भारत टैक्सी : चालकों को मुनाफे का सीधा मिल रहा फायदा “बाइक दीदी” मंच से जुड़ी 150 से अधिक महिला चालक

खबर है..नई दिल्लीभारत का पहले सहकारी नेतृत्व वाला राइड हीलिंग प्लेटफार्म भारत टैक्सी का सीधा मुनाफा चालकों को मिल रहा है। यह प्लेटफॉर्म शून्य-कमीशन मॉडल पर काम करता है, जिसमें चालकों को मुनाफे का सीधा वितरण होता है, जो निवेश-संचालित एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के लिए एक घरेलू और स्वदेशी विकल्प प्रदान करता है।यह जानकारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। सहकारिता मंत्रालय रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और जमीनी स्तर पर आर्थिक भागीदारी के साधन के रूप में सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत टैक्सी की परिकल्पना चालकों को जिन्हें सारथी कहा जाता है स्वामित्व, शासन और मूल्य सृजन के केंद्र में रखकर मोबिलिटी के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी इंटरवेंशन के रूप में की गई है। यह सुविधा नागरिकों को मोबिलिटी और परिवहन सुविधा देने में कारगर साबित हो रही है।अभी तक भारत टैक्सी सेवा दिल्ली एनसीआर-दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ और द्वारका में काम कर रही है। भारत टैक्सी ऐप में 990,082 पंजीकृत ग्राहक और 3 लाख से अधिक पंजीकृत चालक हैं जो 291,665 राइड पूरी कर चुके हैं। आने वाले समय में, भारत टैक्सी की योजना 2029 तक राष्ट्रीय उपस्थिति के साथ चरणवार रोलआउट करने की है।वर्तमान में एप द्वारा सुविधा शुल्क, प्लेटफ़ॉर्म शुल्क या कमीशन के रूप में कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, भारत टैक्सी द्वारा संचालित हवाई अड्डे के प्रीपेड बूथों पर, प्रचालन खर्चों का ध्यान रखने के लिए किराए पर 7% सेवा शुल्क लगाया जाता है।भारत टैक्सी स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और एक समर्पित ड्राइवर सहायता प्रणाली के माध्यम से सारथी के लिए सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। यह दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र संचालित करता है, तेजी से आपातकालीन सहायता और सत्यापित सवारी डेटा प्रदान करता है, ड्राइवरों को विशिष्टता प्रतिबंधों के बिना अन्य प्लेटफार्मों पर काम करने की स्वतंत्रता देता है, और “बाइक दीदी” जैसी पहल के माध्यम से महिला सशक्तीकरण को सक्रिय रूप से बढ़ावा देता है, जिसके तहत 150 से अधिक महिला चालक पहले ही मंच से जुड़ चुकी हैं।भविष्य को देखते हुए, भारत टैक्सी ने सभी राज्यों और शहरों में राष्ट्रव्यापी विस्तार, हर राज्य में समर्पित सहायता केंद्रों की स्थापना, चालक सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करने और एक संधारणीय, समावेशी और सहकार-संचालित मोबिलिटी इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के साथ गहन एकीकरण की योजना बनाई है।

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ट्रेन में बर्थ पर मिलेगा खाना, ई-पेंट्री सेवा की शुरूआत 25 मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में ऑनलाइन भोजन बुकिंग का मिला विकल्प

खबर है..नई दिल्लीआईआरसीटीसी ने ट्रेन में बर्थ पर खाना देने का पूरा इंतजाम कर लिया। इसके लिए उसने ई-पेंट्री सेवा की शुरुआत की है। इस योजना में फिलहाल 25 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को शामिल किया गया है।आईआरसीटीसी ने हाल ही में ऐसी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के यात्रियों की सुविधा के लिए ई-पैंट्री भोजन बुकिंग सुविधा शुरू की है। जिनमें भोजन टिकट के किराए में शामिल नहीं होता है। ई-पैंट्री एक डिजिटल समाधान है, जिसके माध्यम से पैंट्री वाली चुनिंदा ट्रेनों में भोजन पहले से बुक किया जा सकता है। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में ई-पैंट्री सेवा शुरू होने से यात्री अब अपने भोजन की अग्रिम बुकिंग करके सुगम यात्रा कर सकते हैं।आईआरसीटीसी के टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म (www.irctc.co.in) में एकीकृत इस सुविधा से कन्‍फर्म, आरएसी या आंशिक रूप से कन्‍फर्म टिकट वाले यात्रियों को मानक भोजन और रेल नीर का पहले ही आदेश दे दिया जा सकता है। जिसे पैंट्री कार के कर्मचारी सीधे उनकी सीटों पर पहुंचाते हैं। ई-पैंट्री सेवा को प्रारंभ में भारत की सबसे लंबी दूरी की ट्रेन विवेक एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22503/04) पर प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था और वर्तमान में इसे 25 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में उपलब्ध कराया I

