अगस्त से बदली मिलेगी रेल यात्री आरक्षण प्रणाली

अपग्रेडेड यात्री आरक्षण प्रणाली में अगस्त से रेल गाड़ियों की होगी शिफ्टिंग40 वर्ष पुरानी इस प्रणाली से अपग्रेडेड सिस्टम पर होगी गाड़ियों की शिफ्टिंगयात्रियों को परेशानी न हो इसलिए रेल मंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश खबर है..नई दिल्लीरेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेल भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में 40 साल पुरानी आरक्षण प्रणाली में अपग्रेडेड सिस्टम पर गाड़ियों की शिफ्टिंग होते समय यात्रियों को परेशानी न हो इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिए । इस बैठक में रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू भी उपस्थित थे।1986 में शुरू हुई इस प्रणाली में पिछले 40 साल में कई छोटे बदलाव किए गए । लेकिन अब इसमें आमूलचूल परिवर्तन किया गया है । अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इसके क्षमता का विस्तार किया गया है । रेल आरक्षण प्रणाली ने कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखें है I वर्ष 2002 में भारतीय रेलवे ने ticketing में internet का प्रयोग शुरू किया। आज ये प्रणाली इतनी लोकप्रिय है कि देश की ज्यादातर आबादी खिड़की की ओर रुख नहीं करती। देश में आज जितनी भी ticketing की माँग है उसका बड़ा हिस्सा (~88%) online माध्यम से होता है।भारतीय रेल का मोबाइल ऐप रेलवन यात्रियों के बीच बड़ी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रेलवन ऐप की शुरुआत पिछले साल जुलाई में हुई थी। एक साल से कम समय में ही देशभर में अब तक 3.5 करोड़ डाउनलोड हो चुके हैं।इस ऐप के लोकप्रिय होने के कई कारणों में से सबसे बड़ा कारण यह है कि यह ऐप देश के आम आदमी को रेल संबंधी सभी जानकारियाँ तो देता ही है, टिकटिंग तथा अन्य सेवाओं से जुड़ी उनकी शिकायतों का भी निपटारा करता है। आज जब आप अपनी टिकट बनाते हैं, तो रेलवन ऐप आपको यह बताता है कि आपकी वेटिंग में दिख रही टिकट कन्फर्म होगी या नहीं। टिकट के कन्फर्म होने की सटीक संभावना भी अब आपको एआई के माध्यम से रेलवन ऐप बताने लगा है। यह नई सुविधा इस साल की शुरुआत से ही लागू की गई है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। रेलवन ऐप पर वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने के अनुमान की सटीकता पहले के 53 प्रतिशत से बढ़कर अब 94 प्रतिशत तक पहुँच गई है।रेलवन ऐप में इस तरह की कई एकीकृत एवं आधुनिक सुविधाएँ हैं, जो रेल संबंधी अन्य सभी सेवाओं को भी अपने में समाहित किए हुए हैं। जैसे – आरक्षित, अनारक्षित तथा प्लेटफॉर्म आदि विभिन्न प्रकार के टिकटों की बुकिंग, रद्दीकरण तथा रिफंड।इस के साथ साथ आपके हमारे मौजूदा टिकट की वेटिंग status की ताजा स्थिति, ट्रेन के आने जाने का समय, ट्रेन की मौजूदा स्थिति, ट्रेन के आने-जाने का platform, आप के coach की position, रेल मदद जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ रेलवन (RailOne) app पे हैं। अपनी यात्रा के दौरान आप अपना food भी रेलवन (RailOne) app पर order कर सकते हैं। App आपको ये विकल्प देता है कि आप की seat तक आपका मनपसंद खाना पहुंच सके। आरामदायक व सेवापरक सुविधाओं से लैस यह रेलवन (RailOne) app तेजी से लोकप्रिय हो रहा है ।इसके साथ-साथ आपके मौजूदा टिकट की वेटिंग स्थिति की ताज़ा जानकारी, ट्रेन के आने-जाने का समय, ट्रेन की वर्तमान स्थिति, ट्रेन के आने-जाने का प्लेटफॉर्म, आपके कोच की स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी रेलवन ऐप पर उपलब्ध हैं। अपनी यात्रा के दौरान आप रेलवन ऐप पर भोजन भी ऑर्डर कर सकते हैं। यह ऐप आपको यह सुविधा देता है कि आपकी सीट तक आपका मनपसंद खाना पहुँच सके। आरामदायक एवं सेवापरक सुविधाओं से लैस यह रेलवन ऐप तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।रोज़ाना इस app के माध्यम से देश भर में 9.29 लाख टिकिटे book हो रही हैं। इसमें 7.2 लाख टिकटें अनारक्षित तथा अन्य 2.09 लाख आरक्षित टिकटें हैं। अनारक्षित टिकटों में platform टिकट भी शामिल है। Android तथा IOS पर रेलवन (RailOne) app को लोग काफी पसंद कर रहे है। जहाँ 3 करोड़ 16 लाख लोगो ने इसे गूगल प्लेस्टोर से अब तक डाउनलोड किया है, वहीं 33.17 लाख लोगो ने इसे ऐपल phones में डाउनलोड किया है।देश में यात्रियों के लिए भारतीय रेल एक जीवन रेखा है – भारतीय रेल ने 2024-25 में यात्रियों के टिकटों पर 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी। यह रेलवे पर यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 43% की छूट के बराबर है। दूसरे शब्दों में, यदि सेवा प्रदान करने की लागत 100 रुपये है, तो टिकट की कीमत केवल 57 रुपये है।

