भारत की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग प्रणाली की शुरूआतएनएचएआई के गुजरात टोल प्लाजा पर पहले दिन लगभग 41,500 वाहनों ने किया पार

खबर है..नई दिल्लीभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लाते हुए गुजरात के एनएच-48 के सूरत-भरूच खंड पर स्थित चोरायासी टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) आधारित टोल प्रणाली का सफलतापूर्वक शुरुआत की है। इस प्रणाली के लागू होने के पहले ही दिन लगभग 41,500 वाहनों ने एमएलएफएफ टोल प्लाजा को पार किया।एमएलएफएफ प्रणाली न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ बाधा रहित टोल प्रणाली की शुरुआत करती है जिससे वाहन बिना रुके टोल केंद्रों से गुजर सकते हैं और निर्बाध यातायात प्रवाह सुनिश्चित होता है। यह प्रणाली स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) और फास्टैग आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करके स्वचालित और संपर्क रहित टोलिंग संचालन को सक्षम बनाती है। एमएलएफएफ राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के यात्रा अनुभव में एक क्रांतिकारी बदलाव लाती है, जिससे दक्षता और सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर भीड़भाड़ में काफी कमी आएगी, यात्रा का समय बेहतर होगा, ईंधन दक्षता बढ़ेगी और वाहनों से होने वाला उत्सर्जन कम होगा।सुगम यात्रा अनुभव के लिए, एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से अपने फास्टैग खातों में पर्याप्त शेष राशि बनाए रखने का आग्रह किया है। अपर्याप्त फास्टैग शेष राशि, अमान्य या खराब फास्टैग जैसी स्थितियों में, उपयोगकर्ताओं को उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान न करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक नोटिस (ई-नोटिस) जारी किया जाएगा। ऐसे उपयोगकर्ताओं को ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटों के भीतर सामान्य उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करना होगा। 72 घंटों के बाद भी भुगतान न करने पर, वाहन श्रेणी की सामान्य दर से दोगुना उपयोगकर्ता शुल्क लिया जाएगा।ई नोटिस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त और भुगतान किया जा सकता है। उपयोगकर्ता ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटों के भीतर शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। ई-नोटिस का भुगतान न करने पर फास्टैग को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और वाहन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अन्य वाहन संबंधी सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।एमएलएफएफ की शुरुआत से पारदर्शिता बढ़ाकर और टोल प्लाजा स्थापित करने की परिचालन लागत को कम करके टोल संचालन को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। एमएलएफएफ राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर अधिक सुदृढ़, कुशल और लागत प्रभावी टोलिंग प्रणाली के विकास में भी योगदान देगा

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एआईएमटीसी की अगुवाई में चक्का जाम पर उतरीं दिल्ली-एनसीआर की ट्रांसपोर्ट यूनियनें

