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केंद्रीय बजट से परिवहन समुदाय को बड़ी उम्मीद

खबर है..नई दिल्ली ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. हरीश सभरवाल ने कहा कि सड़क परिवहन क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा और आवश्यक सप्लाई चेन की रीढ़ है। लेकिन बढ़ती ईंधन लागत, ऊँचे टोल शुल्क और बहु-स्तरीय कराधान के कारण परिवहन संचालन की आर्थिक व्यवहार्यता लगातार घट रही है।केंद्रीय बजट 2026–27 को कर सुधार, ईंधन सुधार और बुनियादी ढाँचे आधारित विकास पर केंद्रित होना चाहिए, न कि पहले से दबाव झेल रहे इस क्षेत्र से अतिरिक्त राजस्व वसूली पर। सही नीतिगत सहयोग मिलने पर परिवहन उद्योग रोजगार सृजन, लॉजिस्टिक्स दक्षता और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।उन्होंने आगे कहा कि बजट ऐसे समय में तैयार हो रहा है जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं से जूझ रहा है और भारत विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। नीति-निर्माताओं से अपेक्षा है कि वे वित्तीय अनुशासन और विकास की आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाएँ, विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा, एमएसएमई और रोजगार सृजन पर ध्यान दें।परिवहन क्षेत्र ने यह भी रेखांकित किया कि 24×7 बैंकिंग और ईंधन स्टेशन सुविधाओं की सीमाओं के कारण नकद लेन-देन पर निर्भरता बनी हुई है। साथ ही, बढ़ती ईंधन लागत, राज्यों के बीच मूल्य असमानता और वैश्विक व्यापार तनाव का प्रभाव टायर, स्पेयर पार्ट्स और तकनीक के आयात पर पड़ रहा है।इन प्राथमिकताओं को संबोधित करने से परिचालन लागत स्थिर होगी, दक्षता बढ़ेगी और भारत की लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, जिससे यह क्षेत्र देश की 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य और उससे आगे तक सार्थक योगदान दे सकेगा।

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संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण, कहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दुनिया ने देखा भारतीय सेना का पराक्रम

खबर है..नई दिल्लीराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज संसद में अपने अभिभाषण में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने भारतीय सेवा का पराक्रम देखा। अब मिशन सुदर्शन चक्र पर काम हो रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंक के अड्डों पर कड़ा प्रहार किया गया, जिससे भारत की सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश गया।सरकार ने संसद में अपने संबोधन के माध्यम से देश के समग्र विकास की स्पष्ट और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत की। महिला सशक्तीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, युवाओं की भागीदारी और सांस्कृतिक गौरव को इस विज़न के केंद्र में रखा गया है। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत सितंबर 2025 में लगभग 7 करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कराई गई, जिससे समय पर इलाज संभव हुआ। साथ ही, एनडीए से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट होना देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में, सरकार ने आतंकवाद और माओवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की है। माओवादी प्रभाव 126 जिलों से घटकर 8 जिलों तक सिमट गया है, और एक वर्ष में लगभग 2,000 लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंक के अड्डों पर कड़ा प्रहार किया गया, जिससे भारत की सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश गया।आर्थिक मोर्चे पर, पीआईएल योजना से 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगति हो रही है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन चुका है।युवाओं के लिए रोजगार, स्किलिंग और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप इंडिया, पीएम विश्वकर्मा और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। बीते वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ।विदेश नीति के क्षेत्र में भारत ने संतुलित और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मजबूती दी है। आपदा और संकट के समय भारत ने अनेक देशों में first responder की भूमिका निभाई है। सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार ने ऐतिहासिक पहल की है — भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वापसी, प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण और आदिवासी विरासत के संरक्षण के प्रयास इसका उदाहरण हैं। सरकार ने दोहराया कि विकसित भारत का लक्ष्य एक साझा राष्ट्रीय संकल्प है, जिसे संसद, सरकार और नागरिक मिलकर साकार करेंगे।

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1225 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मिली मंजूरी