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सात ज्योर्तिलिंग एवं दक्षिण भारत की करें यात्रा

खबर है.. लखनऊ भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने गर्मी की छुट्टियों को लेकर भारत गौरव पर्यटक ट्रेनों को चलाने का निर्णय लिया है। सैलानियों को सात ज्योर्तिलिंग के दर्शन और दक्षिण भारत की यात्रा के लिए आईआरसीटीसी ने टूर पैकेज लॉन्च किया है। दो भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के जरिए मुसाफिरों को सैर कराया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए आईआरसीटीसी ने LTC और EMI की भी सुविधा दी है ताकि अधिक से अधिक लोग यात्रा का लाभ उठा सके। भारत गौरव पर्यटक ट्रेनों में ‘पहले आओ- पहले पाओ’ के आधार पर बुकिंग की जाएगी । यह जानकारी बुधवार को आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक (CRM) अजीत कुमार सिन्हा ने संवाददाताओं को दी।आईआरसीटीसी के पर्यटन भवन गोमती नगर स्थित कार्यालय में पत्रकार वार्ता में श्री सिन्हा ने बताया कि भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से 12 से 28 जून के बीच 11 रात एवं 12 दिन की यात्रा के दौरान 7 ज्योतिर्लिंग की यात्रा होगी। इस दौरान पर्यटकों को भारत गौरव पर्यटक ट्रेन से उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर व ओंमकारेश्वर, गुजरात में द्वारकाधीश, भेंट द्वारिका, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, सिग्नेचर ब्रिज, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, नासिक में त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, पंचवटी, कालाराम मंदिर, भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, संभाजी नगर में घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग एवं स्थानीय मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि भारत गौरव पर्यटक ट्रेन में स्लीपर श्रेणी में 24100/- प्रति व्यक्ति, थर्ड एसी में 40880/- प्रति व्यक्ति और सेकंड एसी में 54300/- प्रति व्यक्ति किराए का निर्धारण किया गया है। 7 ज्योतिर्लिंग यात्रा के लिए यहां से कर सकेंगे सफर: आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि भारत गौरव ट्रेन में योग नगरी ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, लखनऊ, कानपुर, उरई, वीरांगना लक्ष्मीबाई और ललितपुर रेलवे स्टेशन से पर्यटक सफर कर सकते हैं।आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक श्री सिन्हा ने बताया कि दूसरी भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन दक्षिण भारत की यात्रा के लिए 29 जून से 10 जुलाई के बीच किया जाएगा। 11 रात एवं 12 दिन के इस यात्रा के दौरान तिरुपति बालाजी मंदिर (तिरुपति), रामनाथ स्वामी मंदिर (रामेश्वरम), मीनाक्षी मंदिर (मदुरै), स्थानीय दर्शन (कन्याकुमारी) , मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (मरकापुर) का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्लीपर श्रेणी में 24350/_ , थर्ड एसी में 41800/- और सेकंड एसी में 55750/- प्रति व्यक्ति किराए का निर्धारण किया गया है। इस भारत गौरव ट्रेन में पर्यटक योग नगरी ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज और मानिकपुर से सफर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा की बुकिंग आईआरसीटीसी कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की बेवसाइट www.irctctourism.com से आनलाइन भी कराई जा सकती है। प्रेसवार्ता के दौरान उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) समर्थ गुप्ता भी मौजूद रहे।पर्यटक हेल्पलाइन नंबरों से भी ले सकते हैं जानकारी : भारत पर्यटक ट्रेनों में बुकिंग के लिए पर्यटक हेल्पलाइन नंबर 923639 1908, 82879 30908, 82879 301 99, 9717 649 141, 73028 21864, 9415 042930, 9305111764, 82879 30913 और 8595 924 294 से कर सकते हैं।

