उत्तर प्रदेश : 20 हजार करोड़ से रेलवे का होगा विकास

खबर हैलखनऊ देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में 20,000 करोड़ से रेलवे का विकास किया जाएगा। प्रदेशवासियों को दो हाई स्पीड कॉरिडोर की सुविधा मिली है। नई दिल्ली से वाराणसी तथा वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर आसान हो जाएगा। प्रदेश में रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए केंद्रीय बजट 2026- 27 में रिकॉर्ड बजट का आवंटन किया गया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के मुकाबले उत्तर प्रदेश को 18 गुना बजट ज्यादा का आवंटन हुआ है।यह जानकारी सोमवार को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे बोर्ड नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लखनऊ में डीआरएम कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया था।श्री वैष्णव ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश की जानकारी साझा करते हुए बताया कि केंद्रीय बजट में सूबे को 20 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहल पर तेजी से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए देश में सात हाई स्पीड कॉरिडोर का केंद्रीय बजट में रविवार को ऐलान किया गया जिसमें से दो कॉरिडोर नई दिल्ली- वाराणसी तथा वाराणसी- सिलीगुड़ी उत्तर प्रदेश में है। दिल्ली से यूपी, बिहार समेत पश्चिम बंगाल तक बुलेट ट्रेन की सुविधा जनता को मिलेगी।रेलमंत्री ने बताया हाई स्पीड कॉरिडोर का काम पूरा होने के बाद दिल्ली से वाराणसी की दूरी मात्र 3.50 घंटे में तथा वाराणसी से सिलीगुड़ी की दूरी 2:55 घंटे में तय की जा सकेगी। इन दोनों कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 1500 किलोमीटर बताई जा रही है। इन परियोजनाओं के जरिए वाराणसी को दिल्ली और सिलीगुड़ी जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ा जाएगा, जिससे धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्रों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो सकेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में विद्युतीकरण का कार्य 100 फ़ीसदी पूरा हो गया है। प्रदेश में 157 रेलवे स्टेशनों का निर्माण अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तेजी से किया जा रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का जैसे-जैसे निर्माण होगा वैसे-वैसे उनका संचालन उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से किया जाएगा। रेल बजट में उत्तर प्रदेश–20012 करोड़ से यूपी में रेलवे पकड़ेगी गति, पिछले बजट में मिले थे 19858 करोड़— 7746 करोड़ से 157 स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना में हो रहा निर्माण , 22 स्टेशनों पर काम पूरा— 4330 रूट किलोमीटर रेलखंड पर कवच सिस्टम सुरक्षा के लिए लगेगा। 71 में लग चुका। 2023 के लिए हो चुका टेंडर— वर्ष 2014 से अब तक 5500 किमी रेलखंड का निर्माण हो चुका है। स्विट्जरलैंड के रेलवे नेटवर्क के बराबर— उत्तर प्रदेश में विद्युतीकरण का 100 फ़ीसदी काम पूरा— उत्तर प्रदेश में 17 जोड़ी वंदे भारत और 18 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनों का संचालन–1694 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण— लखनऊ, गोरखपुर, गाजियाबाद समेत प्रदेश के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों का हो रहा रि-डेवलपमेंट— उत्तर प्रदेश में 92,000 करोड़ की परियोजनाओं पर हो रहा काम

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जायज मांगों की अनदेखी पर भड़के रेलकर्मी, चलेंगे संघर्ष के रास्ते पर : शिवगोपाल

