भारत टेक्स 2026 कल से: दुनिया के सबसे बड़े वैश्विक वस्त्र आयोजन की मेजबानी के लिए तैयार भारत

खबर है..नई दिल्लीभारत मंडपम में 14 से 17 जुलाई तक आयोजित होने वाला भारत टेक्स 2026 देश की संपूर्ण वस्त्र एवं परिधान उद्योग की क्षमता, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व को प्रदर्शित करेगा। वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस चार दिवसीय आयोजन में भारत की पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन—फाइबर, यार्न, फैब्रिक, परिधान, फैशन, होम टेक्सटाइल्स, टेक्निकल टेक्सटाइल्स और सहायक उद्योग—एक ही मंच पर दिखाई देंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5F विज़न—Farm to Fibre, Fibre to Factory, Factory to Fashion और Fashion to Foreign—से प्रेरित यह आयोजन व्यापार, निवेश, वैश्विक सोर्सिंग, नवाचार और रणनीतिक साझेदारियों का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है।इस वर्ष भारत टेक्स 2026 में 1,600 से अधिक प्रदर्शक, 7,000 से ज्यादा वैश्विक खरीदार, 1.30 लाख से अधिक व्यापारिक आगंतुक और 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। आयोजन में 20,000 से अधिक वस्त्र उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे, जबकि प्रदर्शनी का क्षेत्रफल 16 लाख वर्गफुट से अधिक होगा।आयोजन के दौरान 4,000 से अधिक B2B बैठकें, 100 से अधिक B2G बैठकें और 30 से अधिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इन समझौतों का उद्देश्य व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, स्थिरता और वैश्विक बाजार तक पहुंच को मजबूत करना है।भारत टेक्स 2026 में 100 से अधिक ज्ञान सत्र आयोजित होंगे, जिनमें 39 पैनल चर्चाएं, 16 राउंडटेबल, 37 मास्टरक्लास और 8 राज्य सत्र शामिल हैं। इनमें व्यापार एवं निवेश, इंडस्ट्री 5.0, टेक्निकल टेक्सटाइल्स, सतत विकास, फैशन, नीति निर्माण और MSMEs की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक और तमिलनाडु सहित कई राज्य निवेश और औद्योगिक अवसरों को प्रदर्शित करेंगे। वहीं अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, स्पेन, पुर्तगाल, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और नेपाल सहित 14 देशों के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक भी आयोजन में भाग लेंगे। संयुक्त राष्ट्र (UN) और यूरोपीय संघ (EU) का संस्थागत प्रतिनिधित्व भी रहेगा।प्रतिभागियों की सुविधा के लिए विकसित भारत टेक्स 2026 मोबाइल ऐप और डिजिटल बिजनेस प्लेटफॉर्म के माध्यम से AI आधारित सहायता, डिजिटल बैज, QR आधारित लीड कैप्चर और खरीदार-विक्रेता के बीच पूर्व-निर्धारित बिजनेस मैचमेकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।भारत टेक्स 2026 को भारत के वस्त्र उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच माना जा रहा है, जो व्यापार और निवेश के नए अवसरों के साथ-साथ भारत को वैश्विक वस्त्र मूल्य श्रृंखला में एक विश्वसनीय और अग्रणी साझेदार के रूप में और मजबूत करेगा।

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वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 में लगाए गए 3600 पौधे

