प्रधानमंत्री करेंगे इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन

एक्सपो में 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप और 13 देशों के पवेलियन होंगे खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी सोमवार 16 फरवरी, 2026 को शाम 5 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे।इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ किया जाएगा। यह एक्सपो एआई के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक राष्ट्रीय मंच होगा जहां नीति व्यवहार से मिलेगी, नवाचार व्यापक स्तर पर लागू होगा और प्रौद्योगिकी आम नागरिक तक पहुंचेगी।70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरेना में आयोजित यह एक्सपो वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और अनुसंधान संस्थानों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों को एक साथ लाएगा। इस एक्सपो में एआई तंत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करने वाले 13 देशों के पवेलियन भी होंगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका के पवेलियन शामिल हैं।इस एक्सपो में 300 से अधिक चुनिंदा प्रदर्शनी मंडप और लाइव प्रदर्शन होंगे जिन्हें तीन मुख्य विषयों – लोग, ग्रह और उन्‍नति – के आधार पर संरचित किया गया है। इसके अतिरिक्त, एक्सपो में 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप शामिल होंगे जिनमें से कई वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक और व्यापक जनसंचार समाधान कर रहे हैं। ये स्टार्टअप ऐसे उपयुक्‍त समाधानों का प्रदर्शन करेंगे जो पहले से ही वास्तविक दुनिया में उपयोग में हैं।इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 2.5 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई तंत्र के भीतर नई साझेदारियों को बढ़ावा देना और व्यावसायिक अवसर उत्‍पन्‍न करना है।इसमें 500 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा जिनमें 3250 से अधिक दूरदर्शी वक्ता और पैनल सदस्य शामिल होंगे। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकार करना और यह सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की कार्रवाइयों पर विचार-विमर्श करना होगा कि एआई से प्रत्येक वैश्विक नागरिक को लाभ मिले।

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टी20 विश्व कप 2026 : कोलंबो में भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान

खबर है..नई दिल्ली दुनिया भर से क्रिकेट प्रेमियों की निगाह आज रविवार कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम पर टिकी हुई है जहां भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट खिलाड़ी आपस में भिड़ेंगे। श्रीलंका के कोलंबो स्थित स्टेडियम में रविवार की देर शाम टी20 विश्व कप 2026 का मुकाबला होने वाला है। दोनों टीमों ने शुरुआती मुकाबले में ग्रुप ए के टॉप 2 में अपनी जगह बना रखी है। हालांकि इस बीच खबर है कि शाम को कोलंबो में बारिश हो सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा की बारिश की वजह से मुकाबला पर क्या असर पड़ेगा?गौरतलब है कि टी20 टूर्नामेंट से शुरू होने से पहले पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने का फैसला लिया था। हालांकि बाद में पाकिस्तान इसके लिए राजी हो गया है। अब मुकाबले के लिए भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट सितारों की शाम स्टेडियम में सजने वाली है। शाम को क्रिकेट टूर्नामेंट मुकाबले में किसको पटखनी मिलती है और किसके सिर पर जीत का सहारा सकता है यह कहना भी मुश्किल है। लेकिन क्रिकेट प्रेमियों को दोनों टीम की ओर से कांटे की टक्कर का जरूर अनुमान है। दोनों ही टीम में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अपनी तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ रही है। विश्व कप टी20 में अब तक हुए आठ मैचों में पाकिस्तान के खिलाफ भारत का परचम लहरा रहा है। इतिहास में दर्ज इन आठ मैचों में सात बार भारत ने जीत हासिल की है जबकि एक बार पाकिस्तान को जीत का मौका मिला है।

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आईआरसीटीसी ने लॉन्च किया जापान टूर पैकेज