खबर है..नई दिल्ली केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय की ओर से जायज मांगों की अनदेखी से रेलकर्मी भड़क गए हैं। लिहाजा वे संघर्ष के रास्ते पर चलने की चेतावनी दे रहे हैं। इसका आज दो फरवरी को प्रत्यक्ष उदाहरण देखने को मिला, जब देशभर के रेलवे मुख्यालय और कारखाने पर रेलकर्मियों ने जमकर प्रदर्शन किया। यह जोरदार प्रदर्शन ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के आह्वान पर रेलवे में शाखा स्तर तक किया गया और अखिल भारतीय मांग दिवस मनाया गया। फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रेलकर्मियों की मांग जायज है। इसको लेकर उनका गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लिहाजा आज अखिल भारतीय मांग दिवस मनाया गया ताकि उनकी आवाज भारत सरकार और रेल मंत्रालय तक पहुंचे सके। अखिल भारतीय मांग दिवस के अंतर्गत दिल्ली में नॉर्दर्न रेलवेमेंस यूनियन (एनआरएमयू) द्वारा महाप्रबंधक कार्यालय, बड़ौदा हाउस पर आयोजित प्रदर्शन सभा को सभा को शिव गोपाल मिश्र ने संबोधित करते हुए कहा कि यदि सरकार ने रेल कर्मचारियों की लंबित मांगों का तत्काल समाधान नहीं किया तो कर्मचारियों का गुस्सा और भड़केगा। उन्होंने कहा कि सरकार एवं रेल प्रशासन को रेल कर्मचारियों के कठिन परिश्रम को देखते हुए उनकी मांगों का शीघ्र समाधान करना ही होगा। लखनऊ ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के पहल पर सोमवार को अखिल भारतीय स्तर पर मांग दिवस मनाया गया। नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के नेतृत्व में उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में रेलकर्मियों ने लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए हुंकार भरी। कर्मचारियों ने लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने के लिए केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय का ध्यान आकर्षित किया।अखिल भारतीय मांग दिवस के अवसर पर नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन, लखनऊ मंडल के बैनर तले शाखा मुख्यालयों पर भोजनावकाश के दौरान सभाओं का आयोजन किया गया। यूनियन के मंडल अध्यक्ष सुधीर तिवारी तथा मंडल मंत्री विभूति मिश्रा के नेतृत्व में रेलकर्मियों ने रनिंग स्टाफ के किलोमीटरh भत्ता (केएमए) की दरों में बढ़ोत्तरी, नए वेतनमान एवं भत्ते को एक जनवरी 2026 से लागू करना, रेलकर्मियों को मिलने वाले पास और पीटीओ में माता-पिता को भी शामिल करना सहित अन्य कई मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। लंबित मांगों पर तत्काल नहीं दिया ध्यान तो होगा भीषण संघर्ष : शिव गोपाललखनऊ। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन और नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने कहा कि अगर सरकार तत्काल रेल कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान नहीं करती है तो आगे भीषण संघर्ष का रास्ता अख्तियार करने के लिए हम बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि रेल कर्मचारियों के कठिन परिश्रम को देखते हुए उनकी मांगों का तत्काल समाधान करना ही होगा।

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माघी पूर्णिमा : प्रयाग जं. पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

खबर हैलखनऊ माघी पूर्णिमा के अवसर पर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी ने प्रयाग जंक्शन रेलवे स्टेशन का गहन निरीक्षण किया। मेला अवधि में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं । निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, टिकटिंग व्यवस्था, एम-यूटीएस (M-UTS) के माध्यम से डिजिटल टिकटिंग की प्रगति, श्रद्धालुओं के आवागमन, होल्डिंग एरिया की व्यवस्थाएँ, डिजिटल लॉकर सुविधा, यात्री सूचना प्रणाली, स्वच्छता एवं पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की उपलब्धता, दिव्यांगजनों हेतु सुविधाएँ, प्लेटफॉर्म एवं फुट ओवर ब्रिज पर भीड़ नियंत्रण, तथा सुरक्षा एवं संरक्षा व्यवस्थाओं को परखा ।श्री तिवारी ने इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर के माध्यम से प्रयाग जंक्शन एवं प्रयाग–फाफामऊ रेलवे स्टेशन की रियल-टाइम निगरानी कर भीड़ प्रबंधन, ट्रेन परिचालन एवं यात्री सुविधाओं की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए व्यवस्थाओं पर नजर रखें ताकि आवागमन करने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो सके। उन्होंने बताया कि माघ मेला अवधि में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा उत्तर रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी व्यवस्थाएँ 24×7 निगरानी में संचालित की जा रही हैं, ताकि यात्रियों को परेशानी ना हो सके।

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कर्तव्य भवन में तैयार किया पहला केंद्रीय बजट, तीन कर्तव्यों से प्रेरित

