टूरिस्ट वाहन संचालकों की बल्ले-बल्ले, मिलेंगी कई सुविधाएं

बदल गया टूरिस्ट वाहनों का परमिट नियम, मिलेगा बढ़ावा

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नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने ऑल इंडिया टूरिस्ट व्हीकल परमिट रूल्स 2023 मैं संशोधन करके उसे व्यवहारिक और सकारात्मक बना दिया है। इससे टूरिस्ट वाहन संचालकों के लिए कई सुविधाएं बेहतर हो गई है। इससे देश भर के टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर को उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ-साथ पर्यटकों को भी कम लागत में वाहन की अच्छी सुविधा प्राप्त हो सकेगी।
सरकार के इस सार्थक कदम के लिए ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस (AIMTC), दिल्ली कॉन्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन (DCBA) एवं देशभर के टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की ओर से हम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया हैं। मंत्रालय ने 13 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना G.S.R. 131(E) के माध्यम से यह अधिसूचना जारी की है। यह जानकारी ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कंपनी अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने दी।
AIMTC और DCBA के निरंतर प्रयासों से टूरिस्ट ऑपरेटरों के हित में कई महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव संभव हो सके हैं। 12 सितंबर 2025 को प्रस्तावित AITP नियम संशोधन पर संगठनों ने लगातार सुझाव दिए और मंत्रालय के साथ बैठकों में उद्योग का पक्ष मजबूती से रखा। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 13 फरवरी 2026 को नए संशोधित नियम जारी किए गए।
मुख्य फायदे

  1. वाहन की आयु सीमा में वृद्धि
    टूरिस्ट वाहनों की अधिकतम आयु 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई है। यह टूरिस्ट ऑपरेटरों के लिए एक बड़ी राहत और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
  2. चालान भुगतान अवधि में वृद्धि
    AITP वैधता के लिए लंबित चालानों के भुगतान की अवधि 30 दिन से बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है।
  3. रूट डिटेल अपलोड की बाध्यता से राहत
    टूरिस्ट ट्रिप शुरू होने से 24 घंटे पहले रूट डिटेल्स पोर्टल पर अपलोड करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब केवल रूट और ट्रिप की जानकारी वाहन में (भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से) साथ रखना आवश्यक होगा।
  4. होम स्टेट से बाहर रहने की अवधि में वृद्धि
    टूरिस्ट वाहन को होम स्टेट से बाहर रहने की अवधि 45 दिन से बढ़ाकर 60 दिन कर दी गई है। इससे वैध संचालन को सुविधा मिलेगी और बाहरी राज्यों में अवैध संचालन (“डग्गेमारी”) पर नियंत्रण मजबूत होगा।
  5. स्टेज कैरिज संचालन पर रोक
    टूरिस्ट वाहन को स्टेज कैरिज की तरह चलाने पर स्पष्ट रोक लगाई गई है तथा अवैध संचालन पर सख्ती की गई है।
  6. दस्तावेज़ और टोल बकाया संबंधी प्रावधान
    परमिट की वैधता के लिए वाहन के सभी दस्तावेज़ वैध होने चाहिए और टोल बकाया नहीं होना चाहिए। परमिट उसी राज्य से जारी होगा जहाँ वाहन पंजीकृत है।
  7. Ease of Doing Business को बढ़ावा
    आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। सीटिंग और स्लीपर दोनों क्षमता को मान्यता दी गई है, जिससे व्यवसाय संचालन में लचीलापन बढ़ेगा।

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