जायज मांगों की अनदेखी पर भड़के रेलकर्मी, चलेंगे संघर्ष के रास्ते पर : शिवगोपाल

खबर है..नई दिल्ली केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय की ओर से जायज मांगों की अनदेखी से रेलकर्मी भड़क गए हैं। लिहाजा वे संघर्ष के रास्ते पर चलने की चेतावनी दे रहे हैं। इसका आज दो फरवरी को प्रत्यक्ष उदाहरण देखने को मिला, जब देशभर के रेलवे मुख्यालय और कारखाने पर रेलकर्मियों ने जमकर प्रदर्शन किया। यह जोरदार प्रदर्शन ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के आह्वान पर रेलवे में शाखा स्तर तक किया गया और अखिल भारतीय मांग दिवस मनाया गया। फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रेलकर्मियों की मांग जायज है। इसको लेकर उनका गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लिहाजा आज अखिल भारतीय मांग दिवस मनाया गया ताकि उनकी आवाज भारत सरकार और रेल मंत्रालय तक पहुंचे सके। अखिल भारतीय मांग दिवस के अंतर्गत दिल्ली में नॉर्दर्न रेलवेमेंस यूनियन (एनआरएमयू) द्वारा महाप्रबंधक कार्यालय, बड़ौदा हाउस पर आयोजित प्रदर्शन सभा को सभा को शिव गोपाल मिश्र ने संबोधित करते हुए कहा कि यदि सरकार ने रेल कर्मचारियों की लंबित मांगों का तत्काल समाधान नहीं किया तो कर्मचारियों का गुस्सा और भड़केगा। उन्होंने कहा कि सरकार एवं रेल प्रशासन को रेल कर्मचारियों के कठिन परिश्रम को देखते हुए उनकी मांगों का शीघ्र समाधान करना ही होगा। लखनऊ ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के पहल पर सोमवार को अखिल भारतीय स्तर पर मांग दिवस मनाया गया। नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के नेतृत्व में उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में रेलकर्मियों ने लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए हुंकार भरी। कर्मचारियों ने लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने के लिए केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय का ध्यान आकर्षित किया।अखिल भारतीय मांग दिवस के अवसर पर नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन, लखनऊ मंडल के बैनर तले शाखा मुख्यालयों पर भोजनावकाश के दौरान सभाओं का आयोजन किया गया। यूनियन के मंडल अध्यक्ष सुधीर तिवारी तथा मंडल मंत्री विभूति मिश्रा के नेतृत्व में रेलकर्मियों ने रनिंग स्टाफ के किलोमीटरh भत्ता (केएमए) की दरों में बढ़ोत्तरी, नए वेतनमान एवं भत्ते को एक जनवरी 2026 से लागू करना, रेलकर्मियों को मिलने वाले पास और पीटीओ में माता-पिता को भी शामिल करना सहित अन्य कई मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। लंबित मांगों पर तत्काल नहीं दिया ध्यान तो होगा भीषण संघर्ष : शिव गोपाललखनऊ। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन और नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने कहा कि अगर सरकार तत्काल रेल कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान नहीं करती है तो आगे भीषण संघर्ष का रास्ता अख्तियार करने के लिए हम बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि रेल कर्मचारियों के कठिन परिश्रम को देखते हुए उनकी मांगों का तत्काल समाधान करना ही होगा।

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कर्तव्य भवन में तैयार किया पहला केंद्रीय बजट, तीन कर्तव्यों से प्रेरित

