राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर नकद भुगतान एक अप्रैल से बंद !

र्टोल प्लाजा पर टोल भुगतान केवल फास्टैग या यूपीआई खबर है..नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक अप्रैल, 2026 से देश भर के राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन को पूरी तरह बंद करने पर विचार कर रहा है। इस कार्यान्वयन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर सभी टोल भुगतान केवल फास्टैग या एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग करके डिजिटल माध्यमों से ही किए जाएंगे।प्रस्तावित उपाय का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह में हासिल की गई प्रगति को सुदृढ़ करना और राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा के संचालन की दक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाना है। यह परिवर्तन लेन की कार्यक्षमता में सुधार करके टोल प्लाजा पर भीड़भाड़ को कम करके और टोल लेनदेन में अधिक स्थिरता और पारदर्शिता लाकर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए ‘आवागमन को सुगम’ बनाने में मदद करेगा‌ : पिछले कुछ वर्षों में 98 प्रतिशत से अधिक फास्टैग के उपयोग ने देश में टोल वसूली के तरीकों में महत्वपूर्ण बदलाव ला दिया है। वर्तमान में, टोल लेनदेन का एक बड़ा हिस्सा वाहनों में लगे आरएफआईडी-सक्षम फास्टैग के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से संसाधित किया जाता है, जिससे टोल प्लाजा पर निर्बाध और संपर्क रहित आवागमन संभव हो पाता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर यूपीआई भुगतान सुविधा भी शुरू कर दी गई है जिससे देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रियों के लिए त्वरित और सुलभ डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध हो गए हैं।राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के अनुसार वैध और चालू फास्टैग के बिना टोल प्लाजा में प्रवेश करने वाले वाहनों से नकद भुगतान करने पर लागू उपयोगकर्ता शुल्क का दुगुना शुल्क लिया जाता है। वहीं, यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से लागू वाहन श्रेणी के लिए केवल 1.25 गुना उपयोगकर्ता शुल्क लिया जाता है। इन पहलों ने सामूहिक रूप से नकद लेनदेन पर निर्भरता कम करने और टोल प्रणाली को डिजिटल बनाने के उद्देश्य को आगे बढ़ाया है।प्लाज़ा स्तर पर किए गए आकलन से पता चलता है कि नकद भुगतान से भीड़भाड़ बढ़ती है, व्यस्त यातायात समय में प्रतीक्षा अवधि बढ़ जाती है और लेन-देन संबंधी विवाद उत्पन्न होते हैं। केवल डिजिटल भुगतान प्रणाली पर पूर्णतः परिवर्तन से परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी, यातायात प्रबंधन में सुधार होगा, विलंब कम होगा और देश भर के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर स्थित 1,150 से अधिक टोल प्लाजाओं पर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं का समग्र अनुभव बेहतर होगा।

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प्रधानमंत्री 22 फरवरी को करेंगे मेरठ का दौरा

खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी शनिवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर 12.30 बजे शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां से वे मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो का सफर करेंगे। दोपहर लगभग 1 बजे, प्रधानमंत्री मेरठ में लगभग 12,930 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।प्रधानमंत्री 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे भारत की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) के शेष खंडों का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें दिल्ली में सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच का 5 किलोमीटर का खंड और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ और मोदीपुरम के बीच का 21 किलोमीटर का खंड शामिल है।180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ, नमो भारत भारत की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है। नमो भारत से साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्र दिल्ली से अधिक तेजी से जुड़ पाएगें। कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन सराय काले खान, इस उद्घाटन के साथ शुरू होने वाले चार नमो भारत स्टेशनों में से एक है। यह रणनीतिक रूप से एक प्रमुख मल्टी-मॉडल हब के रूप में स्थित है, जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड को सरलता से जोड़ता है। शुरू होने वाले अन्य तीन नमो भारत स्टेशन शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम मेरठ में हैं।प्रधानमंत्री मेरठ दक्षिण और मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन करेंगे, जो नमो भारत के ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होगी। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है। मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली होगी, जिसकी अधिकतम परिचालन गति लगभग 120 किमी प्रति घंटा होगी।

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चलती ट्रेनों में अवैध वेंडरों पर कसेगा शिकंजा