सी.ए.क्यू.एम. और दिल्ली सरकार द्वारा NGT टैक्स में भारी वृद्धि तथा बी.एस. IV कमर्शियल वाहनों पर 01.11.2026 से दिल्ली में प्रतिबंध का विरोध 21 से 23 मई तक दिल्ली एनसीआर की ट्रांसपोर्ट यूनियन की ओर से तीन दिवसीय सांकेतिक चक्काजाम| खबर है..नई दिल्लीऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेतृत्व में दिल्ली एनसीआर की ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने सीएक्यूएम और दिल्ली सरकार द्वारा एनजीटी टैक्स में भारी वृद्धि तथा बीएस4 कमर्शियल वाहनों पर एक नवंबर से दिल्ली में प्रतिबंध के विरोध में सांकेतिक चक्का जाम का ऐलान किया है। दिल्ली एनसीआर सभी ट्रांसपोर्ट यूनियनें 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय सांकेतिक चक्का जाम पर रहेंगी।इस संबंध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ हरीश सभरवाल की अध्यक्षता में 26 अप्रैल को दिल्ली एवं एनसीआर की सभी प्रमुख ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों और यूनियनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई । इस बैठक में सी.ए.क्यू.एम एवं दिल्ली सरकार द्वारा पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ई.सी.सी.) में की गई भारी बढ़ोतरी तथा बी.एस. IV कमर्शियल वाहनों पर 01.11.2026 से दिल्ली में प्रतिबंध पर विस्तार से चर्चा की गई और इस फैसले के खिलाफ सभी परिवहन संगठनों के पदाधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया और रोष प्रकट किया |डॉ हरीश सभरवाल ने ई.सी.सी. बढ़ोतरी पर ट्रांसपोर्ट सेक्टर की प्रमुख चिंताएं से अवगत करते हुए कहा “सी. ए. क्यू. एम की सिफारिश के अनुसार, जो ट्रक दिल्ली में न तो लोड करते हैं और न ही अनलोड, बल्कि सिर्फ दिल्ली को एक कॉरिडोर की तरह पार करके दूसरे राज्यों में माल लेकर जाते हैं, उन्हें ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भेजने के लिए इस शुल्क में बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया था। इसका एआईएमटीसी ने भी समर्थन किया था।माननीय सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश के अनुसार ई.सी.सी. बढ़ाने का उद्देश्य केवल उन ट्रकों को हतोत्साहित करने का था, जो बिना किसी काम के दिल्ली से ट्रांजिट होकर गुजरते हैं | यह व्यवस्था सिर्फ ट्रांजिट वाहनों पर लागू होनी थी, न कि दिल्ली में सामान लाने-ले जाने वाले वाहनों पर, जो दिल्ली की अर्थव्यवस्था को सुचारु बनाने और यहाँ के निवासियों के लिए आवश्यक सामान लाने और ले जाने का कार्य करते हैं। लेकिन सी. ए. क्यू. एम और दिल्ली सरकार ने यह ई.सी.सी. बढ़ोतरी सभी वाहनों पर लागू कर दी है, यहां तक कि उन ट्रकों पर भी जो दिल्ली में लोडिंग-अनलोडिंग के लिए जरूरी रूप से आते हैं और यहां के निवासियों को आवश्यक सामान पहुंचाते हैं।यह ट्रक ऑपरेटर्स के साथ अन्याय और विश्वासघात है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर चोट करती है| सरकार का यह कदम जमीनी हकीकत से दूर है और दिल्ली में आने वाली सभी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

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नए सीनियर डीसीएम समर्थ और सीनियर डीएसओ अरुण ने संभाला कामकाज

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल खबर है.. लखनऊ उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के नये सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता और सीनियर डीएसओ अरुण कुमार दोहरे ने बृहस्पतिवार को पदभार ग्रहण कर लिया। श्री दोहरे उत्तर रेलवे मुख्यालय बड़ौदा हाउस (नई दिल्ली) से यहां आए हैं, जबकि श्री गुप्ता उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में ही सीनियर डीएसओ के पद को संभाल रहे थे। भारतीय रेल यातायात सेवा के दोनों अधिकारी विभिन्न पदों तैनात रहकर अपने कार्यों को बखूबी अंजाम दे चुके हैं। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम की जिम्मेदारी संभालने वाले कुलदीप तिवारी का स्थानांतरण उत्तर रेलवे मुख्यालय बड़ौदा हाउस में हुआ है। नये सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता भारतीय रेल यातायात सेवा (आईआरटीएस) 2012 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने एरिया ऑफिसर, आगरा कैंट, मंडल यातायात प्रबंधक टुंडला, वरिष्ठ यातायात प्रबंधक/फ्रेट ऑपरेशन इन्फॉर्मेशन सिस्टम मुख्यालय नई दिल्ली, उप मुख्य परिचालन प्रबंधक व वरिष्ठ मंडल संचालन प्रबंधक अंबाला समेत विभिन्न पदों पर तैनात रहे। श्री गुप्ता ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद वाणिज्य विभाग के अधिकारियों और स्टाफ से परिचय के उपरांत मुसाफिरों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के साथ मंडल के समग्र विकास के लिए अपनी प्राथमिकता बताई।उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के नए सीनियर डीएसओ अरुण कुमार दोहरे 2010 बैच के आईआरटीएस अधिकारी हैं। वह लखनऊ मंडल के विभिन्न पदों जैसे सहायक मंडल परिचालन प्रबंधक, कोचिंग, प्लानिंग, चारबाग रेलवे स्टेशन के वरिष्ठ स्टेशन प्रबंधक, मंडल परिचालन प्रबंधक कोचिंग, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक सामान्य पर तैनात रह चुके हैं। इसके अलावा वह पूर्व मध्य रेलवे (हाजीपुर) में Additional Registrar ,डिप्टी सीओएम जनरल, स्टेशन निदेशक पटना के पद पर तैनात रह चुके हैं। लखनऊ आने से पहले वह उत्तर रेलवे मुख्यालय में डिप्टी सीओएम टीटी के पद पर तैनात थे।