खबर है..लखनऊ मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश समर्पित नगरीय परिवहन निधि नियमावली, 2013 के तहत गठित ‘निधि प्रबंधन समिति’ की 16वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में नगरीय परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़, पर्यावरण अनुकूल एवं आधुनिक बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि इन निर्णयों से प्रदेश में स्वच्छ, सुलभ एवं आधुनिक नगरीय परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी। बैठक में 1225 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के क्रय प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई और आगे की कार्यवाही के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास को अधिकृत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार ये इलेक्ट्रिक बसें वर्तमान में संचालित 1140 डीजल एवं सीएनजी बसों के स्थान पर क्रय की जाएंगी। बसों का आवंटन विभिन्न शहरों में नगरीय परिवहन की आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा।इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में वृद्धि एवं आम नागरिकों को बेहतर नगरीय परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाराणसी में ई-बसों की चार्जिंग क्षमता बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत सारनाथ पार्किंग स्थल पर द्वितीय आपर्चुनिटी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने तथा दो नए चार्जर लगाए जाने हेतु कार्यदायी संस्था द्वारा प्रस्तुत 103.53 लाख रुपये के प्रारम्भिक आगणन को स्वीकृति दी गई।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगरीय परिवहन निदेशालय के अंतर्गत प्रदेश के 15 शहरों में संचालित इलेक्ट्रिक बसों के लिए कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इसके लिए कंसल्टेंट के चयन हेतु निविदा प्रक्रिया प्रारम्भ करने की अनुमति दी गई। इस परियोजना के माध्यम से उत्सर्जन में कमी का अध्ययन कर कार्बन क्रेडिट का विक्रय किया जाएगा, जिससे नॉन-फेयर बॉक्स रेवेन्यू अर्जित किया जा सकेगा। कार्बन क्रेडिट से होने वाली आय में न्यूनतम शेयर के आधार पर कंसल्टेंट का चयन किया जाएगा तथा इस परियोजना पर निदेशालय पर किसी प्रकार का वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022 के अंतर्गत प्रदेश के 16 नगर निगमों में पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। प्रस्ताव के अनुसार उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एंड ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (यूपीआरईवी) के माध्यम से 16 नगर निगमों के अंतर्गत 272 चिन्हित पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों का विकास कराया जाएगा। यूपीआरईवी, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की इकाई है, जिसका गठन प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग अवसंरचना के विकास हेतु किया गया है।बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी.गुरुप्रसाद, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा, प्रबंध निदेशक यूपीएसआरटीसी प्रभु नारायण सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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केंद्रीय बजट की तैयारी का अंतिम चरण, हलवा समारोह के साथ सम्पन्न केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सहयोगी राज्य मंत्री पंकज चौधरी रहे उपस्थित

खबर है..नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारी प्रक्रिया के अंतिम चरण को चिह्नित करने वाला ‘हलवा समारोह’ आज नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस में आयोजित किया गया। यह समारोह केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी की उपस्थिति में सम्‍पन्‍न हुआ। ‘हलवा समारोह’ बजट की तैयारियों से जुड़े अधिकारियों के ‘लॉक-इन’ (परिसर के भीतर ही रहने की प्रक्रिया) शुरू होने से ठीक पहले आयोजित किया जाता है। केंद्रीय बजट 2026-27 एक फरवरी, 2026 को पेश किया जाएगा। ‘हलवा समारोह’ के अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ वित्त मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले सभी विभागों के सचिव और बजट निर्माण प्रक्रिया से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। समारोह के एक हिस्‍से के रूप में केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट प्रेस का दौरा किया और तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही, उन्‍होंने पूरी बजट टीम को अपनी शुभकामनाएं भी दीं। वार्षिक वित्तीय विवरण (जिसे आमतौर पर बजट कहा जाता है), अनुदान की मांगें, वित्त विधेयक आदि सहित केंद्रीय बजट के सभी दस्तावेज “यूनियन बजट मोबाइल ऐप” पर उपलब्ध होंगे। इससे सांसदों और आम जनता को डिजिटल माध्यम से बजट दस्तावेजों तक आसानी से पहुंच प्राप्त हो सकेगी। यह ऐप द्विभाषी (अंग्रेजी और हिंदी) है और एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्मों पर उपलब्ध होगा। इस ऐप को केंद्रीय बजट वेब पोर्टल ( www.indiabudget.gov.in ) से भी डाउनलोड किया जा सकता है।केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी, 2026 को संसद में बजट भाषण समाप्त होने के बाद बजट दस्तावेज मोबाइल ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे ।

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इंडिया एनर्जी वीक में बोलें, प्रधानमंत्री भारत के ऊर्जा क्षेत्र में 500 अरब डॉलर के निवेश के अवसर