— आरटीओ और एडीटीआई परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए पौधे— पौधारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने का है संकल्प : रोडवेज एएमडी— पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता : डीटीसी खबर है..लखनऊप्रदेशव्यापी वृहद वृक्षारोपण अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत रविवार को लखनऊ के संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) परिसर के साथ ही एडीटीआई एवं डिटेंशन सेंटर, सुल्तानपुर रोड पर भी व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया। इस दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया। एडीटीआई के काकोरी एवं डिटेंशन सेंटर, सुल्तानपुर रोड परिसर में कुल 3600 पौधे रोपे गए।इस अवसर पर रोडवेज के एएमडी विपिन मिश्रा ने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक पौधे को वृक्ष बनाने का संकल्प ही इस अभियान की वास्तविक सफलता होगी।परिवहन विभाग के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ( डीटीसी ) राधेश्याम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे तो प्रदेश को हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।एआरटीओ (प्रशासन/प्रवर्तन) प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो प्रदेश को हरित और स्वच्छ बनाने का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना जितना जरूरी है, उनकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है।कार्यक्रम में आरटीओ प्रवर्तन, प्रभात पाण्डेय, आरएम लखनऊ विमल राजन, एआरएम कैसरबाग, एआरएम आलमबाग, एआरएम अवध डिपो, एआरएम चारबाग, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) प्रशांत कुमार, विष्णु कुमार, प्रदीप कुमार यादव सहित संभागीय परिवहन कार्यालय लखनऊ के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया।

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दिल्ली हाट में ‘वीव द फ्यूचर 4.0’ का आयोजन, वस्त्र अपशिष्ट नवाचार चुनौती होगी लॉन्च

खबर है..नई दिल्लीवस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय की ओर से 12 से 17 जुलाई 2026 तक दिल्ली हाट में ‘वीव द फ्यूचर 4.0 – अपसाइक्लिंग एडिशन’ का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह 13 जुलाई को कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।इस अवसर पर मंत्रालय ‘व्हाट इज़ इट मेड ऑफ़?’ राष्ट्रीय वस्त्र अपशिष्ट नवाचार चुनौती भी शुरू करेगा। इसका उद्देश्य वस्त्र अपशिष्ट के पुनर्चक्रण, अपसाइक्लिंग और चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले नवाचारी एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करना है। प्रतियोगिता में 16 से 45 वर्ष आयु वर्ग के छात्र, कारीगर, बुनकर, डिजाइनर, शोधकर्ता, उद्यमी और नवप्रवर्तक भाग ले सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 है।भारत में हर वर्ष लगभग 70.73 लाख टन वस्त्र अपशिष्ट उत्पन्न होता है। मंत्रालय का मानना है कि नवाचार, पारंपरिक शिल्प और चक्रीय डिजाइन के माध्यम से इस अपशिष्ट को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्य में बदला जा सकता है, जिससे हरित रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।‘वीव द फ्यूचर 4.0’ में 100 से अधिक ब्रांड, पुनर्चक्रणकर्ता, कारीगर, स्वयं सहायता समूह, मरम्मत विशेषज्ञ और सामग्री नवप्रवर्तक भाग लेंगे। प्रदर्शनी में अपसाइक्लिंग, पुनर्चक्रण, मरम्मत, पुनः उपयोग और चक्रीय डिजाइन के नवीन मॉडलों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो टिकाऊ उत्पादन और जिम्मेदार उपभोग को बढ़ावा देंगे।

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विकसित भारत 2047 के निर्माण में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर उद्योग जगत से संवाद

खबर है..हैदराबादकेंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के साथ हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (HICC) में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से “विकसित भारत 2047 के निर्माण में प्रौद्योगिकी की भूमिका” विषय पर संवाद किया।बैठक को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वैश्विक आईटी उद्योग को तेजी से बदल रहा है। ऐसे में निरंतर सीखने, नवाचार और नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने उद्योग जगत से अगली पीढ़ी की तकनीकों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देश में कंप्यूट क्षमता (Compute Capacity) बढ़ाने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने उद्योगों से शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी कर पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने की अपील की।उद्योग प्रतिनिधियों ने भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में सेक्टर-विशिष्ट डेटा ट्रस्ट स्थापित करने का सुझाव दिया। इस पर सहमति जताते हुए मंत्री ने कहा कि आईआईटी हैदराबाद में पायलट परियोजना शुरू की जा सकती है, जहां सुरक्षित भारतीय डेटा सेट उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि स्टार्टअप, शोधकर्ता और उद्योग जिम्मेदारी के साथ उनका उपयोग कर सकें।अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश के 315 विश्वविद्यालयों को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल्स से लैस किया गया है। इनकी मदद से छात्र उद्योग मानकों के अनुरूप सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन कर रहे हैं, जिनका निर्माण सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (SCL), मोहाली में किया जाता है। इससे छात्रों को डिजाइन से लेकर परीक्षण तक का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।उन्होंने कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र 13 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन का आंकड़ा पार कर चुका है और लगातार दोहरे अंक की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से आगे बढ़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बन चुका है, जबकि मोबाइल फोन देश का सबसे बड़ा एकल निर्यात उत्पाद बन गया है।बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डिजिटल अवसंरचना और उभरती प्रौद्योगिकियों पर अपने सुझाव साझा किए। चर्चा का मुख्य उद्देश्य सरकार और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत कर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति देना रहा।