खबर है..लखनऊ भारतीय रेल खानपान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने मुसाफिरों की सुविधा के लिए जापान का नया टूर पैकेज लॉन्च किया है । यह टूर 02 से 11 अप्रैल के बीच आयोजित होगा।यह जानकारी आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र लखनऊ के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक (सीआरएम) अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि टूर में जापान के प्रमुख पर्यटन स्थलों टोक्यो, फूजी, क्योटो, ओसाका, हिरोशिमा एवं मियाजिमा का भ्रमण कराया जाएगा। उएनो पार्क, लेक कावागुची, योयोगी पार्क में चेरी ब्लॉसम दर्शन, टोक्यो स्काईट्री, माउंट फूजी क्षेत्र, अराशियामा बांस वन, किंकाकु-जी मंदिर, ओसाका कैसल, नारा डियर पार्क, हिरोशिमा पीस मेमोरियल पार्क एवं इट्सुकुशिमा श्राइन का भ्रमण भी शामिल है। हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन (शिंकानसेन) यात्रा इस टूर को और भी यादगार बनाएगी।श्री सिन्हा ने बताया कि दो से 11 अप्रैल तक आयोजित 10 दिवसीय विदेशी यात्रा का मुसाफिरों को अनुभव प्राप्त होगा। इस यात्रा में यात्रियों को लखनऊ, देहरादून, आगरा, मुरादाबाद, मथुरा एवं बरेली से उपयुक्त साधन द्वारा दिल्ली लाया जाएगा तथा दिल्ली से एयर इंडिया की उड़ान द्वारा जापान ले जाया जाएगा। यात्रा के दौरान यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था तीन सितारा होटलों में की जाएगी। पैकेज में भारतीय भोजन (08 नाश्ता, 08 दोपहर का भोजन एवं 08 रात्रि भोजन), ट्रैवल इंश्योरेंस एवं अनुभवी गाइड की सुविधा शामिल है। उन्होंने बताया कि इस पैकेज की बुकिंग ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर की जायेगी। उक्त यात्रा की बुकिंग पर्यटन भवन गोमती नगर लखनऊ स्थित आईआरसीटीसी कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की बेवसाइट www.irctctourism.com पर भी कराई जा सकती है। अधिक जानकारी मोबाइल नम्बरों पर 9236367954/8287930922 किया जा सकता है।

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रेलमंत्री ने कहा, रेलवे में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल रही है फुल रफ्तार से

खबर है..नई दिल्लीरेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे रिफॉर्म एक्सप्रेस फुल रफ्तार से चल रही है। रेलवे में निरंतर सुधार किये जा रहे हैं। रेलवे 52 सप्ताह में 52 सुधार कार्य को अमल में लाएगा। इससे यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और रेलवे की आर्थिक सेहत की ठीक होगी।रेलमंत्री ने शनिवार 14 फरवरी को रेल भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रेलवे में आज से दो कार्यों में सुधार की घोषणा की। इसमें एसी कोच की तरह अब जनरल कोच का भी ऑनबोर्ड सफाई और गतिशक्ति टर्मिनलों को बढ़ाया जाएगा।उन्होंने कहा कि आधा दर्जन से अधिक जोनल रेलवे की 80 ट्रेनों के सभी जनरल कोचों की इन बोर्ड क्लीनिंग होगी, कंट्रोल सेंटर बनाये जाएंगे। सफ़ाई नही हुई तो कंपनी पर करवाई होगी। रेलवे “बेहतर ऑन-बोर्ड सेवाओं” और “गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों और कार्गो-संबंधित सुविधाओं के माध्यम से रेल-आधारित लॉजिस्टिक्स” के साथ सुधार को गति दे रहा है। रेलवे ने जनरल कोचों पर विशेष ध्यान देते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है और ट्रेनों की निरंतर सफाई का लक्ष्य रखा है।उन्होंने कहा कि जमीनी अनुभव और बेहतर परिचालन दक्षता के आधार पर सभी भारतीय रेलवे में कार्यान्वयन की योजना बनाई गई है। एक महत्वपूर्ण सुधार के तहत वर्तमान 124 मल्टी-मोडल टर्मिनल कार्गो-प्लस-प्रोसेसिंग हब बनेंगे। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 500 से अधिक गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों की योजना बनाई गई है।

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नागरिक देवो भव’ की भावना से प्रेरित ‘सेवा तीर्थ’ राष्ट्र को समर्पित प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ कर्तव्य, करुणा और ‘इंडिया फर्स्ट’ (भारत प्रथम) के प्रति प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में खड़ा होगा

खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 फरवरी को भारत की जनता की सेवा करने के अपने अटूट संकल्प को दोहराते हुए और ‘नागरिक देवो भव’ की पावन भावना को इसकी मार्गदर्शक शक्ति के रूप में रेखांकित करते हुए, ‘सेवा तीर्थ’ राष्ट्र को समर्पित किया। मोदी ने कहा कि सेवा तीर्थ का समर्पण जनसेवा और नागरिकों के कल्याण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ कर्तव्य, करुणा और ‘इंडिया फर्स्ट’ (भारत प्रथम) के सिद्धांत के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के एक उज्ज्वल और शक्तिशाली प्रतीक के रूप में विद्यमान है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ सेवा और सभी के कल्याण के प्रति अथक समर्पण के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा और हर नागरिक की भलाई के लिए समर्पण भाव से आगे बढ़ने हेतु लोगों को प्रोत्साहित करना जारी रखेगा।प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया कि “भारत की जनता की सेवा करने के अटूट संकल्प के साथ और नागरिक देवो भव की पावन भावना से प्रेरित होकर, सेवा तीर्थ राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य मिला। मेरी कामना है कि सेवा तीर्थ सदैव कर्तव्य, करुणा और ‘इंडिया फर्स्ट’ (भारत प्रथम) के सिद्धांत के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के एक उज्ज्वल प्रतीक के रूप में अडिग रहे। यह आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ सेवा और सर्व-कल्याण के प्रति अथक समर्पण के मार्ग पर चलने के लिए निरंतर प्रेरित करता रहे।”देशवासियों की सेवा के अटूट संकल्प और ‘नागरिक देवो भव’ की पावन भावना को साथ लेकर, आज ‘सेवा तीर्थ’ को राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य मिला। ‘सेवा तीर्थ’ कर्तव्य, करुणा और ‘राष्ट्र प्रथम’ के लिए हमारी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। मेरी कामना है कि यह आने वाली पीढ़ियों को निःस्वार्थ सेवा और जन-जन के कल्याण के लिए समर्पित होकर आगे बढ़ने को प्रेरित करता रहे।”

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सेवा तीर्थ से प्रधानमंत्री का सर्वप्रथम निर्णयसेवा का संकल्प, हर वर्ग तक पहुंच का संदेश

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में स्थानांतरित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने निर्णयों की पहली श्रृंखला में समाज के विभिन्न वर्गों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित नागरिको को केंद्र में रखते हुए महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इन निर्णयों में सेवा, सुरक्षा और सशक्तिकरण की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।प्रधानमंत्री मोदी के अनुमोदित प्रमुख फैसले निम्नलिखित हैं:

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दानकुनी–सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना पर तेजी से काम करें: रेलमंत्री

खबर है..नई दिल्लीभारतीय रेलवे ने केंद्रीय बजट 2026 में घोषित दानकुनी–सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए फास्ट-ट्रैक कार्रवाई शुरू कर दी है।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण फ्रेट कॉरिडोर को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।लगभग 2,100 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित यह कॉरिडोर दानकुनी (पश्चिम बंगाल) से सूरत (गुजरात) तक जाएगा। यह पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात से होकर गुजरेगा।क्या होगा फायदा?पूर्वी और पश्चिमी भारत के बीच माल परिवहन में तेजीलॉजिस्टिक्स अधिक कुशल और तेज़मालगाड़ियों के सफर समय में कमीमौजूदा रेलवे मार्गों पर भीड़भाड़ में राहतआधुनिक तकनीक पर जोरडेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) को नवीनतम तकनीकी मानकों को अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख विशेषताएं होंगी:उच्च क्षमता वाली विद्युतीकरण प्रणालीलेवल क्रॉसिंग रहित ट्रैक (Nil LC)उन्नत सिग्नलिंग सिस्टम जैसे ‘कवच’बेहतर सुरक्षा और अधिक माल वहन क्षमताडीपीआर अपडेट और निगरानीपरियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को नवीनतम लागत अनुमान और संशोधित समय-सीमा के साथ अपडेट किया जाएगा।परियोजना को विभिन्न खंडों में बांटकर समानांतर रूप से कार्य शुरू किया जाएगा। प्रत्येक क्षेत्र के लिए समर्पित कोर टीमें गठित की जाएंगी, जो मैदान में रहकर प्रगति की निगरानी करेंगी।रेलवे बोर्ड ने प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियों को तेजी से पूरा करने और कॉन्ट्रैक्ट दस्तावेजों की तैयारी साथ-साथ शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि परियोजना में कोई देरी न हो।इसके अलावा, आवश्यक मानव संसाधन का आकलन भी किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड को हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट दी जाएगी।

