केंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ में एडवांस फ्लाक लीडर प्रशिक्षण शिविर का समापन

लखनऊ केंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ लखनऊ में शुक्रवार को एडवांस फ्लाक लीडर प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। शिविर का शुभारंभ बीते 24 जनवरी को हुआ था। बृहस्पतिवार को कैम्प फायर का शानदार आयोजन हुआ | इस शिविर में केन्द्रीय विद्यालय संगठन के आगरा, भोपाल, जबलपुर, वाराणसी तथा लखनऊ के 30 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं | इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती सोना सेठ, उपायुक्त केन्द्रीय विद्यालय संगठन लखनऊ संभाग तथा अनूप अवस्थी, सहायक आयुक्त, केन्द्रीय विद्यालय संगठन लखनऊ संभाग, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे | विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार शुक्ल ने दोनों अतिथियों को स्काउट स्कार्फ पहनाकर शिविर में शामिल किया तत्पश्चात हरित स्वागत किया | फ्लाक लीडर ने अतिथियों के स्वागत में स्वागत गीत प्रस्तुत किया | विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार शुक्ल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया | फ्लाक लीडर्स ने कई मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे राजस्थानी नृत्य, कालबेलिया नृत्य आदि प्रस्तुत कर सभी की वाहवाही लूटी | शिविर नायिका (एल. ओ. सी.) सुश्री दया मेघानी ने कैम्प रिपोर्ट प्रस्तुत किया | मुख्य अतिथि श्रीमती सोना सेठ ने अपने वक्तव्य में इस शिविर के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए भारत स्काउट एवं गाइड्स के महत्त्व के बारे में विस्तृत प्रकाश डाला | उन्होंने बताया की भारत स्काउट एवं गाइड्स एक ऐसा मिशन है जो निःस्वार्थ भाव से देश की सेवा में रात-दिन लगा रहता है | केन्द्रीय विद्यालय संगठन के विद्यार्थी और शिक्षक इसे अनुशासन, नैतिक शिक्षा तथा देश सेवा का पाठ सीखते हैं| उन्होंने सभी प्रतिभागियों से कहा कि सभी यहाँ की सीख को अपने-अपने संभागों और विद्यालयों में शत-प्रतिशत कार्यान्वित करें| मुख्य अतिथि ने शिविर के सभी अधिकारयों को स्मृति-चिह्न देकर उनका सम्मान एवं उत्साहवर्धन किया|इस कार्यक्रम के अंत में शिविर समन्वयक श्रीमती वर्षा मलिक ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया | श्रीमती विनीता शुक्ला, ए. एल. टी. बुलबुल, श्रीमती उषा सिंघल, एच. डब्ल्यू. बी., श्रीमती दिमोरे एच. डब्ल्यू. बी., एवं श्रीमती ज्योति बिश्नोई एच. डब्ल्यू. बी., ने इस शिविर में प्रशिक्षक का कार्य बड़ी ही कुशलता के साथ किया | शुक्रवार को विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार शुक्ल ने सभी शिविर में प्रतिभागिता का प्रमाण-पत्र प्रदान कर सभी को भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं |

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आरसीएस–उड़ान में उत्तर प्रदेश बना ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ योगी सरकार की विमानन नीति को मिला राष्ट्रीय सम्मान

खबर है..लखनऊमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस–उड़ान) के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया है। यह सम्मान नॉन-प्रायोरिटी एरिया श्रेणी में प्रदान किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर रहा।योगी सरकार की सक्रिय विमानन नीति के परिणामस्वरूप प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी का ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, नई रनवे सुविधाओं, नाइट लैंडिंग और क्षेत्रीय उड़ानों के विस्तार से छोटे शहरों को राष्ट्रीय संपर्क मिला है। इसका सीधा असर हवाई यात्री यातायात में देखने को मिला है। वर्ष 2016 में जहां प्रदेश में हवाई यात्रियों की संख्या 59.97 लाख थी, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 1.55 करोड़ से अधिक हो गई। घरेलू उड़ानों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है।एयर कार्गो के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 2016 में 5,895 मीट्रिक टन रहे एयर कार्गो ट्रैफिक में 2025 तक पांच गुना से अधिक वृद्धि हुई है, जिससे एमएसएमई, कृषि उत्पादों और निर्यात को नया बल मिला है।नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) सहित नए और क्षेत्रीय हवाई अड्डे उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख विमानन एवं लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रदेश की बड़ी उपलब्धि है।

