आहार-2026: अंतरराष्ट्रीय खाद्य और आतिथ्य मेला

मेले में मिलेगा व्यवसाय को विस्तार का मौकाभारत मंडपम में व्यंजनों के साथ-साथ विचारों की चर्चा खबर है..नई दिल्ली बातचीत की निरंतर चर्चा, ताज़ी बनी हुई कॉफी की सुगंध और अभिनव भोजन प्रदर्शनों के दृश्य ने नई दिल्ली के भारत मंडपम के हॉल को भर दिया। आहार- अंतरराष्ट्रीय खाद्य और आतिथ्य मेले का 40वां संस्करण 10-14 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) और भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित, आहार खाद्य और आतिथ्य क्षेत्र के लिए दक्षिण एशिया के सबसे प्रमुख बी2बी मंच में से एक के रूप में उभरा है। प्रदर्शनी को जो चीज़ सबसे अलग बनाती है, वह न केवल भागीदारी का पैमाना है, बल्कि जिस तरह से यह खाद्य और आतिथ्य उद्योग में व्यवसायों के बढ़ने, व्‍यापक होने और विस्तार करने के लिए एक विश्वसनीय नाम और स्रोत के रूप में विकसित हुई है।आहार होटल, रेस्तरां, खानपान संस्थानों, आयातकों, वितरकों और आपूर्तिकर्ताओं को एक साथ लाता है, जिससे एक ऐसा मंच बनता है जहां बातचीत अक्सर व्यावसायिक साझेदारी में विकसित होती है। इन वर्षों में, प्रदर्शनी में एक दिलचस्प प्रवृत्ति देखी गई है: कई उद्यमी जो कभी आगंतुकों या खरीदारों के रूप में भाग लेते थे, अब अपने स्वयं के ब्रांडों के साथ प्रदर्शकों के रूप में आए हैं। उनकी यात्राएं दर्शाती हैं कि मेले में निरंतर भागीदारी से व्यावसायिक अंतर्दृष्टि कैसे प्राप्त हो सकती है, बाज़ार संबंध बन सकते हैं और अंततः उद्यमशीलता के विकास को बढ़ावा मिल सकता है।

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12-दिवसीय ‘ट्राइब्स आर्ट फेस्ट 2026’ नई दिल्ली में संपन्न

खबर है..नई दिल्ली जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘ट्राइब्स आर्ट फेस्ट 2026’ का शुक्रवार को नई दिल्ली के के.जी. मार्ग स्थित त्रावणकोर पैलेस में भव्य समारोह के साथ समापन हो गया। यह समापन समारोह जनजातीय कला, संस्कृति और रचनात्मकता के 12-दिवसीय उत्सव की परिणति का प्रतीक था। इस उत्सव में देश भर से जनजातीय कलाकारों, समकालीन कलाकारों, सांस्कृतिक समूहों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।प्रदर्शनी में 10,000 से अधिक आगंतुक शामिल हुए, जो भारत की समृद्ध जनजातीय कला परंपराओं के प्रति बढ़ती जन रुचि और सराहना को दर्शाता है। यह उत्सव कलात्मक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन जुड़ाव के लिए जीवंत मंच साबित हुआ, जिसमें 30 से अधिक जनजातीय कला रूपों, 70 जनजातीय कलाकारों और 1,000 से अधिक कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के दौरान, समकालीन कलाकारों ने भी जनजातीय कलाकारों के साथ मिलकर काम किया, जिसके परिणामस्वरूप अद्वितीय रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ सामने आईं। उनमें पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कलात्मक पद्धतियों का सुंदर मेल देखने को मिला।इस उत्सव में व्यावहारिक कार्यशालाएँ, जीवंत कला प्रदर्शन और संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे आगंतुकों को जनजातीय कला रूपों और परंपराओं के साथ करीब से जुड़ने का अवसर मिला। देश के विभिन्न क्षेत्रों के जनजातीय समूहों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पारंपरिक संगीत और नृत्य के प्रदर्शन के माध्यम से इस उत्सव की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।समापन समारोह की शुरुआत गणमान्य व्यक्तियों के आगमन और प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ हुई, जिसके बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया। इस कार्यक्रम की शोभा मुख्य अतिथि के रूप में माननीय केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने बढ़ाई। माननीय केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, और जनजातीय कार्य मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने विशिष्ट अतिथि के रूप में इसमें भाग लिया। इस अवसर पर जानी-मानी इन्फ्लुएंसर जय मदान और फिक्की से ज्योत्सना सूरी भी जनजातीय कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित रही।