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चुनावी राज्यों में ईवीएम/वीवीपीएटी के प्रति जागरूकता अभियान अभियान के तहत 1.16 लाख से अधिक मतदाताओं ने किया सांकेतिक मतदान

खबर है..नई दिल्ली भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) चुनाव वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में व्यापक ईवीएम/वीवीपीएटी जागरूकता अभियान आयोजित कर रहा है ताकि मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) इकाइयों के कामकाज से परिचित कराया जा सके।यह अभियान ईवीएम प्रदर्शन केंद्रों (ईडीसी) और मोबाइल प्रदर्शन वैन (एमडीवी) के माध्यम से एक व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है।पांचों राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) मुख्यालयों के साथ-साथ रिटर्निंग ऑफिसर/राजस्व उप-मंडल मुख्यालयों में ईवीएम प्रदर्शन केंद्र स्थापित करके संचालित किए गए हैं।10 फरवरी, 2026 तक, 5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मतदान केंद्रों पर आयोजित ईवीएम प्रदर्शन शिविरों में 1.20 लाख से अधिक मतदाताओं ने भाग लिया और इन प्रदर्शनों में 1.16 लाख से अधिक मतदाताओं ने सांकेतिक मतदान किया। 29 हजार से अधिक मतदान केंद्रों (पीएसएल) को एमडीवी द्वारा कवर किया जा चुका है।ईवीएम/वीवीपीएटी जागरूकता अभियान का उद्देश्य मतदाताओं को मशीनों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करके, उनके कामकाज से संबंधित शंकाओं को दूर करके और चुनावी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करके मतदाताओं का विश्वास बढ़ाना है। भौतिक प्रदर्शन केंद्रों और मोबाइल प्रचार के माध्यम से, आयोग शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। आयोग पारदर्शी चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले दिनों में मतदाता जागरूकता पहलों को और तेज करेगा।

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6G में विश्व का नेतृत्व करेगा भारत : सिंधिया

2030 तक 100 करोड़ देशवासी होंगे 5G कनेक्टिविटी से लैस खबर है..नई दिल्ली केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार 11 फरवरी को कहा कि भारत ने दुनिया में सबसे तेज गति से 5G तकनीक को अपनाया है। मात्र 22 महीनों में देश के 99.9% जिलों में 5G सेवाएँ प्रारंभ हो चुकी हैं, जो वैश्विक स्तर पर एक रिकॉर्ड है। इसके लिए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा लगभग ₹4 लाख करोड़ का निवेश किया गया और देशभर में 5 लाख से अधिक बीटीएस स्थापित किए गए। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 40 करोड़ नागरिक 5G सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, और वर्ष 2030 तक यह संख्या बढ़कर 100 करोड़ तक पहुँचने की संभावना है। भविष्य की दिशा स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भारत 4G में पीछे था, 5G में दुनिया के साथ चला है और 6G में दुनिया का नेतृत्व करेगा।डिजिटल कनेक्टिविटी को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने कहा कि वाई-फाई नेटवर्क का विस्तार ग्रामीण भारत के लिए एक नई क्रांति सिद्ध हो रहा है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि वाई-फाई हॉटस्पॉट के मामले में महाराष्ट्र देश में दूसरे स्थान पर है, जहाँ 7,500 हॉटस्पॉट स्थापित किए गए हैं, जबकि देशभर में यह संख्या 92,000 है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पिछले 10 वर्षों में देश में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी 6 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ तक पहुँच गई है, और वर्ष 2030 तक इस नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने की योजना है।उत्तर पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए केन्द्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री सिंधिया ने अरुणाचल प्रदेश के विजयनगर जैसे दुर्गम क्षेत्रों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘आखिरी गाँव’ की सोच को बदलकर उसे ‘भारत का पहला गाँव’ बनाया है, और सरकार इन क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी और ‘राइट ऑफ वे’ जैसी पर्यावरणीय एवं भौगोलिक चुनौतियों के समाधान के लिए अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्थानीय सांसदों के साथ मिलकर कार्य करने की बात भी कही।मंत्री ने कहा कि जहाँ आर्थिक रूप से मोबाइल टावर लगाना कठिन है, वहाँ सरकार ‘डिजिटल भारत निधि’ के माध्यम से कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर रही है। 4G सैचुरेशन योजना के तहत लगभग 30,000 गाँवों को चिह्नित किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि इसके लिए 21,000 टावर स्थापित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 17,000 टावर पहले ही लगाए जा चुके हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में देश के हर गाँव में शत-प्रतिशत 4G सैचुरेशन सुनिश्चित कर डिजिटल समावेशन का सपना साकार किया जाएगा। सिंधिया ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी केवल तकनीक नहीं, बल्कि समावेशी विकास का माध्यम है, जो भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा रही है।

