ट्रेन में बर्थ पर मिलेगा खाना, ई-पेंट्री सेवा की शुरूआत 25 मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में ऑनलाइन भोजन बुकिंग का मिला विकल्प

खबर है..नई दिल्लीआईआरसीटीसी ने ट्रेन में बर्थ पर खाना देने का पूरा इंतजाम कर लिया। इसके लिए उसने ई-पेंट्री सेवा की शुरुआत की है। इस योजना में फिलहाल 25 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को शामिल किया गया है।आईआरसीटीसी ने हाल ही में ऐसी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के यात्रियों की सुविधा के लिए ई-पैंट्री भोजन बुकिंग सुविधा शुरू की है। जिनमें भोजन टिकट के किराए में शामिल नहीं होता है। ई-पैंट्री एक डिजिटल समाधान है, जिसके माध्यम से पैंट्री वाली चुनिंदा ट्रेनों में भोजन पहले से बुक किया जा सकता है। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में ई-पैंट्री सेवा शुरू होने से यात्री अब अपने भोजन की अग्रिम बुकिंग करके सुगम यात्रा कर सकते हैं।आईआरसीटीसी के टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म (www.irctc.co.in) में एकीकृत इस सुविधा से कन्‍फर्म, आरएसी या आंशिक रूप से कन्‍फर्म टिकट वाले यात्रियों को मानक भोजन और रेल नीर का पहले ही आदेश दे दिया जा सकता है। जिसे पैंट्री कार के कर्मचारी सीधे उनकी सीटों पर पहुंचाते हैं। ई-पैंट्री सेवा को प्रारंभ में भारत की सबसे लंबी दूरी की ट्रेन विवेक एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22503/04) पर प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था और वर्तमान में इसे 25 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में उपलब्ध कराया I

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स्कूली बच्चों के लिए एक करोड़ अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पूरे पांच महीने में 83000 स्कूलों में (एमबीयू) शिविर आयोजित

खबर है..नई दिल्ली भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरणयू (आईडीएआई) ने स्कूली बच्चों के लिए मिशन मोड के तहत चल रहे अभियान में एक करोड़ अनिवार्य बायोमेट्रिक (एमडीयू) अपडेट का काम पूरा कर लिया है। इसके लिए प्राधिकरण ने मात्र 5 महीने में 83000 स्कूलों में एमडीयू शिविर आयोजित किए थे। प्राधिकरण 7-15 आयु वर्ग के बच्चों के लिए एमबीयू को एक अक्टूबर 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए निःशुल्क कर दिया गया था।यूआईडीएआई ने सितंबर 2025 में स्कूली छात्रों के लिए यह विशेष एमबीयू अभियान शुरू किया था। यह अभियान यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (यूडीआईएसई+) एप्लिकेशन के साथ सफल तकनीकी एकीकरण के बाद शुरू किया गया था, जिससे स्कूलों में बच्चों के एमबीयू की स्थिति को देखना संभव हुआ था। इस सफलता ने यूआईडीएआई और स्कूलों को संयुक्त रूप से उन बच्चों की पहचान करने में मदद की, जिनका एमबीयू होना बाकी था और एमबीयू पूरा करने के लिए स्कूलों में शिविर आयोजित किए गए।यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर यूआईडीएआई की इस कदम से अवगत कराया और विद्यालयों में लक्षित एमबीयू शिविर आयोजित करने में उनके सहयोग का अनुरोध किया। देश भर में आठ स्थानों पर स्थित यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों ने इस व्यापक अभियान को सभी हितधारकों, अर्थात् राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभागों, जिला स्तरीय प्रशासन, यूआईडीएआई रजिस्ट्रारों और विद्यालय अधिकारियों के साथ समन्वयित करने के लिए पांच महीने तक अथक परिश्रम किया है। यह मिशन मोड अभियान तब तक चलता रहेगा जब तक देश के सभी विद्यालय इसमें शामिल नहीं हो जाते। इस पहल से अब तक 83,000 विद्यालयों के 1 करोड़ बच्चे लाभान्वित हुए और कई और भी बच्चों को इससे लाभान्वित होने की आशा है। पांच वर्ष से कम आयु का बच्चा आधार कार्ड के लिए पंजीकरण कराते समय अपनी फोटो, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और जन्म प्रमाण पत्र प्रदान करता है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स आधार पंजीकरण के लिए नहीं लिए जाते हैं क्योंकि इस आयु में ये परिपक्व नहीं होते हैं। इसलिए, 5 से 15 वर्ष की आयु पार करने के बाद, फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स (एमबीयू) प्रक्रिया का पालन करते हुए आधार में फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स की जानकारी देना बच्चों के लिए अनिवार्य है। आधार में एमबीयू न होने से विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने, एनईईटी, जेईई, सीयूईटी आदि जैसी प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पंजीकरण कराने के दौरान प्रमाणीकरण में कठिनाइयां आ सकती हैं।बच्चों को एमबीयू पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने और इस सेवा को सभी के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से, यूआईडीएआई ने 7-15 आयु वर्ग के बच्चों के लिए एमबीयू के शुल्क को 1 अक्टूबर 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए माफ कर दिया था। इसके अलावा, 5-7 वर्ष और 15-17 वर्ष के बच्चों के लिए एमबीयू निःशुल्क बना हुआ है।स्कूलों में आयोजित शिविरों के अलावा, बच्चे देश भर में चल रहे आधार नामांकन केंद्रों और आधार सेवा केंद्रों में भी अपना आधार पंजीकरण फॉर्म भर सकते हैं। इसी अवधि में इन केंद्रों पर आने वाले बच्चों द्वारा लगभग 1.3 करोड़ आधार पंजीकरण फॉर्म भरे जा चुके हैं।

