श्रमिकों ने हड़ताल कर श्रम कार्यालय पर किया प्रदर्शन

खबर है..लखनऊराजधानी के मजदूरों ने अपने-अपने सस्थानों में हड़ताल कर अपर श्रमायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। मजदूरों की इस हड़ताल की पहल 10 केन्द्रीय श्रम संगठनों, सेवा एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के स्वतंत्र फेडरेशनों के संयुक्त मंच ने दिल्ली में एक कन्वेंशन किया था। इस हड़ताल की प्रमुख मॉग चारों श्रम संहिता को वापस करने की है। इसके अलावा अन्य समस्यायें भी इस हड़ताल में उठाई गई हैं ।चारबाग एपी सेन रोड स्थित अपर श्रमायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शनकारियों ने सभा की जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष मण्डल ने किया। अध्यक्ष मण्डल में राजा राम यादव, रामेश्वर यादव, अजय शेखर सिंह, आशुतोष, मगनजी, बहन सीता देवी, पियूष मिश्रा आदि शामिल थे। सभा को इंटक के महामंत्री दिलीप श्रीवास्तव, एटक के महामंत्री चन्द्रशेखर, एबएमएस के मत्री अविनाश पांडेय और रेलवे के नेता अरुण गोपाल मिश्रा, सीटू के महामंत्री प्रेम नाथ राय, टीयूसीसी के मंत्री आरती, एआईयूटीयूसी के महामंत्री बालेन्द्र कटियार, एक्टू के प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही, सेवा की महामंत्री फरीदा जलीस, यूपी चीनी मिल मजदूर फेडरेशन के महामंत्री विद्याकांत तिवारी, जितेंद्र कुमार तिवारी, फूलचंद्र और हर्षवर्धन आदि ने सम्बोधित किया। सहायक श्रमायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को सौपा गया ज्ञापनहिंद मजदूर सभा, उत्तर प्रदेश के मंत्री अविनाश पांडेय ने बताया कि ज्ञापन में चारो श्रम सहिता रद्द करने बिजली सशोधन विधेयक 2025, बीज संशोधन विधेयक 2025 को वापरा करने, विकसित भारत ग्रामीण रोजगार व आजीविका मिशन गारण्टी अधिनियम (VB-G-RAM G) को रद कर ‘मनरेगा’ को बहाल करने, प्रदेश में न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्डका गठन किया जाय तथा विक्रय सर्वान कर्मियों (सेल्ला प्रोमोशन एम्प्लाइज) के लिये न्यूनतम सलाहकार बोर्ड में उप-समिति का गठन किया जाय। न्यूनतम वेतन रू0 26000/- से कम न हो प्रदेश में श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाए. सभी को स्थायी रोजगार मिले-संविदा नीति बन्द हो, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रेलवे, कोयला, तेल, भेल सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने, स्कीम वर्कर्स को राज्य कर्मवारी घोषित किया जाय। उनको रू0 26000/- प्रतिमाह मानदेय तथा रु० 10000/- मासिक पेंशन दिया जाय, नियमित प्रकृति के काम पर रखे गये सचिव आउट सोर्सिग / ठेका मजदूरों को नियमित करने, समान काम के लिये समान वेतन देने घरेलू कामगारी और होम बेस्ड वर्कर्स को मजदूर का दर्जा देने और उनके लिये बोर्ड का गठन किया जाय। रेलवे / बैंक/बीमा के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत आउटसोर्सिंग / संविदा श्रमिकों को केन्द्र सरकार द्वारा जारी न्यूनतम वेतन, ई०एस०आई० और भविष्य निधि योजना से आच्छादित किया जाए, ई-श्रम और बी०ओ०सी० बोर्ड में पजीकृत सभी श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड जारी करने और उनके लिए अन्य कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने की मांग की गयी है।

