एडीजी रेलवे और आईआरसीटीसी सीआरएम के बीच खानपान सुधार को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक
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लखनऊ
चलती ट्रेनों में मुसाफिरों को बेहतर खानपान सेवा मिले तथा अवैध वेंडरों पर अंकुश लगाने के लिए बृहस्पतिवार को एडीजी प्रकाश डी और आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में खानपान सेवाओं को सुचारू प्रबंधन में जीआरपी के सहयोग की चर्चा के साथ-साथ अवैध वेंडरों पर शिकंजा कसने की रणनीति बनी। साथ ही यात्रियों को बेहतर सेवा और कैटरिंग स्टाफ की सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई। जिन रूटों पर खानपान को लेकर दिक्कत है, वहां पर संयुक्त अभियान चलने पर सहमति बनी है।
आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक (सीआरएम) अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि कुछ मामलों को लेकर खानपान की सेवाओं को प्रदान करने वाली टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जैसे डिब्बों में अत्यधिक भीड़, खानपान का सामान को रखने की कम जगह होना, मुसाफिरों की अत्यधिक मांग का दबाव तथा कुछ क्षेत्रों में अवैध वेंडर्स द्वारा मानक के विपरीत खाद्य पदार्थों को बिक्री करना आदि। इन सब से सेवा प्रदाता टीम को खानपान की सुचारू सुविधा देने में व्यवधान होता है, इसके लिए जीआरपी टीम की सहयोग की अपेक्षा की गई है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से करीब 150 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू होती हैं और लगभग 300 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें प्रदेश से होकर गुजरती हैं। इनमें से प्रमुख ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी की एस्कॉर्ट सुविधा भी उपलब्ध रहती है।
श्री सिन्हा ने बातचीत के दौरान बताया कि कुछ रेलवे सेक्शन में खानपान सेवा प्रदाताओं को अनधिकृत वेंडर्स की समस्या से झूझना पड़ता है, जिसमे मुख्यतः प्रयाग-फूलपुर, प्रयागराज-वाराणसी, बनारस- भदोही, वाराणसी-रायबरेली, झाँसी-उरई-कानपुर, झाँसी-ललितपुर, इटावा-टुंडला, देवरिया-भटनी-छपरा, खलीलाबाद-गोण्डा-बाराबंकी, हरदोई-शाहजहांपुर-बरेली रेलखंड शामिल है।
इस बैठक में जीआरपी लखनऊ जोन के आईजी आरके भारद्वाज भी उपस्थित रहे।
