पहले विमान में उड़ान भरी, जबकि वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ग्रुप कैप्टन ए महेंद्र दूसरे विमान में नंबर 2 के रूप में सवार थे। लगभग 25 मिनट के इस मिशन के दौरान, उन्होंने गडिसर झील और जैसलमेर किले के ऊपर से उड़ान भरी और एक टैंक लक्ष्य पर हमला किया।बाद में आगंतुक पुस्तिका में, राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत के स्वदेशी रूप से विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरना मेरे लिए एक समृद्ध अनुभव रहा है। इस उड़ान ने मुझे राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं पर नए सिरे से गर्व का अनुभव कराया है। मैं भारतीय वायु सेना और वायु सेना स्टेशन जैसलमेर की पूरी टीम को इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए बधाई देती हूं।

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उत्कृष्ट कार्य सेवा के लिए 16 टिकट चेकिंगकर्मी सम्मानित

डीआरएम ने टिकट जांच कर्मियों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित खबर है..लखनऊउत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के 16 टिकट जांच कर्मियों को बृहस्पतिवार को सम्मानित किया गया। डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टिकट जांच कर्मियों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। ये सभी कर्मचारी यात्रियों में टिकटिंग जागरूकता लाने, बिना टिकट यात्रा पर नियंत्रण तथा रेलवे की आय में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। पुरस्कृत कर्मचारियों का चयन उनके प्रदर्शन और राजस्व अर्जन के आधार पर किया गया है | सम्मानित होने वालों में श्याम बिहारी यादव टीटीआई वाराणसी, संतोष कुमार-II टीटीआई वाराणसी, अनिल कुमार पाल टीटीआई वाराणसी, रितेश कुमार दिवाकर एचटीटीई बाराबंकी, आरपी जुवेल सीटीआई लखनऊ, रितेश कुमार टीटीआई लखनऊ, हिंगलांशु कुमार टीटीआई लखनऊ, राहुल कुमार राय टीटीआई लखनऊ, लोकेश आनंद सीटीआई लखनऊ, मनीष पांडेय एसटीई लखनऊ, अनुज कुमार सिंह टीटीआई लखनऊ, राज मंगल यादव टीटीआई अयोध्या कैंट, समर बहादुर सिंह टीटीआई अयोध्या कैंट, हिरेंद्र कुमार गुप्ता एसटीई माँ बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़, जगजीवन पांडे सीटीआई लखनऊ, सोमेश कुमार सीनियर सीसीटीसी सुल्तानपुर शामिल है।इस मौके पर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने सुनील कुमार वर्मा ने सभी पुरस्कृत कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि टिकट जांच कर्मचारियों की मेहनत और ईमानदारी न केवल विभाग की आय में वृद्धि कर रही है, बल्कि रेलवे की छवि को भी सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इसी भावना के साथ कार्य करते रहें। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी ने भी सभी चयनित कर्मचारियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शुभकामनाएं दी।

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रेलवे और सेना से रिटायर कर्मचारियों को मिलेगा रोजगार

रोजगार के अवसर को बेहतर बनाने के लिए ‘सहयोग का ढांचा’ शुरू पूर्व अग्निवीरों के लिए विशेष आरक्षण के साथ रोजगार को बढ़ावा खबर है..नई दिल्लीभारतीय रेलवे और भारतीय सेना ने “सहयोग ढांचा” शुरू किया है। इसका मकसद अग्निवीरों और सेवारत सैन्य कर्मियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है, जो बतौर आम नागरिक वे बेहतर जीवन बिता सकें।सेना और रेल मंत्रालय के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य सैन्य से नागरिक करियर में सरल बदलाव सुनिश्चित करना है। इससे रेलवे में रोजगार की संभावनाओं के बारे में जागरूकता भी बढ़ेगी और सेवानिवृत्त कर्मियों की सहायता के लिए एक समर्पित सहायता प्रणाली भी तैयार होगी।यह सहयोगात्मक ढांचा पूर्व सैनिकों को सार्थक दूसरा करियर मार्ग प्रदान करने और व्यापक राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों का समर्थन करने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के प्रमुख अवसर :सेवानिवृत्त सशस्त्र बलों के कर्मियों का कल्याण और पुनर्वास, भारतीय रेलवे की नीतिगत संरचना का एक ज़रुरी घटक है। पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु: स्तर-2/उससे ऊपर के पदों में 10% और स्तर-1 के पदों में 20% क्षैतिज आरक्षण पूर्व सैनिकों के लिए निर्धारित किया गया है।इसके अलावा, स्तर-2/उससे ऊपर के पदों में 5% और स्तर-1 के पदों में 10% आरक्षण पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित किया गया है। वर्ष 2024 और 2025 में, रेलवे की रिक्तियों की अधिसूचनाओं में पूर्व सैनिकों के लिए कुल 14,788 पद आरक्षित किए गए थे, जिनमें शामिल हैं: स्तर-1 में 6,485 पदस्तर-2/ऊपर के पदों में 8,303 पद स्तर-1 (पूर्ववर्ती ग्रुप डी) और स्तर-2/ऊपर के पदों पर भर्ती क्रमशः रेलवे भर्ती केंद्रों (आरआरसी) और रेलवे भर्ती बोर्डों (आरआरबी) के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं द्वारा की जाती है। संविदात्मक नियुक्तियों के ज़रिए तत्काल भर्ती : पूर्व सैनिकों की त्वरित भर्ती को बढ़ावा देने और रिक्त पदों को भरने के लिए, रेल मंत्रालय ने नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक भारतीय रेलवे में संविदा आधार पर पूर्व सैनिकों को ‘पॉइंट्समैन’ के रूप में भर्ती करने का फैसला किया है। वर्तमान में जोनल और मंडल स्तर पर 5,000 से अधिक लेवल-1 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। अब तक, 9 मंडलों ने पॉइंट्समैन की भर्ती के लिए संबंधित सेना संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

