दिल्ली-एनसीआर में बीएस-IV डीज़ल वाणिज्यिक वाहनों को वैध आयु पूरी होने तक चले : एआईएमटीसी

खबर है..नई दिल्लीदेश के सड़क परिवहन क्षेत्र के सर्वोच्च संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने दिल्ली-एनसीआर में बीएस-IV डीज़ल वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने तथा 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में उनके प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।एआईएमटीसी ने कहा कि प्रस्तावित प्रतिबंधों से हजारों ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, फ्लीट मालिकों, वाहन चालकों और छोटे उद्यमियों की आजीविका प्रभावित होगी, क्योंकि उनकी निर्भरता बीएस-IV वाहनों पर है। संगठन का कहना है कि ये वाहन उस समय लागू सरकारी नीतियों, कानूनों और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वैध रूप से खरीदे और पंजीकृत किए गए थे।एआईएमटीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल ने कहा,“बीएस-IV वाणिज्यिक वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध अनुचित, मनमाना और हजारों ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों के लिए आर्थिक रूप से विनाशकारी साबित होगा। परिवहन व्यवसायियों ने इन वाहनों में करोड़ों रुपये का निवेश इस भरोसे के साथ किया था कि उन्हें निर्धारित आयु तक संचालन की अनुमति मिलेगी। ऐसे वाहनों को समय से पहले सड़कों से हटाना कानून का पालन करने वालों को दंडित करने जैसा है।”सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवालाएआईएमटीसी ने 17 दिसंबर 2025 को एम.सी. मेहता बनाम भारत सरकार एवं अन्य मामला में आए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि बीएस-IV और उससे उच्च उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के मालिकों के विरुद्ध केवल वाहन की आयु के आधार पर कठोर कार्रवाई न करने की बात कही गई थी। संगठन का तर्क है कि इससे स्पष्ट होता है कि बीएस-IV वाहनों को उनकी वैध आयु पूरी करने तक संचालन की अनुमति मिलनी चाहिए।डॉ. सभरवाल ने कहा कि बीएस-IV वाहनों की तुलना बीएस-I, बीएस-II और बीएस-III वाहनों से नहीं की जा सकती, क्योंकि इनमें उन्नत प्रदूषण नियंत्रण तकनीक और आधुनिक एग्जॉस्ट सिस्टम लगे हैं। वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के साथ ये वाहन निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं।एआईएमटीसी ने चेतावनी दी कि अचानक प्रतिबंध से परिवहन क्षेत्र, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स लागत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न, दवाइयों, औद्योगिक सामान और निर्माण सामग्री की आपूर्ति प्रभावित होने से इसका असर आम जनता तक पहुंच सकता है।एआईएमटीसी की प्रमुख मांगेंबीएस-IV वाणिज्यिक वाहनों को फिटनेस मानकों और वैध PUCC के आधार पर निर्धारित आयु पूरी होने तक संचालन की अनुमति दी जाए।वैध रूप से खरीदे और पंजीकृत वाहनों को समय से पहले अनुपयोगी घोषित न किया जाए।1 नवंबर 2026 से दिल्ली-एनसीआर में बीएस-IV वाहनों के प्रवेश एवं संचालन पर प्रस्तावित प्रतिबंध वापस लिया जाए। बीएस-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तन के लिए सरकार कम से कम 50% प्रोत्साहन (इंसेंटिव) प्रदान करे।एआईएमटीसी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण महत्वपूर्ण राष्ट्रीय लक्ष्य है, लेकिन पर्यावरणीय नीतियों को व्यावहारिक, न्यायसंगत और सामाजिक रूप से संतुलित तरीके से लागू किया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि कानून का पालन करने वाले ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की आर्थिक स्थिरता और आजीविका की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

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दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों-ब बसों को बदलने के लिए ₹9,585 करोड़ की योजना को मंजूरी