खबर है..नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को संसद में आम बजट पेश किया। वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट युवा शक्ति संचालित बजट है। बजट में गरीब, शोषित व वंचित समुदायों पर विशेष ध्यान रखा गया है। केंद्र सरकार का यह पहला बजट नवनिर्मित कर्तव्य होने तैयार किया गया है जहां वित्त मंत्रालय काम कर रहा है।कर्तव्य भवन में तैयार आम बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य है आर्थिक वृद्धि को तेज करना व बनाए रखना। दूसरा कर्तव्य है लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना और तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के विज़न से जुड़ा है।बजट के अनुसार नया आयकर अधिनियम, 2025; अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा, सरलीकृत आयकर नियम और फॉर्म जल्द ही अधिसूचित किए जाएगे। जुर्माना और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाने के लिए प्रक्रियाओं की गुणत्मकता को कम करना जरूरी बनाया गया है।बजट में कुछ प्राथमिक सहकारी समितियों को प्राप्त रियायत को पशु खाद्य और कपास बीच तक विस्तारित करने का प्रावधान है। 15.5 प्रतिशत साझा सेफ हार्बर मार्जिन के साथ सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं की एकल श्रेणी बनाई गई है। आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सुविधा हेतु 300 करोड़ रुपये की सीमा को बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये किया गया है औरविदेशी क्लाउड सेवा प्रदात्ता को 2047 तक टैक्स हॉलीडे दिया जाएगा। अनुमान आधार पर टैक्स देने वाले सभी अप्रवासियों को न्यूनतम वैकल्पिक टैक्स से छूट मिलेगी। कर निर्धारण वर्ष 2027-28 से आईसीडीएस पर आधारित पृथक लेखा जरूरत को समाप्त करने के लिए मंत्रालय इंडएएस को संशोधित करने हेतु संयुक्त समिति का गठन करेगा।वायदा सौदों पर एसटीटी को वर्तमान के 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया जाएगा।बैटरी के लिथियम आयन सेल के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत वस्तुओं को प्राप्त मूल सीमा शुल्क छूट को विस्तार दिया जाएगा। महत्वपूर्ण खनिज के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तु के आयात के सीमा शुल्क पर छूट दी जाएगी। व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात की जाने वाली वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा। 17 औषधियों या दवाओं पर मूल सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी।बायोफॉर्मा शक्ति, जिसका कुल परिव्यय 10,000 करोड़ रुपये है बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए इको-सिस्टम का निर्माण करेगी। भविष्य के चैम्पियन के रूप में एमएसएमई बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई विकास निधि का प्रस्ताव है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बीई-2025-26 के 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है।पर्यावरण की दृष्टि से सतत यात्री प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए शहरों के बीच सात उच्च गति रेल गलियारे ‘वृद्धि परिवहन सम्पर्क’ के रूप में विकसित किए जाएंगे। भारतीय रचना प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई 15,000 उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेट निर्माण लैब की स्थापना करेगा। उच्च शिक्षा और एसटीईएम संस्थानों में छात्राओं की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।सरकार ने घोषणा करते हुए कहा कि आईआईएम की साझेदारी में, हाईब्रिड मोड में एक मानक, उच्च गुणवत्ता वाले 12-सप्ताह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के माध्यम से 20 पर्यटन स्थलों में 10,000 गाइड के कौशल का उन्नयन किया जाएगा। खेलो इंडिया मिशन अगले दशक में खेल क्षेत्र को परिवर्तित कर देगा। एक बहु-भाषी एआई उपकरण के रूप में भारत-विस्तार कृषि पोर्टलों और कृषि तौर-तरीकों पर आईसीएआर पैकेज को एआई प्रणालियों के साथ एकीकृत करेगा। विदेशी यात्रा पैकेज पर वर्तमान के 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है। सीमा शुल्क भंडार गृह रूपरेखा का बदलाव भंडार गृह संचालक केन्द्रित प्रणाली के किया जाएगा, जिसमें स्व-घोषणा, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जोखिम आधारित लेखा की व्यवस्था होगी। वित्त वर्ष के अंत तक विभिन्न सरकारी एजेंसियों से कार्गो निकासी मंजूरियों को एकल और आपस में जुड़े डिजिटल विंडो के जरिए निर्बाध रूप से प्रसंस्कृत किया जाएगा।

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इंडिया एनर्जी वीक 2026 का समापन भारत के ऊर्जा नेतृत्व, लचीलापन और नवाचार क्षमता की सशक्त पुष्टि : पुरी

खबर है..गोवा गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक 2026 का आज सफल समापन हुआ। समापन अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद अपनी मजबूत तैयारियों, लचीली रणनीतियों और दूरदर्शी नीतियों के माध्यम से स्वयं को एक विश्वसनीय ऊर्जा नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित किया है।समापन फायरसाइड चैट के दौरान मंत्री ने कहा कि भारत की ऊर्जा रणनीति विविधीकरण, आपूर्ति सुरक्षा, लचीलापन तथा स्वच्छ और भविष्योन्मुख ऊर्जा संक्रमण पर आधारित है। उन्होंने कहा,“भारत ने निरंतर भू-राजनीतिक झटकों का सफलतापूर्वक सामना किया है। आपूर्ति स्रोतों के विविधीकरण और स्वच्छ ईंधनों की ओर तीव्र संक्रमण के माध्यम से प्रत्येक चुनौती को अवसर में बदला गया है।”भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करते हुए श्री पुरी ने बताया कि भारत वर्तमान में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता, चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर तथा पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख निर्यातकों में से एक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ऊर्जा की उपलब्धता, किफायतीपन और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।इसके पश्चात पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने भारत की 7 प्रतिशत से अधिक की अनुमानित आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने हेतु सरकार की रणनीतिक रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने घरेलू अन्वेषण और उत्पादन को सुदृढ़ कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने तथा भारत को परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का एक विश्वसनीय वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।डॉ. मित्तल ने ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में परिचालन दक्षता और लचीलापन बढ़ाने के लिए डिजिटलीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और लॉजिस्टिक्स अनुकूलन की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया।समापन दिवस पर IEW 2026 के अंतर्गत नवाचार, तकनीकी उत्कृष्टता और नेतृत्व को मान्यता देने हेतु विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए।