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जल्द लॉन्च होगा IRCTC की वेबसाइट का बीटा संस्करण, टिकट बुकिंग होगी पहले से आसान

खबर है..जयपुरभारतीय रेलवे जल्द ही IRCTC की नई और आधुनिक वेबसाइट का बीटा संस्करण लॉन्च करने जा रही है। शुक्रवार को IRCTC और CRIS के अधिकारियों ने Malaviya National Institute of Technology Jaipur के छात्रों को वेबसाइट का बीटा संस्करण दिखाया और लॉन्च से पहले उनके सुझाव लिए।कुछ सप्ताह पहले MNIT के छात्रों ने मौजूदा IRCTC वेबसाइट की कमियों की ओर ध्यान दिलाया था। रेलवे ने उन सुझावों के आधार पर वेबसाइट में कई बड़े बदलाव किए हैं। फिलहाल नई वेबसाइट को भारतीय रेलवे के Passenger Reservation System (PRS) के साथ एकीकृत किया जा रहा है। नया आरक्षण इंजन भी समानांतर रूप से विकसित हो रहा है, इसलिए पूरी तरह कार्यशील नया पोर्टल अगले कुछ महीनों में उपलब्ध होगा।बीटा संस्करण की चार प्रमुख विशेषताएं:अनावश्यक कैप्चा, पॉप-अप और चमकदार ग्राफिक्स हटाए गए।सभी श्रेणियों में सीट उपलब्धता एक साथ दिखाई देगी।टिकट बुकिंग के लिए कम चरणों में तेज़ चेकआउट।बार-बार यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सेव किए गए यात्री विवरण की सुविधा।रेलवे ने बताया कि चार दशक पुराने Passenger Reservation Engine का भी व्यापक आधुनिकीकरण किया जा रहा है। यह कार्य रेलवे सेवाओं को बिना बाधित किए किया गया है और नया आरक्षण इंजन जल्द शुरू किया जाएगा।इस बीच RailOne ऐप 4 करोड़ डाउनलोड का आंकड़ा पार कर देश का सबसे बड़ा रेलवे टिकट बुकिंग ऐप बन गया है। इस ऐप पर रेलवे की विभिन्न सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं।रेलवे ने यह भी कहा कि तत्काल टिकट बुकिंग में बॉट्स पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन इस दिशा में प्रयास लगातार जारी रहेंगे।रेलवे अधिकारियों ने MNIT के छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सुझावों को गंभीरता से लिया गया और उन्हें नई वेबसाइट के विकास में शामिल किया गया।

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हथकरघा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देगा ‘हैंडलूम हैकाथॉन 2026’, 20 जुलाई तक करें आवेदन