दिल्ली-एनसीआर में करीब 2.07 लाख वाहन मालिकों (1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसें) को इसका लाभ मिलने का अनुमान खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पुराने ट्रकों और बसों के प्रतिस्थापन की दो वर्षीय ऐतिहासिक योजना को मंजूरी दी है। इस योजना पर कुल ₹9,585 करोड़ खर्च किए जाएंगे।योजना का वित्तपोषण नेशनल कैपिटल विजन प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) द्वारा किया जाएगा, जबकि इसका क्रियान्वयन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय करेंगे। इसे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सहयोग से लागू किया जाएगा।योजना के तहत बीएस-IV या उससे पुराने ट्रक और बस मालिकों को अपने वाहनों को बीएस-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। दिल्ली-एनसीआर में करीब 2.07 लाख वाहन मालिकों (1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसें) को इसका लाभ मिलने का अनुमान है।सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में पीएम 2.5 प्रदूषण का 14 प्रतिशत, कार्बन मोनोऑक्साइड का 40 प्रतिशत और नाइट्रोजन ऑक्साइड का 63 प्रतिशत उत्सर्जन परिवहन क्षेत्र से होता है। कुल वाहनों में मात्र 3 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के बावजूद ट्रक और बसें पीएम 2.5 उत्सर्जन का 36 प्रतिशत योगदान करती हैं।योजना के प्रमुख लाभकेंद्र सरकार की ओर से 5 वर्ष तक ऋण पर 5% ब्याज सब्सिडी।वाहन श्रेणी के अनुसार ₹4,800 तक मासिक ईंधन वाउचर।इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एकमुश्त प्रोत्साहन राशिराज्यों द्वारा पंजीकरण शुल्क माफ और मोटर वाहन कर में 100% तक छूट।ऑटो कंपनियों की ओर से एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक छूट।बीएस-III या उससे पुराने वाहनों को पंजीकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा, जबकि बीएस-IV वाहनों को एनसीआर के बाहर। गैर-एनसीएपी शहरों में बेचा या स्क्रैप किया जा सकेगा।योजना का संचालन पूरी तरह डिजिटल पोर्टल के माध्यम से होगा, जिससे पात्रता जांच, सब्सिडी, ईंधन वाउचर और प्रदूषण में कमी की निगरानी वास्तविक समय में की जा सकेगी। इसकी निगरानी कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार समिति करेगी।

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दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का शुभारंभ, मिली विकास को नई रफ्तार

खबर है..नई दिल्लीदेश के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए आज 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून, उत्तराखंड में 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी इस अवसर पर उपस्थित रहे। 213 किमी लंबाई वाला यह 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाई स्पीड कॉरिडोर दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा समय को 6 घंटे से घटाकर 3 घंटे करेगा तथा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के लिए श्री गडकरी जी ने आदरणीय प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त किया।यह तेज मल्टी-लेन कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से होकर गुजरता है। इस परियोजना के कार्यान्वयन में निर्बाध हाई स्पीड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), चार प्रमुख पुल और सड़क किनारे 12 जन सुविधाओं (वे साइड अमेनिटीज) का निर्माण भी शामिल है। यात्रियों के लिए सुरक्षित और अधिक कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए यह कॉरिडोर उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएम) से सुसज्जित है।इस परियोजना क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों को ध्यान में रखते हुए, इस कॉरिडोर को कई विशेषताओं के साथ डिजाइन किया गया है, जिनका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष में अत्यधिक कमी लाना है। जंगली जानवरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए, परियोजना में वन्यजीव संरक्षण की कई विशेष सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनमें 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास होगा। कॉरिडोर में आठ पशु मार्ग, 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी शामिल है।दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क बढ़ाएगा। चार धाम, ऋषिकेश, हरिद्वार और मसूरी तक पहुंच आसान कर पर्यटन को नई ऊर्जा देगा। इस परियोजना से बागपत, शामली और सहारनपुर में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार सृजन के अवसर निर्मित होंगे। सहारनपुर के लकड़ी नक्काशी और मुजफ्फरनगर के कागज उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। कृषि उत्पादों की तेज आवाजाही संभव होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य, शिक्षा केंद्रों तक पहुंच आसान होगी और जीवन स्तर में सुधार होगा। यह कॉरिडोर पूरे क्षेत्र में व्यापार और विकास के नए रास्ते खोलकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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12-दिवसीय ‘ट्राइब्स आर्ट फेस्ट 2026’ नई दिल्ली में संपन्न