एडीजी रेलवे और आईआरसीटीसी सीआरएम के बीच खानपान सुधार को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक खबर है..लखनऊ चलती ट्रेनों में मुसाफिरों को बेहतर खानपान सेवा मिले तथा अवैध वेंडरों पर अंकुश लगाने के लिए बृहस्पतिवार को एडीजी प्रकाश डी और आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में खानपान सेवाओं को सुचारू प्रबंधन में जीआरपी के सहयोग की चर्चा के साथ-साथ अवैध वेंडरों पर शिकंजा कसने की रणनीति बनी। साथ ही यात्रियों को बेहतर सेवा और कैटरिंग स्टाफ की सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई। जिन रूटों पर खानपान को लेकर दिक्कत है, वहां पर संयुक्त अभियान चलने पर सहमति बनी है।आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक (सीआरएम) अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि कुछ मामलों को लेकर खानपान की सेवाओं को प्रदान करने वाली टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जैसे डिब्बों में अत्यधिक भीड़, खानपान का सामान को रखने की कम जगह होना, मुसाफिरों की अत्यधिक मांग का दबाव तथा कुछ क्षेत्रों में अवैध वेंडर्स द्वारा मानक के विपरीत खाद्य पदार्थों को बिक्री करना आदि। इन सब से सेवा प्रदाता टीम को खानपान की सुचारू सुविधा देने में व्यवधान होता है, इसके लिए जीआरपी टीम की सहयोग की अपेक्षा की गई है।गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से करीब 150 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू होती हैं और लगभग 300 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें प्रदेश से होकर गुजरती हैं। इनमें से प्रमुख ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी की एस्कॉर्ट सुविधा भी उपलब्ध रहती है।श्री सिन्हा ने बातचीत के दौरान बताया कि कुछ रेलवे सेक्शन में खानपान सेवा प्रदाताओं को अनधिकृत वेंडर्स की समस्या से झूझना पड़ता है, जिसमे मुख्यतः प्रयाग-फूलपुर, प्रयागराज-वाराणसी, बनारस- भदोही, वाराणसी-रायबरेली, झाँसी-उरई-कानपुर, झाँसी-ललितपुर, इटावा-टुंडला, देवरिया-भटनी-छपरा, खलीलाबाद-गोण्डा-बाराबंकी, हरदोई-शाहजहांपुर-बरेली रेलखंड शामिल है।इस बैठक में जीआरपी लखनऊ जोन के आईजी आरके भारद्वाज भी उपस्थित रहे।

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फ्रांस सरकार के सहयोग से कानपुर में बनेगा विश्वस्तरीय राष्ट्रीय विमान उत्कृष्टता केंद्र

खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री श्नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन उन्नत आईटीआई (पीएम-एसईटीयू) योजना के तहत फ्रांस की सरकार के सहयोग से कानपुर के राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) में एरोनॉटिक्स और रक्षा क्षेत्र में कौशल विकास के लिए एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना की घोषणा की।प्रधानमंत्री ने यह घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान की, जब वे भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष और संबंधित सहयोग पहलों का उद्घाटन कर रहें थे, जिनमें एरोनॉटिक्स में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र भी शामिल है। कानपुर में प्रस्तावित यह उतकृष्टता केंद्र एरोनॉटिक्स में रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ), हवाई अड्डा संचालन, रक्षा विनिर्माण और संबद्ध क्षेत्रों में उन्नत कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसे एक विश्व स्तरीय संस्थान के रूप में परिकल्पना की किया गयी है, जो देश के बढ़ते एयरोस्पेस और रक्षा इको-सिस्टम को सहायता प्रदान करते हुए विमानन कौशल में भारत की क्षमता को मजबूत करेगा।केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में पीएम-एसईटीयू भारत के आईटीआई इको-सिस्टम के भविष्य को नया रूप दे रहा है। कानपुर स्थित राष्ट्रीय विमानन उत्कृष्टता केंद्र न केवल वैश्विक स्तर पर सक्षम विमानन पेशेवरों की एक नई पीढ़ी तैयार करेगा, बल्कि उभरते और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में फ्रांस के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को भी और मजबूत करेगा। इस केंद्र की स्थापना के लिए पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत भारत सरकार के कौशल विकास औऱ उद्यमिता मंत्रालय तथा फ्रांस की सरकार के बीच एक आशय पत्र का आदान-प्रदान किया गया है। यह पहल भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी तथा वर्ष 2025 में कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन पर आधारित है।

