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पांच राज्यों में बजा विधानसभा चुनाव का बिगुल

असम, केरल, पुडुचेरी में 9, तमिलनाडु में 23 और पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदानइन सभी पांच राज्यों के चुनाव परिणाम एक साथ 4 मई को आएंगे खबर है..नई दिल्ली निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान आज कर दिया है। असम, केरल, पुडुचेरी में 9 अप्रैल, तमिलनाडु में 23 अप्रैल और पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होंगे जबकि इन सभी पांचो राज्यों के चुनाव परिणाम एक साथ 4 मई को घोषित किए जाएंगे।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज रविवार 15 मार्च को विज्ञान भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव कराया जाने के लिए कार्यक्रम का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि इन सभी राज्यों में निष्पक्ष एवं निर्भीक चुनाव कराने के लिए आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव आयोग की ओर से यहां व्यवस्था की गई है की किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न हुए बिना शांतिपूर्ण ढंग से मतदान कराया जाए। इसके लिए चुनाव आयोग ने इन सभी राज्यों में पर्याप्त संख्या में मतदान कर्मियों और सुरक्षा कर्मियों का इंतजाम किया है। मतदान सुचारू रूप से संपन्न किए जाएं इसलिए चुनाव आयोग में सभी मतदान केदो पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो।मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 2 करोड़ 50 लाख मतदाता, केरल की 140 सीटों के लिए 2 करोड़ 70 लाख मतदाता, पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों के 9 लाख 44 हजार मतदाता, तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए 5 करोड़ 67 लाख मतदाता और पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए 6 करोड़ 44 लाख मतदाता मतदान करेंगे। इन सभी 924 सीटों के लिए 17 करोड़ 4 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि इन मतदाताओं के लिए असम में 31486, केरल में 30471, पुडुचेरी में 1099, तमिलनाडु में 75032 और पश्चिम बंगाल में 80719 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

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फास्टैग वार्षिक पास शुल्क में मामूली वृद्धि

अब ₹3000 के बजाय 3075 चुकाने होंगे खबर है..नई दिल्लीभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए फास्टैग वार्षिक पास की लागूशुल्क में मामूली वृद्धि की है। अब मौजूदा शुल्क 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये करने की घोषणा की गई है। बढ़ा हुआ शुल्क एक अप्रैल 2026 से लागू होगा। यह संशोधन राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह) नियम, 2008 के प्रावधानों के अनुसार किया गया है। 56 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ, निजी वाहन मालिकों के बीच फास्टैग वार्षिक पास का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।संशोधित दर वैध फास्टैग वाले पात्र गैर-व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगी, जो राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर वार्षिक पास सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं। फास्टैग वार्षिक पास से फास्टैग को बार-बार रिचार्ज करने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। एक बार का शुल्क भुगतान एक वर्ष की वैधता या 200 टोल प्लाजा को पार करने के लिए मान्य होता है। यह पास वैध फास्टैग वाले सभी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए लागू है। राजमार्ग यात्रा ऐप या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की वेबसाइट के माध्यम से एकमुश्त शुल्क का भुगतान करने के बाद वाहन से जुड़े मौजूदा फास्टैग पर वार्षिक पास दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाता है। 15 अगस्त 2025 को लॉन्च किए गए फास्टैग वार्षिक पास को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया इस बात को रेखांकित करती है कि यह देश भर में राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को अधिक सुविधा और लागत प्रभावी यात्रा विकल्प प्रदान करता है।

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सिंधिया ने देश के पहले समृद्ध गाँव में किया समृद्धि केंद्र का उद्घाटन

खबर है..गुना केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र मंत्री एवं गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार 14 मार्च को गुना के उमरी गांव में देश के पहले समृद्धि केंद्र का उद्घाटन किया।दूरसंचार विभाग की समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवाएं पहल के तहत यह देश का पहला ऐसा गांव है जहाँ ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और कृषि जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सिंधिया ने स्वयं वीआर डिवाइसेज को पहनकर देखा और ग्रामीणों को इसके उपयोग के बारे में बताया।

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अनावश्यक वाणिज्यिक वाहन नहीं गुजरेंगे दिल्ली से