Read More

6G में विश्व का नेतृत्व करेगा भारत : सिंधिया

2030 तक 100 करोड़ देशवासी होंगे 5G कनेक्टिविटी से लैस खबर है..नई दिल्ली केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार 11 फरवरी को कहा कि भारत ने दुनिया में सबसे तेज गति से 5G तकनीक को अपनाया है। मात्र 22 महीनों में देश के 99.9% जिलों में 5G सेवाएँ प्रारंभ हो चुकी हैं, जो वैश्विक स्तर पर एक रिकॉर्ड है। इसके लिए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा लगभग ₹4 लाख करोड़ का निवेश किया गया और देशभर में 5 लाख से अधिक बीटीएस स्थापित किए गए। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 40 करोड़ नागरिक 5G सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, और वर्ष 2030 तक यह संख्या बढ़कर 100 करोड़ तक पहुँचने की संभावना है। भविष्य की दिशा स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भारत 4G में पीछे था, 5G में दुनिया के साथ चला है और 6G में दुनिया का नेतृत्व करेगा।डिजिटल कनेक्टिविटी को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने कहा कि वाई-फाई नेटवर्क का विस्तार ग्रामीण भारत के लिए एक नई क्रांति सिद्ध हो रहा है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि वाई-फाई हॉटस्पॉट के मामले में महाराष्ट्र देश में दूसरे स्थान पर है, जहाँ 7,500 हॉटस्पॉट स्थापित किए गए हैं, जबकि देशभर में यह संख्या 92,000 है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पिछले 10 वर्षों में देश में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी 6 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ तक पहुँच गई है, और वर्ष 2030 तक इस नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने की योजना है।उत्तर पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए केन्द्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री सिंधिया ने अरुणाचल प्रदेश के विजयनगर जैसे दुर्गम क्षेत्रों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘आखिरी गाँव’ की सोच को बदलकर उसे ‘भारत का पहला गाँव’ बनाया है, और सरकार इन क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी और ‘राइट ऑफ वे’ जैसी पर्यावरणीय एवं भौगोलिक चुनौतियों के समाधान के लिए अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्थानीय सांसदों के साथ मिलकर कार्य करने की बात भी कही।मंत्री ने कहा कि जहाँ आर्थिक रूप से मोबाइल टावर लगाना कठिन है, वहाँ सरकार ‘डिजिटल भारत निधि’ के माध्यम से कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर रही है। 4G सैचुरेशन योजना के तहत लगभग 30,000 गाँवों को चिह्नित किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि इसके लिए 21,000 टावर स्थापित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 17,000 टावर पहले ही लगाए जा चुके हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में देश के हर गाँव में शत-प्रतिशत 4G सैचुरेशन सुनिश्चित कर डिजिटल समावेशन का सपना साकार किया जाएगा। सिंधिया ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी केवल तकनीक नहीं, बल्कि समावेशी विकास का माध्यम है, जो भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा रही है।

Read More

परिवहन विभाग के अभियान में अवैध वाहनों के संचालन पर कसा शिकंजा

चार ओवरलोड ट्रक सीज, आधा दर्जन स्कूली वैन का चालान खबर है..लखनऊ राजधानी में अवैध वाहनों के संचालन के खिलाफ मंगलवार को आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय की पहल पर अभियान चलाया गया। एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में प्रवर्तन टीम ने ओवरलोडिंग और स्कूली वाहनों के संचालन में की जा रही अनदेखी के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान ओवरलोडिंग में चार ट्रकों और फिटनेस न होने पर 06 स्कूली वैन का चालान किया गया। ट्रकों को सीज कर थाने में जमा कराया गया।श्री पांडेय ने बताया किमंगलवार तड़के टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित पी-4 पार्किग में खड़े ट्रकों की जांच की। इस दौरान गिट्टी और मौरंग लदे चार ट्रक ऐसे मिले जिन पर निर्धारित क्षमता से अधिक माल लदा था। चारों को सीज कर दिया गया। जांच के अगले क्रम में राजाजीपुरम स्थित एक निजी विद्यालय के बाहर खड़े स्कूली वाहनों की जांच की। आरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि 27 स्कूली वाहनों की जांच में 06 वाहनों की फिटनेस फेल मिली। उनका चालान करते हुए फिटनेस प्रमाण पत्र लिए बिना वाहन न चलाने की हिदायत दी गई। श्री पांडेय ने बताया कि राजधानी में अवैध वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्कूली वाहन संचालकों से अपील की है कि स्कूली वैन और बसों की फिटनेस जांच कराने के बाद ही उसका संचालन करें।