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प्रधानमंत्री ने कहा, भारत का एआई दृष्टिकोण ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का एआई दृष्टिकोण ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ पर आधारित है। एआई मानव-केंद्रित, समावेशी और लोकतांत्रिक होना चाहिए, ताकि मनुष्य केवल डेटा न बन जाए।उन्होंने ‘मानव’ (MANAV) विजन प्रस्तुत किया—नैतिकता, जवाबदेह शासन, राष्ट्रीय संप्रभुता, सुलभता और वैधता पर आधारित एआई।प्रधानमंत्री ने पारदर्शिता, ओपन कोड, डीपफेक पर नियंत्रण, डिजिटल प्रामाणिकता और बच्चों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई रोजगार, नवाचार और कौशल विकास के नए अवसर पैदा करेगा और भारत वैश्विक एआई समाधान का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित कई वैश्विक नेता उपस्थित रहे।

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एस्टोनिया के राष्ट्रपति पहुंचे भारत, राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात की

खबर है..नई दिल्ली एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस ने 19 फरवरी 2026 राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।एस्टोनिया गणराज्य के राष्ट्रपति के रूप में करिस की पहली भारत यात्रा पर उनका स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और एस्टोनिया के बीच मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, अंतर्राष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं।राष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि एस्टोनिया ने डिजिटल और एआई (AI) की दुनिया में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में एस्टोनिया की भागीदारी इस शिखर सम्मेलन के लिए अत्यंत मूल्यवान है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और एस्टोनिया का यह साझा विश्वास है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वैश्विक कल्याण का माध्यम बनना चाहिए। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि डिजिटल क्षेत्र में भारत और एस्टोनिया के बीच सार्थक सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि एस्टोनिया तकनीक और आईटी में उत्कृष्ट स्थान रखता है, जबकि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अत्यंत सशक्त और गतिशील है। एस्टोनिया की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के स्टार्टअप्स की ऊर्जा का संयोजन दोनों देशों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है।राष्ट्रपति ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के संबंध अब रणनीतिक गति के चरण में प्रवेश कर चुके हैं। भारत यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के सफल निष्कर्ष के लिए एस्टोनिया के समर्थन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह एफटीए समझौता नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

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रेल मंत्रालय का प्रस्ताव पर मुहर, आधा दर्जन महाप्रबंधकों की नियुक्ति

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक बने राजेश कुमार पांडे खबर है..नई दिल्ली कैबिनेट कमिटी आफ अपॉइंटमेंट ने रेल मंत्रालय के उसे प्रस्ताव पर मोहर लगा दी, जिसमें आधा दर्जन अधिक नये महाप्रबंधकों की नियुक्ति का किया जाना था। नई नियुक्तियों में राजेश कुमार पांडे उत्तर रेलवे दिल्ली के नए महाप्रबंधक बनाए गए हैं जबकि शलभ गोयल को सेंट्रल रेलवे मुंबई का महाप्रबंधक नियुक्त किया गया है।डीओपीटी के परिपत्र के अनुसार मनोरंजन प्रधान को रेल व्हील फैक्ट्री बेंगलुरु, आशुतोष पंत को बनारस लोकोमोटिव वर्क्स वाराणसी, मोहित चंद्र को चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स चितरंजन, आशीष बंसल को एनएफ रेलवे कंस्ट्रक्शन गुवाहाटी और अजय नंदन को रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला का महाप्रबंधक तथा प्रभास धनसाना को आरडीएसओ का महानिदेशक बनाया गया है।

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टूरिस्ट वाहन संचालकों की बल्ले-बल्ले, मिलेंगी कई सुविधाएं

बदल गया टूरिस्ट वाहनों का परमिट नियम, मिलेगा बढ़ावा खबर है..नई दिल्ली केंद्र सरकार ने ऑल इंडिया टूरिस्ट व्हीकल परमिट रूल्स 2023 मैं संशोधन करके उसे व्यवहारिक और सकारात्मक बना दिया है। इससे टूरिस्ट वाहन संचालकों के लिए कई सुविधाएं बेहतर हो गई है। इससे देश भर के टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर को उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ-साथ पर्यटकों को भी कम लागत में वाहन की अच्छी सुविधा प्राप्त हो सकेगी।सरकार के इस सार्थक कदम के लिए ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस (AIMTC), दिल्ली कॉन्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन (DCBA) एवं देशभर के टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की ओर से हम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया हैं। मंत्रालय ने 13 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना G.S.R. 131(E) के माध्यम से यह अधिसूचना जारी की है। यह जानकारी ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कंपनी अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने दी।AIMTC और DCBA के निरंतर प्रयासों से टूरिस्ट ऑपरेटरों के हित में कई महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव संभव हो सके हैं। 12 सितंबर 2025 को प्रस्तावित AITP नियम संशोधन पर संगठनों ने लगातार सुझाव दिए और मंत्रालय के साथ बैठकों में उद्योग का पक्ष मजबूती से रखा। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 13 फरवरी 2026 को नए संशोधित नियम जारी किए गए।मुख्य फायदे