दिल्ली को मिलेगी प्रदूषण से राहत, एआईएमटीसी ने किया सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागतस्वच्छ बीएस-VI वाणिज्य वाहनों को ईसीसी से छूट देने की अपील खबर है..नई दिल्ली दिल्ली को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय से जबरदस्त पहल हुई है। इससे अनावश्यक रूप से वाणिज्यिक वाहन दिल्ली होकर नहीं गुजरेंगे। इस फैसले का ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने जोरदार स्वागत किया।ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल ने बताया कि दिल्ली को ट्रांजिट मार्ग के रूप में उपयोग करने वाले वाहनों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) बढ़ाने के उच्चतम न्यायालय के हालिया निर्णय स्वागत योग्य है। दरअसल एयर क्वालिटी मैनेजमेंट आयोग (सीएक्यूएम) की सिफारिश पर उच्चतम न्यायालय ने वर्तमान ₹2600 से बढ़ाकर ₹4000 की धनराशि निर्धारित है। इसमें हर वर्ष 5% की वृद्धि का प्रावधान रखा गया है।उन्होंने ने बताया कि ईसीसी बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य उन वाणिज्यिक वाहनों को हतोत्साहित करना है जिनका गंतव्य दिल्ली नहीं है और जो दिल्ली के रास्ते से गुजरते हैं, ताकि वे पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उपयोग करें। इससे राष्ट्रीय राजधानी में अनावश्यक यातायात और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।”उन्होंने कहा कि हालाँकि, यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि इस निर्णय के क्रियान्वयन के दौरान वास्तविक ट्रांजिट वाहनों की सही पहचान के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक व्यवस्थाएँ निर्धारित की जाएँ। बढ़ा हुआ ECC केवल उन वाहनों पर ही लागू होना चाहिए जो दिल्ली को ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में उपयोग कर रहे हैं, जिसकी पुष्टि संबंधित दस्तावेजों से होती हो, और इसे उन ट्रकों पर लागू नहीं किया जाना चाहिए जो वास्तव में दिल्ली के भीतर लोडिंग या अनलोडिंग के लिए आ रहे हों। स्वच्छ बीएस-VI वाणिज्य वाहनों को ईसीसी से छूट देने की अपील की गई है।

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आहार-2026: अंतरराष्ट्रीय खाद्य और आतिथ्य मेला

मेले में मिलेगा व्यवसाय को विस्तार का मौकाभारत मंडपम में व्यंजनों के साथ-साथ विचारों की चर्चा खबर है..नई दिल्ली बातचीत की निरंतर चर्चा, ताज़ी बनी हुई कॉफी की सुगंध और अभिनव भोजन प्रदर्शनों के दृश्य ने नई दिल्ली के भारत मंडपम के हॉल को भर दिया। आहार- अंतरराष्ट्रीय खाद्य और आतिथ्य मेले का 40वां संस्करण 10-14 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) और भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित, आहार खाद्य और आतिथ्य क्षेत्र के लिए दक्षिण एशिया के सबसे प्रमुख बी2बी मंच में से एक के रूप में उभरा है। प्रदर्शनी को जो चीज़ सबसे अलग बनाती है, वह न केवल भागीदारी का पैमाना है, बल्कि जिस तरह से यह खाद्य और आतिथ्य उद्योग में व्यवसायों के बढ़ने, व्‍यापक होने और विस्तार करने के लिए एक विश्वसनीय नाम और स्रोत के रूप में विकसित हुई है।आहार होटल, रेस्तरां, खानपान संस्थानों, आयातकों, वितरकों और आपूर्तिकर्ताओं को एक साथ लाता है, जिससे एक ऐसा मंच बनता है जहां बातचीत अक्सर व्यावसायिक साझेदारी में विकसित होती है। इन वर्षों में, प्रदर्शनी में एक दिलचस्प प्रवृत्ति देखी गई है: कई उद्यमी जो कभी आगंतुकों या खरीदारों के रूप में भाग लेते थे, अब अपने स्वयं के ब्रांडों के साथ प्रदर्शकों के रूप में आए हैं। उनकी यात्राएं दर्शाती हैं कि मेले में निरंतर भागीदारी से व्यावसायिक अंतर्दृष्टि कैसे प्राप्त हो सकती है, बाज़ार संबंध बन सकते हैं और अंततः उद्यमशीलता के विकास को बढ़ावा मिल सकता है।

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12-दिवसीय ‘ट्राइब्स आर्ट फेस्ट 2026’ नई दिल्ली में संपन्न