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स्कूली बच्चों के लिए एक करोड़ अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पूरे पांच महीने में 83000 स्कूलों में (एमबीयू) शिविर आयोजित

खबर है..नई दिल्ली भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरणयू (आईडीएआई) ने स्कूली बच्चों के लिए मिशन मोड के तहत चल रहे अभियान में एक करोड़ अनिवार्य बायोमेट्रिक (एमडीयू) अपडेट का काम पूरा कर लिया है। इसके लिए प्राधिकरण ने मात्र 5 महीने में 83000 स्कूलों में एमडीयू शिविर आयोजित किए थे। प्राधिकरण 7-15 आयु वर्ग के बच्चों के लिए एमबीयू को एक अक्टूबर 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए निःशुल्क कर दिया गया था।यूआईडीएआई ने सितंबर 2025 में स्कूली छात्रों के लिए यह विशेष एमबीयू अभियान शुरू किया था। यह अभियान यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (यूडीआईएसई+) एप्लिकेशन के साथ सफल तकनीकी एकीकरण के बाद शुरू किया गया था, जिससे स्कूलों में बच्चों के एमबीयू की स्थिति को देखना संभव हुआ था। इस सफलता ने यूआईडीएआई और स्कूलों को संयुक्त रूप से उन बच्चों की पहचान करने में मदद की, जिनका एमबीयू होना बाकी था और एमबीयू पूरा करने के लिए स्कूलों में शिविर आयोजित किए गए।यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर यूआईडीएआई की इस कदम से अवगत कराया और विद्यालयों में लक्षित एमबीयू शिविर आयोजित करने में उनके सहयोग का अनुरोध किया। देश भर में आठ स्थानों पर स्थित यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों ने इस व्यापक अभियान को सभी हितधारकों, अर्थात् राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभागों, जिला स्तरीय प्रशासन, यूआईडीएआई रजिस्ट्रारों और विद्यालय अधिकारियों के साथ समन्वयित करने के लिए पांच महीने तक अथक परिश्रम किया है। यह मिशन मोड अभियान तब तक चलता रहेगा जब तक देश के सभी विद्यालय इसमें शामिल नहीं हो जाते। इस पहल से अब तक 83,000 विद्यालयों के 1 करोड़ बच्चे लाभान्वित हुए और कई और भी बच्चों को इससे लाभान्वित होने की आशा है। पांच वर्ष से कम आयु का बच्चा आधार कार्ड के लिए पंजीकरण कराते समय अपनी फोटो, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और जन्म प्रमाण पत्र प्रदान करता है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स आधार पंजीकरण के लिए नहीं लिए जाते हैं क्योंकि इस आयु में ये परिपक्व नहीं होते हैं। इसलिए, 5 से 15 वर्ष की आयु पार करने के बाद, फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स (एमबीयू) प्रक्रिया का पालन करते हुए आधार में फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स की जानकारी देना बच्चों के लिए अनिवार्य है। आधार में एमबीयू न होने से विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने, एनईईटी, जेईई, सीयूईटी आदि जैसी प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पंजीकरण कराने के दौरान प्रमाणीकरण में कठिनाइयां आ सकती हैं।बच्चों को एमबीयू पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने और इस सेवा को सभी के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से, यूआईडीएआई ने 7-15 आयु वर्ग के बच्चों के लिए एमबीयू के शुल्क को 1 अक्टूबर 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए माफ कर दिया था। इसके अलावा, 5-7 वर्ष और 15-17 वर्ष के बच्चों के लिए एमबीयू निःशुल्क बना हुआ है।स्कूलों में आयोजित शिविरों के अलावा, बच्चे देश भर में चल रहे आधार नामांकन केंद्रों और आधार सेवा केंद्रों में भी अपना आधार पंजीकरण फॉर्म भर सकते हैं। इसी अवधि में इन केंद्रों पर आने वाले बच्चों द्वारा लगभग 1.3 करोड़ आधार पंजीकरण फॉर्म भरे जा चुके हैं।

