तिरुपति में कचरे से संसाधन बनाने की अनोखी पहल

खबर है..नई दिल्ली स्वच्छ भारत मिशन–शहरी 2.0 के अंतर्गत **तिरुपति नगर निगम ने कचरा प्रबंधन को सर्कुलर अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए एक अनुकरणीय मॉडल विकसित किया है। इस पहल के तहत फेंकी जाने वाली वस्तुओं को उपयोगी उत्पादों में बदलकर पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।शहर में विशेष रूप से तैयार किए गए अपसाइक्लिंग ड्रॉप बॉक्स लगाए गए हैं, जहां नागरिक पुरानी किताबें, कपड़े और जूते अलग-अलग सेक्शन में जमा कर सकते हैं। इन वस्तुओं को नियमित रूप से आरआरआर (रिड्यूस-रीयूज-रीसायकल) केंद्रों तक पहुंचाया जाता है, जहां उपयोग योग्य और अनुपयोगी सामग्री को अलग किया जाता है।अच्छी स्थिति वाले कपड़े और जूते जरूरतमंद लोगों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों को वितरित किए जाते हैं, जबकि पुरानी किताबों से नगर निगम स्कूलों में पुस्तकालय विकसित किए जा रहे हैं। वहीं अनुपयोगी कपड़ों को स्वयं सहायता समूहों को दिया जाता है, जो उन्हें डोरमैट, फुटमैट और कपड़े के थैलों जैसे पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों में बदलते हैं। इन उत्पादों की बाजार में बिक्री से महिलाओं की आय बढ़ रही है।इस पहल के तहत अब तक हजारों उपयोगी वस्तुओं का पुनः उपयोग किया जा चुका है और बड़ी मात्रा में कचरे को लैंडफिल में जाने से रोका गया है। तिरुपति का यह मॉडल दिखाता है कि सही सोच और जनभागीदारी से कचरे को संसाधन में बदला जा सकता है और स्वच्छ शहर का सपना साकार किया जा सकता है।

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राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर नकद भुगतान एक अप्रैल से बंद !

र्टोल प्लाजा पर टोल भुगतान केवल फास्टैग या यूपीआई खबर है..नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक अप्रैल, 2026 से देश भर के राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन को पूरी तरह बंद करने पर विचार कर रहा है। इस कार्यान्वयन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर सभी टोल भुगतान केवल फास्टैग या एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग करके डिजिटल माध्यमों से ही किए जाएंगे।प्रस्तावित उपाय का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह में हासिल की गई प्रगति को सुदृढ़ करना और राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा के संचालन की दक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाना है। यह परिवर्तन लेन की कार्यक्षमता में सुधार करके टोल प्लाजा पर भीड़भाड़ को कम करके और टोल लेनदेन में अधिक स्थिरता और पारदर्शिता लाकर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए ‘आवागमन को सुगम’ बनाने में मदद करेगा‌ : पिछले कुछ वर्षों में 98 प्रतिशत से अधिक फास्टैग के उपयोग ने देश में टोल वसूली के तरीकों में महत्वपूर्ण बदलाव ला दिया है। वर्तमान में, टोल लेनदेन का एक बड़ा हिस्सा वाहनों में लगे आरएफआईडी-सक्षम फास्टैग के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से संसाधित किया जाता है, जिससे टोल प्लाजा पर निर्बाध और संपर्क रहित आवागमन संभव हो पाता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर यूपीआई भुगतान सुविधा भी शुरू कर दी गई है जिससे देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रियों के लिए त्वरित और सुलभ डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध हो गए हैं।राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के अनुसार वैध और चालू फास्टैग के बिना टोल प्लाजा में प्रवेश करने वाले वाहनों से नकद भुगतान करने पर लागू उपयोगकर्ता शुल्क का दुगुना शुल्क लिया जाता है। वहीं, यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से लागू वाहन श्रेणी के लिए केवल 1.25 गुना उपयोगकर्ता शुल्क लिया जाता है। इन पहलों ने सामूहिक रूप से नकद लेनदेन पर निर्भरता कम करने और टोल प्रणाली को डिजिटल बनाने के उद्देश्य को आगे बढ़ाया है।प्लाज़ा स्तर पर किए गए आकलन से पता चलता है कि नकद भुगतान से भीड़भाड़ बढ़ती है, व्यस्त यातायात समय में प्रतीक्षा अवधि बढ़ जाती है और लेन-देन संबंधी विवाद उत्पन्न होते हैं। केवल डिजिटल भुगतान प्रणाली पर पूर्णतः परिवर्तन से परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी, यातायात प्रबंधन में सुधार होगा, विलंब कम होगा और देश भर के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर स्थित 1,150 से अधिक टोल प्लाजाओं पर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं का समग्र अनुभव बेहतर होगा।

