देश-दुनिया से जुटेंगे 75000 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल, 600 से अधिक एक्जीबिटर्स आएंगे पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ने कहा चार वर्ष में बहुत बड़ा हो गया इंडिया एनर्जी वीक खबर है..नई दिल्लीभारत ऊर्जा सप्ताह-2026 का आगाज 27 जनवरी को गोवा में होगा। चार दिनों के इस आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस बार के आयोजन में 120 देश के 75000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें 600 से अधिक एक्जीबिटर्स भी आएंगे। इस दौरान कई देश के ऊर्जा में पेट्रोलियम मंत्री भी शामिल होंगे।पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी शुक्रवार 23 जनवरी को उद्घाटन पर सम्मेलन में बताया कि भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 के दौरान भारत की वैश्विक ऊर्जा साझेदारियों और ऊर्जा परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया जाएगा। कार्यक्रम में भारत-अरब, भारत-जापान, भारत-आइसलैंड, भारत-नीदरलैंड और भारत-अमेरिका जैसे देशों के साथ ऊर्जा संवाद और गोलमेज सम्मेलन आयोजित होंगे, जिनका उद्देश्य ऊर्जा सहयोग, व्यापार और निवेश को सशक्त बनाना है।पुरी ने कहा कि भारत ऊर्जा सप्ताह की शुरुआत से ही इसमें हर साल उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्ष 2023 में पहले संस्करण में लगभग 30,000 प्रतिनिधियों और 316 प्रदर्शकों ने भाग लिया था, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 45,000 से अधिक और 2025 में 68,000 प्रतिभागियों तक पहुंच गई। 4 वर्ष में यह आयोजन बहुत बड़ा हो गया है। 2026 का भारत ऊर्जा सप्ताह का अब तक का सबसे बड़ा संस्करण होने की उम्मीद है, जिसमें 75,000 से अधिक प्रतिनिधि, 180 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों सहित 600 से अधिक प्रदर्शक, 500 से अधिक वैश्विक वक्ता और 120 से अधिक सम्मेलन सत्र शामिल होंगे।इस आयोजन में नवाचार और स्टार्टअप्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें स्टार्टअप चैलेंज, हैकाथॉन और वैश्विक सहयोग पहलें शामिल होंगी, जो एआई, ऊर्जा दक्षता, हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर और चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होंगी। साथ ही जैव ईंधन वित्तपोषण, सतत विमानन ईंधन और इंडिया बायोएनर्जी आउटलुक 2030 जैसे महत्वपूर्ण ज्ञानवर्धक उत्पाद लॉन्च किए जाएंगे।पुरी ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, नीदरलैंड, ओमान, ब्रुनेई, म्यांमार, तंजानिया और अन्य देशों के 17 मंत्रियों और उपमंत्रियों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है, साथ ही अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा मंच, बिम्सटेक और यूरेशियन आर्थिक संघ जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भी अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी का आयोजन 11 विषयगत क्षेत्रों में किया जाएगा, जिनकी मेजबानी प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम करेंगे। इनमें डिजिटलीकरण और एआई, हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, जैव ईंधन, एलएनजी पारिस्थितिकी तंत्र, शहरी गैस वितरण, मेक इन इंडिया और नेट-जीरो समाधान जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इनमें परमाणु ऊर्जा क्षेत्र और सतत विमानन ईंधन क्षेत्र भी नए जोड़े गए हैं।कुल मिलाकर, भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखते हुए भारत को एक प्रमुख वैश्विक ऊर्जा केंद्र और ऊर्जा परिवर्तन में विश्वसनीय नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करना है।