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हरियाणा के तीन मंत्री मिले भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से

खबर है..नई दिल्ली हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, खाद्य आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर और खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की। दिल्ली स्थित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में यह शिष्टाचार भेंट हुई। इस दौरान भाजपा संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान पार्टी द्वारा उनके विधानसभा क्षेत्रों में चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों व प्रकल्पों को लेकर बातचीत हुई।

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राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ‘मधुमक्खी गलियारा’ विकसित करेगा एनएचएआई

खबर है..नई दिल्ली भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे परागणकारी या मधुमक्खी गलियारे विकसित करने की एक अनूठी पहल की घोषणा की है। सजावटी पौधारोपण से पारिस्थितिक पौधारोपण की ओर बदलाव को दर्शाते हुए इस ‘मधुमक्खी गलियारे’ में मधुमक्खी-अनुकूल वनस्पतियों, जिसमें फूलों के पेड़ और पौधे शामिल होंगे, की निरंतर रैखिक श्रृंखला होगी जो पूरे वर्ष मकरंद और पराग की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे पौधारोपण परागणकारी संरक्षण में सहयोग करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। यह पहल मधुमक्खियों और अन्य परागणकारी जीवों पर बढ़ते पारिस्थितिक तनाव को कम करने में मदद करेगी, जो परागण सेवाओं, कृषि और बागवानी उत्पादकता और समग्र पारिस्थितिक संतुलन को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अपनी पौधारोपण गतिविधियों को समर्पित परागणकारी या ‘मधुमक्खी गलियारे’ बनाने की दिशा में संरेखित करेगा। इस अनूठी पहल में वृक्षों, झाड़ियों, जड़ी-बूटियों और घासों का मिश्रण शामिल होगा, जो मकरंद और पराग से भरपूर प्रजातियों को लगाकर जंगली तत्वों को संरक्षित करेगा। साथ ही, परागणकारी जीवों के लिए लाभकारी मृत लकड़ी और खोखले तने भी लगाए जाएंगे। पौधों की प्रजातियों का चयन इस प्रकार किया जाएगा कि विभिन्न ऋतुओं में फूलों का खिलना अलग-अलग समय पर हो, जिससे पूरे वर्ष लगभग निरंतर फूल खिलने का चक्र बना रहे। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे नीम, करंज, महुआ, पलाश, बॉटल ब्रश, जामुन और सिरिस सहित देशी प्रजातियों के पेड़ और पौधे लगाए जाएंगे।कृषि-जलवायु परिस्थितियों और स्थानीय उपयुक्तता के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्गों और एनएचएआई के अन्य खाली भू खंडो पर ऐसे गलियारे विकसित किए जाएंगे। देशभर में स्थित एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय उन राष्ट्रीय राजमार्ग के खंडों की पहचान करेंगे, जहां लगभग 500 मीटर से 1 किलोमीटर के अंतराल पर फूलों वाले पेड़ों के समूह लगाए जा सकें, जो मधुमक्खियों और जंगली मधुमक्खियों की औसत चारा खोजने की दूरी के अनुरूप है। एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय 2026-27 के दौरान कम से कम तीन परागणकारी गलियारों की योजना बनाएंगे और उन्हें विकसित करेंगे। एनएचएआई का लक्ष्य वर्ष 2026-27 के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे लगभग 40 लाख पेड़ लगाने का है, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत पौधे ‘मधुमक्खी गलियारा’ पहल के अंतर्गत लगाए जाएंगे।यह अनुठी ‘मधुमक्खी गलियारा’ पहल पारिस्थितिक परिणामों को बेहतर बनाने में मदद करेगी, परागणकर्ताओं के संरक्षण में योगदान देगे और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार राष्ट्रीय राजमार्ग विकास के लिए एनएचएआई की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।

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