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रेलवे में सुधार के लिए नए आइडिया को प्रोत्साहन, रेल टेक पोर्टल लॉन्च

आईसीटी के लिए ई-आरसीटी प्रणाली का शुभारंभ किया खबर है..नई दिल्ली भारतीय रेल में नवाचार को बढ़ावा देने और दावा न्यायाधिकरण की प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के लिए नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप्स, उद्योग और संस्थानों को जोड़ने हेतु तीसरे और चौथे सुधार के रूप में रेल टेक पोर्टल के लॉन्च की घोषणा की है।केंद्रीय मंत्री ने अश्विनी वैष्णव ने 26 फरवरी को रेल प्रौद्योगिकी नीति की घोषणा की और “52 सप्ताह में 52 सुधार” पहल के तहत रेल दावा न्यायाधिकरण के संपूर्ण डिजिटलीकरण के लिए ई-आरसीटी प्रणाली का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत कोई भी व्यक्ति जिसके पास कोई मजबूत प्रौद्योगिकीय विचार हैं, वह समर्पित रेल टेक पोर्टल के माध्यम से रेलवे से संपर्क कर सकता है, जिससे रेलवे में प्रौद्योगिकी का व्यापक और प्रणालीगत समावेश हो सके।उन्होंने भी बताया कि एक सुधार रेल दावा न्यायाधिकरण के डिजिटल कारण को लेकर भी किया गया है। रेल दावा न्यायाधिकरण में प्रमुख प्रक्रियात्मक सुधार में 24×7 ई-फाइलिंग, ऑनलाइन सुनवाई और आदेशों तक तत्काल पहुंच से दुर्घटना और अप्रिय घटना के दावों को दाखिल करना सरल किया गया है।उन्होंने ने कहा कि अगले 12 महीनों के भीतर, रेल दावा न्यायाधिकरण की सभी बेंच पूरी तरह से डिजिटाइज्ड हो जाएंगी। ई-आरसीटी ऑनलाइन सबमिशन और वास्तविक समय केस ट्रैकिंग से त्वरित निपटान संभव है। इसमें मामले दर्ज करने के लिए न्यायाधिकरण जाने की आवश्यकता नहीं, डिजिटल ई-आरसीटी प्लेटफॉर्म से पेपरलेस कोर्ट, हाइब्रिड सुनवाई और केंद्रीकृत केस प्रबंधन की शुरुआत होगी।

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विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार एवं वित्त” के बारे बताएंगे प्रधानमंत्री

बजट के बाद की वेबिनारों की श्रृंखला में पहला वेबिनार खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 27 फरवरी को सुबह लगभग 11:30 बजे “विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार और वित्त” विषय पर आयोजित बजट पश्चात वेबिनार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करेंगे। इस वेबिनार में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने, अवसंरचना विकास, बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, वित्तीय क्षेत्र की संरचना को सुदृढ़ करने, पूंजी बाजारों को मजबूत बनाने तथा कर सुधारों के माध्यम से नागरिकों के जीवनयापन को अधिक सरल और सुगम बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।यह वेबिनार केंद्रीय बजट 2026-27 से उभरने वाले प्रमुख विषयों पर आयोजित किये जा रहे बजट पश्चात वेबिनारों की श्रृंखला में पहला है। इन वेबिनारों का उद्देश्य पिछले अनुभवों से सीख लेना और प्रतिभागियों से संरचित प्रतिक्रिया प्राप्त करना है ताकि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट घोषणाओं के परिणामोन्मुखी कार्यान्वयन को सुदृढ़ और सुनिश्चित किया जा सके, जिसमें विभिन्न हितधारकों के व्यावहारिक अनुभव और अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया जा सके। इनमें उद्योग, वित्तीय संस्थानों, बाजार प्रतिभागियों, सरकार, उद्योग नियामकों और शिक्षा जगत के हितधारकों को एक साथ लाया जाएगा ताकि प्रमुख बजट घोषणाओं के प्रभावी कार्यान्वयन मार्गों पर विचार-विमर्श किया जा सके।

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