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भारत टैक्सी : चालकों को मुनाफे का सीधा मिल रहा फायदा “बाइक दीदी” मंच से जुड़ी 150 से अधिक महिला चालक

खबर है..नई दिल्लीभारत का पहले सहकारी नेतृत्व वाला राइड हीलिंग प्लेटफार्म भारत टैक्सी का सीधा मुनाफा चालकों को मिल रहा है। यह प्लेटफॉर्म शून्य-कमीशन मॉडल पर काम करता है, जिसमें चालकों को मुनाफे का सीधा वितरण होता है, जो निवेश-संचालित एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के लिए एक घरेलू और स्वदेशी विकल्प प्रदान करता है।यह जानकारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। सहकारिता मंत्रालय रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और जमीनी स्तर पर आर्थिक भागीदारी के साधन के रूप में सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत टैक्सी की परिकल्पना चालकों को जिन्हें सारथी कहा जाता है स्वामित्व, शासन और मूल्य सृजन के केंद्र में रखकर मोबिलिटी के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी इंटरवेंशन के रूप में की गई है। यह सुविधा नागरिकों को मोबिलिटी और परिवहन सुविधा देने में कारगर साबित हो रही है।अभी तक भारत टैक्सी सेवा दिल्ली एनसीआर-दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ और द्वारका में काम कर रही है। भारत टैक्सी ऐप में 990,082 पंजीकृत ग्राहक और 3 लाख से अधिक पंजीकृत चालक हैं जो 291,665 राइड पूरी कर चुके हैं। आने वाले समय में, भारत टैक्सी की योजना 2029 तक राष्ट्रीय उपस्थिति के साथ चरणवार रोलआउट करने की है।वर्तमान में एप द्वारा सुविधा शुल्क, प्लेटफ़ॉर्म शुल्क या कमीशन के रूप में कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, भारत टैक्सी द्वारा संचालित हवाई अड्डे के प्रीपेड बूथों पर, प्रचालन खर्चों का ध्यान रखने के लिए किराए पर 7% सेवा शुल्क लगाया जाता है।भारत टैक्सी स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और एक समर्पित ड्राइवर सहायता प्रणाली के माध्यम से सारथी के लिए सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। यह दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र संचालित करता है, तेजी से आपातकालीन सहायता और सत्यापित सवारी डेटा प्रदान करता है, ड्राइवरों को विशिष्टता प्रतिबंधों के बिना अन्य प्लेटफार्मों पर काम करने की स्वतंत्रता देता है, और “बाइक दीदी” जैसी पहल के माध्यम से महिला सशक्तीकरण को सक्रिय रूप से बढ़ावा देता है, जिसके तहत 150 से अधिक महिला चालक पहले ही मंच से जुड़ चुकी हैं।भविष्य को देखते हुए, भारत टैक्सी ने सभी राज्यों और शहरों में राष्ट्रव्यापी विस्तार, हर राज्य में समर्पित सहायता केंद्रों की स्थापना, चालक सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करने और एक संधारणीय, समावेशी और सहकार-संचालित मोबिलिटी इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के साथ गहन एकीकरण की योजना बनाई है।

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