रेलवे की सख्त कार्रवाई में छह अधिकारियों की छुट्टी

कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों में हड़कंप

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नई दिल्ली

भारतीय रेलवे ने कार्यप्रदर्शन में अनुकूल नहीं पाए जाने पर छह रेलवे अधिकारियों को की छुट्टी करती है। उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। नियमों के तहत अपनी सेवा का अधिकतम समय बिता चुके अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की जाती है। अपने कार्य में सुधार नहीं पाए जाने पर उनकी
जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है। इस कार्रवाई से अधिकारियों में हरकंप पहुंचा हुआ है
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई भारतीय रेल स्थापना संहिता के नियम 1802(क) के तहत की गई है। सेवानिवृत्त किए गए अधिकारियों में उत्तर रेलवे के चीफ मैकेनिकल इंजीनियर/ प्रोजेक्ट/मुख्यालय भी शामिल हैं।
यह कदम रेलवे की अपने तंत्र में परिचालन दक्षता और जवाबदेही बनाए रखने की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नियम 1802(क) प्रशासन को जनहित में अधिकारियों को सेवानिवृत्त करने का अधिकार देता है, और यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि गैर-प्रदर्शन और अक्षमता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस कदम को गंभीरता से लें, क्योंकि प्रशासन ने सेवा मानकों को पूरा न करने वालों के प्रति अपनी शून्य-सहनशीलता नीति को पुनः स्पष्ट किया है।

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