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धामी के विजन को ज़मीन पर उतार रहा आवास विभाग सचिवालय में आधुनिक कार्यालय भवन निर्माण को मिली गति

खबर है..देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप आवास विभाग सचिवालय परिसर में आधुनिक कार्यालय भवन के निर्माण कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है। आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सचिवालय परिसर में निर्माणाधीन आधुनिक कार्यालय भवन का औचक निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव एस.एस. रावत, अधिशासी अभियंता नीरज कुमार त्रिपाठी, अपर सहायक अभियंता संदीप वर्मा, सहायक अभियंता (विद्युत) गोविंद सिंह तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सचिव ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन सचिवालय परिसर में विश्वकर्मा भवन के समीप 6 मंजिला (जी+5 एवं एक बेसमेंट सहित) आधुनिक कार्यालय भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना को 26 मार्च 2025 को शासनादेश के तहत स्वीकृति दी गई है। भवन निर्माण की कुल लागत ₹5934.71 लाख है, जिसमें सिविल एवं विद्युतीकरण कार्य शामिल हैं। अब तक लगभग ₹1400 लाख की धनराशि आवंटित की जा चुकी है।वर्तमान में फाउंडेशन एवं बेसमेंट का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा ग्राउंड फ्लोर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे 10 फरवरी 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 15 प्रतिशत है। निर्माण कार्य को 24 जनवरी 2027 तक पूर्ण किया जाना है।डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि यह आधुनिक कार्यालय भवन सचिवालय की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा। उन्होंने दोहराया कि नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समय पर पूरा किया जाएगा।

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अयोध्या में राम भक्तों का अभिनंदन करेगा ‘भरत द्वार’

खबर है..अयोध्या अयोध्या आने वाले राम भक्तों के स्वागत के लिए भव्य भरत द्वार का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। यह योगी सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है, जिसे अयोध्या–सुल्तानपुर मार्ग स्थित मैनुदीनपुर–प्रयागराज मार्ग पर गेट कॉम्प्लेक्स (टीएफसी क्षेत्र) में विकसित किया जा रहा है। पर्यटन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना का निर्माण कार्य यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।भरत द्वार का निर्माण 4.410 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किया जा रहा है, जिस पर लगभग 2024.90 लाख रुपये की लागत आ रही है। वर्तमान में परियोजना का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि सभी शेष निर्माण कार्यों को फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसी माह इसके लोकार्पण की संभावना है।यह द्वार अयोध्या में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रथम स्वागत स्थल के रूप में कार्य करेगा, जहां भगवान श्रीराम के छोटे भाई भरत की भक्ति और मर्यादा का प्रतीकात्मक दर्शन होगा।छह मार्गों पर रामायण से प्रेरित भव्य द्वारराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से योगी सरकार द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें अयोध्या से जुड़ने वाले छह प्रमुख मार्गों पर रामायण से प्रेरित भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण शामिल है। इन द्वारों में राम द्वार, लक्ष्मण द्वार, शत्रुघ्न द्वार, भरत द्वार, सीता द्वार और हनुमान द्वार शामिल हैं। अयोध्या–सुल्तानपुर मार्ग पर स्थित भरत द्वार इस श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। द्वार में रामायण काल की थीम पर आधारित मूर्तियां, कलात्मक नक्काशी, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं को त्रेता युग की अनुभूति कराएंगी।प्राण-प्रतिष्ठा के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्याराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। प्रतिदिन लाखों राम भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में भव्य प्रवेश द्वार न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएंगे, बल्कि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगे। भरत द्वार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।आसपास विकसित हो रही हैं बुनियादी सुविधाएंपर्यटन विभाग की इस परियोजना में स्थानीय कारीगरों, वास्तुकारों और इंजीनियरों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है, जिससे पारंपरिक भारतीय शिल्पकला और आधुनिक तकनीक का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा। मैनुदीनपुर–प्रयागराज मार्ग क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।इसके साथ ही द्वार के आसपास हरित क्षेत्र, पार्किंग, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।अब तक हुए और शेष कार्यपरियोजना के तहत दो गेट, सड़क, सीवर, ड्रेनेज, सिंचाई लाइन, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, बाउंड्री वॉल, फायर फाइटिंग सिस्टम और ईएसएस का कार्य पूर्ण हो चुका है।वहीं एसटीपी का 85 प्रतिशत, यूजीटी का 90 प्रतिशत, पार्किंग का 80 प्रतिशत और आंतरिक विद्युतीकरण का 70 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।