खबर है..नई दिल्ली जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘ट्राइब्स आर्ट फेस्ट 2026’ का शुक्रवार को नई दिल्ली के के.जी. मार्ग स्थित त्रावणकोर पैलेस में भव्य समारोह के साथ समापन हो गया। यह समापन समारोह जनजातीय कला, संस्कृति और रचनात्मकता के 12-दिवसीय उत्सव की परिणति का प्रतीक था। इस उत्सव में देश भर से जनजातीय कलाकारों, समकालीन कलाकारों, सांस्कृतिक समूहों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।प्रदर्शनी में 10,000 से अधिक आगंतुक शामिल हुए, जो भारत की समृद्ध जनजातीय कला परंपराओं के प्रति बढ़ती जन रुचि और सराहना को दर्शाता है। यह उत्सव कलात्मक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन जुड़ाव के लिए जीवंत मंच साबित हुआ, जिसमें 30 से अधिक जनजातीय कला रूपों, 70 जनजातीय कलाकारों और 1,000 से अधिक कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के दौरान, समकालीन कलाकारों ने भी जनजातीय कलाकारों के साथ मिलकर काम किया, जिसके परिणामस्वरूप अद्वितीय रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ सामने आईं। उनमें पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कलात्मक पद्धतियों का सुंदर मेल देखने को मिला।इस उत्सव में व्यावहारिक कार्यशालाएँ, जीवंत कला प्रदर्शन और संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे आगंतुकों को जनजातीय कला रूपों और परंपराओं के साथ करीब से जुड़ने का अवसर मिला। देश के विभिन्न क्षेत्रों के जनजातीय समूहों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पारंपरिक संगीत और नृत्य के प्रदर्शन के माध्यम से इस उत्सव की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।समापन समारोह की शुरुआत गणमान्य व्यक्तियों के आगमन और प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ हुई, जिसके बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया। इस कार्यक्रम की शोभा मुख्य अतिथि के रूप में माननीय केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने बढ़ाई। माननीय केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, और जनजातीय कार्य मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने विशिष्ट अतिथि के रूप में इसमें भाग लिया। इस अवसर पर जानी-मानी इन्फ्लुएंसर जय मदान और फिक्की से ज्योत्सना सूरी भी जनजातीय कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित रही।

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दिल्ली आर्मी हॉस्पिटल विश्वव्यापी उपलब्धि

एक्वस एंजियोग्राफी के साथ मिनिमली इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी खबर है..नई दिल्ली ग्लूकोमा सर्जरी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के सर्जनों ने मोतियाबिंद सर्जरी के साथ-साथ इंट्राऑपरेटिव एक्वस एंजियोग्राफी द्वारा निर्देशित हाइड्रस माइक्रोस्टेंट का विश्व का पहला सफल प्रत्यारोपण किया है। यह अभूतपूर्व प्रक्रिया 10 मार्च, 2026 को उन्नत सर्जिकल उपकरणों और हीडलबर्ग रेटिना एंजियोग्राफ (एचआरए) की इमेजिंग तकनीक का उपयोग करके की गई, जिससे तत्क्षण एक्वस आउटफ्लो मार्गों को देखा जा सके।यह नवीन तकनीक श्लेम नहर के भीतर इम्प्लांट को सटीक और लक्षित तरीके से स्थापित करने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे एक्वस ड्रेन प्रणाली में सुधार होता है और ग्लूकोमा के रोगियों के लिए बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। यह उपलब्धि न्यूनतम चीर-फाड़ वाली ग्लूकोमा सर्जरी में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सारिन के नेतृत्व में रक्षा बलों में अत्याधुनिक नेत्र संबंधी नवाचार और रोगी देखभाल को आगे बढ़ाने में आधुनिकीकरण को दर्शाता है।

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दिल्ली मेट्रो की लाइन 7 और लाइन 8 का विस्तार शुरू