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नकली और घटिया बीज बेचने वाले नहीं बचेंगे, हो सकती है कार्रवाई

खबर है..नई दिल्ली किसानों को नकली और घटिया बीज बेचने वाले दुकानदारों की खैर नहीं है। पकड़े जाने पर वे बचेंगे नहीं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इसके लिए राज्य सरकारों के पास पूरा अधिकार है। इसकी पुष्टि खुद केंद्रीय कृषि एवं कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने की है।ठाकुर ने शुक्रवार 6 फरवरी को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया है कि बीज की गुणवत्ता को भी विनियमित करने और नकली बीज को बेचने पर रोक लगाने का अधिकार राज्य सरकारों के पास है। वह ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकती हैं। बीज अधिनियम, 1966, बीज नियम, 1968 और बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 राज्य सरकारों को बीज निरीक्षकों की नियुक्ति करने का अधिकार देते हैं जो बीज केंद्रों का निरीक्षण कर सकते हैं। नमूने ले सकते हैं और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने, स्टॉक जब्त करने, बिक्री रोकने के आदेश देने और अभियोजन चलाने जैसी प्रवर्तन कार्रवाई कर सकते हैं।इसके अतिरिक्त भारत सरकार ने आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में बीजों की ‘एंड-टू-एंड’ डिजिटल ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए बीज प्रमाणीकरण, ट्रेसिबिलिटी एवं समग्र सूची (साथी) पोर्टल भी लॉंच किया जो नकली/घटिया बीजों के प्रसार को रोकने में मदद करता है। भारत सरकार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मौजूदा कानूनी ढांचे के सख्त क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एडवाइजरी भी जारी करती है, ताकि नकली/घटिया बीजों की बिक्री को रोकने के लिए डीलरों/खुदरा विक्रेताओं के भंडारण और बिक्री केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई जा सके।

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प्रधानमंत्री ने परीक्षा पे चर्चा 2026 के दौरान छात्रों से बातचीत की सफलता के लिए दिए सुंदर सुझाव