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गणतंत्र दिवस परेड-2026 में संस्कृति मंत्रालय को दोहरा सम्मान, ‘वंदे मातरम’ झांकी प्रथम पुरस्कार से सम्मानित

खबर हैनई दिल्लीगणतंत्र दिवस परेड-2026 में संस्कृति मंत्रालय ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए दो प्रमुख पुरस्कार अपने नाम किए। मंत्रालय की झांकी “वंदे मातरम – 150 वर्षों का सफर” को केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ झांकी का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। यह झांकी वंदे मातरम की ऐतिहासिक यात्रा, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक स्वरूप को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। इसके साथ ही, मंत्रालय की सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति “वंदे मातरम: भारत की शाश्वत गूंज” को उसकी उत्कृष्ट कलात्मक अभिव्यक्ति और विषयगत गहराई के लिए विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस भव्य प्रस्तुति में देशभर के 2,500 कलाकारों ने शास्त्रीय, लोक और आदिवासी कला रूपों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रभावना को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

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विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगला 25 वर्ष निर्णायक : मोदी

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2026 के बजट सत्र के प्रारंभ में कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास, परिश्रम और युवाओं की आकांक्षाओं का सशक्त प्रतिबिंब है। उन्होंने इस बजट सत्र को 21वीं सदी की दूसरी तिमाही की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अगले 25 वर्षों को निर्णायक बताया। साथ ही, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत किए जाने को ऐतिहासिक क्षण बताया।प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को युवाओं, किसानों, मछुआरों, निर्माताओं और सेवा क्षेत्र के लिए व्यापक अवसर खोलने वाला कदम बताया। उन्होंने उद्योग जगत से गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा पर ध्यान देने का आह्वान किया तथा कहा कि यह समझौता भारतीय उत्पादों को 27 यूरोपीय देशों के विशाल बाजार तक कम लागत में पहुंचाने में सहायक होगा, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और आर्थिक शक्ति मजबूत होगी।उन्होंने सरकार की पहचान सुधार, क्रियान्वयन और परिवर्तन बताते हुए कहा कि भारत दीर्घकालिक समस्याओं के बजाय स्थायी समाधानों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने मानव-केंद्रित विकास, प्रौद्योगिकी के संतुलित उपयोग और अंतिम छोर तक योजनाओं की प्रभावी डिलीवरी पर बल दिया। अंत में उन्होंने सांसदों से व्यवधान के बजाय समाधान, सशक्त निर्णय और सुधारों को गति देने के लिए सहयोग का आह्वान किया। मुख्य बिंदुराष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास, परिश्रम और युवाओं की आकांक्षाओं को दर्शाता है।2026 का बजट सत्र 21वीं सदी की दूसरी तिमाही की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण सत्र है।2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए अगले 25 वर्ष निर्णायक हैं।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत करना ऐतिहासिक उपलब्धि है।भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता युवाओं, किसानों, मछुआरों, निर्माताओं और सेवा क्षेत्र के लिए बड़े अवसर लेकर आया है।इस समझौते से भारतीय उत्पादों को 27 यूरोपीय देशों के विशाल बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी।उद्योग जगत को आत्मसंतुष्टि से बचते हुए गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा पर ध्यान देने का आह्वान।सरकार की पहचान सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन रही है।भारत दीर्घकालिक समस्याओं से हटकर स्थायी और पूर्वानुमान योग्य समाधानों की ओर बढ़ रहा है।विकास प्रक्रिया मानव-केंद्रित रहेगी और प्रौद्योगिकी का संतुलित उपयोग किया जाएगा।योजनाओं की अंतिम छोर तक प्रभावी डिलीवरी सरकार की प्राथमिकता है।भारत का लोकतंत्र और जनसांख्यिकी विश्व के लिए आशा की किरण है।सांसदों से व्यवधान के बजाय समाधान, सशक्त निर्णय और सुधारों को गति देने का आह्वान।

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विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन