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फ्रांस सरकार के सहयोग से कानपुर में बनेगा विश्वस्तरीय राष्ट्रीय विमान उत्कृष्टता केंद्र

खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री श्नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन उन्नत आईटीआई (पीएम-एसईटीयू) योजना के तहत फ्रांस की सरकार के सहयोग से कानपुर के राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) में एरोनॉटिक्स और रक्षा क्षेत्र में कौशल विकास के लिए एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना की घोषणा की।प्रधानमंत्री ने यह घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान की, जब वे भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष और संबंधित सहयोग पहलों का उद्घाटन कर रहें थे, जिनमें एरोनॉटिक्स में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र भी शामिल है। कानपुर में प्रस्तावित यह उतकृष्टता केंद्र एरोनॉटिक्स में रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ), हवाई अड्डा संचालन, रक्षा विनिर्माण और संबद्ध क्षेत्रों में उन्नत कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसे एक विश्व स्तरीय संस्थान के रूप में परिकल्पना की किया गयी है, जो देश के बढ़ते एयरोस्पेस और रक्षा इको-सिस्टम को सहायता प्रदान करते हुए विमानन कौशल में भारत की क्षमता को मजबूत करेगा।केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में पीएम-एसईटीयू भारत के आईटीआई इको-सिस्टम के भविष्य को नया रूप दे रहा है। कानपुर स्थित राष्ट्रीय विमानन उत्कृष्टता केंद्र न केवल वैश्विक स्तर पर सक्षम विमानन पेशेवरों की एक नई पीढ़ी तैयार करेगा, बल्कि उभरते और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में फ्रांस के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को भी और मजबूत करेगा। इस केंद्र की स्थापना के लिए पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत भारत सरकार के कौशल विकास औऱ उद्यमिता मंत्रालय तथा फ्रांस की सरकार के बीच एक आशय पत्र का आदान-प्रदान किया गया है। यह पहल भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी तथा वर्ष 2025 में कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन पर आधारित है।

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प्रधानमंत्री ने कहा, भारत का एआई दृष्टिकोण ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का एआई दृष्टिकोण ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ पर आधारित है। एआई मानव-केंद्रित, समावेशी और लोकतांत्रिक होना चाहिए, ताकि मनुष्य केवल डेटा न बन जाए।उन्होंने ‘मानव’ (MANAV) विजन प्रस्तुत किया—नैतिकता, जवाबदेह शासन, राष्ट्रीय संप्रभुता, सुलभता और वैधता पर आधारित एआई।प्रधानमंत्री ने पारदर्शिता, ओपन कोड, डीपफेक पर नियंत्रण, डिजिटल प्रामाणिकता और बच्चों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई रोजगार, नवाचार और कौशल विकास के नए अवसर पैदा करेगा और भारत वैश्विक एआई समाधान का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित कई वैश्विक नेता उपस्थित रहे।

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एस्टोनिया के राष्ट्रपति पहुंचे भारत, राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात की

खबर है..नई दिल्ली एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस ने 19 फरवरी 2026 राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।एस्टोनिया गणराज्य के राष्ट्रपति के रूप में करिस की पहली भारत यात्रा पर उनका स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और एस्टोनिया के बीच मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, अंतर्राष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं।राष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि एस्टोनिया ने डिजिटल और एआई (AI) की दुनिया में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में एस्टोनिया की भागीदारी इस शिखर सम्मेलन के लिए अत्यंत मूल्यवान है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और एस्टोनिया का यह साझा विश्वास है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वैश्विक कल्याण का माध्यम बनना चाहिए। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि डिजिटल क्षेत्र में भारत और एस्टोनिया के बीच सार्थक सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि एस्टोनिया तकनीक और आईटी में उत्कृष्ट स्थान रखता है, जबकि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अत्यंत सशक्त और गतिशील है। एस्टोनिया की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के स्टार्टअप्स की ऊर्जा का संयोजन दोनों देशों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है।राष्ट्रपति ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के संबंध अब रणनीतिक गति के चरण में प्रवेश कर चुके हैं। भारत यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के सफल निष्कर्ष के लिए एस्टोनिया के समर्थन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह एफटीए समझौता नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