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 फरवरी परीक्षा पर चर्चा के दौरान छात्रों से जनता से बातचीत की और परीक्षा में सफलता के लिए उन्हें सुझाव दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों को सभी की सलाह सुनी चाहिए और अपनी आदतों में बदलाव तब जाकर सफलता हासिल होगी।प्रधानमंत्री ने शिक्षकों को सलाह दी कि वे छात्रों को पहले से सूचित करें ताकि उनमें जिज्ञासा पैदा हो और उनकी समझ बेहतर हो। लक्ष्य पहुंच के भीतर होने चाहिए, लेकिन आसानी से पहुंच वाले नहीं, लक्ष्य निर्धारित करें और कार्य करें। उन्होंने कहा कि मन को विकसित करें, फिर उसे जोड़ें, और फिर अध्ययन के विषयों को व्यवस्थित करें, इससे आपको सफलता मिलेगी।मोदी ने कहा कि पढ़ाई, कौशल, आराम और शौक में संतुलन ही विकास की कुंजी है। किताबें ज्ञान प्रदान करती हैं, लेकिन केवल अभ्यास ही आपको पेशेवर रूप से कुशल बनाता है। अतीत पर ध्यान केंद्रित करने में समय बर्बाद न करें, आगे आने वाले जीवन के बारे में सोचें। शिक्षा केवल परीक्षाओं के लिए नहीं बल्कि जीवन के लिए है, परीक्षाएं स्वयं की परीक्षा लेने के लिए होती हैं। बनने की नहीं, करने की आकांक्षा रखनी चाहिए। वर्तमान ईश्वर का सबसे बड़ा ‘उपहार’ है, यहीं और अभी जीएं। आप किसी क्षण में जितना अधिक शामिल होते हैं, उतना ही अधिक समय तक आपको वह याद रहता है।उन्होंने कहा कि सहयोगात्मक शिक्षा सभी को बेहतर बनाने में मदद करती है। छात्र दोहराएं और बुद्धिमान बनें। स्कूल में अपनी नींव मजबूत करें, प्रतियोगी परीक्षाएं समय के साथ आएंगी। प्रधानमंत्री ने माता-पिता को सलाह दी कि वे बच्चों को उनकी क्षमता, योग्यता और रुचि के अनुसार विकसित होने दें। अपने शौक को व्यावहारिक उत्पाद बनाएं और उन्हें मुफ्त में साझा करें, फीडबैक से नए विचारों और सफलता को बढ़ावा मिलता है। खुद को जानें, जीवन के सभी अनुभवों को जीएं। परीक्षाएं त्योहारों की तरह होती हैं, उनका उत्‍सव मनाएं। सच्चा आत्मविश्वास आंतरिक सत्य से आता है, अपने असली स्वरूप के प्रति सच्चे रहें। आराम से जीवन को आकार नहीं मिलता – आपका जीने का तरीका आकार देता है। सपना न देखना एक अपराध है – हमेशा सपना देखें। खुद अपना सहारा बनें, अपनी खूबियों का जश्न मनाएं। बड़े सपने देखें, कम डरें – आत्मकथाएं पढ़ें।स्वच्छता बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता और कर्तव्य है। प्रौद्योगिकी एक महान शिक्षक है, इसे अपनाएं, एआई हमारी क्षमताओं को बढ़ाता है। एआई का बुद्धिमानी से उपयोग करें, अपनी बुद्धि को बढ़ाएं।

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होली पर चलेंगी रिकॉर्ड 1500 स्पेशल ट्रेनें

खबर है..नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने इस बार होली पर रिकॉर्ड स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है ताकि यात्रियों को अपने गंतव्य शहरों तक जाने की बेहतर रेल सुविधा मिल सके। रेलवे ने देशभर के विभिन्न शहरों से अभी 1410 से अधिक होली स्पेशल ट्रेन चलाने की योजना बनाई है लेकिन यह संख्या बढ़कर 1500 तक जा सकती है। गत वर्ष 2025 में होली के लिए कुल 1,144 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया था।रेल मंत्रालय के अनुसार पूर्व मध्य रेलवे सर्वाधिक 285 विशेष ट्रेनों का संचालन करेगा। इसके बाद पश्चिम रेलवे द्वारा पश्चिमी मार्गों पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए 231 ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई गई है। मध्य रेलवे द्वारा 209 होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि दक्षिण मध्य रेलवे कुल 160 सेवाओं का संचालन करेगा। इसके अतिरिक्त, उत्तर रेलवे (एनआर) द्वारा 108 और उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) द्वारा 71 होली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की योजना तैयार की गई है।कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत करते हुए, उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 66 विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। वहीं, पूर्वोत्तर रेलवे और पूर्व तटीय रेलवे दोनों ही 62-62 ट्रेनें चलाएंगे। दक्षिण पश्चिम रेलवे द्वारा 47 ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा, जबकि पश्चिम मध्य रेलवे ने 43 सेवाओं की योजना बनाई है। इसके अतिरिक्त, दक्षिण रेलवे द्वारा 39 होली स्पेशल ट्रेनें और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 15 सेवाएं संचालित की जाएंगी। क्षेत्रीय मांग को पूरा करने के लिए कोंकण रेलवे द्वारा 9 और पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (एनएफआर) द्वारा 2 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी।