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नकली और घटिया बीज बेचने वाले नहीं बचेंगे, हो सकती है कार्रवाई

खबर है..नई दिल्ली किसानों को नकली और घटिया बीज बेचने वाले दुकानदारों की खैर नहीं है। पकड़े जाने पर वे बचेंगे नहीं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इसके लिए राज्य सरकारों के पास पूरा अधिकार है। इसकी पुष्टि खुद केंद्रीय कृषि एवं कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने की है।ठाकुर ने शुक्रवार 6 फरवरी को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया है कि बीज की गुणवत्ता को भी विनियमित करने और नकली बीज को बेचने पर रोक लगाने का अधिकार राज्य सरकारों के पास है। वह ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकती हैं। बीज अधिनियम, 1966, बीज नियम, 1968 और बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 राज्य सरकारों को बीज निरीक्षकों की नियुक्ति करने का अधिकार देते हैं जो बीज केंद्रों का निरीक्षण कर सकते हैं। नमूने ले सकते हैं और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने, स्टॉक जब्त करने, बिक्री रोकने के आदेश देने और अभियोजन चलाने जैसी प्रवर्तन कार्रवाई कर सकते हैं।इसके अतिरिक्त भारत सरकार ने आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में बीजों की ‘एंड-टू-एंड’ डिजिटल ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए बीज प्रमाणीकरण, ट्रेसिबिलिटी एवं समग्र सूची (साथी) पोर्टल भी लॉंच किया जो नकली/घटिया बीजों के प्रसार को रोकने में मदद करता है। भारत सरकार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मौजूदा कानूनी ढांचे के सख्त क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एडवाइजरी भी जारी करती है, ताकि नकली/घटिया बीजों की बिक्री को रोकने के लिए डीलरों/खुदरा विक्रेताओं के भंडारण और बिक्री केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई जा सके।

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‘ आधार’ के शुभंकर ‘ उदय’ ने बच्चों से मुलाकात कर आधार का महत्व बताया

खबर है..लखनऊ.. राजभवन, लखनऊ में आयोजित प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दौरान आधार के शुभंकर ‘उदय’ (UDAI)’ ने बच्चों से मुलाकात की। बच्चों ने उत्साहपूर्वक उदय के साथ सहभागिता की और इस आनंददायक अनुभव का आनंद लिया। इस पहल के माध्यम से 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पर बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) और बच्चों के आधार नामांकन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। इस मौके पर राजभवन परिसर में आधार नामांकन/अपडेट शिविर का भी लगाया गया है, जहाँ आगंतुकों को आधार से संबंधित विभिन्न सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही है तथा उन्हें समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराने के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। आधार कैंप में प्रदर्शनी के पहले दिन आधार कैंप में 45 लोगों के आधार से संबंधित कार्यों को किया गया।भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UDAI) क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के उप महानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह के पहल पर नागरिकों, विशेषकर अभिभावकों और बच्चों में आधार सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सुगम सेवाएँ को लेकर राजभवन की प्रदर्शनी में आधार’ के शुभंकर ‘ उदय’ के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। श्री सिंह ने बताया कि राजभवन प्रदर्शनी में लगे आधार कैंप के जरिए आधार से संबंधित कार्यों को रविवार तक कराया जा सकता है।

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मेरठ रेलवे स्टेशन पर दिखेगी प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की झलक : अश्विनी वैष्णव