एल्सटॉम की ट्रेन और सिग्नल सिस्टम से होगा संचालन खबर है..नई दिल्ली एल्सटॉम ने लाइन 7 के एक्सटेंशन के लिए सिग्नलिंग समाधान उपलब्ध कराए हैं और लाइन 7 तथा लाइन 8 के एक्सटेंशन के लिए मेट्रो ट्रेनें भी प्रदान की हैं।लाइन 7, जिसे पिंक लाइन के नाम से भी जाना जाता है, भारत की पहली सर्कुलर मेट्रो लाइन बनने जा रही है। यह देश की सबसे लंबी मेट्रो लाइन भी होगी, जहां बिना ड्राइवर के चलने वाली ट्रेन तकनीक (जीओए4) का उपयोग किया जाएगा।एल्सटॉम की आधुनिक तकनीकों से लैस दिल्ली मेट्रो दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में से एक बनने की ओर बढ़ रही है, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के यात्रियों को सुगम, तेज और पर्यावरण के अनुकूल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। 9 मार्च 2026 – स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी कंपनी एल्सटॉम ने आज दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के साथ मिलकर दिल्ली मेट्रो की लाइन 7 और लाइन 8 के विस्तार पर यात्री सेवा शुरू होने का जश्न मनाया। इसके तहत मजलिस पार्क से मौजपुर (लाइन 7 – पिंक लाइन) और मजलिस पार्क से दीपाली चौक (लाइन 8 – मैजेंटा लाइन) के बीच सेवा शुरू कर दी गई है। भविष्य में इस लाइन का विस्तार आरके आश्रम और जनकपुरी तक किया जाएगा।इन एक्सटेंशन के लिए एल्सटॉम आधुनिक मेट्रोपोलिस मेट्रो ट्रेनसेट और अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम उपलब्ध करा रहा है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के यात्रियों को और अधिक सुगम, तेज और पर्यावरण-अनुकूल कनेक्टिविटी मिलेगी। लाइन-8 के इस मौजूदा विस्तार का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की तीन लाइनों येलो लाइन (बदली पर), रेड लाइन (मधुबन चौक पर) और पिंक लाइन (मजलिस पार्क पर) के बीच इंटरचेंज की सुविधा प्रदान करता है।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए एल्सटॉम इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर ओलिवियर लोइसन ने कहा कि हम डीएमआरसी के लंबे समय से साझेदार होने पर सम्मानित और गर्व महसूस करते हैं। दिल्ली मेट्रो आज दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में से एक बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है और इस यात्रा का हिस्सा होना हमारे लिए महत्वपूर्ण है। हम मिलकर यात्रियों को सुरक्षित, कुशल और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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राष्ट्रपति ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में हुईं शामिल

एक महिला तभी सशक्त होगी जब वह स्वतंत्र निर्णय ले सके : मुर्मु खबर है..नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 2 मार्च, 2026 को दिल्ली में आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में भाग लिया और इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली सरकार द्वारा किया गया था।राष्ट्रपति ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। सैनिक के रूप में वे देश की सीमाओं की रक्षा कर रही हैं। वैज्ञानिक के रूप में वे प्रयोगशालाओं में शोध कर रही हैं। खेल-प्रतियोगिताओं में वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं। राजनीति, सामाजिक सेवा, प्रशासन और व्यापार जैसे सभी क्षेत्रों में आज महिलाएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि देशभर में दीक्षांत समारोहों में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की बढ़ती संख्या एक प्रेरणादायक तस्वीर प्रस्तुत करती है। हालांकि यह भी एक सच्चाई है कि महिलाओं को आज भी हिंसा, आर्थिक असमानता, सामाजिक रूढ़िवादिता और स्वास्थ्य संबंधी उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य इन बाधाओं को दूर करके ही प्राप्त किया जा सकता है। एक महिला सशक्त तभी होगी जब वह स्वतंत्र निर्णय ले सके, आत्मसम्मान से जी सके और उसे समान अवसर व सुरक्षा मिले। एक सशक्त महिला न केवल अपना जीवन बदल सकती है, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों की दिशा भी बदल सकती है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना शिक्षा और लड़कियों की सुरक्षा को बढ़ावा दे रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लाखों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर उनके स्वास्थ्य की रक्षा कर रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करा रही है। लखपति दीदी योजना जैसी पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी पहल महिलाओं के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इन सभी प्रयासों से महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति में सुधार हो रहा है। हालांकि हमें यह याद रखना चाहिए कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह समाज के प्रत्येक सदस्य और संस्था की जिम्मेदारी है। महिलाओं को शिक्षित करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें प्रोत्साहन एवं सहायता प्रदान करना हमारा कर्तव्य है। हमें महिलाओं को आश्वस्त करना चाहिए कि वे सपने देख सकती हैं और उन्हें साकार कर सकती हैं और हम उनके सपनों को साकार करने में उनके साथ खड़े हैं।