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ना रुकना है और ना मुड़ना है, तेज गति से आगे चलना : मोदी

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब ना रुकना है, ना पीछे मुड़कर देखना है। हमें आगे बढ़ाना है और तेज गति से चलना है। हमें लक्ष्य को प्राप्त करके ही सांस लेनी है। हम उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।प्रधानमंत्री ने आज 5 फरवरी को राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। मोदी ने अपने 1 घंटे 37 मिनट के भाषण में विपक्ष को यह बता दिया कि सरकार का आर्थिक विकास, ट्रेड डील और अर्थव्यवस्था को लेकर क्या सोच है। वे देश और देशवासियों को किस ऊंचाई तक लेकर जाना चाहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत युवा आबादी वाला देश है।प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हम विकसित भारत की जमीन को मजबूत कर रहे हैं, उसे एक ताकत दे रहे हैं। हम देश के युवाओं के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस, मोदी की कब्र खोदने का कार्यक्रम करवा रही है। जो लोग मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करते हैं, वही “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” के नारे लगा रहे हैं। यह कैसी मोहब्बत की दुकान है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आजादी के समय दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी किंतु बीते सरकार की नीतियों के कारण वह खिसककर 2014 तक 11वें स्थान पर पहुंच गई। लेकिन हमारी सरकार ने विकास की रफ्तार तेज की है। आज हम तीसरे नंबर पर पहुंचने को अग्रसर है। हम ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर चलकर आगे बढ़े हैं। सच्चाई है कि आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो गया है।राज्यसभा में विपक्ष की नारेबाजी और उनके वर्कआउट के बीच प्रधानमंत्री ने अपना भाषण पूरा किया।

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पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटा आयोग

पर्यवेक्षकों को समझाया कैसे संभालनी होगी चुनाव की कमान दो दिनों की बैठक में शामिल हो रहे हैं 1444 सामान्य, पुलिस और व्यव पर्यवेक्षक खबर है..नई दिल्ली चुनाव आयोग पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गया है। अगले कुछ महीनो में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। लिहाजा चुनाव की कमान संभालने वाले शीर्ष अधिकारियों की पहली बैठक आयोग ने बुला ली है। इस दो दिवसीय बैठक में उन्हें यह समझाया जाएगा कि कैसे चुनाव की मजबूत कमान कैसे संभालनी होगी।चुनाव आयोग ने आज दिल्ली में 5 और 6 फरवरी को इन पांच राज्यों में चुनाव करने के लिए नियुक्त किए गए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की बैठक बुलाई है। बैठक में 714 सामान्य पर्यवेक्षक, 233 पुलिस पर्यवेक्षक और 497 व्यय पर्यवेक्षकों सहित 1,444 अधिकारी शामिल हो रहे हैं। ये बैठकें नई दिल्ली स्थित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान – आईआईआईडीईएम में तीन चरणों में आयोजित की जा रही हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों को जानकारी दी।मुख्य चुनाव आयुक्त ने पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें चुनाव आयोग के मार्गदर्शक के रूप में चुना गया है और पर्यवेक्षकों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां चुनाव होने वाले हैं वहा उनकी उपस्थिति से उन 824 निर्वाचन क्षेत्रों में संपूर्ण चुनाव तंत्र को ऊर्जा मिलेगी। चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू ने पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें क्षेत्र में कार्यरत चुनाव अधिकारियों के मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्हें अपने आगमन की व्यापक रूप से सूचना देनी चाहिए और सुलभ रहना चाहिए, ताकि मतदाताओं की शिकायतों का शीघ्र निवारण हो और पक्षपात की आशंका न रहे।चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि पर्यवेक्षकों को सुनिश्चित करना होगा कि चुनाव आयोग के निर्देशों का पूर्णतया पालन हो तथा निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखा जाए। डॉ. जोशी ने मतदाताओं को समय पर मतदाता सूचना पर्ची (वीआईएस) वितरित करने का भी निर्देश दिया ताकि मतदान के दिन उन्हें कोई असुविधा न हो।