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मंत्रिमंडल ने दी आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी

2,55,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण प्रवाह में से, पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए एयरलाइंस के लिए 5,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए खबर है..नई दिल्लीएटीएफ की कीमतों में तीव्र वृद्धि के कारण एयरलाइंस को हो रहे वित्तीय संकट को देखते हुए, साथ ही हवाई क्षेत्र बंद होने और परिचालन में कमी, विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर, जिसके परिणामस्वरूप विमानों का उपयोग कम हो रहा है और नकदी की कमी हो रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय एयरलाइंस को लक्षित ऋण सहायता प्रदान करने के लिए ईसीएलजीएस 5.0 योजना को मंजूरी दी है।इस योजना का उद्देश्य नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) द्वारा सदस्य ऋण संस्थानों (एमएलआई) को एमएसएमई के लिए 100% और गैर-एमएसएमई के साथ-साथ एयरलाइन क्षेत्र के लिए 90% क्रेडिट गारंटी कवरेज प्रदान करना है। यह गारंटी पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर, पात्र उधारकर्ताओं को दी गई अतिरिक्त क्रेडिट सुविधा के तहत डिफ़ॉल्ट राशि के लिए है, ताकि वे अल्पकालिक तरलता असंतुलन से निपट सकें।विमानन क्षेत्र के लिए, इस योजना में विशेष रूप से एयरलाइंस के लिए ₹5,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह योजना संरचित वित्तीय राहत प्रदान करती है, जिसमें प्रति उधारकर्ता अधिकतम ₹1,000 करोड़ की ऋण सीमा है, और उधारकर्ता द्वारा समतुल्य इक्विटी निवेश के अधीन अतिरिक्त ₹500 करोड़ की राशि भी दी जा सकती है। ऋण की अवधि 7 वर्ष तक होगी, जिसमें पुनर्भुगतान पर 2 वर्ष की मोहलत शामिल है, जिससे अल्पकालिक तरलता दबाव कम होगा।ईसीएलजीएस 5.0 की शुरुआत का उद्देश्य मौजूदा चुनौतीपूर्ण दौर में लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और एयरलाइनों को अतिरिक्त ऋण सहायता प्रदान करना है। 7 साल की लंबी ऋण अवधि, साथ ही ब्याज के 50% तक को वित्तपोषित ब्याज सावधि ऋण (एफआईटीएल) में परिवर्तित करने का विकल्प, तत्काल पुनर्भुगतान के दबाव को कम करने और नकदी प्रवाह और तरलता में सुधार करने की उम्मीद है।इस घोषणा पर मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में, भारत की विमानन विकास गाथा आज वैश्विक स्तर पर सुधारों, लचीलेपन और पुनरुत्थान की नींव पर निर्मित एक सफल गाथा के रूप में उभर रही है। और वर्तमान अनिश्चित और अभूतपूर्व परिस्थितियों में, जब दुनिया भर की एयरलाइंस संचालन संबंधी चुनौतियों से जूझ रही हैं, भारतीय एयरलाइंस समय पर उठाए गए कदमों के समर्थन से स्थिर बनी हुई हैं—चाहे वह वैश्विक वृद्धि के बीच एटीएफ कीमतों को नियंत्रित करना हो, हवाई अड्डों पर लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में कमी करना हो—और अब सरकार द्वारा एक साहसिक निर्णय लिया गया है। आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 को मंजूरी देकर, एयरलाइनें अल्पकालिक तरलता चुनौतियों से निपटने और वैश्विक व्यवधानों के बीच निर्बाध परिचालन बनाए रखने में सक्षम होंगी। यह रोजगार की सुरक्षा, कनेक्टिविटी को बनाए रखने और विमानन पारिस्थितिकी तंत्र में लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए मजबूत वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, साथ ही एमएसएमई का भी सहायता करेगा।” इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में उपयोग की गई अधिकतम कार्यशील पूंजी के 20% तक अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपये है। एयरलाइंस के लिए यह ऋण 100% तक होगा, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति उधारकर्ता 1,500 करोड़ रुपये है, बशर्ते कुछ विशिष्ट शर्तें पूरी हों। गारंटी कवर की अधिकतम अवधि ऋण की अवधि के साथ समाप्त होगी। यह योजना एनसीजीटीसी द्वारा इन दिशानिर्देशों के जारी होने की तिथि से 31.03.2027 तक स्वीकृत सभी ऋणों पर लागू होगी। यह योजना विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों, विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और परिचालन संबंधी बाधाओं के प्रभाव को कम करने में भी सहायक होगी, जो एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति को लगातार प्रभावित कर रही हैं। सरकारी गारंटी द्वारा समर्थित ऋण तक पहुंच को सक्षम बनाकर, यह ऋणदाताओं का विश्वास बढ़ाएगी, क्षेत्र में ऋण प्रवाह में सुधार करेगी और परिचालन स्थिरता को बढ़ावा देगी। इससे रोजगार को बनाए रखने, क्षेत्र की क्षमता को संरक्षित करने और यात्रियों पर बढ़ी हुई लागत के बोझ को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है, जिससे भारत के विमानन क्षेत्र की निरंतर वृद्धि और मजबूती को समर्थन मिलेगा।