Read More

स्कूली बच्चों के लिए एक करोड़ अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पूरे पांच महीने में 83000 स्कूलों में (एमबीयू) शिविर आयोजित

खबर है..नई दिल्ली भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरणयू (आईडीएआई) ने स्कूली बच्चों के लिए मिशन मोड के तहत चल रहे अभियान में एक करोड़ अनिवार्य बायोमेट्रिक (एमडीयू) अपडेट का काम पूरा कर लिया है। इसके लिए प्राधिकरण ने मात्र 5 महीने में 83000 स्कूलों में एमडीयू शिविर आयोजित किए थे। प्राधिकरण 7-15 आयु वर्ग के बच्चों के लिए एमबीयू को एक अक्टूबर 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए निःशुल्क कर दिया गया था।यूआईडीएआई ने सितंबर 2025 में स्कूली छात्रों के लिए यह विशेष एमबीयू अभियान शुरू किया था। यह अभियान यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (यूडीआईएसई+) एप्लिकेशन के साथ सफल तकनीकी एकीकरण के बाद शुरू किया गया था, जिससे स्कूलों में बच्चों के एमबीयू की स्थिति को देखना संभव हुआ था। इस सफलता ने यूआईडीएआई और स्कूलों को संयुक्त रूप से उन बच्चों की पहचान करने में मदद की, जिनका एमबीयू होना बाकी था और एमबीयू पूरा करने के लिए स्कूलों में शिविर आयोजित किए गए।यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर यूआईडीएआई की इस कदम से अवगत कराया और विद्यालयों में लक्षित एमबीयू शिविर आयोजित करने में उनके सहयोग का अनुरोध किया। देश भर में आठ स्थानों पर स्थित यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों ने इस व्यापक अभियान को सभी हितधारकों, अर्थात् राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभागों, जिला स्तरीय प्रशासन, यूआईडीएआई रजिस्ट्रारों और विद्यालय अधिकारियों के साथ समन्वयित करने के लिए पांच महीने तक अथक परिश्रम किया है। यह मिशन मोड अभियान तब तक चलता रहेगा जब तक देश के सभी विद्यालय इसमें शामिल नहीं हो जाते। इस पहल से अब तक 83,000 विद्यालयों के 1 करोड़ बच्चे लाभान्वित हुए और कई और भी बच्चों को इससे लाभान्वित होने की आशा है। पांच वर्ष से कम आयु का बच्चा आधार कार्ड के लिए पंजीकरण कराते समय अपनी फोटो, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और जन्म प्रमाण पत्र प्रदान करता है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स आधार पंजीकरण के लिए नहीं लिए जाते हैं क्योंकि इस आयु में ये परिपक्व नहीं होते हैं। इसलिए, 5 से 15 वर्ष की आयु पार करने के बाद, फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स (एमबीयू) प्रक्रिया का पालन करते हुए आधार में फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स की जानकारी देना बच्चों के लिए अनिवार्य है। आधार में एमबीयू न होने से विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने, एनईईटी, जेईई, सीयूईटी आदि जैसी प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पंजीकरण कराने के दौरान प्रमाणीकरण में कठिनाइयां आ सकती हैं।बच्चों को एमबीयू पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने और इस सेवा को सभी के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से, यूआईडीएआई ने 7-15 आयु वर्ग के बच्चों के लिए एमबीयू के शुल्क को 1 अक्टूबर 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए माफ कर दिया था। इसके अलावा, 5-7 वर्ष और 15-17 वर्ष के बच्चों के लिए एमबीयू निःशुल्क बना हुआ है।स्कूलों में आयोजित शिविरों के अलावा, बच्चे देश भर में चल रहे आधार नामांकन केंद्रों और आधार सेवा केंद्रों में भी अपना आधार पंजीकरण फॉर्म भर सकते हैं। इसी अवधि में इन केंद्रों पर आने वाले बच्चों द्वारा लगभग 1.3 करोड़ आधार पंजीकरण फॉर्म भरे जा चुके हैं।