खबर है..नई दिल्ली: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 6 फरवरी को राज्यसभा में मेरठ की ऐतिहासिक विरासत और वहां के रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि मेरठ का इतिहास हमारे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857) से गहराई से जुड़ा हुआ है। सरकार की यह प्राथमिकता है कि रेलवे स्टेशन का स्वरूप इस गौरवशाली इतिहास को प्रतिबिंबित करे।इतिहास और आधुनिकता का संगम सदन को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि मेरठ का इतिहास जितना भव्य है, उसी के अनुरूप स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरठ इतिहास में एक विशेष स्थान रखता है। जिस तरह का मेरठ का गौरवशाली इतिहास है। उसके हिसाब से ही वहां के स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है।सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी की पहल की सराहना अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी के प्रयासों की विशेष प्रशंसा की। रेलमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं सांसद महोदय से व्यक्तिगत अनुरोध किया था कि वे मेरठ के वरिष्ठ नागरिकों और प्रबुद्ध जनों के साथ चर्चा करें, ताकि स्टेशन के डिजाइन में स्वतंत्रता आंदोलन की वास्तविक झलक को समाहित किया जा सके।मंत्री ने कहा कि मैं सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इस दिशा में बहुत ही सकारात्मक पहल की। उन्होंने स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों के साथ बैठकर मंथन किया और एक नया डिजाइन प्रस्तुत किया है। वर्तमान में स्टेशन पर काम उसी नए डिजाइन के आधार पर तेजी से चल रहा है।

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गाजियाबाद ‘कोरियन गेम केस’: ऑनलाइन गेमिंग और मानसिक दबाव ने खड़े किए गंभीर सवाल

खबर है..गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसे “कोरियन गेम केस” के नाम से जाना जा रहा है। इस घटना ने न सिर्फ गाजियाबाद बल्कि पूरे देश में ऑनलाइन गेमिंग और बच्चों की मानसिक सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गाजियाबाद की एक हाउसिंग सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों के साथ हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग और कोरियन डिजिटल कंटेंट से गहराई से जुड़ी हुई थीं। बताया जा रहा है कि वे एक टास्क-आधारित ऑनलाइन गेम खेल रही थीं, जिसमें लगातार चैलेंज और मानसिक दबाव बना रहता था। परिवार के अनुसार, जब बच्चों के मोबाइल फोन और गेमिंग पर रोक लगाई गई, तो उनके व्यवहार में अचानक बदलाव देखा गया। पुलिस को घटनास्थल से हस्तलिखित नोट और डायरी भी मिली हैं, जिनमें भावनात्मक बातें लिखी हुई थीं और परिवार से माफी मांगी गई थी। इससे यह संकेत मिलता है कि बच्चियां मानसिक तनाव और दबाव से गुजर रही थीं। इस मामले के सामने आने के बाद ऑनलाइन गेमिंग की लत, बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम और मानसिक स्वास्थ्य एक बार फिर गंभीर बहस का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना निगरानी के ऑनलाइन गेम्स, अत्यधिक मोबाइल उपयोग और सामाजिक दूरी बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा और खतरनाक असर डाल सकते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह घटना केवल एक खबर नहीं, बल्कि माता-पिता, स्कूलों और समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

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होली पर चलेंगी रिकॉर्ड 1500 स्पेशल ट्रेनें

खबर है..नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने इस बार होली पर रिकॉर्ड स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है ताकि यात्रियों को अपने गंतव्य शहरों तक जाने की बेहतर रेल सुविधा मिल सके। रेलवे ने देशभर के विभिन्न शहरों से अभी 1410 से अधिक होली स्पेशल ट्रेन चलाने की योजना बनाई है लेकिन यह संख्या बढ़कर 1500 तक जा सकती है। गत वर्ष 2025 में होली के लिए कुल 1,144 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया था।रेल मंत्रालय के अनुसार पूर्व मध्य रेलवे सर्वाधिक 285 विशेष ट्रेनों का संचालन करेगा। इसके बाद पश्चिम रेलवे द्वारा पश्चिमी मार्गों पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए 231 ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई गई है। मध्य रेलवे द्वारा 209 होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि दक्षिण मध्य रेलवे कुल 160 सेवाओं का संचालन करेगा। इसके अतिरिक्त, उत्तर रेलवे (एनआर) द्वारा 108 और उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) द्वारा 71 होली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की योजना तैयार की गई है।कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत करते हुए, उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 66 विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। वहीं, पूर्वोत्तर रेलवे और पूर्व तटीय रेलवे दोनों ही 62-62 ट्रेनें चलाएंगे। दक्षिण पश्चिम रेलवे द्वारा 47 ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा, जबकि पश्चिम मध्य रेलवे ने 43 सेवाओं की योजना बनाई है। इसके अतिरिक्त, दक्षिण रेलवे द्वारा 39 होली स्पेशल ट्रेनें और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 15 सेवाएं संचालित की जाएंगी। क्षेत्रीय मांग को पूरा करने के लिए कोंकण रेलवे द्वारा 9 और पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (एनएफआर) द्वारा 2 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी।