खबर है..नई दिल्ली जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘ट्राइब्स आर्ट फेस्ट 2026’ का शुक्रवार को नई दिल्ली के के.जी. मार्ग स्थित त्रावणकोर पैलेस में भव्य समारोह के साथ समापन हो गया। यह समापन समारोह जनजातीय कला, संस्कृति और रचनात्मकता के 12-दिवसीय उत्सव की परिणति का प्रतीक था। इस उत्सव में देश भर से जनजातीय कलाकारों, समकालीन कलाकारों, सांस्कृतिक समूहों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।प्रदर्शनी में 10,000 से अधिक आगंतुक शामिल हुए, जो भारत की समृद्ध जनजातीय कला परंपराओं के प्रति बढ़ती जन रुचि और सराहना को दर्शाता है। यह उत्सव कलात्मक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन जुड़ाव के लिए जीवंत मंच साबित हुआ, जिसमें 30 से अधिक जनजातीय कला रूपों, 70 जनजातीय कलाकारों और 1,000 से अधिक कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के दौरान, समकालीन कलाकारों ने भी जनजातीय कलाकारों के साथ मिलकर काम किया, जिसके परिणामस्वरूप अद्वितीय रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ सामने आईं। उनमें पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कलात्मक पद्धतियों का सुंदर मेल देखने को मिला।इस उत्सव में व्यावहारिक कार्यशालाएँ, जीवंत कला प्रदर्शन और संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे आगंतुकों को जनजातीय कला रूपों और परंपराओं के साथ करीब से जुड़ने का अवसर मिला। देश के विभिन्न क्षेत्रों के जनजातीय समूहों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पारंपरिक संगीत और नृत्य के प्रदर्शन के माध्यम से इस उत्सव की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।समापन समारोह की शुरुआत गणमान्य व्यक्तियों के आगमन और प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ हुई, जिसके बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया। इस कार्यक्रम की शोभा मुख्य अतिथि के रूप में माननीय केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने बढ़ाई। माननीय केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, और जनजातीय कार्य मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने विशिष्ट अतिथि के रूप में इसमें भाग लिया। इस अवसर पर जानी-मानी इन्फ्लुएंसर जय मदान और फिक्की से ज्योत्सना सूरी भी जनजातीय कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित रही।

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कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र से मिले नवाचार को बढ़ावा : देबाश्री मुखर्जी

राष्ट्रीय कौशल योग्यता समिति (एनएसक्यूसी) की 48वीं बैठक का आयोजन सचिव, एमएसडीई एवं अध्यक्ष, एनसीवीईटी की अध्यक्षता में किया गया खबर है..नई दिल्ली कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की सचिव और राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) की अध्यक्ष देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के निरंतर प्रयासों और एनसीवीईटी की नियामक संरचना के माध्यम से कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र से नवाचार को बढ़ावा देना चाहिए, नियामक अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एवं भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण के लिए उद्योग की आवश्यकताओं के साथ निकटता से जुड़ना चाहिए। उसने प्रकाश डाला कि तेजी से बदलते श्रम बाजार में कर्मचारियों की अनुकूलता एवं रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें कई कौशलों से युक्त करना कितना महत्वपूर्ण है।कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की सचिव और राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) की अध्यक्ष देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कौशल योग्यता समिति (एनएसक्यूसी) की 48वीं बैठक का आयोजन गुरुवार 12 मार्च 2026 को किया गया। बैठक के दौरान, समिति ने विभिन्न क्षेत्रों में एनसीवीईटी द्वारा मान्यता प्राप्त विभिन्न प्रमाणन निकायों द्वारा प्रस्तुत योग्यताओं, राष्ट्रीय व्यावसायिक मानकों (एनओएस) एवं सूक्ष्म प्रमाण पत्रों (एमसी) की समीक्षा पर बातचीत की। इन प्रमाणन निकायों में इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, उपकरण निर्माण, लोहा एवं इस्पात, हाइड्रोकार्बन, सौंदर्य एवं स्वास्थ्य तथा पर्यावरण क्षेत्र शामिल हैं। समिति ने नई योग्यताओं को अपनाने और विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत वर्तमान में लागू कुछ योग्यताओं के विस्तार से संबंधित एजेंडा मदों पर भी विचार किया।इस बैठक में प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार गाबा, कार्यकारी सदस्य, एनसीवीईटी; डॉ. सुहास देशमुख, निदेशक और परिषद के सचिव, एनसीवीईटी; ग्रामीण विकास मंत्रालय और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय सहित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले एनएसक्यूसी के सदस्य; क्षेत्र के विशेषज्ञ और अन्य प्रमुख हितधारक उपस्थित हुए। विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र कौशल योग्यताओं की गुणवत्ता, प्रासंगिकता और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं तथा राष्ट्रीय कौशल विकास प्राथमिकताओं के साथ उनके तालमेल को मजबूत करना था।कुल 18 पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्थाओं ने समिति के समक्ष अपनी योग्यताएं प्रस्तुत कीं। कुल मिलाकर, संस्थाओं से प्राप्त 43 योग्यताओं, एनओएस और एमसी पर विचार किया गया, जिनमें प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी), भारतीय कृषि कौशल परिषद, सौंदर्य एवं स्वास्थ्य क्षेत्र कौशल परिषद, भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र कौशल परिषद, गणपत विश्वविद्यालय, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र कौशल परिषद, जलकार्बन क्षेत्र कौशल परिषद, भारतीय लौह एवं इस्पात क्षेत्र कौशल परिषद, इंस्ट्रूमेंटेशन ऑटोमेशन सर्विलांस कम्युनिकेशन सेक्टर स्किल काउंसिल, चमड़ा क्षेत्र कौशल परिषद, हरित रोजगार कौशल परिषद, खनन क्षेत्र कौशल परिषद, पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल परिषद, पश्चिम बंगाल राज्य तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास परिषद, हरियाणा नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचकेसीएल), राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर), तमिलनाडु कौशल विकास निगम (टीएनएसडीसी) और भारतीय इंजीनियरिंग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार विश्वविद्यालय (बीईएसटीयू) भी शामिल हैं।