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जम्मू पहली बार पैसेंजर ट्रेन के माध्यम से सीधे कश्मीर से जुड़ा : वैष्णव

खबर है..नई दिल्लीदशकों से जम्मू में ट्रेन पर सवार होकर सीधे श्रीनगर पहुँचने की कल्पना वास्तविकता से दूर केवल एक सपना ही थी। लेकिन आज वह सपना इतिहास बन गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने श्रीनगर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा के जम्मू तवी रेलवे स्टेशन तक विस्तार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे इतिहास में पहली बार जम्मू और कश्मीर सीधे ट्रेन सेवा से जुड़ गए हैं। अब एक सीधा और निर्बाध रेल कॉरिडोर इस क्षेत्र के दो सबसे प्रमुख केंद्रों को आपस में जोड़ता है, जो न केवल यात्रा को तेज बनाएगा बल्कि इस सुंदर क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और जन-संपर्क की तस्वीर भी बदल देगा।जम्मू तवी उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक है, जो इस केंद्र शासित प्रदेश को देश के शेष हिस्सों से जोड़ने वाले एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। कन्याकुमारी, हावड़ा, मुंबई और अन्य बड़े शहरों जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए व्यापक रेल संपर्कों के साथ, यह स्टेशन विभिन्न क्षेत्रों के बीच निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इस विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, श्री वैष्णव ने इस कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ एक बड़ी उपलब्धि को हासिल कर लिया गया है। अब ट्रेन के जम्मू तवी तक पहुँचने से, देश भर के यात्रियों के लिए श्री माता वैष्णो देवी और श्री अमरनाथ जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुगम हो जाएगी।रेल मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वंदे भारत सेवा की शुरुआत के बाद से ही इसमें यात्रियों की फुल ऑक्युपेंसी देखी गई है, जो यात्रियों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पूरे देश के लिए एक लाइफलाइन के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने आगे कहा कि आज जम्मू और श्रीनगर के बीच 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा शुरू की गई है, जो इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्री क्षमता में एक बड़ी वृद्धि का प्रतीक है।

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आंध्र प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा : वैष्णव

दक्षिण तटीय रेलवे जोन के गठन के लिए जारी होगी राजपत्र अधिसूचना, 1 जून, 2026 से होगी प्रभावी खबर है..नई दिल्लीरेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब के शिलान्यास समारोह के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दक्षिण तटीय रेलवे जोन के गठन के लिए राजपत्र अधिसूचना जारी की जाएगी जो 1 जून, 2026 से प्रभावी होगी। उन्होंने संकेत दिया कि यह कदम आंध्र प्रदेश में रेलवे प्रशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।मंत्री ने यह भी बताया कि आंध्र प्रदेश को रेलवे के लिए रिकॉर्ड 10,134 करोड़ रुपये का बजट आवंटन प्राप्त हुआ है जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए संयुक्त रूप से विगत वर्षों में आवंटित 886 करोड़ रुपये की तुलना में काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1,06,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं जिनका उद्देश्य बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और प्रमुख शहरों को जोड़ने के साथ पूरे राज्य में संपर्क को बढ़ाना है।मंत्री आंध्र प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण कर लिया गया है जिससे यह रेलवे के आधुनिकीकरण के मामले में अग्रणी क्षेत्रों में शामिल हो गया है।मंत्री ने यात्री सेवाओं के संबंध में बताया कि वर्तमान में राज्य में 16 वंदे भारत ट्रेनें और 22 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं जिससे यात्रा की क्षमता और सुविधा में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी कहा कि पूरे ईस्ट कोस्ट रेलवे कॉरिडोर को चार-लाइन वाले नेटवर्क में अपग्रेड किया जा रहा है जिससे इसकी क्षमता दोगुनी होने और 500 नई ट्रेनों के संचालन को सक्षम बनाने की उम्मीद है।उन्होंने भविष्य में हाई-स्पीड रेल संपर्क के बारे में बात करते हुए प्रमुख दक्षिणी गलियारों में प्रस्तावित हाई-स्पीड संपर्क और यात्रा समय के बारे में विस्तार से बताया कि अमरावती से हैदराबाद – लगभग 70 मिनट, अमरावती से चेन्नई – लगभग 112 मिनट, हैदराबाद से पुणे – लगभग 1 घंटा 55 मिनट, पुणे से मुंबई – लगभग 48 मिनट,चेन्नई से बेंगलुरु – लगभग 73 मिनट, हैदराबाद से बेंगलुरु – लगभग 2 घंटे 8 मिनट होगी।