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कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र से मिले नवाचार को बढ़ावा : देबाश्री मुखर्जी

राष्ट्रीय कौशल योग्यता समिति (एनएसक्यूसी) की 48वीं बैठक का आयोजन सचिव, एमएसडीई एवं अध्यक्ष, एनसीवीईटी की अध्यक्षता में किया गया खबर है..नई दिल्ली कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की सचिव और राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) की अध्यक्ष देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के निरंतर प्रयासों और एनसीवीईटी की नियामक संरचना के माध्यम से कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र से नवाचार को बढ़ावा देना चाहिए, नियामक अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एवं भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण के लिए उद्योग की आवश्यकताओं के साथ निकटता से जुड़ना चाहिए। उसने प्रकाश डाला कि तेजी से बदलते श्रम बाजार में कर्मचारियों की अनुकूलता एवं रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें कई कौशलों से युक्त करना कितना महत्वपूर्ण है।कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की सचिव और राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) की अध्यक्ष देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कौशल योग्यता समिति (एनएसक्यूसी) की 48वीं बैठक का आयोजन गुरुवार 12 मार्च 2026 को किया गया। बैठक के दौरान, समिति ने विभिन्न क्षेत्रों में एनसीवीईटी द्वारा मान्यता प्राप्त विभिन्न प्रमाणन निकायों द्वारा प्रस्तुत योग्यताओं, राष्ट्रीय व्यावसायिक मानकों (एनओएस) एवं सूक्ष्म प्रमाण पत्रों (एमसी) की समीक्षा पर बातचीत की। इन प्रमाणन निकायों में इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, उपकरण निर्माण, लोहा एवं इस्पात, हाइड्रोकार्बन, सौंदर्य एवं स्वास्थ्य तथा पर्यावरण क्षेत्र शामिल हैं। समिति ने नई योग्यताओं को अपनाने और विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत वर्तमान में लागू कुछ योग्यताओं के विस्तार से संबंधित एजेंडा मदों पर भी विचार किया।इस बैठक में प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार गाबा, कार्यकारी सदस्य, एनसीवीईटी; डॉ. सुहास देशमुख, निदेशक और परिषद के सचिव, एनसीवीईटी; ग्रामीण विकास मंत्रालय और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय सहित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले एनएसक्यूसी के सदस्य; क्षेत्र के विशेषज्ञ और अन्य प्रमुख हितधारक उपस्थित हुए। विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र कौशल योग्यताओं की गुणवत्ता, प्रासंगिकता और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं तथा राष्ट्रीय कौशल विकास प्राथमिकताओं के साथ उनके तालमेल को मजबूत करना था।कुल 18 पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्थाओं ने समिति के समक्ष अपनी योग्यताएं प्रस्तुत कीं। कुल मिलाकर, संस्थाओं से प्राप्त 43 योग्यताओं, एनओएस और एमसी पर विचार किया गया, जिनमें प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी), भारतीय कृषि कौशल परिषद, सौंदर्य एवं स्वास्थ्य क्षेत्र कौशल परिषद, भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र कौशल परिषद, गणपत विश्वविद्यालय, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र कौशल परिषद, जलकार्बन क्षेत्र कौशल परिषद, भारतीय लौह एवं इस्पात क्षेत्र कौशल परिषद, इंस्ट्रूमेंटेशन ऑटोमेशन सर्विलांस कम्युनिकेशन सेक्टर स्किल काउंसिल, चमड़ा क्षेत्र कौशल परिषद, हरित रोजगार कौशल परिषद, खनन क्षेत्र कौशल परिषद, पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल परिषद, पश्चिम बंगाल राज्य तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास परिषद, हरियाणा नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचकेसीएल), राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर), तमिलनाडु कौशल विकास निगम (टीएनएसडीसी) और भारतीय इंजीनियरिंग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार विश्वविद्यालय (बीईएसटीयू) भी शामिल हैं।