खबर है..गोवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। गैस डिस्ट्रीब्यूशन और पेट्रोकेमिकल सेक्टर निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक क्षेत्र बनकर उभर रहे हैं।मोदी ने 27 जनवरी को गोवामें आयोजित इंडिया एनर्जी वीक के अवसर पर संबोधन में कहा गया किभारत की विशाल जनसंख्या और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के चलते पेट्रोकेमिकल उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की आवश्यकता है, जिसमें निवेशकों को दीर्घकालिक ग्रोथ के अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ ही डाउनस्ट्रीम गतिविधियों में भी निवेश के कई नए रास्ते खुल रहे हैं।कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि भारत “रिफॉर्म्स एक्सप्रेस” पर आगे बढ़ रहा है। घरेलू हाइड्रोकार्बन सेक्टर को सशक्त बनाने के साथ-साथ, वैश्विक सहयोग के लिए एक पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। भारत अब केवल ऊर्जा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।भारत ऐसा ऊर्जा इकोसिस्टम विकसित कर रहा है जो देश की घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ किफायती रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्टेशन के ज़रिए वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धी निर्यात को भी संभव बनाएगा।बताया गया कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 500 अरब डॉलर के निवेश अवसर मौजूद हैं। निवेशकों से “मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया, स्केल विद इंडिया और इन्वेस्ट इन इंडिया” के मंत्र के साथ भारत के विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया गया।इंडिया एनर्जी वीक के अवसर पर देश-विदेश से आए निवेशकों और उद्योग जगत को शुभकामनाएँ भी दी गईं।

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उत्तर प्रदेश की झांकी ने कर्तव्य पथ पर बिखेरा विरासत और विकास का अद्भुत संगम

खबर है..नई दिल्लीगणतंत्र दिवस-2026 के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत उत्तर प्रदेश की झांकी ने दर्शकों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार इस झांकी में बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का प्रभावशाली चित्रण देखने को मिला।झांकी के अग्रभाग में कालिंजर दुर्ग और एकमुख लिंग की प्रस्तुति ने प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को जीवंत किया। मध्य भाग में बुंदेलखंड की मृद्भांड कला, मनका शिल्प और ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत पारंपरिक हस्तशिल्प को दर्शाया गया, जिसने आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूती दी।बुंदेली लोकनृत्यों, नीलकंठ महादेव मंदिर और कालिंजर दुर्ग की झलकियों ने झांकी में सांस्कृतिक जीवंतता और पर्यटन की संभावनाओं को उकेरा। अंतिम हिस्से में ब्रह्मोस मिसाइल, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने उत्तर प्रदेश के नए, सशक्त और विकसित स्वरूप को प्रस्तुत किया।विरासत और विकास के संतुलित संगम से सजी यह झांकी गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की गौरवशाली पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रही।

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कर्तव्य पथ पर दिखी सांस्कृतिक विरासत और और समृद्ध शक्ति की झलक

खबर है..नई दिल्लीदेश की राजधानी दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जिसकी थीम ‘स्वतंत्रता के मंत्र– वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि के मंत्र– आत्मनिर्भर भारत’ रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति तथा मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का स्वागत किया।इस वर्ष पहली बार यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता मुख्य अतिथि बने। परेड में सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की 30 झांकियों के माध्यम से भारत की विविधता और आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित किया गया। लगभग 2500 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देशभर से आमंत्रित 10,000 विशेष अतिथियों की भागीदारी रही।एक नई पहल के तहत दर्शक दीर्घाओं के नाम देश की प्रमुख नदियों पर रखे गए। कार्यक्रम को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए ‘माई भारत’ मंच के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समारोह के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।

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यातायात के ‘रक्षक’ बनेंगे युवा परिवहन विभाग ने स्काउट्स और NCC कैडेट्स को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर : दयाशंकर सिंह

खबर है..लखनऊउत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह (01 जनवरी से 31 जनवरी) के अंतर्गत व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर के जिलों एवं संभाग स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।यह जानकारी देते हुए परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन विभाग, एनसीसी, स्काउट्स एंड गाइड्स, सिविल डिफेंस, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं यातायात पुलिस के समन्वय से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को यातायात का ‘रक्षक’ बनाकर समाज में जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। कार्यशालाओं में आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संस्था CIA, डीलर्स एसोसिएशन, स्काउट्स एंड गाइड्स तथा यातायात पुलिस के कार्मिकों को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।सुरक्षित सफर के लिए जरूरी जागरूकतापरिवहन मंत्री ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अवगत कराया गया कि दोपहिया वाहन पर चालक और पीछे बैठी सवारी—दोनों के लिए BIS मानक वाला हेलमेट अनिवार्य है। वहीं, चौपहिया वाहनों में सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना आवश्यक है।उन्होंने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग से बचने, नशे की अवस्था में ड्राइविंग न करने, ओवरस्पीडिंग, रैश ड्राइविंग और स्टंट से परहेज करने की अपील की। कोहरे के मौसम में फॉग लाइट का प्रयोग करने और वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगवाने पर भी विशेष जोर दिया गया।आपकी मदद से बच सकती है घायल की जानकार्यशालाओं में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए उपलब्ध ‘कैशलेस उपचार सुविधा’ एवं ‘राहवीर योजना’ (Good Samaritan Law) की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में आमजन निर्भय होकर समय पर सहायता प्रदान कर सकें और बहुमूल्य जीवन बचाया जा सके।