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डर से स्वतंत्रता तक: नया खंबटकी घाट सुरंग, घाटों से होकर सुरक्षित यात्रा

परियोजना की प्रगति 86 प्रतिशत पर, सुरंग का 2026 की पहली छमाही में उद्घाटन संभव खबर है..नई दिल्लीदशकों से, पुणे-सतारा राजमार्ग पर खंबटकी घाट का खंड धैर्य और साहस की परीक्षा के रूप में जाना जाता था। संकरी लेनें, तीखे ‘एस’ आकार के मोड़, लंबे ट्रैफिक जाम और लगातार दुर्घटनाएं यात्रा को तनावपूर्ण बनाती थीं, खासकर सप्ताहांत और छुट्टी के ट्रैफिक के दौरान। जो छोटी ड्राइव होनी चाहिए थी, वह अक्सर भीड़भाड़ वाली सुरंगों में थकाऊ इंतजार में बदल जाती थी।आज, यह कहानी बदल रही है : राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा एनएच-4 (नया एनएच-48) पर शुरू किया गया नया खंबटकी घाट ट्विन ट्यूब 6-लेन सुरंग परियोजना, महाराष्ट्र के सबसे चुनौतीपूर्ण राजमार्ग खंडों में से एक को आधुनिक, जन-केंद्रित अवसंरचना का प्रतीक बना रही है।परीक्षण संचालन और सुरक्षा मूल्यांकन के हिस्से के रूप में, ट्विन सुरंग का एक हिस्सा परीक्षण उद्देश्यों के लिए जनता के लिए खोल दिया गया है, जिससे यात्री खुद बेहतर अवसंरचना का अनुभव कर सकें।परियोजना की भौतिक प्रगति 86 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, और सुरंग 2026 की पहली छमाही में उद्घाटन के ट्रैक पर है। एक नियमित यात्री, जो घाट से नियमित रूप से यात्रा करता है, नई सुरंग में प्रवेश करते ही अंतर महसूस करता है।“यहां अधिक रिफ्लेक्टर हैं, बेहतर लाइटिंग, सीसीटीवी कैमरे, दिखाई देने वाली सुरक्षा गार्ड रेलिंग और उचित अग्निशामक बिंदु हैं। पुरानी सुरंग की तुलना में यह बहुत चौड़ी है और स्पष्ट रूप से सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है।”सतारा से पुणे जा रहे एक अन्य नियमित यात्री पुराने रूट पर रोजमर्रा की संघर्ष को याद करता है।“पहले, पुरानी सुरंग में केवल दो लेनें थीं। इसके कारण ट्रैफिक जमा हो जाता था। अगर कोई कार या ट्रक खराब हो जाता, तो लंबा जाम लग जाता और दुर्घटना का गंभीर जोखिम होता। पुरानी सुरंग का रूट लगभग 15-20 मिनट लेता था। अब, इस नई सुरंग के कारण, यह केवल 5-10 मिनट में हो जाता है।”जो कभी गतिरोध था, वह अब राजमार्ग का सबसे तेज और सबसे सुगम खंड बन गया है।नजदीकी गांव की दो स्थानीय महिलाओं के लिए, जो खंडाला और सतारा के बीच रोजाना यात्रा करती हैं, इस सुरंग ने रोजमर्रा की जिंदगी बदल दी है।“यह नई सुरंग यात्रा करने में बहुत अच्छी और बहुत सुरक्षित लगती है। पुरानी सुरंग में यात्रा का समय लंबा था और दुर्घटना का जोखिम बहुत अधिक था। हम रोजाना यात्रा करते हैं, इसलिए अब हम बहुत समय बचा रहे हैं। सुरंग के अंदर लाइटिंग उत्कृष्ट है, जो इसे सुरक्षित महसूस कराती है। पहले अंधेरा बड़ी समस्या था, लेकिन अब नहीं।”नई खंबटकी घाट ट्विन ट्यूब सुरंग यह साबित करती है कि जब अवसंरचना मानवीय अनुभव के इर्द-गिर्द डिजाइन की जाती है, तो यह वाहनों को मात्र ले जाने से अधिक करती है। यह डर मिटाती है, समय लौटाती है, जानें बचाती है और यात्रा पर विश्वास बहाल करती है।

