खबर है..
लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस–उड़ान) के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया है। यह सम्मान नॉन-प्रायोरिटी एरिया श्रेणी में प्रदान किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर रहा।
योगी सरकार की सक्रिय विमानन नीति के परिणामस्वरूप प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी का ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, नई रनवे सुविधाओं, नाइट लैंडिंग और क्षेत्रीय उड़ानों के विस्तार से छोटे शहरों को राष्ट्रीय संपर्क मिला है। इसका सीधा असर हवाई यात्री यातायात में देखने को मिला है।

वर्ष 2016 में जहां प्रदेश में हवाई यात्रियों की संख्या 59.97 लाख थी, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 1.55 करोड़ से अधिक हो गई। घरेलू उड़ानों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है।
एयर कार्गो के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 2016 में 5,895 मीट्रिक टन रहे एयर कार्गो ट्रैफिक में 2025 तक पांच गुना से अधिक वृद्धि हुई है, जिससे एमएसएमई, कृषि उत्पादों और निर्यात को नया बल मिला है।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) सहित नए और क्षेत्रीय हवाई अड्डे उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख विमानन एवं लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रदेश की बड़ी उपलब्धि है।
