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नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 8 सितंबर 2026 को पश्चिमी समर्पित माल गलियारे (Western Dedicated Freight Corridor–WDFC) के तीन महत्वपूर्ण खंड राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके साथ भारत में समर्पित माल ढुलाई अवसंरचना के विकास के एक महत्वपूर्ण चरण का समापन होगा।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल गलियारे देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की महत्वपूर्ण रीढ़ हैं। इन परियोजनाओं का पूरा होना देश में उच्च क्षमता वाले समर्पित माल परिवहन नेटवर्क के निर्माण की दिशा में वर्षों से किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रमुख बिंदु : पश्चिमी समर्पित माल गलियारे के तीन खंड : सानंद (उत्तर)–मकरपुरा, न्यू उमरगाम–न्यू सफाले न्यू सफाले–जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (JNPT) है। इन तीनों खंडों की कुल लंबाई 326 रूट किलोमीटर है और इनके निर्माण पर ₹20,700 करोड़ से अधिक की लागत आई है।
इन खंडों के पूरा होने के साथ JNPT से दादरी तक पूरा पश्चिमी समर्पित माल गलियारा तैयार हो गया है।
वहीं, पूर्वी दिशा में लुधियाना से सोननगर तक पूर्वी समर्पित माल गलियारा भी पूरा हो चुका है।
रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि 2014 से पहले इस परियोजना पर कोई भौतिक कार्य पूरा नहीं हुआ था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लंबे समय से लंबित चुनौतियों का समाधान करते हुए विभिन्न खंडों से जुड़े मुद्दों को दूर किया गया और परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया गया। प्रधानमंत्री वडोदरा –रतलाम तीसरी और चौथी रेलवे लाइन की आधारशिला भी रखेंगे।
माल परिवहन को मिलेगी नई गति : समर्पित माल गलियारों के पूरा होने से भारत के माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूती मिलेगी। माल ढुलाई के लिए अलग एवं उच्च क्षमता वाली रेल अवसंरचना उपलब्ध होने से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, परिवहन अधिक कुशल होगा और देशभर में वस्तुओं की तेज एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
मोदी 8 सितंबर को करेंगे पश्चिमी समर्पित माल गलियारे के खंड राष्ट्र को समर्पित