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दिल्ली आर्मी हॉस्पिटल विश्वव्यापी उपलब्धि

एक्वस एंजियोग्राफी के साथ मिनिमली इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी खबर है..नई दिल्ली ग्लूकोमा सर्जरी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के सर्जनों ने मोतियाबिंद सर्जरी के साथ-साथ इंट्राऑपरेटिव एक्वस एंजियोग्राफी द्वारा निर्देशित हाइड्रस माइक्रोस्टेंट का विश्व का पहला सफल प्रत्यारोपण किया है। यह अभूतपूर्व प्रक्रिया 10 मार्च, 2026 को उन्नत सर्जिकल उपकरणों और हीडलबर्ग रेटिना एंजियोग्राफ (एचआरए) की इमेजिंग तकनीक का उपयोग करके की गई, जिससे तत्क्षण एक्वस आउटफ्लो मार्गों को देखा जा सके।यह नवीन तकनीक श्लेम नहर के भीतर इम्प्लांट को सटीक और लक्षित तरीके से स्थापित करने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे एक्वस ड्रेन प्रणाली में सुधार होता है और ग्लूकोमा के रोगियों के लिए बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। यह उपलब्धि न्यूनतम चीर-फाड़ वाली ग्लूकोमा सर्जरी में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सारिन के नेतृत्व में रक्षा बलों में अत्याधुनिक नेत्र संबंधी नवाचार और रोगी देखभाल को आगे बढ़ाने में आधुनिकीकरण को दर्शाता है।

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प्रधानमंत्री तिरुचिरापल्ली में पांच ट्रेनों को दिखाएंगे हरी झंडी

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 11 मार्च 2026 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से दो अमृत भारत एक्सप्रेस, दो एक्सप्रेस रेलगाड़ियों और एक पैसेंजर ट्रेन, तथा केरल के एर्णाकुलम से एक और पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। ये नई ट्रेन सेवाएं सामूहिक रूप से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड के लाखों यात्रियों को लाभ पहुंचाएंगी। इस अवसर पर केरल में तीन पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों का उद्घाटन भी किया जाएगा और शोरनूर-निलांबुर रेलवे लाइन विद्युतीकरण परियोजना राष्ट्र को समर्पित की जाएगी।दक्षिण भारत का औद्योगिक केंद्र, अब पूरब से जुड़ा :तमिलनाडु में एक ऐसा शहर है जहां दो रेलवे स्टेशन एक-दूसरे से मुश्किल से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, फिर भी अब तक, उनमें से कोई भी अपने लोगों को झारखंड के खनिज-समृद्ध क्षेत्र के लिए सीधी ट्रेन सेवा प्रदान नहीं कर सका था। वह शहर कोयंबटूर है। लेकिन अब यह स्थिति बदलने वाली है, जब प्रधानमंत्री मोदी तिरुचिरापल्ली से ‘पोदानूर-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाएंगे। दक्षिण के करघा-नगरों से लेकर पूरब के कोयला-खदानों से घिरे पठारों तक, भारतीय रेल ने उस मांग को पूरा किया है जिसे यह क्षेत्र दशकों से संजोए हुए था। पोदानूर जंक्शन कोयंबटूर का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे केंद्र है और शहर के दक्षिणी छोर पर स्थित है, यह इस नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ का शुरुआती स्टेशन है। इसके कुछ ही मिनटों बाद कोयंबटूर जंक्शन आता है, जो इसका पहला कमर्शियल हॉल्ट (ठहराव) है। ये दोनों स्टेशन मिलकर कोयंबटूर के लाखों लोगों को ऐसी रेलगाड़ी तक पहुँचने के दो रास्ते उपलब्ध कराते हैं, जो सीधे धनबाद तक जाती है। एक ही ट्रेन, जो आपके घर से लेकर आपकी मंज़िल तक का सफ़र तय करती है।पहले, इस यात्रा का मतलब होता था—चेन्नई या विजयवाड़ा के लिए ट्रेन पकड़ना, वहाँ घंटों इंतज़ार करना, और फिर दूसरी ट्रेन पकड़ना; जिससे पहले से ही लंबे इस सफ़र में एक पूरा दिन और जुड़ जाता था। नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ने इस पूरे समीकरण को ही बदल दिया है। यह साप्ताहिक सेवा है; यह हर शनिवार सुबह पोदानूर से रवाना होगी और सोमवार तड़के धनबाद पहुँच जाएगी, जबकि वापसी की सेवा हर सोमवार को धनबाद से चलेगी। रास्ते में सलेम, रेनिगुंटा, विजयवाड़ा, झारसुगुड़ा और राँची जैसे स्टेशनों से गुज़रते हुए, यह नई साप्ताहिक रेलगाड़ी उस पूरे कॉरिडोर के हर बड़े स्टेशन से गुजरेगी, जो दक्षिण भारत के औद्योगिक केंद्र को पूर्वी भारत की ‘एनर्जी बेल्ट’ से जोड़ता है।

