मिजोरम के लॉजिस्टिक्स और खाद्य वितरण नेटवर्क को मिली मजबूती
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नई दिल्ली
मिजोरम में यात्री और मालगाड़ी सेवाओं की शुरुआत के साथ यात्री परिवहन और माल ढुलाई में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। इस क्षेत्र में विकास होने से पर्यटन बढ़ने के साथ-साथ संपर्क मिजोरम में यात्री और मालगाड़ी सेवाओं की शुरुआत के साथ यात्री परिवहन और माल ढुलाई में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। इस क्षेत्र में विकास होने से पर्यटन बढ़ने के साथ-साथ संपर्क में सुधार हुआ है और आर्थिक विकास में भी योगदान मिला है।भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की पहली खाद्यान्न मालगाड़ी 3 मार्च, 2026 को सैरांग रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इस मालगाड़ी में पंजाब से लगभग 25,900 क्विंटल चावल से भरे 42 डिब्बे थे। यह राज्य में रेल आधारित माल ढुलाई संपर्क को मजबूत करने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सैरांग में एफसीआई की खाद्यान्न मालगाड़ी के सफलतापूर्वक पहुंचने से बढ़ती परिचालन क्षमता का पता चलता है। इससे मिजोरम के रसद एवं खाद्य वितरण नेटवर्क को सहयोग देने में रेलवे अवसंरचना की बढ़ती भूमिका स्पष्ट होती है।यह उल्लेख करना आवश्यक है कि 13 सितंबर, 2025 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन का उद्घाटन मिजोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। इस महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना ने राज्य की राजधानी आइजोल को भारत के रेलवे मानचित्र पर ला खड़ा किया है। इससे राज्य सीधे राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है। परिवहन में सुधार के अलावा, इस नई रेल लाइन से आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने और पूरे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।यह उल्लेख करना आवश्यक है कि 13 सितंबर, 2025 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन का उद्घाटन मिजोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। इस महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना ने राज्य की राजधानी आइजोल को भारत के रेलवे मानचित्र पर ला खड़ा किया है। इससे राज्य सीधे राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है। परिवहन में सुधार के अलावा, इस नई रेल लाइन से आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने और पूरे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