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जीवन को बचाना है तो सड़क सुरक्षा का नियम का पालन जरूरी : पाण्डेय

खबर है..लखनऊसंभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) प्रवर्तन प्रभात पाण्डेय ने कहा कि जिस तरह से शिक्षा के बिना अब जीवन व्यर्थ लगता है, उसी तरह जीवन को बचाए रखने के लिए सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी और उनका पालन करना जरूरी है ।श्री पाण्डेय बृहस्पतिवार को सड़क सुरक्षा माह के तहत नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अलीगंज में आयोजित सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मंडल स्तरीय विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से अगर कोई छात्र दुर्घटना का शिकार हो जाता है उससे उसका पूरा कैरियर नष्ट हो सकता है। गौरतलब है कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए जिला स्तर पर भाषण, नुक्कड़ नाटक तथा रील मेकिंग प्रतियोगिता कराई गईं थीं । जिलों में उक्त प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को आज मंडल स्तर पर अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका मिला ।इस प्रतियोगिता में संभागीय परिवहन अधिकारी प्रभात पाण्डेय, मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में पी टी ओ लखनऊ एस पी देव उपस्थित थे। । विशिष्ट अतिथि एस0पी0 देव ने भी सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया। प्राचार्य तथा मंडल नोडल प्रभारी प्रोफेसर रश्मि बिश्नोई ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों को जानना अत्यंत आवश्यक हैं ।कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय नोडल अधिकारी डाक्टर श्रद्धा द्विवेदी ने किया । उन्होंने सड़क सुरक्षा से संबंधित शपथ भी दिलाई ।सर्वप्रथम भाषण प्रतियोगिता का आयोजन डाक्टर विशाल प्रताप सिंह के संयोजकत्व में हुआ जबकि रील मेकिंग प्रतियोगिता का संयोजन डॉक्टर राहुल पटेल तथा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का संयोजन लेफ्टिनेंट प्रतिमा शर्मा ने किया ।भाषण प्रतियोगिता में लखनऊ जनपद से नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला महाविद्यालय इग्नू केंद्र की छात्रा माही बाजपेयी प्रथम स्थान, सीतापुर की छात्रा साक्षी मिश्रा द्वितीय तथा तृतीय स्थान उन्नाव की वैष्णवी को मिला। रील मेकिंग में हरदोई जनपद के अमन गुप्ता प्रथम, सीतापुर के मनीष कुमार द्वितीय तथा तीसरा स्थान लखनऊ की प्रियांशी वर्मा को मिला। नुक्कड़ नाटक में सीतापुर जनपद को प्रथम घोषित किया गया । लखनऊ जनपद को द्वितीय तथा तीसरा स्थान उन्नाव जनपद को मिला ।पुरस्कारों की घोषणा प्रो राजीव यादव प्रोफ़ेसर पूनम वर्मा तथा प्रो शालिनी श्रीवास्तव के द्वारा की गई । स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया इन्हें नकद पुरस्कार भी शासन द्वारा प्रदान किया जाएगा ।

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बारामती विमान दुर्घटना की जांच शुरू, ब्लैक बॉक्स बरामद