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निर्वाचन आयोग ने की पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों की समीक्षा

खबर है..नई दिल्ली मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर आज कोलकाता में आगामी पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की।समीक्षा दौरे के समय आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों जैसे आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और नेशनल पीपुल्‍स पार्टी के प्रतिनिधियों और राज्य के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों जैसे अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की और उनके सुझाव मांगे।अधिकांश राजनीतिक दलों ने पश्चिम बंगाल राज्य में निर्वाचन आयोग द्वारा किए जा रहे एसआईआर की व्यापक प्रक्रिया की सराहना की और निर्वाचन आयोग पर अपना पूरा विश्वास जताया। राजनीतिक दलों ने आयोग से आगामी चुनावों के दौरान मतदाताओं के साथ किसी भी प्रकार की आक्रामकता या धमकी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने निर्वाचन आयोग से शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का आह्वान किया।उन्होंने निर्वाचन आयोग से प्रत्येक मतदाता को सुरक्षा प्रदान करने और चुनाव के दौरान हिंसा को रोकने के लिए बड़ी संख्या में सीएपीएफ तैनात करने का आह्वान किया। पार्टियों ने कुछ दलों द्वारा कच्चे बमों, अवैध हथियारों, धन और बाहुबल के इस्तेमाल की आशंका को लेकर चिंता व्यक्त की। राजनीतिक दलों ने आयोग से एक या दो चरणों में चुनाव कराने का आग्रह किया।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया कि देश में चुनाव कानून के अनुसार होते हैं और निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाताओं या निर्वाचन कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा और धमकी के प्रति बिल्कुल भी सहनशीलता नहीं दिखाएगा।राजनीतिक दलों ने आयोग को आश्वासन दिया कि वे पश्चिम बंगाल में हिंसा-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने में पूरा सहयोग करेंगे।

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दिल्ली मेट्रो की लाइन 7 और लाइन 8 का विस्तार शुरू