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सेमीकंडक्टर निर्माण की दो इकाइयों को मंत्रिमंडल की मंजूरी

इन दोनों इकाइयों के निर्माण पर 3,900 करोड़ रुपये से अधिक के होंगे निवेश कंपाउंड सेमीकंडक्टर आधारित मिनी/माइक्रो एलईडी डिस्प्ले विनिर्माण में भारत के आगे बढ़ने से रफ्तार और तेज हुई खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत दो और सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिसमें जीएएन (गैलियम नाइट्राइड) तकनीक पर आधारित देश की पहली व्यावसायिक मिनी/माइक्रो- एलईडी डिस्प्ले सुविधा और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग सुविधा शामिल हैं।मंज़ूर किए गए दो प्रस्तावों से गुजरात में लगभग 3,936 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएंगी और इनसे कुशल पेशेवारों के लिए कुल 2,230 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।दोनों अनुमोदित प्रस्तावों के अनुसार क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड (सीएमएल) मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले मॉड्यूल्स के निर्माण के लिए धोलेरा, गुजरात में कंपाउंड सेमीकंडक्टर निर्माण और एटीएमपी के लिए एक एकीकृत सुविधा केंद्र स्थापित करेगा। एकीकृत सुविधा केंद्र जीएएन फाउंड्री सेवाएँ भी प्रदान करेगा, जिसमें 6” वेफर्स पर एपिटेक्सी शामिल है। मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले पैनलों की प्रस्तावित वार्षिक उत्पादन क्षमता 72,000 वर्ग मीटर है, और मिनी-माइक्रो-एलईडी जीएएन एपिटेक्सी वेफर्स के लिए 24,000 आरजीबी वेफर्स सेट हैं। प्रस्तावित उत्पादों का उपयोग टीवी और साइनेज/कमर्शियल डिस्प्ले के लिए बड़े डिस्प्ले में, टैबलेट्स, स्मार्टफोन और कार डिस्प्ले के लिए मध्यम आकार के डिस्प्ले में और एक्सटेंडेड रियलिटी (एक्सआर) ग्लास और स्मार्ट वॉच के लिए माइक्रो-डिस्प्ले में किया जाएगा।सूचि सेमिकॉन प्राइवेट लिमिटेड (एसएसपीएल) गुजरात के सूरत में एक आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा स्थापित करेगी जो अलग-अलग सेमीकंडक्टर का उत्पादन करेगी। सूचि सेमिकॉन की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता प्रति वर्ष 1033.20 मिलियन चिप्स है। लक्षित अनुप्रयोगों में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एनालॉग आईसी, और औद्योगिक प्रणालियाँ शामिल हैं, जो वाहन, औद्योगिक स्वचालन और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अंतिम बाजारों को सेवा प्रदान करेंगी।इन दोनों अनुमोदनों के साथ देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा क्योंकि भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत कुल अनुमोदित परियोजनाओं की संख्या 12 तक पहुँच जाएगी, जिनका कुल निवेश लगभग 1.64 लाख करोड़ रुपये है।ये देश में उभरती विश्व स्तरीय चिप डिजाइन क्षमताओं में पूरक भूमिका निभाएंगी, जिन्हें सरकार द्वारा 315 शैक्षणिक संस्थानों और 104 स्टार्ट-अप्स को प्रदान किए गए डिज़ाइन अवसंरचना समर्थन से गति मिली है। भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में गति और बढ़ रही है, क्योंकि दस अनुमोदित परियोजनाएं पहले से ही कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। दो परियोजनाओं ने पहले ही भारत से व्यावसायिक शिपमेंट शुरू कर दी है और दो अन्य परियोजनाओं से जल्द ही व्यावसायिक शिपमेंट शुरू करने की उम्मीद है।