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प्रधानमंत्री मोदी 28 अप्रैल को वाराणसी दौरे परदो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को दिखाएंगे हरी झंडी

खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल 2026 को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे और दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।प्रधानमंत्री दोपहर करीब 2:30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) जाएंगे। यहां गेस्ट हाउस में लगभग एक घंटे विश्राम के बाद शाम करीब 4:30 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे अतिथि गृह लौट जाएंगे।इस अवसर पर पीएम मोदी वाराणसी से पुणे (हडपसर) के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे, जबकि अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए चलने वाली दूसरी अमृत भारत एक्सप्रेस को वर्चुअल माध्यम से रवाना करेंगे। ये ट्रेनें वाराणसी, प्रयागराज, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ेंगी।नई ट्रेनों का संचालन ज्ञानपुर रोड, फतेहपुर, गोविंदपुरी, उरई, झांसी, बीना, रानी कमलापति (भोपाल), इटारसी, खंडवा, भुसावल, जलगांव और मनमाड जैसे प्रमुख स्टेशनों के रास्ते होगा। इससे उत्तर प्रदेश से महाराष्ट्र के बीच यात्रा तेज, सुगम और किफायती बनेगी, जिसका लाभ खासकर तीर्थ यात्रियों को मिलेगा।प्रधानमंत्री 29 अप्रैल की सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। सुबह 7 बजे अतिथि गृह से प्रस्थान कर करीब एक घंटे में दर्शन कर वापस लौटेंगे। इस दौरान वे कुछ विशिष्ट लोगों से मुलाकात भी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा पूर्वांचल समेत मध्य भारत के रेल नेटवर्क को मजबूती देने और यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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प्रधानमंत्री मोदी 28 अप्रैल को वाराणसी दौरे पर

दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को दिखाएंगे हरी झंडी खबर है..नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल 2026 को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे और दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।प्रधानमंत्री दोपहर करीब 2:30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) जाएंगे। यहां गेस्ट हाउस में लगभग एक घंटे विश्राम के बाद शाम करीब 4:30 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे अतिथि गृह लौट जाएंगे।इस अवसर पर पीएम मोदी वाराणसी से पुणे (हडपसर) के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे, जबकि अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए चलने वाली दूसरी अमृत भारत एक्सप्रेस को वर्चुअल माध्यम से रवाना करेंगे। ये ट्रेनें वाराणसी, प्रयागराज, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ेंगी।नई ट्रेनों का संचालन ज्ञानपुर रोड, फतेहपुर, गोविंदपुरी, उरई, झांसी, बीना, रानी कमलापति (भोपाल), इटारसी, खंडवा, भुसावल, जलगांव और मनमाड जैसे प्रमुख स्टेशनों के रास्ते होगा। इससे उत्तर प्रदेश से महाराष्ट्र के बीच यात्रा तेज, सुगम और किफायती बनेगी, जिसका लाभ खासकर तीर्थ यात्रियों को मिलेगा।प्रधानमंत्री 29 अप्रैल की सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। सुबह 7 बजे अतिथि गृह से प्रस्थान कर करीब एक घंटे में दर्शन कर वापस लौटेंगे। इस दौरान वे कुछ विशिष्ट लोगों से मुलाकात भी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा पूर्वांचल समेत मध्य भारत के रेल नेटवर्क को मजबूती देने और यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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केंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ में हैंडबॉल एवं योग प्रतियोगिता शुरू