Read More

‘ आधार’ के शुभंकर ‘ उदय’ ने बच्चों से मुलाकात कर आधार का महत्व बताया

खबर है..लखनऊ.. राजभवन, लखनऊ में आयोजित प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दौरान आधार के शुभंकर ‘उदय’ (UDAI)’ ने बच्चों से मुलाकात की। बच्चों ने उत्साहपूर्वक उदय के साथ सहभागिता की और इस आनंददायक अनुभव का आनंद लिया। इस पहल के माध्यम से 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पर बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) और बच्चों के आधार नामांकन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। इस मौके पर राजभवन परिसर में आधार नामांकन/अपडेट शिविर का भी लगाया गया है, जहाँ आगंतुकों को आधार से संबंधित विभिन्न सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही है तथा उन्हें समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराने के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। आधार कैंप में प्रदर्शनी के पहले दिन आधार कैंप में 45 लोगों के आधार से संबंधित कार्यों को किया गया।भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UDAI) क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के उप महानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह के पहल पर नागरिकों, विशेषकर अभिभावकों और बच्चों में आधार सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सुगम सेवाएँ को लेकर राजभवन की प्रदर्शनी में आधार’ के शुभंकर ‘ उदय’ के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। श्री सिंह ने बताया कि राजभवन प्रदर्शनी में लगे आधार कैंप के जरिए आधार से संबंधित कार्यों को रविवार तक कराया जा सकता है।

Read More

मेरठ रेलवे स्टेशन पर दिखेगी प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की झलक : अश्विनी वैष्णव

खबर है..नई दिल्ली: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 6 फरवरी को राज्यसभा में मेरठ की ऐतिहासिक विरासत और वहां के रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि मेरठ का इतिहास हमारे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857) से गहराई से जुड़ा हुआ है। सरकार की यह प्राथमिकता है कि रेलवे स्टेशन का स्वरूप इस गौरवशाली इतिहास को प्रतिबिंबित करे।इतिहास और आधुनिकता का संगम सदन को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि मेरठ का इतिहास जितना भव्य है, उसी के अनुरूप स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरठ इतिहास में एक विशेष स्थान रखता है। जिस तरह का मेरठ का गौरवशाली इतिहास है। उसके हिसाब से ही वहां के स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है।सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी की पहल की सराहना अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी के प्रयासों की विशेष प्रशंसा की। रेलमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं सांसद महोदय से व्यक्तिगत अनुरोध किया था कि वे मेरठ के वरिष्ठ नागरिकों और प्रबुद्ध जनों के साथ चर्चा करें, ताकि स्टेशन के डिजाइन में स्वतंत्रता आंदोलन की वास्तविक झलक को समाहित किया जा सके।मंत्री ने कहा कि मैं सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इस दिशा में बहुत ही सकारात्मक पहल की। उन्होंने स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों के साथ बैठकर मंथन किया और एक नया डिजाइन प्रस्तुत किया है। वर्तमान में स्टेशन पर काम उसी नए डिजाइन के आधार पर तेजी से चल रहा है।

Read More

गाजियाबाद ‘कोरियन गेम केस’: ऑनलाइन गेमिंग और मानसिक दबाव ने खड़े किए गंभीर सवाल

खबर है..गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसे “कोरियन गेम केस” के नाम से जाना जा रहा है। इस घटना ने न सिर्फ गाजियाबाद बल्कि पूरे देश में ऑनलाइन गेमिंग और बच्चों की मानसिक सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गाजियाबाद की एक हाउसिंग सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों के साथ हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग और कोरियन डिजिटल कंटेंट से गहराई से जुड़ी हुई थीं। बताया जा रहा है कि वे एक टास्क-आधारित ऑनलाइन गेम खेल रही थीं, जिसमें लगातार चैलेंज और मानसिक दबाव बना रहता था। परिवार के अनुसार, जब बच्चों के मोबाइल फोन और गेमिंग पर रोक लगाई गई, तो उनके व्यवहार में अचानक बदलाव देखा गया। पुलिस को घटनास्थल से हस्तलिखित नोट और डायरी भी मिली हैं, जिनमें भावनात्मक बातें लिखी हुई थीं और परिवार से माफी मांगी गई थी। इससे यह संकेत मिलता है कि बच्चियां मानसिक तनाव और दबाव से गुजर रही थीं। इस मामले के सामने आने के बाद ऑनलाइन गेमिंग की लत, बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम और मानसिक स्वास्थ्य एक बार फिर गंभीर बहस का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना निगरानी के ऑनलाइन गेम्स, अत्यधिक मोबाइल उपयोग और सामाजिक दूरी बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा और खतरनाक असर डाल सकते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह घटना केवल एक खबर नहीं, बल्कि माता-पिता, स्कूलों और समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

