आईसीटी के लिए ई-आरसीटी प्रणाली का शुभारंभ किया
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नई दिल्ली
भारतीय रेल में नवाचार को बढ़ावा देने और दावा न्यायाधिकरण की प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के लिए नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप्स, उद्योग और संस्थानों को जोड़ने हेतु तीसरे और चौथे सुधार के रूप में रेल टेक पोर्टल के लॉन्च की घोषणा की है।
केंद्रीय मंत्री ने अश्विनी वैष्णव ने 26 फरवरी को रेल प्रौद्योगिकी नीति की घोषणा की और “52 सप्ताह में 52 सुधार” पहल के तहत रेल दावा न्यायाधिकरण के संपूर्ण डिजिटलीकरण के लिए ई-आरसीटी प्रणाली का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत कोई भी व्यक्ति जिसके पास कोई मजबूत प्रौद्योगिकीय विचार हैं, वह समर्पित रेल टेक पोर्टल के माध्यम से रेलवे से संपर्क कर सकता है, जिससे रेलवे में प्रौद्योगिकी का व्यापक और प्रणालीगत समावेश हो सके।
उन्होंने भी बताया कि एक सुधार रेल दावा न्यायाधिकरण के डिजिटल कारण को लेकर भी किया गया है। रेल दावा न्यायाधिकरण में प्रमुख प्रक्रियात्मक सुधार में 24×7 ई-फाइलिंग, ऑनलाइन सुनवाई और आदेशों तक तत्काल पहुंच से दुर्घटना और अप्रिय घटना के दावों को दाखिल करना सरल किया गया है।
उन्होंने ने कहा कि अगले 12 महीनों के भीतर, रेल दावा न्यायाधिकरण की सभी बेंच पूरी तरह से डिजिटाइज्ड हो जाएंगी। ई-आरसीटी ऑनलाइन सबमिशन और वास्तविक समय केस ट्रैकिंग से त्वरित निपटान संभव है। इसमें मामले दर्ज करने के लिए न्यायाधिकरण जाने की आवश्यकता नहीं, डिजिटल ई-आरसीटी प्लेटफॉर्म से पेपरलेस कोर्ट, हाइब्रिड सुनवाई और केंद्रीकृत केस प्रबंधन की शुरुआत होगी।