खबर है..नई दिल्ली महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का आज सुबह विमान हादसे में निधन हो गया। उनका चार्टर प्लेन बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया प्लेन में उपमुख्यमंत्री पवार के साथ एक सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर भी सवार थे। इनमें से कोई भी नहीं बचा है इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। जानकारी के अनुसार पवार पांच फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए चार रैलियों को संबोधित करने वाले थे। वे मुंबई से सुबह 8.10 बजे रवाना हुए थे और 8:45 पर यह दुर्घटना हो गई।बारामती एक अनियंत्रित हवाई अड्डा है और यहां यातायात संबंधी जानकारी बारामती स्थित उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के प्रशिक्षकों/पायलटों द्वारा प्रदान की जाती है। एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) पर तैनात व्यक्ति के बयान के अनुसार, घटनाओं का क्रम इस प्रकार है:नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार 28 जनवरी 2026 को, विमान वीटी-एसएसके ने भारतीय समयानुसार सुबह 8:18 बजे बारामती से संपर्क किया। विमान को बारामती की ओर 30 समुद्री मील की दूरी पर अगली सूचना मिली और पुणे अप्रोच द्वारा उन्हें उतरने की अनुमति दी गई। उन्हें पायलट के विवेकानुसार दृश्य मौसम संबंधी परिस्थितियों में उतरने की सलाह दी गई। चालक दल ने हवाओं और दृश्यता के बारे में पूछताछ की और उन्हें जानकारी दी गई कि हवाएं शांत थीं और दृश्यता लगभग 3000 मीटर थी। इसके बाद विमान ने रनवे 11 के अंतिम अप्रोच पर पहुंचने की सूचना दी, लेकिन रनवे उन्हें दिखाई नहीं दिया। उन्होंने पहले अप्रोच में ही गो-अराउंड शुरू कर दिया। गो अराउंड के बाद, विमान से उसकी स्थिति के बारे में पूछा गया और चालक दल ने रनवे 11 पर अंतिम अप्रोच की सूचना दी। उनसे रनवे दिखाई देने की सूचना देने को कहा गया। उन्होंने जवाब दिया, “रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा है, रनवे दिखाई देने पर सूचित करेंगे।” कुछ सेकंड बाद उन्होंने सूचना दी कि रनवे दिखाई दे रहा है। विमान को भारतीय समयानुसार सुबह 8:43 बजे रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई थी, हालांकि, लैंडिंग की अनुमति का उन्होंने रीडबैक नहीं दिया। इसके बाद, भारतीय समयानुसार सुबह 8:44 बजे एटीसी ने रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग की लपटें देखीं। आपातकालीन सेवाएं तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचीं।एएआईबी ने जांच अपने हाथ में ले ली है और एएआईबी के महानिदेशक जांच के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। आगे की जानकारी जैसे ही उपलब्ध होगी, उसे साझा किया जाएगा।महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस बारामती पहुंच गए हैं। उन्होंने आज स्कूलों की छुट्‌टी और 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। पवार का अंतिम संस्कार बारामती में गुरुवार सुबह 11 बजे किया जाएगा। अजित के चाचा शरद पवार, पत्नी सुनेत्रा, दोनों बेटे और बहन सुप्रिया सुले भी बारामती पहुंच गई हैं।अजित पवार की पार्टी NCP भाजपा-शिवसेना महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शामिल है। उन्हें मिलाकर पार्टी के कुल 41 विधायक थे। वे खुद उपमुख्यमंत्री थे। उनके अलावा 7 कैबिनेट और 1 राज्य मंत्री हैं।

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केंद्रीय बजट से परिवहन समुदाय को बड़ी उम्मीद

खबर है..नई दिल्ली ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. हरीश सभरवाल ने कहा कि सड़क परिवहन क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा और आवश्यक सप्लाई चेन की रीढ़ है। लेकिन बढ़ती ईंधन लागत, ऊँचे टोल शुल्क और बहु-स्तरीय कराधान के कारण परिवहन संचालन की आर्थिक व्यवहार्यता लगातार घट रही है।केंद्रीय बजट 2026–27 को कर सुधार, ईंधन सुधार और बुनियादी ढाँचे आधारित विकास पर केंद्रित होना चाहिए, न कि पहले से दबाव झेल रहे इस क्षेत्र से अतिरिक्त राजस्व वसूली पर। सही नीतिगत सहयोग मिलने पर परिवहन उद्योग रोजगार सृजन, लॉजिस्टिक्स दक्षता और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।उन्होंने आगे कहा कि बजट ऐसे समय में तैयार हो रहा है जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं से जूझ रहा है और भारत विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। नीति-निर्माताओं से अपेक्षा है कि वे वित्तीय अनुशासन और विकास की आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाएँ, विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा, एमएसएमई और रोजगार सृजन पर ध्यान दें।परिवहन क्षेत्र ने यह भी रेखांकित किया कि 24×7 बैंकिंग और ईंधन स्टेशन सुविधाओं की सीमाओं के कारण नकद लेन-देन पर निर्भरता बनी हुई है। साथ ही, बढ़ती ईंधन लागत, राज्यों के बीच मूल्य असमानता और वैश्विक व्यापार तनाव का प्रभाव टायर, स्पेयर पार्ट्स और तकनीक के आयात पर पड़ रहा है।इन प्राथमिकताओं को संबोधित करने से परिचालन लागत स्थिर होगी, दक्षता बढ़ेगी और भारत की लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, जिससे यह क्षेत्र देश की 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य और उससे आगे तक सार्थक योगदान दे सकेगा।