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत

खबर है..नई दिल्लीपश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा जबरदस्त जीत हासिल करके चुनाव में भगवा को फहरा दिया है। इस चुनाव में सत्तारुढ़ दल तृणमूल कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा है। पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज की और पुडुचेरी में सहयोगियों के साथ सरकार बचाने में सफलता हासिल की। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने सबसे बड़ी पार्टी बनकर सबको चौंका दिया। असम में भाजपा की वापसी हुई है जबकि केरल में कांग्रेस ने वापसी करते हुए सत्ता परिवर्तन कर दिया।इन परिणामों ने साफ कर दिया कि भाजपा अब भी राष्ट्रीय राजनीति की सबसे प्रभावशाली चुनावी ताकत बनी हुई है, हालांकि दक्षिण भारत में उसके सामने चुनौतियां कायम हैं। 126 सदस्यीय असम विधानसभा में भाजपा ने लगातार दूसरी बार स्पष्ट जनादेश हासिल किया है। देर तक के चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार भाजपा 81 सीटें जीत चुकी थी। कांग्रेस 17 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल बनी है। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) को 10-10 सीटें मिली हैं, जबकि एआईयूडीएफ 2 सीटें जीत सकी है।इस चुनाव में देश की निगाहें पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव पर टिकी हुई थीं। 294 सदस्यीय विधानसभा में 292 सीटों के रुझान/नतीजों के अनुसार भाजपा 208 सीटों पर जीत या बढ़त के साथ सत्ता के बेहद करीब पहुंच गई है। तृणमूल कांग्रेस 79 सीटों पर सिमटती दिख रही है। भाजपा 173 सीटें जीत चुकी है और 35 पर आगे है. वहीं टीएमसी 59 सीटें जीतकर 20 सीटों पर आगे है. कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं।30 सदस्यीय पुडुचेरी विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बढ़त बनाए रखी है। अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) 11 सीटें जीतकर एक सीट पर आगे है। भाजपा को 4 सीटें मिली हैं। डीएमके 5 सीटों पर विजयी रही है, जबकि निर्दलीयों ने 3 सीटें जीती हैं। टीवीके ने यहां भी 2 सीटें जीतकर उपस्थिति दर्ज कराई है।तमिलनाडु के नतीजों ने सबसे बड़ा राजनीतिक सरप्राइज दिया। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके 234 सदस्यीय विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। पार्टी 93 सीटें जीत चुकी है और 14 सीटों पर आगे है‌‌।सत्तारूढ़ डीएमके 47 सीटें जीतकर 13 पर आगे रही, जबकि एआईएडीएमके 41 सीटें जीतकर 6 सीटों पर आगे है। कांग्रेस 3 सीटें जीतकर 2 पर आगे है. पीएमके 2 सीटों पर आगे है। हालांकि टीवीके बहुमत से दूर है, लेकिन पहली बार चुनाव लड़ते हुए यह प्रदर्शन तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले मोर्चे ने सत्ता में वापसी की है कांग्रेस 63 सीटें जीत चुकी है। माकपा 26 सीटों पर सिमटी, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को 22 सीटें मिली हैं। केरल कांग्रेस (केईसी) 7 सीटें जीत सकी है।