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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की ‘पिक एंड ड्रॉप’ लेन हुई पैसेंजर फ्रेंडली

खबर है..नई दिल्ली दिल्ली की अति व्यस्ततम रेलवे स्टेशन ‘नई दिल्ली’ की पिक एंड ड्रॉप लेन की सुविधा अब पैसेंजर फ्रेंडली हो गई है। नई दिल्ली स्टेशन पर अजमेरी गेट की ओर एक्सेस कंट्रोल पार्किंग सिस्टम है। यहां यात्रियों को पिक एंड ड्रॉप के लिए निर्धारित पार्किंग लेन को सुव्यवस्थित कर दिया गया है। इस लेन में प्राइवेट अथवा कमर्शियल कार को ही प्रवेश मिलता है। इस वजह से यात्रियों को लाने और ले जाने में अधिक समय नहीं लगता है और कार अधिकतम आठ मिनट में लेन से बाहर हो जाती हैं। निजी कार चालकों के लिए यह आठ मिनट की पार्किंग नि:शुल्क है।गौरतलब है कि बीते दिनों नई दिल्ली स्टेशन पर पिक एंड ड्रॉप लेन में वाहनों के अनावश्यक जाम लगे रहने और इस वजह से कारों के लेन से जल्दी बाहर ना निकलने की शिकायतें मिलती रहती थीं। लिहाजा कार चालकों को अधिक पार्किंग शुल्क देना पड़ता था। इस तरह की परेशानियों को समझने और स्थलीय सर्वेक्षण के बाद दिल्ली मंडल रेलवे के आला अधिकारियों ने सुविधाजनक समाधान निकाला है। इसके तहत निर्धारित पिक एंड ड्रॉप लेन में प्राइवेट और कमर्शियल कारों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। लेन में अनावश्यक कारों की खड़े होने को लेकर जाम स्थिति पैदा ना हो इसलिए वहां मार्शल के तौर पर पूर्व सैनिकों की तैनाती की गई है। यह मार्शल 24 घंटे पार्किंग लेन की निगरानी करते हैं। स्टेशन परिसर में वाहनों के आने जाने को लेकर विभिन्न तरह के मूवमेंट प्लान बनाए गए हैं। इस वजह से स्टेशन पर आने-जाने वाले वाहनों के लिए पार्किंग लेन पैसेंजर फ्रेंडली हो गई। इसी तरह की सुव्यवस्थित वाहन व्यवस्था निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन परिसर में लाने की योजना बनाई जा रही है। विज्ञापन होर्डिंग से बढ़ेगी दिल्ली रेल मंडल की आय, एमसीडी से अनुबंध जल्द :दिल्ली रेल मंडल अपने स्टेशन परिसर के बाहरी हिस्से पर लगाए जाने वाले विज्ञापन होर्डिंग से आय बढ़ने की संभावना है। इसके लिए दिल्ली रेल मंडल और दिल्ली नगर निगम के बीच जल्द अनुबंध होने वाला है। इस अनुबंध से विज्ञापन होर्डिंग से होने वाली आमदनी की 75% धनराशि रेलवे को जबकि 25% धनराशि एमसीडी को मिलेगी। बीते एक दशक से इन विज्ञापन होर्डिंग से होने वाली पूरी आमदनी एमसीडी को जा रही थी। उच्चस्तरीय हस्तक्षेप के बाद दोनों के बीच विवाद सुलझ गया है और रेलवे के लिए आमदनी का रास्ता साफ हो गया है।नया फूड प्लाजा :निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर फिर नया फूड प्लाजा खुलेगा। इससे रेलयात्रियों क स्वादिष्ट खानपान की सुविधा मिलेगी। इससे पहले यहां फूड प्लाजा चल रहा था लेकिन बाद में वह बंद हो गया था। इसी जगह पर रेलवे की ओर फूड प्लाजा खोलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं।एटीवीएम :दिल्ली रेल मंडल के अधीन आने वाले बड़े रेलवे स्टेशनों पर 115 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन जल्द ही लगने वाले हैं। इससे रेलयात्रियों को टिकट विंडो पर लाइन लगाए बिना आसानी से टिकट मिल सकेगा।