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रेल मंत्रालय का प्रस्ताव पर मुहर, आधा दर्जन महाप्रबंधकों की नियुक्ति

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक बने राजेश कुमार पांडे खबर है..नई दिल्ली कैबिनेट कमिटी आफ अपॉइंटमेंट ने रेल मंत्रालय के उसे प्रस्ताव पर मोहर लगा दी, जिसमें आधा दर्जन अधिक नये महाप्रबंधकों की नियुक्ति का किया जाना था। नई नियुक्तियों में राजेश कुमार पांडे उत्तर रेलवे दिल्ली के नए महाप्रबंधक बनाए गए हैं जबकि शलभ गोयल को सेंट्रल रेलवे मुंबई का महाप्रबंधक नियुक्त किया गया है।डीओपीटी के परिपत्र के अनुसार मनोरंजन प्रधान को रेल व्हील फैक्ट्री बेंगलुरु, आशुतोष पंत को बनारस लोकोमोटिव वर्क्स वाराणसी, मोहित चंद्र को चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स चितरंजन, आशीष बंसल को एनएफ रेलवे कंस्ट्रक्शन गुवाहाटी और अजय नंदन को रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला का महाप्रबंधक तथा प्रभास धनसाना को आरडीएसओ का महानिदेशक बनाया गया है।

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टूरिस्ट वाहन संचालकों की बल्ले-बल्ले, मिलेंगी कई सुविधाएं

बदल गया टूरिस्ट वाहनों का परमिट नियम, मिलेगा बढ़ावा खबर है..नई दिल्ली केंद्र सरकार ने ऑल इंडिया टूरिस्ट व्हीकल परमिट रूल्स 2023 मैं संशोधन करके उसे व्यवहारिक और सकारात्मक बना दिया है। इससे टूरिस्ट वाहन संचालकों के लिए कई सुविधाएं बेहतर हो गई है। इससे देश भर के टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर को उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ-साथ पर्यटकों को भी कम लागत में वाहन की अच्छी सुविधा प्राप्त हो सकेगी।सरकार के इस सार्थक कदम के लिए ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस (AIMTC), दिल्ली कॉन्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन (DCBA) एवं देशभर के टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की ओर से हम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया हैं। मंत्रालय ने 13 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना G.S.R. 131(E) के माध्यम से यह अधिसूचना जारी की है। यह जानकारी ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कंपनी अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने दी।AIMTC और DCBA के निरंतर प्रयासों से टूरिस्ट ऑपरेटरों के हित में कई महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव संभव हो सके हैं। 12 सितंबर 2025 को प्रस्तावित AITP नियम संशोधन पर संगठनों ने लगातार सुझाव दिए और मंत्रालय के साथ बैठकों में उद्योग का पक्ष मजबूती से रखा। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 13 फरवरी 2026 को नए संशोधित नियम जारी किए गए।मुख्य फायदे

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राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ‘मधुमक्खी गलियारा’ विकसित करेगा एनएचएआई