खबर है..नई दिल्लीनागर विमानन मंत्रालय ने बारामती के पास हुए दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे के बाद, सभी आवश्यक प्रतिक्रिया और जांच तंत्रों को तुरंत सक्रिय कर दिया। एक संपूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करना मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।दिल्ली स्थित विमान दुर्घटना जांच ब्‍यूरो (एएआईबी) के तीन अधिकारियों की एक टीम और मुंबई स्थित नागर विमानन महानिदेशालय के तीन अधिकारियों की एक अन्य टीम 28 जनवरी को दुर्घटनास्थल पर पहुंची। एएआईबी के महानिदेशक श्री जी.वी.जी. युगंधर भी उसी दिन घटनास्थल पर पहुंचे। दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।नागर विमानन मंत्रालय निर्धारित समय सीमा के भीतर, स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच पूरी करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह जांच एएआईबी नियम, 2025 के नियम 5 और 11 के अनुसार शुरू की गई है।

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हेलमेट लुक्स के लिए नहीं, जीवन रक्षा के लिए है : किंजल सिंह

खबर है..लखनऊ उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह-2026 के तहत बुधवार को वाहन परीक्षण एवं प्रमाणीकरण केंद्र, लखनऊ में सड़क सुरक्षा में स्काउट-गाइड की भूमिका विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि परिवहन आयुक्त श्रीमती किंजल सिंह ने दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। परिवहन आयुक्त ने अपने संबोधन में सड़क सुरक्षा को केवल एक सरकारी अभियान तक सीमित न रखकर इसे पारिवारिक क्रांति और जनांदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा, सड़क सुरक्षा हर घर का मुद्दा है। माता-पिता को बच्चों की जिद के आगे झुकने के बजाय उनकी सुरक्षा के लिए सख्त होना चाहिए। यदि कोई बच्चा बिना हेलमेट या लाइसेंस के वाहन चलाने की जिद करता है, तो उसे रोकना अभिभावकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साल भर की बचत से खरीदा गया वाहन, एक छोटी सी लापरवाही से पूरे परिवार की खुशियां छीन सकता है।कार्यक्रम में अंत में परिवहन आयुक्त ने स्काउट-गाइड स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों को यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार हेतु तथा उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों की शपथ दिलाई गई। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रमुख स्कूलों को परिवहन आयुक्त द्वारा सम्मानित किया गया। बच्चे सड़क सुरक्षा के लिए करें अभिभावक को प्रेरितयुवाओं को संदेश देते हुए श्रीमती सिंह ने कहा कि हेलमेट लुक्स या स्टाइल खराब होने के डर से नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए पहना जाना चाहिए। उन्होंने कहा विदेशों में सड़क दुर्घटनाएं कम होने का मुख्य कारण वहां का कड़ा अनुशासन है। भारत में भी हमें उसी अनुशासन को घर-घर तक पहुँचाना होगा। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने अभिभावकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा अभिभावक किसी अधिकारी की बात टाल सकते हैं, लेकिन अपने बच्चों की बात नहीं। अगर बच्चे ठान लें, तो कोई भी बड़ा बिना हेलमेट घर से नहीं निकलेगा। नुक्कड नाटक और प्रदर्शनी ने मोहा मनकार्यक्रम में स्काउट-गाइड, एनसीसी कैडेट्स, संभव सेवा समिति और माउंट लिटेरा जी स्कूल के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया। इन नाटकों के माध्यम से शराब पीकर गाड़ी चलाने और हेलमेट न पहनने के घातक परिणामों को भावनात्मक रूप से दर्शाया गया। इसके पूर्व, परिवहन आयुक्त ने सड़क सुरक्षा पर आधारित पेंटिंग और स्लोगन प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में स्कूली बच्चों ने रंगों और शब्दों के माध्यम से सुरक्षा के प्रति अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। शपथ और सम्मानकार्यक्रम के समापन सत्रमें परिवहन आयुक्त ने स्काउट-गाइड और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को यातायात नियमों के पालन और प्रचार-प्रसार की शपथ दिलाई। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रमुख स्कूलों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया।इस अवसर पर लखनऊ के आरटीओ प्रशासन संजय तिवारी ने कहा, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। सड़क पर हुई थोड़ी सी भी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। आरटीओ एनफोर्समेंट प्रभात पांडेय ने कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी से हादसे होते हैं। ऐसे में यातायात नियमों का सभी को पालन करना चाहिए। कार्यक्रम में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में स्कूल के शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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क्षेत्रीय अधिकारी लक्ष्य के अनुरूप कार्य में लाये सुधार : प्रभु एन सिंह

