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नई दिल्ली
भारत का पहले सहकारी नेतृत्व वाला राइड हीलिंग प्लेटफार्म भारत टैक्सी का सीधा मुनाफा चालकों को मिल रहा है। यह प्लेटफॉर्म शून्य-कमीशन मॉडल पर काम करता है, जिसमें चालकों को मुनाफे का सीधा वितरण होता है, जो निवेश-संचालित एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के लिए एक घरेलू और स्वदेशी विकल्प प्रदान करता है।
यह जानकारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। सहकारिता मंत्रालय रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और जमीनी स्तर पर आर्थिक भागीदारी के साधन के रूप में सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत टैक्सी की परिकल्पना चालकों को जिन्हें सारथी कहा जाता है स्वामित्व, शासन और मूल्य सृजन के केंद्र में रखकर मोबिलिटी के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी इंटरवेंशन के रूप में की गई है। यह सुविधा नागरिकों को मोबिलिटी और परिवहन सुविधा देने में कारगर साबित हो रही है।
अभी तक भारत टैक्सी सेवा दिल्ली एनसीआर-दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ और द्वारका में काम कर रही है। भारत टैक्सी ऐप में 990,082 पंजीकृत ग्राहक और 3 लाख से अधिक पंजीकृत चालक हैं जो 291,665 राइड पूरी कर चुके हैं। आने वाले समय में, भारत टैक्सी की योजना 2029 तक राष्ट्रीय उपस्थिति के साथ चरणवार रोलआउट करने की है।
वर्तमान में एप द्वारा सुविधा शुल्क, प्लेटफ़ॉर्म शुल्क या कमीशन के रूप में कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, भारत टैक्सी द्वारा संचालित हवाई अड्डे के प्रीपेड बूथों पर, प्रचालन खर्चों का ध्यान रखने के लिए किराए पर 7% सेवा शुल्क लगाया जाता है।
भारत टैक्सी स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और एक समर्पित ड्राइवर सहायता प्रणाली के माध्यम से सारथी के लिए सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। यह दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र संचालित करता है, तेजी से आपातकालीन सहायता और सत्यापित सवारी डेटा प्रदान करता है, ड्राइवरों को विशिष्टता प्रतिबंधों के बिना अन्य प्लेटफार्मों पर काम करने की स्वतंत्रता देता है, और “बाइक दीदी” जैसी पहल के माध्यम से महिला सशक्तीकरण को सक्रिय रूप से बढ़ावा देता है, जिसके तहत 150 से अधिक महिला चालक पहले ही मंच से जुड़ चुकी हैं।
भविष्य को देखते हुए, भारत टैक्सी ने सभी राज्यों और शहरों में राष्ट्रव्यापी विस्तार, हर राज्य में समर्पित सहायता केंद्रों की स्थापना, चालक सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करने और एक संधारणीय, समावेशी और सहकार-संचालित मोबिलिटी इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के साथ गहन एकीकरण की योजना बनाई है।
भारत टैक्सी : चालकों को मुनाफे का सीधा मिल रहा फायदा “बाइक दीदी” मंच से जुड़ी 150 से अधिक महिला चालक