नई दिल्लीवस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय ने ‘हैंडलूम हैकाथॉन 2026 – बुनाई नवाचार’ नामक राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी, डिजाइन, उद्यमिता और टिकाऊ समाधानों के माध्यम से भारत के हथकरघा क्षेत्र को अधिक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और सशक्त बनाना है। यह पहल राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित की जा रही है।हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले 1 अगस्त 2026 को एफआईटीटी, आईआईटी दिल्ली में होगा, जहां चयनित टीमें विशेषज्ञ जूरी के सामने अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगी।विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता को भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा से जोड़ना है। इससे बुनकरों, छात्रों, डिजाइनरों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप और उद्यमियों को मिलकर व्यावहारिक एवं विस्तार योग्य समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।हैकाथॉन में उत्पाद एवं डिजाइन नवाचार, डिजिटल तकनीक, बाजार पहुंच, ब्रांडिंग, आपूर्ति श्रृंखला, उत्पादकता, व्यवसाय विकास, स्थिरता और सामाजिक प्रभाव जैसे विषयों पर समाधान आमंत्रित किए गए हैं।प्रतियोगिता में वस्त्र, फैशन, डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी के छात्र, हथकरघा बुनकर, कारीगर, शोधकर्ता, स्टार्टअप, उद्यमी और नवप्रवर्तक भाग ले सकते हैं।ऑनलाइन पंजीकरण 20 जुलाई 2026 तक खुले हैं। इस पहल का उद्देश्य ऐसे नवाचारों की पहचान और संवर्धन करना है, जो भारतीय हथकरघा क्षेत्र के आधुनिकीकरण, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और दीर्घकालिक सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

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पीएम-सेतु के तहत देशभर में आईटीआई उन्नयन को मिली रफ्तार

₹1,237.58 करोड़ के निवेश को मंजूरी खबर है..नई दिल्लीकौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की सचिव देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में आयोजित पीएम-सेतु (Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs) की चौथी राष्ट्रीय संचालन समिति (NSC) की बैठक में देशभर के 200 आईटीआई क्लस्टरों में योजना के राष्ट्रव्यापी विस्तार को मंजूरी दी गई।बैठक में उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) को जोड़ने और योजना के क्रियान्वयन को सरल बनाने के कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।₹1,237.58 करोड़ के रणनीतिक निवेश को मंजूरी:समिति ने ओडिशा, गुजरात और तेलंगाना के पांच आईटीआई क्लस्टरों के लिए कुल ₹1,237.58 करोड़ के रणनीतिक निवेश (Strategic Investment Plans) को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं में प्रमुख उद्योग साझेदार (Anchor Industry Partner) के रूप में जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड, आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया, अपोलो मेड-स्किल्स, श्री सिद्धार्थ इन्फ्राटेक एंड सर्विसेज तथा न्यूलैंड फाउंडेशन शामिल हैं।राज्यवार प्रमुख परियोजनाएं :ओडिशा:सरकारी आईटीआई बारबिल को हब तथा आनंदपुर, कोईरा, करंजिया और बरकोट आईटीआई को स्पोक के रूप में विकसित किया जाएगा। एंकर इंडस्ट्री पार्टनर जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड होगा, जिसके तहत ₹240.21 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।गुजरात:सरकारी आईटीआई सूरत हब होगा, जबकि हजीरा, बारडोली, सचिन और महिला आईटीआई सूरत स्पोक के रूप में शामिल होंगे। आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया ₹240.18 करोड़ का निवेश करेगी।तेलंगाना:सरकारी आईटीआई ओल्ड सिटी क्लस्टर में अपोलो मेड-स्किल्स लिमिटेड द्वारा ₹241.01 करोड़ का निवेश किया जाएगा।सरकारी आईटीआई पटानचेरू क्लस्टर में सिद्धार्थ इन्फ्राटेक एंड सर्विसेज (आई) प्रा. लि. ₹275.24 करोड़ का निवेश करेगी।सरकारी आईटीआई संगारेड्डी क्लस्टर में न्यूलैंड फाउंडेशन ₹240.94 करोड़ का निवेश करेगी।इन निवेश योजनाओं के माध्यम से उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप आईटीआई का आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास तथा युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

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कृति कोरापुट कॉफी और पुरी–कोरापुट एक्सप्रेस: जनजातीय विकास को मिलेगी नई उड़ान