एल्सटॉम की ट्रेन और सिग्नल सिस्टम से होगा संचालन खबर है..नई दिल्ली एल्सटॉम ने लाइन 7 के एक्सटेंशन के लिए सिग्नलिंग समाधान उपलब्ध कराए हैं और लाइन 7 तथा लाइन 8 के एक्सटेंशन के लिए मेट्रो ट्रेनें भी प्रदान की हैं।लाइन 7, जिसे पिंक लाइन के नाम से भी जाना जाता है, भारत की पहली सर्कुलर मेट्रो लाइन बनने जा रही है। यह देश की सबसे लंबी मेट्रो लाइन भी होगी, जहां बिना ड्राइवर के चलने वाली ट्रेन तकनीक (जीओए4) का उपयोग किया जाएगा।एल्सटॉम की आधुनिक तकनीकों से लैस दिल्ली मेट्रो दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में से एक बनने की ओर बढ़ रही है, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के यात्रियों को सुगम, तेज और पर्यावरण के अनुकूल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। 9 मार्च 2026 – स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी कंपनी एल्सटॉम ने आज दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के साथ मिलकर दिल्ली मेट्रो की लाइन 7 और लाइन 8 के विस्तार पर यात्री सेवा शुरू होने का जश्न मनाया। इसके तहत मजलिस पार्क से मौजपुर (लाइन 7 – पिंक लाइन) और मजलिस पार्क से दीपाली चौक (लाइन 8 – मैजेंटा लाइन) के बीच सेवा शुरू कर दी गई है। भविष्य में इस लाइन का विस्तार आरके आश्रम और जनकपुरी तक किया जाएगा।इन एक्सटेंशन के लिए एल्सटॉम आधुनिक मेट्रोपोलिस मेट्रो ट्रेनसेट और अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम उपलब्ध करा रहा है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के यात्रियों को और अधिक सुगम, तेज और पर्यावरण-अनुकूल कनेक्टिविटी मिलेगी। लाइन-8 के इस मौजूदा विस्तार का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की तीन लाइनों येलो लाइन (बदली पर), रेड लाइन (मधुबन चौक पर) और पिंक लाइन (मजलिस पार्क पर) के बीच इंटरचेंज की सुविधा प्रदान करता है।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए एल्सटॉम इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर ओलिवियर लोइसन ने कहा कि हम डीएमआरसी के लंबे समय से साझेदार होने पर सम्मानित और गर्व महसूस करते हैं। दिल्ली मेट्रो आज दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में से एक बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है और इस यात्रा का हिस्सा होना हमारे लिए महत्वपूर्ण है। हम मिलकर यात्रियों को सुरक्षित, कुशल और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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T-20 फाइनल के चलते साबरमती के लिए चलेगी विशेष ट्रेन

खबर है..नई दिल्ली बढ़े फ्लाइट टिकट तथा टिकटों की अनुपलब्धता के चलते रविवार को अहमदाबाद में होने वाले टी20 फाइनल मैच देखने जाने वाले लोगों की सहूलियत के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है।यह ट्रेन नई दिल्ली से आज रात 11:45 पर रवाना होगी और दिल्ली कैंट ,गुरुग्राम ,जयपुर होते हुए कल दोपहर 02:30 पर साबरमती पहुंचेगी। ट्रेन संख्या 04062 में कुल 19 कोच की इस ट्रेन में 3rd तथा 2nd ac के कोच हैं।

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पर्यटन परिवहन की समस्याओं के समाधान के संबंध में शेखावत से मिले

