बीएलओ भारत के लोकतंत्र के आधारभूत स्तंभ : सीईसी ज्ञानेश कुमार

उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक बीएलओ और 30 बीएलओ पर्यवेक्षकों ने बातचीत में भाग लिया

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लखनऊ
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ बातचीत की। राज्य के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक बीएलओ और 30 बीएलओ पर्यवेक्षकों ने बातचीत में भाग लिया।
अपने उद्घाटन भाषण में, सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का आधारभूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि भारत में मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने का काम भारत के संविधान, कानून और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सख्ती से किया जाता है।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बीएलओ चुनावी प्रक्रियाओं के विश्वास और पारदर्शिता के भंडार हैं और वे नागरिकों के साथ भारत निर्वाचन आयोग का पहला इंटरफेस हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे उत्तर प्रदेश के बीएलओ ने मतदाता सूची तैयार करने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस वर्ष अप्रैल में राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा होने के बाद, उत्तर प्रदेश में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 13.39 करोड़ से अधिक मतदाताओं को शामिल किया गया था। यह कार्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के माध्‍यम से नियुक्त 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) द्वारा समवर्ती लेखा परीक्षा के साथ 1.77 लाख बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) द्वारा किया गया था। बैठक के हिस्से के रूप में बीएलओ ने सीईसी के साथ सवाल-जवाब सत्र भी किया। बीएलओ को बातचीत के माध्यम से सीधे अपनी शंकाओं को स्पष्ट करने का अवसर मिला।

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