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राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर बोलीं राष्ट्रपति मतदान मात्र राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदारी का प्रतीक

खबर है..नई दिल्ली भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 25 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि मतदान केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों के विश्वास और भागीदारी का प्रतीक है। राष्ट्रपति ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की लोकतांत्रिक शक्ति मतदाताओं की संख्या के साथ-साथ लोकतांत्रिक चेतना की गहराई में भी निहित है, जिसमें बुज़ुर्ग, दिव्यांग और दूरदराज़ क्षेत्रों के मतदाता भी शामिल हैं। उन्होंने “कोई भी मतदाता पीछे न छूटे” के लक्ष्य के तहत चुनाव आयोग के प्रयासों की सराहना की।इस वर्ष की थीम “मेरा भारत, मेरा वोट: भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में भारतीय नागरिक” को लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त प्रतिबिंब बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि मतदान का अधिकार संविधान में निहित समानता, न्याय और “एक व्यक्ति, एक वोट” के सिद्धांत को साकार करता है।उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे प्रलोभन, गलत सूचना और पूर्वाग्रह से मुक्त होकर अपनी अंतरात्मा के अनुसार मतदान करें। साथ ही, नए युवा मतदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि वे भारत के भविष्य के निर्माता हैं और जिम्मेदारी से मतदान कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।

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मन की बात की 130वीं कड़ी में बोलें मोदी

मतदाता शक्ति, स्टार्टअप, गुणवत्ता और जन-भागीदारी जरूरी खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 130वीं कड़ी के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। यह वर्ष 2026 का पहला ‘मन की बात’ कार्यक्रम था। प्रधानमंत्री ने आगामी गणतंत्र दिवस और राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए संविधान, लोकतंत्र और नागरिक कर्तव्यों की महत्ता पर प्रकाश डाला।प्रधानमंत्री ने कहा कि मतदाता लोकतंत्र की आत्मा होते हैं और 18 वर्ष की आयु में मतदाता बनना किसी भी युवा के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने सुझाव दिया कि पहली बार वोटर बनने को सामाजिक उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए, जिससे मतदान के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो।स्टार्टअप इंडिया के 10 वर्ष, युवाओं को सलामप्रधानमंत्री मोदी ने जनवरी 2016 में शुरू हुई ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल की चर्चा करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। AI, स्पेस, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप्स वैश्विक पहचान बना रहे हैं। उन्होंने नवाचार से जुड़े युवाओं की सराहना की।‘क्वालिटी’ को बनाए भारत की पहचानप्रधानमंत्री ने उद्योग और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘चल जाएगा’ की सोच का युग समाप्त हो चुका है और अब ‘Zero Defect–Zero Effect’ के मंत्र के साथ उत्कृष्टता को मानक बनाना होगा।जन-भागीदारी से बदली तस्वीरप्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनरुद्धार और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जल संरक्षण परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए जन-भागीदारी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से सूखे, प्रदूषण और जल संकट जैसी समस्याओं का समाधान संभव है।भक्ति का नया स्वरूप और सांस्कृतिक चेतनाप्रधानमंत्री ने युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे ‘भजन क्लबिंग’ जैसे सांस्कृतिक प्रयासों की सराहना की, जहां आधुनिक मंच पर भी भक्ति की गरिमा बनी रहती है। उन्होंने विदेशों में बसे भारतीय समुदाय, विशेषकर मलेशिया में भारतीय संस्कृति और भाषाओं के संरक्षण के प्रयासों की भी प्रशंसा की।सामुदायिक जीवन और पारिवारिक मूल्यगुजरात के चंदनकी गांव के सामुदायिक रसोई मॉडल, कश्मीर के अनंतनाग में नशा विरोधी जन आंदोलन और सामाजिक संस्थाओं के सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों को देश की शक्ति बताया।स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षणप्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश, असम, बेंगलुरु और चेन्नई में स्वच्छता से जुड़े अभियानों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत देश में 200 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाने की जानकारी दी।श्रीअन्न (मिलेट्स) से स्वास्थ्य और समृद्धिप्रधानमंत्री ने श्रीअन्न के बढ़ते उपयोग पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार हो रहा है। तमिलनाडु और राजस्थान में महिला किसान समूहों व एफपीओ के प्रयासों को उन्होंने प्रेरणादायक बताया।आगामी कार्यक्रमप्रधानमंत्री ने फरवरी में होने वाले ‘India AI Impact Summit’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सम्मेलन AI के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा।कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और अगले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पुनः संवाद का भरोसा दिलाया।

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