खबर है..नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को संसद में आम बजट पेश किया। वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट युवा शक्ति संचालित बजट है। बजट में गरीब, शोषित व वंचित समुदायों पर विशेष ध्यान रखा गया है। केंद्र सरकार का यह पहला बजट नवनिर्मित कर्तव्य होने तैयार किया गया है जहां वित्त मंत्रालय काम कर रहा है।कर्तव्य भवन में तैयार आम बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य है आर्थिक वृद्धि को तेज करना व बनाए रखना। दूसरा कर्तव्य है लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना और तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के विज़न से जुड़ा है।बजट के अनुसार नया आयकर अधिनियम, 2025; अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा, सरलीकृत आयकर नियम और फॉर्म जल्द ही अधिसूचित किए जाएगे। जुर्माना और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाने के लिए प्रक्रियाओं की गुणत्मकता को कम करना जरूरी बनाया गया है।बजट में कुछ प्राथमिक सहकारी समितियों को प्राप्त रियायत को पशु खाद्य और कपास बीच तक विस्तारित करने का प्रावधान है। 15.5 प्रतिशत साझा सेफ हार्बर मार्जिन के साथ सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं की एकल श्रेणी बनाई गई है। आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सुविधा हेतु 300 करोड़ रुपये की सीमा को बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये किया गया है औरविदेशी क्लाउड सेवा प्रदात्ता को 2047 तक टैक्स हॉलीडे दिया जाएगा। अनुमान आधार पर टैक्स देने वाले सभी अप्रवासियों को न्यूनतम वैकल्पिक टैक्स से छूट मिलेगी। कर निर्धारण वर्ष 2027-28 से आईसीडीएस पर आधारित पृथक लेखा जरूरत को समाप्त करने के लिए मंत्रालय इंडएएस को संशोधित करने हेतु संयुक्त समिति का गठन करेगा।वायदा सौदों पर एसटीटी को वर्तमान के 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया जाएगा।बैटरी के लिथियम आयन सेल के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत वस्तुओं को प्राप्त मूल सीमा शुल्क छूट को विस्तार दिया जाएगा। महत्वपूर्ण खनिज के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तु के आयात के सीमा शुल्क पर छूट दी जाएगी। व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात की जाने वाली वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा। 17 औषधियों या दवाओं पर मूल सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी।बायोफॉर्मा शक्ति, जिसका कुल परिव्यय 10,000 करोड़ रुपये है बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए इको-सिस्टम का निर्माण करेगी। भविष्य के चैम्पियन के रूप में एमएसएमई बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई विकास निधि का प्रस्ताव है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बीई-2025-26 के 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है।पर्यावरण की दृष्टि से सतत यात्री प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए शहरों के बीच सात उच्च गति रेल गलियारे ‘वृद्धि परिवहन सम्पर्क’ के रूप में विकसित किए जाएंगे। भारतीय रचना प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई 15,000 उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेट निर्माण लैब की स्थापना करेगा। उच्च शिक्षा और एसटीईएम संस्थानों में छात्राओं की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।सरकार ने घोषणा करते हुए कहा कि आईआईएम की साझेदारी में, हाईब्रिड मोड में एक मानक, उच्च गुणवत्ता वाले 12-सप्ताह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के माध्यम से 20 पर्यटन स्थलों में 10,000 गाइड के कौशल का उन्नयन किया जाएगा। खेलो इंडिया मिशन अगले दशक में खेल क्षेत्र को परिवर्तित कर देगा। एक बहु-भाषी एआई उपकरण के रूप में भारत-विस्तार कृषि पोर्टलों और कृषि तौर-तरीकों पर आईसीएआर पैकेज को एआई प्रणालियों के साथ एकीकृत करेगा। विदेशी यात्रा पैकेज पर वर्तमान के 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है। सीमा शुल्क भंडार गृह रूपरेखा का बदलाव भंडार गृह संचालक केन्द्रित प्रणाली के किया जाएगा, जिसमें स्व-घोषणा, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जोखिम आधारित लेखा की व्यवस्था होगी। वित्त वर्ष के अंत तक विभिन्न सरकारी एजेंसियों से कार्गो निकासी मंजूरियों को एकल और आपस में जुड़े डिजिटल विंडो के जरिए निर्बाध रूप से प्रसंस्कृत किया जाएगा।

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