खबर है..नई दिल्ली भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे परागणकारी या मधुमक्खी गलियारे विकसित करने की एक अनूठी पहल की घोषणा की है। सजावटी पौधारोपण से पारिस्थितिक पौधारोपण की ओर बदलाव को दर्शाते हुए इस ‘मधुमक्खी गलियारे’ में मधुमक्खी-अनुकूल वनस्पतियों, जिसमें फूलों के पेड़ और पौधे शामिल होंगे, की निरंतर रैखिक श्रृंखला होगी जो पूरे वर्ष मकरंद और पराग की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे पौधारोपण परागणकारी संरक्षण में सहयोग करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। यह पहल मधुमक्खियों और अन्य परागणकारी जीवों पर बढ़ते पारिस्थितिक तनाव को कम करने में मदद करेगी, जो परागण सेवाओं, कृषि और बागवानी उत्पादकता और समग्र पारिस्थितिक संतुलन को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अपनी पौधारोपण गतिविधियों को समर्पित परागणकारी या ‘मधुमक्खी गलियारे’ बनाने की दिशा में संरेखित करेगा। इस अनूठी पहल में वृक्षों, झाड़ियों, जड़ी-बूटियों और घासों का मिश्रण शामिल होगा, जो मकरंद और पराग से भरपूर प्रजातियों को लगाकर जंगली तत्वों को संरक्षित करेगा। साथ ही, परागणकारी जीवों के लिए लाभकारी मृत लकड़ी और खोखले तने भी लगाए जाएंगे। पौधों की प्रजातियों का चयन इस प्रकार किया जाएगा कि विभिन्न ऋतुओं में फूलों का खिलना अलग-अलग समय पर हो, जिससे पूरे वर्ष लगभग निरंतर फूल खिलने का चक्र बना रहे। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे नीम, करंज, महुआ, पलाश, बॉटल ब्रश, जामुन और सिरिस सहित देशी प्रजातियों के पेड़ और पौधे लगाए जाएंगे।कृषि-जलवायु परिस्थितियों और स्थानीय उपयुक्तता के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्गों और एनएचएआई के अन्य खाली भू खंडो पर ऐसे गलियारे विकसित किए जाएंगे। देशभर में स्थित एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय उन राष्ट्रीय राजमार्ग के खंडों की पहचान करेंगे, जहां लगभग 500 मीटर से 1 किलोमीटर के अंतराल पर फूलों वाले पेड़ों के समूह लगाए जा सकें, जो मधुमक्खियों और जंगली मधुमक्खियों की औसत चारा खोजने की दूरी के अनुरूप है। एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय 2026-27 के दौरान कम से कम तीन परागणकारी गलियारों की योजना बनाएंगे और उन्हें विकसित करेंगे। एनएचएआई का लक्ष्य वर्ष 2026-27 के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे लगभग 40 लाख पेड़ लगाने का है, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत पौधे ‘मधुमक्खी गलियारा’ पहल के अंतर्गत लगाए जाएंगे।यह अनुठी ‘मधुमक्खी गलियारा’ पहल पारिस्थितिक परिणामों को बेहतर बनाने में मदद करेगी, परागणकर्ताओं के संरक्षण में योगदान देगे और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार राष्ट्रीय राजमार्ग विकास के लिए एनएचएआई की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।

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देशभर के सहकारिता मंत्री 17 फरवरी को जुटेंगे गांधीनगर में

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विज़न को साकार करने की दिशा में और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय ने बीते वर्षों में सहकारी क्षेत्र को सशक्त, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में व्यापक एवं संरचनात्मक सुधार किए हैं। इसी दिशा में सहकारी समितियों को केवल संस्थागत ढांचे तक सीमित न रखकर उन्हें सदस्य-केंद्रित, आय-वर्धक और आत्मनिर्भर आर्थिक इकाइयों में रूपांतरित करने के उद्देश्य से मंगलवार 17 फरवरी 2026 को महात्मा मंदिर, गांधीनगर, गुजरात में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की उच्चस्तरीय मंथन बैठक आयोजित की जाएगी।बैठक में सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी भाग लेंगे। यह मंच सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख पहलों की समीक्षा, अब तक हुई प्रगति का मूल्यांकन, तथा राज्यों के अनुभवों और श्रेष्ठ प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से भविष्य की समन्वित कार्ययोजना तैयार करने का अवसर प्रदान करेगा।बैठक में दो लाख नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना की प्रगति पर चर्चा होगी, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सके। मंथन बैठक में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के अंतर्गत देशभर में आधुनिक गोदामों के नेटवर्क के विस्तार पर विचार किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर भंडारण, मूल्य स्थिरता और बाज़ार तक सुगम पहुंच सुनिश्चित हो सके।इस बैठक में राष्ट्रीय स्तर की नई सहकारी संस्थाओं नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड, नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक लिमिटेड तथा भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड, में राज्यों की सक्रिय भागीदारी, भूमिका और अपेक्षाओं पर भी विमर्श होगा, जिससे निर्यात, जैविक खेती और गुणवत्तापूर्ण बीज आपूर्ति के क्षेत्र में सहकारिता को नई पहचान मिल सके।इसके साथ ही, राज्यों के सहकारिता कानूनों में समयानुकूल सुधार, 97वें संविधान संशोधन के अनुरूप मॉडल अधिनियम को अपनाने, सहकारी गन्ना मिलों की आर्थिक व्यवहार्यता बढ़ाने, डेयरी क्षेत्र में सर्कुलरिटी एवं सस्टेनेबिलिटी को प्रोत्साहन देने, तथा अमूल और एनडीडीबी के सहयोग से नई डेयरी सहकारी समितियों के गठन जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।दलहन एवं मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने, सहकारी बैंकों से जुड़ी चुनौतियों के समाधान, साझा सेवा इकाई एवं अंब्रेला संरचना को सुदृढ़ करने, सदस्यता विस्तार एवं जागरूकता अभियान को मजबूत बनाने, और प्रभावी मीडिया-संचार रणनीति विकसित करने जैसे मुद्दे भी विचार-विमर्श का हिस्सा रहेंगे।यह मंथन बैठक सहकारी संघवाद की भावना को और सुदृढ़ करेगी तथा केंद्र और राज्यों के बीच निकट समन्वय स्थापित करते हुए सहकारिता को जमीनी स्तर पर समृद्धि, रोजगार और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