Read More

अमर नाथ सहाय बने लखनऊ परिक्षेत्र के नये क्षेत्रीय प्रबंधक

खबर है..लखनऊउत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम प्रबंधतंत्र ने मंगलवार को लखनऊ परिक्षेत्र के नये क्षेत्रीय प्रबंधक के रूप में अमर नाथ सहाय की तैनाती की है। बीते 31 जनवरी को क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी के रिटायरमेंट के बाद खाली पड़े पद पर रोडवेज मुख्यालय पर तैनात प्रभारी प्रधान प्रबंधक (एमआईएस) के पद पर तैनात अमर नाथ सहाय को लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक की जिम्मेदारी दी गई है। वर्ष 2015 में श्री सहाय ने रोडवेज में कैसरबाग डिपो के सहायक क्षेत्र प्रबंधक के रूप में सेवा शुरू की थी। मौजूदा समय में रोडवेज के जनसंपर्क अधिकारी के रूप में भी श्री सहाय कामकाज देख रहे हैं। इसके अलावा कैसरबाग डिपो में जितेंद्र प्रसाद और चारबाग डिपो की कमान बनारसी राम को सौंपी गई है।

Read More

सिंधिया ने एक घंटे में हटवाया खेल मैदान से अतिक्रमण फिर खुद खेला युवाओं के साथ क्रिकेट

खबर है..अशोकनगर/मध्य प्रदेश केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने क्षेत्रीय प्रवास के दौरान युवाओं की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए खेल मैदान को अतिक्रमण से मुक्त कराया। ग्राम डूंगरसरा में सबस्टेशन के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान युवाओं द्वारा दी गई शिकायत पर उन्होंने तत्काल कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए, जिसके बाद प्रशासन ने मात्र एक घंटे में मैदान से अतिक्रमण हटा दिया। इसके पश्चात सिंधिया ने हटाए गए अतिक्रमण वाले मैदान पर युवाओं के साथ क्रिकेट खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया ।

Read More

माघी पूर्णिमा : प्रयाग जं. पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

खबर हैलखनऊ माघी पूर्णिमा के अवसर पर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी ने प्रयाग जंक्शन रेलवे स्टेशन का गहन निरीक्षण किया। मेला अवधि में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं । निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, टिकटिंग व्यवस्था, एम-यूटीएस (M-UTS) के माध्यम से डिजिटल टिकटिंग की प्रगति, श्रद्धालुओं के आवागमन, होल्डिंग एरिया की व्यवस्थाएँ, डिजिटल लॉकर सुविधा, यात्री सूचना प्रणाली, स्वच्छता एवं पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की उपलब्धता, दिव्यांगजनों हेतु सुविधाएँ, प्लेटफॉर्म एवं फुट ओवर ब्रिज पर भीड़ नियंत्रण, तथा सुरक्षा एवं संरक्षा व्यवस्थाओं को परखा ।श्री तिवारी ने इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर के माध्यम से प्रयाग जंक्शन एवं प्रयाग–फाफामऊ रेलवे स्टेशन की रियल-टाइम निगरानी कर भीड़ प्रबंधन, ट्रेन परिचालन एवं यात्री सुविधाओं की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए व्यवस्थाओं पर नजर रखें ताकि आवागमन करने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो सके। उन्होंने बताया कि माघ मेला अवधि में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा उत्तर रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी व्यवस्थाएँ 24×7 निगरानी में संचालित की जा रही हैं, ताकि यात्रियों को परेशानी ना हो सके।

Read More