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दिल्ली आर्मी हॉस्पिटल विश्वव्यापी उपलब्धि

एक्वस एंजियोग्राफी के साथ मिनिमली इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी खबर है..नई दिल्ली ग्लूकोमा सर्जरी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के सर्जनों ने मोतियाबिंद सर्जरी के साथ-साथ इंट्राऑपरेटिव एक्वस एंजियोग्राफी द्वारा निर्देशित हाइड्रस माइक्रोस्टेंट का विश्व का पहला सफल प्रत्यारोपण किया है। यह अभूतपूर्व प्रक्रिया 10 मार्च, 2026 को उन्नत सर्जिकल उपकरणों और हीडलबर्ग रेटिना एंजियोग्राफ (एचआरए) की इमेजिंग तकनीक का उपयोग करके की गई, जिससे तत्क्षण एक्वस आउटफ्लो मार्गों को देखा जा सके।यह नवीन तकनीक श्लेम नहर के भीतर इम्प्लांट को सटीक और लक्षित तरीके से स्थापित करने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे एक्वस ड्रेन प्रणाली में सुधार होता है और ग्लूकोमा के रोगियों के लिए बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। यह उपलब्धि न्यूनतम चीर-फाड़ वाली ग्लूकोमा सर्जरी में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सारिन के नेतृत्व में रक्षा बलों में अत्याधुनिक नेत्र संबंधी नवाचार और रोगी देखभाल को आगे बढ़ाने में आधुनिकीकरण को दर्शाता है।

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प्रधानमंत्री तिरुचिरापल्ली में पांच ट्रेनों को दिखाएंगे हरी झंडी