एआईएमटीसी ने राजस्थान में लैगेज करियर पर प्रतिबंध और उत्तराखंड में ग्रीन कार्ड का मुद्दा उठाया खबर है..नई दिल्ली ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर राजस्थान में छोटे पर्यटक वाहनों पर लैगेज करियर पर प्रतिबंध और उत्तराखंड में चार धाम यात्रा में बाहरी राज्यों के वाहनों के साथ ग्रीन कार्ड के भेदभाव का मुद्दा उठाया। केंद्रीय मंत्री ने ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल की बातों को ध्यान से सुना और समाधान का आश्वासन दिया।डॉ सभरवाल ने कहा कि बताया कि राजस्थान में पर्यटक वाहनों पर रूफ-माउंटेड लगेज कैरियर (छत पर यात्री सामान रखने की व्यवस्था) को अचानक बंद कर दिए जाने से पर्यटन वाहन संचालकों, विशेषकर छोटे वाहनों जैसे अर्बानिया, टेम्पो ट्रैवलर और टोयोटा क्रिस्टा आदि के ऑपरेटरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन छोटे पर्यटक वाहनों में यात्रियों के सामान के लिए पर्याप्त आंतरिक स्थान उपलब्ध नहीं होता, ऐसे में लगेज कैरियर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से पर्यटन संचालन में गंभीर व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। कई स्थानों पर पर्यटक वाहनों को रास्ते में रोका जा रहा है, जिससे संचालकों के साथ-साथ देशी-विदेशी पर्यटकों को भी असुविधा और अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।डॉ. सभरवाल ने स्पष्ट किया कि एआईएमटीसी बसों में अवैध वाणिज्यिक माल ढुलाई के लिए यात्री वाहनों के दुरुपयोग का कड़ा विरोध करता है और सरकार के इस उद्देश्य का पूरा समर्थन करता है। किंतु पर्यटकों के वैध सामान को ले जाने की अनुमति देना पर्यटन संचालन का एक आवश्यक हिस्सा है। इसलिए छोटे पर्यटक वाहनों में यात्रियों के सामान के लिए रूफ-माउंटेड लगेज कैरियर की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि पर्यटन गतिविधियां सुचारु रूप से चल सकें।डॉ. सभरवाल ने मंत्री का ध्यान उत्तराखंड में होने वाली चार धाम यात्रा के दौरान अन्य राज्यों में पंजीकृत पर्यटक वाहनों के साथ किए जा रहे कथित भेदभाव की ओर भी आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तराखंड में पंजीकृत वाहनों को छह माह की ग्रीन कार्ड वैधता दी जाती है, जबकि अन्य राज्यों के वाहनों को केवल 15 दिन की वैधता दी जाती है, जिससे देशभर से आने वाले पर्यटन ऑपरेटरों को बार-बार आवेदन और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

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रेल से पंजाब से सैरांग पहुंचा 25,900 क्विंटल चावल

मिजोरम के लॉजिस्टिक्स और खाद्य वितरण नेटवर्क को मिली मजबूती खबर है.. नई दिल्ली मिजोरम में यात्री और मालगाड़ी सेवाओं की शुरुआत के साथ यात्री परिवहन और माल ढुलाई में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। इस क्षेत्र में विकास होने से पर्यटन बढ़ने के साथ-साथ संपर्क मिजोरम में यात्री और मालगाड़ी सेवाओं की शुरुआत के साथ यात्री परिवहन और माल ढुलाई में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। इस क्षेत्र में विकास होने से पर्यटन बढ़ने के साथ-साथ संपर्क में सुधार हुआ है और आर्थिक विकास में भी योगदान मिला है।भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की पहली खाद्यान्न मालगाड़ी 3 मार्च, 2026 को सैरांग रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इस मालगाड़ी में पंजाब से लगभग 25,900 क्विंटल चावल से भरे 42 डिब्बे थे। यह राज्य में रेल आधारित माल ढुलाई संपर्क को मजबूत करने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सैरांग में एफसीआई की खाद्यान्न मालगाड़ी के सफलतापूर्वक पहुंचने से बढ़ती परिचालन क्षमता का पता चलता है। इससे मिजोरम के रसद एवं खाद्य वितरण नेटवर्क को सहयोग देने में रेलवे अवसंरचना की बढ़ती भूमिका स्‍पष्‍ट होती है।यह उल्लेख करना आवश्यक है कि 13 सितंबर, 2025 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन का उद्घाटन मिजोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। इस महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना ने राज्‍य की राजधानी आइजोल को भारत के रेलवे मानचित्र पर ला खड़ा किया है। इससे राज्य सीधे राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है। परिवहन में सुधार के अलावा, इस नई रेल लाइन से आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने और पूरे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।यह उल्लेख करना आवश्यक है कि 13 सितंबर, 2025 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन का उद्घाटन मिजोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। इस महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना ने राज्‍य की राजधानी आइजोल को भारत के रेलवे मानचित्र पर ला खड़ा किया है। इससे राज्य सीधे राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है। परिवहन में सुधार के अलावा, इस नई रेल लाइन से आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने और पूरे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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