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ना रुकना है और ना मुड़ना है, तेज गति से आगे चलना : मोदी

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब ना रुकना है, ना पीछे मुड़कर देखना है। हमें आगे बढ़ाना है और तेज गति से चलना है। हमें लक्ष्य को प्राप्त करके ही सांस लेनी है। हम उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।प्रधानमंत्री ने आज 5 फरवरी को राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। मोदी ने अपने 1 घंटे 37 मिनट के भाषण में विपक्ष को यह बता दिया कि सरकार का आर्थिक विकास, ट्रेड डील और अर्थव्यवस्था को लेकर क्या सोच है। वे देश और देशवासियों को किस ऊंचाई तक लेकर जाना चाहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत युवा आबादी वाला देश है।प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हम विकसित भारत की जमीन को मजबूत कर रहे हैं, उसे एक ताकत दे रहे हैं। हम देश के युवाओं के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस, मोदी की कब्र खोदने का कार्यक्रम करवा रही है। जो लोग मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करते हैं, वही “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” के नारे लगा रहे हैं। यह कैसी मोहब्बत की दुकान है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आजादी के समय दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी किंतु बीते सरकार की नीतियों के कारण वह खिसककर 2014 तक 11वें स्थान पर पहुंच गई। लेकिन हमारी सरकार ने विकास की रफ्तार तेज की है। आज हम तीसरे नंबर पर पहुंचने को अग्रसर है। हम ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर चलकर आगे बढ़े हैं। सच्चाई है कि आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो गया है।राज्यसभा में विपक्ष की नारेबाजी और उनके वर्कआउट के बीच प्रधानमंत्री ने अपना भाषण पूरा किया।

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पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटा आयोग

पर्यवेक्षकों को समझाया कैसे संभालनी होगी चुनाव की कमान दो दिनों की बैठक में शामिल हो रहे हैं 1444 सामान्य, पुलिस और व्यव पर्यवेक्षक खबर है..नई दिल्ली चुनाव आयोग पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गया है। अगले कुछ महीनो में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। लिहाजा चुनाव की कमान संभालने वाले शीर्ष अधिकारियों की पहली बैठक आयोग ने बुला ली है। इस दो दिवसीय बैठक में उन्हें यह समझाया जाएगा कि कैसे चुनाव की मजबूत कमान कैसे संभालनी होगी।चुनाव आयोग ने आज दिल्ली में 5 और 6 फरवरी को इन पांच राज्यों में चुनाव करने के लिए नियुक्त किए गए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की बैठक बुलाई है। बैठक में 714 सामान्य पर्यवेक्षक, 233 पुलिस पर्यवेक्षक और 497 व्यय पर्यवेक्षकों सहित 1,444 अधिकारी शामिल हो रहे हैं। ये बैठकें नई दिल्ली स्थित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान – आईआईआईडीईएम में तीन चरणों में आयोजित की जा रही हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों को जानकारी दी।मुख्य चुनाव आयुक्त ने पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें चुनाव आयोग के मार्गदर्शक के रूप में चुना गया है और पर्यवेक्षकों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां चुनाव होने वाले हैं वहा उनकी उपस्थिति से उन 824 निर्वाचन क्षेत्रों में संपूर्ण चुनाव तंत्र को ऊर्जा मिलेगी। चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू ने पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें क्षेत्र में कार्यरत चुनाव अधिकारियों के मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्हें अपने आगमन की व्यापक रूप से सूचना देनी चाहिए और सुलभ रहना चाहिए, ताकि मतदाताओं की शिकायतों का शीघ्र निवारण हो और पक्षपात की आशंका न रहे।चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि पर्यवेक्षकों को सुनिश्चित करना होगा कि चुनाव आयोग के निर्देशों का पूर्णतया पालन हो तथा निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखा जाए। डॉ. जोशी ने मतदाताओं को समय पर मतदाता सूचना पर्ची (वीआईएस) वितरित करने का भी निर्देश दिया ताकि मतदान के दिन उन्हें कोई असुविधा न हो।

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