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देशभर में 1337 अमृत भारत स्टेशनों की पहचान, उत्तर प्रदेश में 157 स्टेशन

खबर है..नई दिल्लीकेंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे में स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1337 स्टेशन चिह्नित किए गए हैं, इनमें उत्तर प्रदेश के 157 स्टेशन शामिल हैं।रेलमंत्री ने बतौर उदाहरण बताया कि कांठ स्टेशन एक अनुपनगरीय ग्रेड (एनएसजी)-6 कोटि का स्टेशन है, जहाँ प्रतिदिन लगभग 1000 यात्री आते-जाते हैं। न्यूनतम अनिवार्य सुविधाओं (एमईए) के नियमों के अनुसार, एनएसजी-6 कोटि के स्टेशन पर 15 वर्ग मीटर का प्रतीक्षालय क्षेत्र होना चाहिए। बहरहाल, वर्तमान में इस सुविधा के तहत 167 वर्ग मीटर का प्रतीक्षालय क्षेत्र उपलब्ध है, जो न्यूनतम अनिवार्य सुविधाओं के निर्धारित मानदंडों से अधिक है। इसके अलावा, स्टेशन के परिचलन क्षेत्र में वाहन पार्किंग के लिए स्थान उपलब्ध है। इस स्टेशन पर प्लेटफार्म शेल्टर, पीने के पानी के नल, वॉटर कूलर, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, ऊपरी पैदल पुल, ऊँची सतह के प्लेटफार्म आदि जैसी पर्याप्त यात्री सुविधाएँ उपलब्ध हैं।बहरहाल, रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का संवर्धन/उन्नयन और सुधार एक सतत और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

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ऐ राजा हमके बनारस घुमाई द.. वह भी बुलेट ट्रेन से

खबर है.. विशेषनई दिल्ली हे राजा हमके बनारस घुमाई द.. अभी तक यह लाइन गीत में अति लोकप्रिय है, लेकिन जल्दी ही ऐसा भी गीत बाजार में होगा जिसमें यह कहा जाएगा.. ऐ राजा हमके बनारस बुलेट ट्रेन से घुमाई द.. जी हां बनारस तक बुलेट ट्रेन पहुंचने की बात बजट में आ गई है। इस बुलेट ट्रेन के बारे में रेलमंत्री ने अश्वनी वैष्णव ने विस्तार से मीडिया को जानकारी दी कि कैसे 3 घंटे 50 मिनट में यात्री दिल्ली से बनारस पहुंच जाएंगे। रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया की बजट में साथ हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इन कॉरिडोर में कुछ वर्षों के भीतर बुलेट ट्रेन की सवारी कर सकेंगे जो किसी कल्पना से कम नहीं है। जैसे लगेगा कि हवाई जहाज कि तरह चंद घंटे में लंबी दूरी तय कर रहे हैं। जी हां दिल्ली से बनारस की दूरी सिर्फ 3 घंटे 50 मिनट में तय होगी। फिर तो हर कोई यही कहेगा कि बुलेट ट्रेन की सवारी ही बेहतर है। उन्होंने बताया कि यह बुलेट ट्रेन नई दिल्ली और बनारस के बीच कई शहरों तक यात्रा समय को घटाएगी।उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 27 के बजट में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी औरवाराणसी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इन कॉरिडोर के निर्माण से चेन्नई से बेंगलुरु की दूरी एक घंटा 13 मिनट, बेंगलुरु से हैदराबाद की दूरी 2 घंटा, चेन्नई से हैदराबाद की दूरी 2 घंटा 55 मिनट, पुणे से मुंबई की दूरी 48 मिनट, पुणे से हैदराबाद एक घंटा 55 मिनट, दिल्ली से बनारस 3 घंटा 50 मिनट और बनारस से सिलीगुड़ी 2 घंटा 55 मिनट में पूरी हो जाएगी। मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का काम कुछ ही महीने के लिए शेष रह गया है। इस परियोजना से भारतीय रेलवे ने स्वदेशी बुलेट ट्रेन परियोजना की सभी बारीकियां सीख ली हैं। लिहाजा बजट में प्रस्तावित सभी साथ परियोजना भी जल्दी ही पूरी होंगी।