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रेल मंत्रालय का प्रस्ताव पर मुहर, आधा दर्जन महाप्रबंधकों की नियुक्ति

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक बने राजेश कुमार पांडे खबर है..नई दिल्ली कैबिनेट कमिटी आफ अपॉइंटमेंट ने रेल मंत्रालय के उसे प्रस्ताव पर मोहर लगा दी, जिसमें आधा दर्जन अधिक नये महाप्रबंधकों की नियुक्ति का किया जाना था। नई नियुक्तियों में राजेश कुमार पांडे उत्तर रेलवे दिल्ली के नए महाप्रबंधक बनाए गए हैं जबकि शलभ गोयल को सेंट्रल रेलवे मुंबई का महाप्रबंधक नियुक्त किया गया है।डीओपीटी के परिपत्र के अनुसार मनोरंजन प्रधान को रेल व्हील फैक्ट्री बेंगलुरु, आशुतोष पंत को बनारस लोकोमोटिव वर्क्स वाराणसी, मोहित चंद्र को चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स चितरंजन, आशीष बंसल को एनएफ रेलवे कंस्ट्रक्शन गुवाहाटी और अजय नंदन को रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला का महाप्रबंधक तथा प्रभास धनसाना को आरडीएसओ का महानिदेशक बनाया गया है।

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इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026, वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर में 51 नये एआई स्टार्टअप का प्रदर्शन

खबर है..नई दिल्ली भारत के उभरते मीडिया और मनोरंजन नवाचार इकोसिस्टम को एक बड़ा प्रोत्साहन देते हुए, एवीजीसी-एक्सआर (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) और मीडिया टेक क्षेत्र के 51 होनहार स्टार्टअप, सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा संचालित वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 के दौरान अपने उत्पादों और प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करेंगे। यह एक्सपो 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।इन स्टार्टअप्स की भागीदारी वेवएक्स के सहयोग से संभव हो पाई है, जो भारत की नवाचार-आधारित रचनात्मक अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है। वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर स्टार्टअप्स के लिए एक गतिशील मंच के रूप में कार्य करेगा, जहां वे उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों, नीति निर्माताओं और वैश्विक हितधारकों के समक्ष एआई-संचालित समाधान, आकर्षक कहानी कहने के प्रारूप, गेमिंग नवाचार, वर्चुअल प्रोडक्शन टूल्स और अगली पीढ़ी की कंटेंट टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन कर सकेंगे।यह चयनित समूह भारत के तेजी से बढ़ते एवीजीसी-एक्सआर परिदृश्य के विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है। एआई-सक्षम एनिमेशन पाइपलाइन और रीयल-टाइम रेंडरिंग इंजन से लेकर आकर्षक एक्सआर अनुभव और गेमिफाइड लर्निंग प्लेटफॉर्म तक, प्रदर्शित स्टार्टअप्स कंटेंट निर्माण, वितरण और दर्शकों के जुड़ाव को पुनर्परिभाषित करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परिवर्तनकारी क्षमता को दर्शाते हैं।इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 में, “वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर” में “भारत एआई के लिए विचार” की एक भविष्यवादी श्रृंखला प्रदर्शित की जाएगी, जो मीडिया नवाचार को दर्शकों के साथ गहन जुड़ाव के साथ जोड़ती है। स्टार्टअप और तकनीकी विकासकर्ता “ज़ीरो-टच ऑटोनॉमस न्यूज़रूम” प्रस्तुत कर रहे हैं, जो एक अभूतपूर्व प्रणाली है जो लाइव इवेंट फीड को हिंदी, अंग्रेजी और तमिल में बहुभाषी “ब्रेकिंग न्यूज़” बुलेटिन में मानवीय हस्तक्षेप के बिना परिवर्तित करती है। इस कॉर्नर में “भाषा-दीवार” भी है, जो एक विशाल वीडियो ग्रिड है। यह एआई सांकेतिक भाषा अवतार के साथ आठ भारतीय भाषाओं में वास्तविक समय में लिप-सिंक डबिंग प्रदर्शित करती है।

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