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संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण, कहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दुनिया ने देखा भारतीय सेना का पराक्रम

खबर है..नई दिल्लीराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज संसद में अपने अभिभाषण में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने भारतीय सेवा का पराक्रम देखा। अब मिशन सुदर्शन चक्र पर काम हो रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंक के अड्डों पर कड़ा प्रहार किया गया, जिससे भारत की सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश गया।सरकार ने संसद में अपने संबोधन के माध्यम से देश के समग्र विकास की स्पष्ट और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत की। महिला सशक्तीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, युवाओं की भागीदारी और सांस्कृतिक गौरव को इस विज़न के केंद्र में रखा गया है। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत सितंबर 2025 में लगभग 7 करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कराई गई, जिससे समय पर इलाज संभव हुआ। साथ ही, एनडीए से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट होना देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में, सरकार ने आतंकवाद और माओवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की है। माओवादी प्रभाव 126 जिलों से घटकर 8 जिलों तक सिमट गया है, और एक वर्ष में लगभग 2,000 लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंक के अड्डों पर कड़ा प्रहार किया गया, जिससे भारत की सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश गया।आर्थिक मोर्चे पर, पीआईएल योजना से 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगति हो रही है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन चुका है।युवाओं के लिए रोजगार, स्किलिंग और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप इंडिया, पीएम विश्वकर्मा और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। बीते वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ।विदेश नीति के क्षेत्र में भारत ने संतुलित और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मजबूती दी है। आपदा और संकट के समय भारत ने अनेक देशों में first responder की भूमिका निभाई है। सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार ने ऐतिहासिक पहल की है — भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वापसी, प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण और आदिवासी विरासत के संरक्षण के प्रयास इसका उदाहरण हैं। सरकार ने दोहराया कि विकसित भारत का लक्ष्य एक साझा राष्ट्रीय संकल्प है, जिसे संसद, सरकार और नागरिक मिलकर साकार करेंगे।

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केंद्रीय बजट की तैयारी का अंतिम चरण, हलवा समारोह के साथ सम्पन्न केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सहयोगी राज्य मंत्री पंकज चौधरी रहे उपस्थित

खबर है..नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारी प्रक्रिया के अंतिम चरण को चिह्नित करने वाला ‘हलवा समारोह’ आज नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस में आयोजित किया गया। यह समारोह केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी की उपस्थिति में सम्‍पन्‍न हुआ। ‘हलवा समारोह’ बजट की तैयारियों से जुड़े अधिकारियों के ‘लॉक-इन’ (परिसर के भीतर ही रहने की प्रक्रिया) शुरू होने से ठीक पहले आयोजित किया जाता है। केंद्रीय बजट 2026-27 एक फरवरी, 2026 को पेश किया जाएगा। ‘हलवा समारोह’ के अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ वित्त मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले सभी विभागों के सचिव और बजट निर्माण प्रक्रिया से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। समारोह के एक हिस्‍से के रूप में केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट प्रेस का दौरा किया और तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही, उन्‍होंने पूरी बजट टीम को अपनी शुभकामनाएं भी दीं। वार्षिक वित्तीय विवरण (जिसे आमतौर पर बजट कहा जाता है), अनुदान की मांगें, वित्त विधेयक आदि सहित केंद्रीय बजट के सभी दस्तावेज “यूनियन बजट मोबाइल ऐप” पर उपलब्ध होंगे। इससे सांसदों और आम जनता को डिजिटल माध्यम से बजट दस्तावेजों तक आसानी से पहुंच प्राप्त हो सकेगी। यह ऐप द्विभाषी (अंग्रेजी और हिंदी) है और एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्मों पर उपलब्ध होगा। इस ऐप को केंद्रीय बजट वेब पोर्टल ( www.indiabudget.gov.in ) से भी डाउनलोड किया जा सकता है।केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी, 2026 को संसद में बजट भाषण समाप्त होने के बाद बजट दस्तावेज मोबाइल ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे ।

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