खबर है..लखनऊ उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी 20 क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधकों/सेवा प्रबंधकों, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक हुई। प्रबंध निदेशक ने बिन्दुवार विषयों की समीक्षा की। प्रबंध निदेशक ने बैठक में सुगम ऐप से लगने वाले क्रू-डयूटी की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी चालक एवं परिचालक की डयूटी साफ्टवेयर के माध्यम से लगाना सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। साफ्टवेयर का विकास डयूटी में पारदर्शिता लाने के लिए ही किया गया है।28 जनवरी तक के संचालन प्रतिफलों की समीक्षा में बस उपयोगिता, लोड फैक्टर, आय प्रतिबस प्रतिदिन व ईधन औसत में गतवर्ष की समान अवधि के सापेक्ष प्रदेश में सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र/डिपो के अधिकारियों को प्रतिफलों में सुधार के लिए सचेत किया तथा निर्देशित किया कि स्वयं डिपो/क्षेत्र के संचालन प्रतिफलों की नियमित समीक्षा करें। साथ ही समस्त क्षेत्रों को दिये गये आय के लक्ष्य को शत् प्रतिशत प्राप्त करना सुनिश्चित करें। क्षेत्र के अंतर्गत सबसे खराब प्रतिफल वाले डिपो में क्षेत्रीय प्रबन्धक/सेवा प्रबन्धक द्वारा पृथक-पृथक दिवस में डिपो का भ्रमण कर प्रतिफलों में सुधार लाने हेतु निर्देशित किया गया।बैठक में प्रदेश भर में होने वाली बस दुर्घटना की समीक्षा की गयी। उन्होंने सड़क सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन कराने के निर्देश दिये, जिससे कि दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले मौत के आकड़ों में 50 प्रतिशत तक कमी लाई जाए। वर्तमान में परिवहन निगम की बसों से हो रही दुर्घटनाओं के कारण जनधन की हानि एवं बसों का संचालन सुदृढ़ न होने के कारण मुख्यालय से स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि चालकों को बगैर प्रशिक्षण दिलाये मार्ग पर न भेजा जाए। चालकों को यातायात एवं सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक कर नियमित उनकी काउन्सलिंग की जाए। साथ ही चालकों का ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट भी किया जाए। गत वर्ष जनवरी 2025 ने फ़ैटल दुर्घटनाओं की कुल संख्या 23 एवं घायलों की संख्या 55 रही जबकि इस वर्ष माह जनवरी में 08 फ़ैटल एवं घायलों की संख्या 27 रही , गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सुधार हुआ है।बैठक में उन्होंने कहा कि विभिन्न जनपदों में बन रहे बस स्टेशनों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जनपद हमीरपुर में डिपो कार्यशाला को भूमि आवंटित किये जाने हेतु लगभग 690 लाख रूपये के सापेक्ष लगभग 345 लाख रूपये प्रथम किस्त के रूप में अवमुक्त कर दी गयी है। इसी प्रकार जनपद सिद्धार्थनगर में बस स्टेशन बासी के पुनर्निर्माण हेतु प्रथम किस्त के रूप में लगभग 152 लाख रूपये, जनपद संभल के चन्दौसी में नवनिर्माण कराये जाने वाले बस स्टेशन लगभग 150 लाख रूपये, जनपद रायबरेली के सलोन बस स्टेशन के पुनर्निर्माण हेतु लगभग 150 लाख रूपये अवमुक्त किये गये हैं। साथ ही अधिशाषी अभियन्ता को यह निर्देश दिये गये कि उक्त कार्यों की समीक्षा की जाये ताकि कार्यों में तेजी लायी जा सके, जिससे कि इसका लाभ जल्द से जल्द प्रदेश की जनता को मुहैया कराई जा सके।

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1225 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मिली मंजूरी