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उत्तर प्रदेश : 20 हजार करोड़ से रेलवे का होगा विकास

खबर हैलखनऊ देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में 20,000 करोड़ से रेलवे का विकास किया जाएगा। प्रदेशवासियों को दो हाई स्पीड कॉरिडोर की सुविधा मिली है। नई दिल्ली से वाराणसी तथा वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर आसान हो जाएगा। प्रदेश में रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए केंद्रीय बजट 2026- 27 में रिकॉर्ड बजट का आवंटन किया गया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के मुकाबले उत्तर प्रदेश को 18 गुना बजट ज्यादा का आवंटन हुआ है।यह जानकारी सोमवार को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे बोर्ड नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लखनऊ में डीआरएम कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया था।श्री वैष्णव ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश की जानकारी साझा करते हुए बताया कि केंद्रीय बजट में सूबे को 20 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहल पर तेजी से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए देश में सात हाई स्पीड कॉरिडोर का केंद्रीय बजट में रविवार को ऐलान किया गया जिसमें से दो कॉरिडोर नई दिल्ली- वाराणसी तथा वाराणसी- सिलीगुड़ी उत्तर प्रदेश में है। दिल्ली से यूपी, बिहार समेत पश्चिम बंगाल तक बुलेट ट्रेन की सुविधा जनता को मिलेगी।रेलमंत्री ने बताया हाई स्पीड कॉरिडोर का काम पूरा होने के बाद दिल्ली से वाराणसी की दूरी मात्र 3.50 घंटे में तथा वाराणसी से सिलीगुड़ी की दूरी 2:55 घंटे में तय की जा सकेगी। इन दोनों कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 1500 किलोमीटर बताई जा रही है। इन परियोजनाओं के जरिए वाराणसी को दिल्ली और सिलीगुड़ी जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ा जाएगा, जिससे धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्रों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो सकेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में विद्युतीकरण का कार्य 100 फ़ीसदी पूरा हो गया है। प्रदेश में 157 रेलवे स्टेशनों का निर्माण अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तेजी से किया जा रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का जैसे-जैसे निर्माण होगा वैसे-वैसे उनका संचालन उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से किया जाएगा। रेल बजट में उत्तर प्रदेश–20012 करोड़ से यूपी में रेलवे पकड़ेगी गति, पिछले बजट में मिले थे 19858 करोड़— 7746 करोड़ से 157 स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना में हो रहा निर्माण , 22 स्टेशनों पर काम पूरा— 4330 रूट किलोमीटर रेलखंड पर कवच सिस्टम सुरक्षा के लिए लगेगा। 71 में लग चुका। 2023 के लिए हो चुका टेंडर— वर्ष 2014 से अब तक 5500 किमी रेलखंड का निर्माण हो चुका है। स्विट्जरलैंड के रेलवे नेटवर्क के बराबर— उत्तर प्रदेश में विद्युतीकरण का 100 फ़ीसदी काम पूरा— उत्तर प्रदेश में 17 जोड़ी वंदे भारत और 18 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनों का संचालन–1694 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण— लखनऊ, गोरखपुर, गाजियाबाद समेत प्रदेश के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों का हो रहा रि-डेवलपमेंट— उत्तर प्रदेश में 92,000 करोड़ की परियोजनाओं पर हो रहा काम

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