खबर है..लखनऊ केंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ में बुधवार को केंद्रीय विद्यालय संगठन लखनऊ संभाग की तीन दिवसीय हैंडबॉल एवं योग प्रतियोगिता बालिका वर्ग (अंडर 14 17 एवं 19) का शुभारंभ हुआ।आरडीएसओ के कार्यकारी निदेशक (प्रशासन) अरुण कुमार शर्मा ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया । प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि के रूप में श्री शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार शुक्ल ने मुख्य अतिथि का हरित स्वागत कर उनका आभार व्यक्त किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मुख्य अतिथि के स्वागत में गीत और सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि श्री शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।विद्यालय के प्राचार्य श्री शुक्ल के मुताबिक यह प्रतियोगिता 24 अप्रैल को समाप्त होगी। इस प्रतियोगिता में केंद्रीय विद्यालय लखनउ संभाग के 21 विस्यलयों के कुल 175 प्रतियोगी भाग ले रहे हैं तथा उनके 35 अनुरक्षक भी हैं। उद्घाटन समारोह का संचालन विद्यालय के पीजीटी हिंदी एचएन दुबे ने किया। मुख्य अध्यापिका सुश्री अंजू अरोड़ा ने उद्घाटन समारोह में आए अतिथियों का आभार व्यक्त किया ।

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हाईकोर्ट के निर्देश पर मॉडिफाई साइलेंसर, हूटर, सायरन के खिलाफ कसा शिकंजा

खबर है.. लखनऊ हाईकोर्ट के निर्देश पर राजधानी में विशेष अभियान के माध्यम से परिवहन विभाग ने यातायात पुलिस ने मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर-सायरन और प्रेशर/मल्टीटोंड हॉर्न के खिलाफ शिकंजा कसा। संयुक्त अभियान में मोडिफाइलड साइलेंसर वाली 33 बाइकों का जहां चालान किया गया, वहीं नौ को सीज करने की कार्रवाई की गई। साथ ही इन्हें बेचने वाले 20 दुकानों के मालिकों को चेतावनी दी गई है। आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय ने बताया कि एआरटीओ (प्रशासन) प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन और ट्रैफिक पुलिस की टीम ने लालबाग से लेकर कैसरबाग तक 30 से अधिक दुकानों की जांच की। एआरटीओ प्रशासन की जांच के दौरान 20 दुकानों पर मोडिफाइड साइलेंस, प्रेशर हॉर्न और हूटर मिलने पर दुकान मालिकों को इन्हें भविष्य में न बेचे जाने के लिए चेतावनी दी गई। उन्हें मोटर वाहन अधिनियमों के प्रावधानों से अवगत कराते हुए पत्र प्राप्त कराया गया। साथ ही प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के लिए आरटीओ कार्यालाय में 20 अप्रैल को बुलाई बैठक में आवश्यक रूप से उपस्थित रहने को कहा गया। साथ ही 33 बाइकों का चालान और नौ को सीज किया गया। इस अभियान में सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) लखनऊ, प्रदीप कुमार, यात्री/मालकर अधिकारी, लखनऊ एसपी देव, आभा त्रिपाठी एवं अनीता वर्मा सहित चौकी इंचार्ज कैसरबाग एवं लालबाग मौजूद रहे। *हाईकोर्ट के आदेश पर चला अभियान*: उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, खंडपीठ लखनऊ में दायर एक जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय ने मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर एवं सायरन एवं प्रेशर/मल्टीटोंड हॉर्न के प्रयोग से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर कड़ी आपत्ति जताई। ऐसे वाहनों और मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर एवं सायरन एवं प्रेशर/मल्टीटोंड हॉर्न की बिक्री करने वाले दुकानदारों/शोरूम मालिकों और उनको लगाने वाले गैराजों एवं वर्कशॉपों के विरुद्ध पुलिस एवं परिवहन विभाग को कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसी आदेश के अनुपालन में 17 और 18 अप्रैल को अभियान चलाया गया। *एक वर्ष कारावास या एक लाख अर्थदंड का प्रावधान :* एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा, 182ए(3) के तहत मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर, साइलेंसर एवं मल्टीटोंड हॉर्न की बिक्री करने वाले एवं लगाने वाले गैराजों/वर्कशॉप के प्रोप्राइटर को अधिकतम 01 वर्ष के कारावास अथवा एक लाख रुपये का अर्थदंड आरोपित करने का प्रावधान है। मोडिफाइड साइलेंसर को लगवाने वाले वाहन स्वामी को मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 182A(4) के तहत रु 5000(पांच हजार रुपए) और मोटर वाहन के माध्यम से ध्वनि प्रदूषण फैलाने के अभियोग में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के तहत रु 10000 (दस हजार रुपए) अर्थदंड आरोपित करने का प्रावधान है।

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