कश्मीर घाटी में रेल सुविधा विकसित होने का मिला लाभ

पहली बार 42 वैगन की मालगाड़ी पहुंची अनंतनाग

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नई दिल्ली
कश्मीर में हर मौसम रेल आवागमन की सुविधा विकसित होने से यात्री यातायात के साथ-साथ खाद्यान्न आपूर्ति भी आसान हो रही है। कश्मीर घाटी में अनंतनाग पहली बार पूरी 42 वैगन की मालगाड़ी पहुंची है, जिसमें 2,768 मीट्रिक टन चावल था।
रेल मंत्रालय के अनुसार कश्मीर घाटी को हर मौसम में रेल कनेक्टिविटी मिलने से प्रतिकूल मौसम के दौरान भी खाद्यान्न की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है और लॉजिस्टिक्स लागत कम हो रही है। 22 जनवरी 2026 को चावल से लदी 42 वैगनों वाली पहली पूरी रेलगाड़ी अनंतनाग पहुँची, जिसमें 2,768 मीट्रिक टन चावल था। यह मालगाड़ी पंजाब के संगरूर से लोड होकर 24 घंटे के भीतर अनंतनाग माल गोदाम पहुँची।
पहले केवल 21 वैगनों वाली आंशिक रेलगाड़ियाँ चलाई जाती थीं; अब पूरी क्षमता वाली रेलगाड़ियों से परिवहन अधिक कुशल हुआ है। इस पहल से घाटी में खाद्यान्न भंडारण और वितरण प्रणाली मजबूत होगी, खासकर खराब मौसम के समय। सड़क परिवहन पर निर्भरता घटने से पर्यावरणीय लाभ और बेहतर परिचालन दक्षता मिलेगी। उधमपुर–श्रीनगर–बारामूला रेल लिंक कश्मीर में व्यापार, रसद और आपूर्ति श्रृंखला की दीर्घकालिक स्थिरता को मजबूती दे रहा है।

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