खबर है..भुवनेश्वरकृति कोरापुट कॉफी केवल एक प्रीमियम क्षेत्रीय उत्पाद नहीं, बल्कि जनजातीय उद्यमिता, सतत कृषि और बेहतर संपर्क व्यवस्था का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। पूर्वी घाट की पहाड़ियों में जनजातीय किसानों द्वारा पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों से उगाई जाने वाली शेड-ग्रोन अरेबिका कॉफी अपने विशिष्ट चॉकलेट और मेवेदार स्वाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी है।यह पहल हजारों जनजातीय किसानों और महिलाओं के लिए आजीविका का मजबूत माध्यम बनी है। खेती, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन से जुड़कर वे स्थायी आय अर्जित कर रहे हैं, वहीं क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।इसी क्रम में पुरी–कोरापुट एक्सप्रेस का शुभारंभ क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है। बेहतर रेल संपर्क से कोरापुट का जुड़ाव राज्य के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों से मजबूत होगा, जिससे स्थानीय उत्पादों, विशेषकर कृति कोरापुट कॉफी, को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और जनजातीय समुदायों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित होंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि कृति कोरापुट कॉफी और पुरी–कोरापुट एक्सप्रेस, दोनों मिलकर समावेशी विकास के उस मॉडल को मजबूत करेंगे, जिसमें आधुनिक बुनियादी ढांचा स्थानीय उद्यमों को सशक्त बनाते हुए ओडिशा के जनजातीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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कौशल विकास मंत्रालय ने ‘नवाचार मंत्र’ पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक बढ़ाई

खबर है..नई दिल्लीदेश भर के नवाचारकर्ताओं और उद्यमियों की बढ़ती रुचि को देखते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने अपने प्रमुख राष्ट्रीय इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म ‘नवाचार मंत्र’ के पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई 2026 कर दी है। इस निर्णय से अधिक से अधिक छात्र, स्टार्टअप, पेशेवर और जमीनी स्तर के नवाचारकर्ता अपने व्यावसायिक विचारों को मंच पर प्रस्तुत कर सकेंगे।अब तक नवाचार मंत्र के आधिकारिक पोर्टल पर हजारों प्रतिभागी पंजीकरण करा चुके हैं। मंत्रालय को उम्मीद है कि समय-सीमा बढ़ने से देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से और अधिक अभिनव विचार सामने आएंगे।यह पहल राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसबीयूडी) द्वारा संचालित की जा रही है, जबकि आईआईटी दिल्ली का फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी) इसका नॉलेज पार्टनर है।नवाचार मंत्र के माध्यम से चयनित प्रतिभागियों को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, मेंटरशिप, इनक्यूबेशन सपोर्ट, उद्योग से जुड़ने के अवसर, निवेशकों तक पहुंच और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उनके नवाचारों को सफल एवं टिकाऊ उद्यमों में बदला जा सके।मंत्रालय का कहना है कि यह पहल नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने, रोजगार सृजित करने वाले उद्यमियों को तैयार करने और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्रालय ने छात्रों, स्टार्टअप्स, पेशेवरों और आकांक्षी उद्यमियों से 15 जुलाई 2026 तक पंजीकरण कर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।

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मोदी राजस्थान और गुजरात में दें गया 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात

खबर है..नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान और गुजरात के दौरे पर ऊर्जा, परिवहन, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा और सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़ी 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।राजस्थान में प्रधानमंत्री 79,450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित 9 एमएमटीपीए क्षमता वाले रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला रखेंगे। वे लगभग 900 करोड़ रुपये की रेल दोहरीकरण परियोजनाओं, 740 करोड़ रुपये की जोधपुर रिंग रोड परियोजना तथा बीकानेर की 1,300 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं का भी लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा, राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित 54,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे।गुजरात के साणंद में प्रधानमंत्री 7,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से स्थापित सीजी सेमी ओएसएटी (सेमीकंडक्टर असेंबली एवं टेस्ट) संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। यह संयंत्र प्रतिवर्ष 5 अरब सेमीकंडक्टर चिप्स के उत्पादन की क्षमता रखेगा और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इन परियोजनाओं से ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास, आधुनिक परिवहन, रोजगार सृजन और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को नई मजबूती मिलेगी।

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