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नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज संसद में अपने अभिभाषण में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने भारतीय सेवा का पराक्रम देखा। अब मिशन सुदर्शन चक्र पर काम हो रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंक के अड्डों पर कड़ा प्रहार किया गया, जिससे भारत की सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश गया।
सरकार ने संसद में अपने संबोधन के माध्यम से देश के समग्र विकास की स्पष्ट और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत की। महिला सशक्तीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, युवाओं की भागीदारी और सांस्कृतिक गौरव को इस विज़न के केंद्र में रखा गया है।

‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत सितंबर 2025 में लगभग 7 करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कराई गई, जिससे समय पर इलाज संभव हुआ। साथ ही, एनडीए से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट होना देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में, सरकार ने आतंकवाद और माओवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की है। माओवादी प्रभाव 126 जिलों से घटकर 8 जिलों तक सिमट गया है, और एक वर्ष में लगभग 2,000 लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंक के अड्डों पर कड़ा प्रहार किया गया, जिससे भारत की सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश गया।
आर्थिक मोर्चे पर, पीआईएल योजना से 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगति हो रही है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन चुका है।
युवाओं के लिए रोजगार, स्किलिंग और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप इंडिया, पीएम विश्वकर्मा और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। बीते वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ।
विदेश नीति के क्षेत्र में भारत ने संतुलित और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मजबूती दी है। आपदा और संकट के समय भारत ने अनेक देशों में first responder की भूमिका निभाई है। सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार ने ऐतिहासिक पहल की है — भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वापसी, प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण और आदिवासी विरासत के संरक्षण के प्रयास इसका उदाहरण हैं। सरकार ने दोहराया कि विकसित भारत का लक्ष्य एक साझा राष्ट्रीय संकल्प है, जिसे संसद, सरकार और नागरिक मिलकर साकार करेंगे।