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पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम 4 मई को, देशभर की नजरें टिकीं

खबर है..नई दिल्लीपश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इन नतीजों को लेकर पूरे देश में उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर किस पार्टी को जनता का जनादेश मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।चुनाव आयोग ने इन राज्यों में मतगणना की तैयारी पूरी कर ली है और सोमवार कल सुबह से मतगणना का कार्य शुरू हो जाएगा। समझा जाता है कि मत करना कुछ घंटे बाद रुझान का सिलसिला शुरू हो जाएगा और दोपहर बाद तक जीत हार के नतीजे आ जाएंगे।पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले गए। वहीं असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ था।अगर प्रमुख मुकाबलों की बात करें तो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है। तमिलनाडु में मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कड़गम गठबंधन, अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम गठबंधन, टीवीके और एनटीके के बीच है।केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बीच मुकाबला है। असम में मुख्य लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के बीच मानी जा रही है, जबकि पुडुचेरी में NDA और कांग्रेस गठबंधन आमने-सामने हैं।इन चुनावों में कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है, जिनमें ममता बनर्जी, सुवेंदु अधिकारी, मोहम्मद सलीम, एम. के. स्टालिन, उद्धयनिधि स्टालिन, पिनारयी विजयन, वी. डी. सतीसन, राजीव चंद्रशेखर, हिमंता बिस्वा सरमा, गौरव गोगोई, एन. रंगास्वामी और वी. वैथिलिंगम शामिल हैं।चुनाव प्रचार के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। अब 4 मई को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि इन राज्यों में सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी।

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भारत की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग प्रणाली की शुरूआतएनएचएआई के गुजरात टोल प्लाजा पर पहले दिन लगभग 41,500 वाहनों ने किया पार

खबर है..नई दिल्लीभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लाते हुए गुजरात के एनएच-48 के सूरत-भरूच खंड पर स्थित चोरायासी टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) आधारित टोल प्रणाली का सफलतापूर्वक शुरुआत की है। इस प्रणाली के लागू होने के पहले ही दिन लगभग 41,500 वाहनों ने एमएलएफएफ टोल प्लाजा को पार किया।एमएलएफएफ प्रणाली न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ बाधा रहित टोल प्रणाली की शुरुआत करती है जिससे वाहन बिना रुके टोल केंद्रों से गुजर सकते हैं और निर्बाध यातायात प्रवाह सुनिश्चित होता है। यह प्रणाली स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) और फास्टैग आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करके स्वचालित और संपर्क रहित टोलिंग संचालन को सक्षम बनाती है। एमएलएफएफ राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के यात्रा अनुभव में एक क्रांतिकारी बदलाव लाती है, जिससे दक्षता और सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर भीड़भाड़ में काफी कमी आएगी, यात्रा का समय बेहतर होगा, ईंधन दक्षता बढ़ेगी और वाहनों से होने वाला उत्सर्जन कम होगा।सुगम यात्रा अनुभव के लिए, एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से अपने फास्टैग खातों में पर्याप्त शेष राशि बनाए रखने का आग्रह किया है। अपर्याप्त फास्टैग शेष राशि, अमान्य या खराब फास्टैग जैसी स्थितियों में, उपयोगकर्ताओं को उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान न करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक नोटिस (ई-नोटिस) जारी किया जाएगा। ऐसे उपयोगकर्ताओं को ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटों के भीतर सामान्य उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करना होगा। 72 घंटों के बाद भी भुगतान न करने पर, वाहन श्रेणी की सामान्य दर से दोगुना उपयोगकर्ता शुल्क लिया जाएगा।ई नोटिस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त और भुगतान किया जा सकता है। उपयोगकर्ता ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटों के भीतर शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। ई-नोटिस का भुगतान न करने पर फास्टैग को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और वाहन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अन्य वाहन संबंधी सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।एमएलएफएफ की शुरुआत से पारदर्शिता बढ़ाकर और टोल प्लाजा स्थापित करने की परिचालन लागत को कम करके टोल संचालन को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। एमएलएफएफ राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर अधिक सुदृढ़, कुशल और लागत प्रभावी टोलिंग प्रणाली के विकास में भी योगदान देगा

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एआईएमटीसी की अगुवाई में चक्का जाम पर उतरीं दिल्ली-एनसीआर की ट्रांसपोर्ट यूनियनें