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इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026, वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर में 51 नये एआई स्टार्टअप का प्रदर्शन

खबर है..नई दिल्ली भारत के उभरते मीडिया और मनोरंजन नवाचार इकोसिस्टम को एक बड़ा प्रोत्साहन देते हुए, एवीजीसी-एक्सआर (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) और मीडिया टेक क्षेत्र के 51 होनहार स्टार्टअप, सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा संचालित वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 के दौरान अपने उत्पादों और प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करेंगे। यह एक्सपो 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।इन स्टार्टअप्स की भागीदारी वेवएक्स के सहयोग से संभव हो पाई है, जो भारत की नवाचार-आधारित रचनात्मक अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है। वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर स्टार्टअप्स के लिए एक गतिशील मंच के रूप में कार्य करेगा, जहां वे उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों, नीति निर्माताओं और वैश्विक हितधारकों के समक्ष एआई-संचालित समाधान, आकर्षक कहानी कहने के प्रारूप, गेमिंग नवाचार, वर्चुअल प्रोडक्शन टूल्स और अगली पीढ़ी की कंटेंट टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन कर सकेंगे।यह चयनित समूह भारत के तेजी से बढ़ते एवीजीसी-एक्सआर परिदृश्य के विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है। एआई-सक्षम एनिमेशन पाइपलाइन और रीयल-टाइम रेंडरिंग इंजन से लेकर आकर्षक एक्सआर अनुभव और गेमिफाइड लर्निंग प्लेटफॉर्म तक, प्रदर्शित स्टार्टअप्स कंटेंट निर्माण, वितरण और दर्शकों के जुड़ाव को पुनर्परिभाषित करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परिवर्तनकारी क्षमता को दर्शाते हैं।इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 में, “वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर” में “भारत एआई के लिए विचार” की एक भविष्यवादी श्रृंखला प्रदर्शित की जाएगी, जो मीडिया नवाचार को दर्शकों के साथ गहन जुड़ाव के साथ जोड़ती है। स्टार्टअप और तकनीकी विकासकर्ता “ज़ीरो-टच ऑटोनॉमस न्यूज़रूम” प्रस्तुत कर रहे हैं, जो एक अभूतपूर्व प्रणाली है जो लाइव इवेंट फीड को हिंदी, अंग्रेजी और तमिल में बहुभाषी “ब्रेकिंग न्यूज़” बुलेटिन में मानवीय हस्तक्षेप के बिना परिवर्तित करती है। इस कॉर्नर में “भाषा-दीवार” भी है, जो एक विशाल वीडियो ग्रिड है। यह एआई सांकेतिक भाषा अवतार के साथ आठ भारतीय भाषाओं में वास्तविक समय में लिप-सिंक डबिंग प्रदर्शित करती है।

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