खबर है..लखनऊ मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश समर्पित नगरीय परिवहन निधि नियमावली, 2013 के तहत गठित ‘निधि प्रबंधन समिति’ की 16वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में नगरीय परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़, पर्यावरण अनुकूल एवं आधुनिक बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि इन निर्णयों से प्रदेश में स्वच्छ, सुलभ एवं आधुनिक नगरीय परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी। बैठक में 1225 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के क्रय प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई और आगे की कार्यवाही के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास को अधिकृत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार ये इलेक्ट्रिक बसें वर्तमान में संचालित 1140 डीजल एवं सीएनजी बसों के स्थान पर क्रय की जाएंगी। बसों का आवंटन विभिन्न शहरों में नगरीय परिवहन की आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा।इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में वृद्धि एवं आम नागरिकों को बेहतर नगरीय परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाराणसी में ई-बसों की चार्जिंग क्षमता बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत सारनाथ पार्किंग स्थल पर द्वितीय आपर्चुनिटी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने तथा दो नए चार्जर लगाए जाने हेतु कार्यदायी संस्था द्वारा प्रस्तुत 103.53 लाख रुपये के प्रारम्भिक आगणन को स्वीकृति दी गई।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगरीय परिवहन निदेशालय के अंतर्गत प्रदेश के 15 शहरों में संचालित इलेक्ट्रिक बसों के लिए कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इसके लिए कंसल्टेंट के चयन हेतु निविदा प्रक्रिया प्रारम्भ करने की अनुमति दी गई। इस परियोजना के माध्यम से उत्सर्जन में कमी का अध्ययन कर कार्बन क्रेडिट का विक्रय किया जाएगा, जिससे नॉन-फेयर बॉक्स रेवेन्यू अर्जित किया जा सकेगा। कार्बन क्रेडिट से होने वाली आय में न्यूनतम शेयर के आधार पर कंसल्टेंट का चयन किया जाएगा तथा इस परियोजना पर निदेशालय पर किसी प्रकार का वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022 के अंतर्गत प्रदेश के 16 नगर निगमों में पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। प्रस्ताव के अनुसार उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एंड ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (यूपीआरईवी) के माध्यम से 16 नगर निगमों के अंतर्गत 272 चिन्हित पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों का विकास कराया जाएगा। यूपीआरईवी, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की इकाई है, जिसका गठन प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग अवसंरचना के विकास हेतु किया गया है।बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी.गुरुप्रसाद, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा, प्रबंध निदेशक यूपीएसआरटीसी प्रभु नारायण सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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यातायात के ‘रक्षक’ बनेंगे युवा परिवहन विभाग ने स्काउट्स और NCC कैडेट्स को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर : दयाशंकर सिंह

खबर है..लखनऊउत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह (01 जनवरी से 31 जनवरी) के अंतर्गत व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर के जिलों एवं संभाग स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।यह जानकारी देते हुए परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन विभाग, एनसीसी, स्काउट्स एंड गाइड्स, सिविल डिफेंस, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं यातायात पुलिस के समन्वय से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को यातायात का ‘रक्षक’ बनाकर समाज में जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। कार्यशालाओं में आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संस्था CIA, डीलर्स एसोसिएशन, स्काउट्स एंड गाइड्स तथा यातायात पुलिस के कार्मिकों को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।सुरक्षित सफर के लिए जरूरी जागरूकतापरिवहन मंत्री ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अवगत कराया गया कि दोपहिया वाहन पर चालक और पीछे बैठी सवारी—दोनों के लिए BIS मानक वाला हेलमेट अनिवार्य है। वहीं, चौपहिया वाहनों में सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना आवश्यक है।उन्होंने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग से बचने, नशे की अवस्था में ड्राइविंग न करने, ओवरस्पीडिंग, रैश ड्राइविंग और स्टंट से परहेज करने की अपील की। कोहरे के मौसम में फॉग लाइट का प्रयोग करने और वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगवाने पर भी विशेष जोर दिया गया।आपकी मदद से बच सकती है घायल की जानकार्यशालाओं में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए उपलब्ध ‘कैशलेस उपचार सुविधा’ एवं ‘राहवीर योजना’ (Good Samaritan Law) की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में आमजन निर्भय होकर समय पर सहायता प्रदान कर सकें और बहुमूल्य जीवन बचाया जा सके।

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