सी.ए.क्यू.एम. और दिल्ली सरकार द्वारा NGT टैक्स में भारी वृद्धि तथा बी.एस. IV कमर्शियल वाहनों पर 01.11.2026 से दिल्ली में प्रतिबंध का विरोध 21 से 23 मई तक दिल्ली एनसीआर की ट्रांसपोर्ट यूनियन की ओर से तीन दिवसीय सांकेतिक चक्काजाम| खबर है..नई दिल्लीऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेतृत्व में दिल्ली एनसीआर की ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने सीएक्यूएम और दिल्ली सरकार द्वारा एनजीटी टैक्स में भारी वृद्धि तथा बीएस4 कमर्शियल वाहनों पर एक नवंबर से दिल्ली में प्रतिबंध के विरोध में सांकेतिक चक्का जाम का ऐलान किया है। दिल्ली एनसीआर सभी ट्रांसपोर्ट यूनियनें 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय सांकेतिक चक्का जाम पर रहेंगी।इस संबंध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ हरीश सभरवाल की अध्यक्षता में 26 अप्रैल को दिल्ली एवं एनसीआर की सभी प्रमुख ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों और यूनियनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई । इस बैठक में सी.ए.क्यू.एम एवं दिल्ली सरकार द्वारा पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ई.सी.सी.) में की गई भारी बढ़ोतरी तथा बी.एस. IV कमर्शियल वाहनों पर 01.11.2026 से दिल्ली में प्रतिबंध पर विस्तार से चर्चा की गई और इस फैसले के खिलाफ सभी परिवहन संगठनों के पदाधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया और रोष प्रकट किया |डॉ हरीश सभरवाल ने ई.सी.सी. बढ़ोतरी पर ट्रांसपोर्ट सेक्टर की प्रमुख चिंताएं से अवगत करते हुए कहा “सी. ए. क्यू. एम की सिफारिश के अनुसार, जो ट्रक दिल्ली में न तो लोड करते हैं और न ही अनलोड, बल्कि सिर्फ दिल्ली को एक कॉरिडोर की तरह पार करके दूसरे राज्यों में माल लेकर जाते हैं, उन्हें ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भेजने के लिए इस शुल्क में बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया था। इसका एआईएमटीसी ने भी समर्थन किया था।माननीय सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश के अनुसार ई.सी.सी. बढ़ाने का उद्देश्य केवल उन ट्रकों को हतोत्साहित करने का था, जो बिना किसी काम के दिल्ली से ट्रांजिट होकर गुजरते हैं | यह व्यवस्था सिर्फ ट्रांजिट वाहनों पर लागू होनी थी, न कि दिल्ली में सामान लाने-ले जाने वाले वाहनों पर, जो दिल्ली की अर्थव्यवस्था को सुचारु बनाने और यहाँ के निवासियों के लिए आवश्यक सामान लाने और ले जाने का कार्य करते हैं। लेकिन सी. ए. क्यू. एम और दिल्ली सरकार ने यह ई.सी.सी. बढ़ोतरी सभी वाहनों पर लागू कर दी है, यहां तक कि उन ट्रकों पर भी जो दिल्ली में लोडिंग-अनलोडिंग के लिए जरूरी रूप से आते हैं और यहां के निवासियों को आवश्यक सामान पहुंचाते हैं।यह ट्रक ऑपरेटर्स के साथ अन्याय और विश्वासघात है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर चोट करती है| सरकार का यह कदम जमीनी हकीकत से दूर है और दिल्ली में आने वाली सभी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

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नए सीनियर डीसीएम समर्थ और सीनियर डीएसओ अरुण ने संभाला कामकाज