खबर है..नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 11 मार्च 2026 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से दो अमृत भारत एक्सप्रेस, दो एक्सप्रेस रेलगाड़ियों और एक पैसेंजर ट्रेन, तथा केरल के एर्णाकुलम से एक और पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। ये नई ट्रेन सेवाएं सामूहिक रूप से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड के लाखों यात्रियों को लाभ पहुंचाएंगी। इस अवसर पर केरल में तीन पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों का उद्घाटन भी किया जाएगा और शोरनूर-निलांबुर रेलवे लाइन विद्युतीकरण परियोजना राष्ट्र को समर्पित की जाएगी।दक्षिण भारत का औद्योगिक केंद्र, अब पूरब से जुड़ा :तमिलनाडु में एक ऐसा शहर है जहां दो रेलवे स्टेशन एक-दूसरे से मुश्किल से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, फिर भी अब तक, उनमें से कोई भी अपने लोगों को झारखंड के खनिज-समृद्ध क्षेत्र के लिए सीधी ट्रेन सेवा प्रदान नहीं कर सका था। वह शहर कोयंबटूर है। लेकिन अब यह स्थिति बदलने वाली है, जब प्रधानमंत्री मोदी तिरुचिरापल्ली से ‘पोदानूर-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाएंगे। दक्षिण के करघा-नगरों से लेकर पूरब के कोयला-खदानों से घिरे पठारों तक, भारतीय रेल ने उस मांग को पूरा किया है जिसे यह क्षेत्र दशकों से संजोए हुए था। पोदानूर जंक्शन कोयंबटूर का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे केंद्र है और शहर के दक्षिणी छोर पर स्थित है, यह इस नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ का शुरुआती स्टेशन है। इसके कुछ ही मिनटों बाद कोयंबटूर जंक्शन आता है, जो इसका पहला कमर्शियल हॉल्ट (ठहराव) है। ये दोनों स्टेशन मिलकर कोयंबटूर के लाखों लोगों को ऐसी रेलगाड़ी तक पहुँचने के दो रास्ते उपलब्ध कराते हैं, जो सीधे धनबाद तक जाती है। एक ही ट्रेन, जो आपके घर से लेकर आपकी मंज़िल तक का सफ़र तय करती है।पहले, इस यात्रा का मतलब होता था—चेन्नई या विजयवाड़ा के लिए ट्रेन पकड़ना, वहाँ घंटों इंतज़ार करना, और फिर दूसरी ट्रेन पकड़ना; जिससे पहले से ही लंबे इस सफ़र में एक पूरा दिन और जुड़ जाता था। नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ने इस पूरे समीकरण को ही बदल दिया है। यह साप्ताहिक सेवा है; यह हर शनिवार सुबह पोदानूर से रवाना होगी और सोमवार तड़के धनबाद पहुँच जाएगी, जबकि वापसी की सेवा हर सोमवार को धनबाद से चलेगी। रास्ते में सलेम, रेनिगुंटा, विजयवाड़ा, झारसुगुड़ा और राँची जैसे स्टेशनों से गुज़रते हुए, यह नई साप्ताहिक रेलगाड़ी उस पूरे कॉरिडोर के हर बड़े स्टेशन से गुजरेगी, जो दक्षिण भारत के औद्योगिक केंद्र को पूर्वी भारत की ‘एनर्जी बेल्ट’ से जोड़ता है।

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निर्वाचन आयोग ने की पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों की समीक्षा

खबर है..नई दिल्ली मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर आज कोलकाता में आगामी पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की।समीक्षा दौरे के समय आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों जैसे आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और नेशनल पीपुल्‍स पार्टी के प्रतिनिधियों और राज्य के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों जैसे अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की और उनके सुझाव मांगे।अधिकांश राजनीतिक दलों ने पश्चिम बंगाल राज्य में निर्वाचन आयोग द्वारा किए जा रहे एसआईआर की व्यापक प्रक्रिया की सराहना की और निर्वाचन आयोग पर अपना पूरा विश्वास जताया। राजनीतिक दलों ने आयोग से आगामी चुनावों के दौरान मतदाताओं के साथ किसी भी प्रकार की आक्रामकता या धमकी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने निर्वाचन आयोग से शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का आह्वान किया।उन्होंने निर्वाचन आयोग से प्रत्येक मतदाता को सुरक्षा प्रदान करने और चुनाव के दौरान हिंसा को रोकने के लिए बड़ी संख्या में सीएपीएफ तैनात करने का आह्वान किया। पार्टियों ने कुछ दलों द्वारा कच्चे बमों, अवैध हथियारों, धन और बाहुबल के इस्तेमाल की आशंका को लेकर चिंता व्यक्त की। राजनीतिक दलों ने आयोग से एक या दो चरणों में चुनाव कराने का आग्रह किया।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया कि देश में चुनाव कानून के अनुसार होते हैं और निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाताओं या निर्वाचन कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा और धमकी के प्रति बिल्कुल भी सहनशीलता नहीं दिखाएगा।राजनीतिक दलों ने आयोग को आश्वासन दिया कि वे पश्चिम बंगाल में हिंसा-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने में पूरा सहयोग करेंगे।

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