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल खबर है.. लखनऊ उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के नये सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता और सीनियर डीएसओ अरुण कुमार दोहरे ने बृहस्पतिवार को पदभार ग्रहण कर लिया। श्री दोहरे उत्तर रेलवे मुख्यालय बड़ौदा हाउस (नई दिल्ली) से यहां आए हैं, जबकि श्री गुप्ता उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में ही सीनियर डीएसओ के पद को संभाल रहे थे। भारतीय रेल यातायात सेवा के दोनों अधिकारी विभिन्न पदों तैनात रहकर अपने कार्यों को बखूबी अंजाम दे चुके हैं। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम की जिम्मेदारी संभालने वाले कुलदीप तिवारी का स्थानांतरण उत्तर रेलवे मुख्यालय बड़ौदा हाउस में हुआ है। नये सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता भारतीय रेल यातायात सेवा (आईआरटीएस) 2012 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने एरिया ऑफिसर, आगरा कैंट, मंडल यातायात प्रबंधक टुंडला, वरिष्ठ यातायात प्रबंधक/फ्रेट ऑपरेशन इन्फॉर्मेशन सिस्टम मुख्यालय नई दिल्ली, उप मुख्य परिचालन प्रबंधक व वरिष्ठ मंडल संचालन प्रबंधक अंबाला समेत विभिन्न पदों पर तैनात रहे। श्री गुप्ता ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद वाणिज्य विभाग के अधिकारियों और स्टाफ से परिचय के उपरांत मुसाफिरों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के साथ मंडल के समग्र विकास के लिए अपनी प्राथमिकता बताई।उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के नए सीनियर डीएसओ अरुण कुमार दोहरे 2010 बैच के आईआरटीएस अधिकारी हैं। वह लखनऊ मंडल के विभिन्न पदों जैसे सहायक मंडल परिचालन प्रबंधक, कोचिंग, प्लानिंग, चारबाग रेलवे स्टेशन के वरिष्ठ स्टेशन प्रबंधक, मंडल परिचालन प्रबंधक कोचिंग, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक सामान्य पर तैनात रह चुके हैं। इसके अलावा वह पूर्व मध्य रेलवे (हाजीपुर) में Additional Registrar ,डिप्टी सीओएम जनरल, स्टेशन निदेशक पटना के पद पर तैनात रह चुके हैं। लखनऊ आने से पहले वह उत्तर रेलवे मुख्यालय में डिप्टी सीओएम टीटी के पद पर तैनात थे।

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आंध्र प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा : वैष्णव

दक्षिण तटीय रेलवे जोन के गठन के लिए जारी होगी राजपत्र अधिसूचना, 1 जून, 2026 से होगी प्रभावी खबर है..नई दिल्लीरेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब के शिलान्यास समारोह के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दक्षिण तटीय रेलवे जोन के गठन के लिए राजपत्र अधिसूचना जारी की जाएगी जो 1 जून, 2026 से प्रभावी होगी। उन्होंने संकेत दिया कि यह कदम आंध्र प्रदेश में रेलवे प्रशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।मंत्री ने यह भी बताया कि आंध्र प्रदेश को रेलवे के लिए रिकॉर्ड 10,134 करोड़ रुपये का बजट आवंटन प्राप्त हुआ है जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए संयुक्त रूप से विगत वर्षों में आवंटित 886 करोड़ रुपये की तुलना में काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1,06,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं जिनका उद्देश्य बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और प्रमुख शहरों को जोड़ने के साथ पूरे राज्य में संपर्क को बढ़ाना है।मंत्री आंध्र प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण कर लिया गया है जिससे यह रेलवे के आधुनिकीकरण के मामले में अग्रणी क्षेत्रों में शामिल हो गया है।मंत्री ने यात्री सेवाओं के संबंध में बताया कि वर्तमान में राज्य में 16 वंदे भारत ट्रेनें और 22 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं जिससे यात्रा की क्षमता और सुविधा में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी कहा कि पूरे ईस्ट कोस्ट रेलवे कॉरिडोर को चार-लाइन वाले नेटवर्क में अपग्रेड किया जा रहा है जिससे इसकी क्षमता दोगुनी होने और 500 नई ट्रेनों के संचालन को सक्षम बनाने की उम्मीद है।उन्होंने भविष्य में हाई-स्पीड रेल संपर्क के बारे में बात करते हुए प्रमुख दक्षिणी गलियारों में प्रस्तावित हाई-स्पीड संपर्क और यात्रा समय के बारे में विस्तार से बताया कि अमरावती से हैदराबाद – लगभग 70 मिनट, अमरावती से चेन्नई – लगभग 112 मिनट, हैदराबाद से पुणे – लगभग 1 घंटा 55 मिनट, पुणे से मुंबई – लगभग 48 मिनट,चेन्नई से बेंगलुरु – लगभग 73 मिनट, हैदराबाद से बेंगलुरु – लगभग 2 घंटे 8 मिनट होगी।

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